नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) 10th Class science - full story
नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) – कक्षा 10 विज्ञान | Full Story
भूमिका (Introduction)
हमारा शरीर एक जटिल तंत्र है, जिसमें अनेक अंग, ऊतक और कोशिकाएँ मिलकर कार्य करती हैं। इन सभी क्रियाओं को सही समय पर, सही क्रम में और संतुलित रूप से संचालित करने की आवश्यकता होती है। शरीर की विभिन्न गतिविधियों—जैसे चलना, सोचना, साँस लेना, पाचन, वृद्धि और प्रतिक्रिया—को नियंत्रित करने और आपस में तालमेल बनाए रखने की प्रक्रिया को नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) कहते हैं। यह अध्याय हमें यह समझने में मदद करता है कि मनुष्य, जानवर और पौधे अपने कार्यों को कैसे नियंत्रित और समन्वित करते हैं।
1. नियंत्रण एवं समन्वय क्या है?
नियंत्रण (Control): शरीर की किसी क्रिया को शुरू करना, रोकना या उसकी गति को नियंत्रित करना।
समन्वय (Coordination): विभिन्न अंगों और प्रणालियों के बीच तालमेल बनाकर कार्य करवाना।
उदाहरण: गरम वस्तु को छूते ही हाथ का तुरंत पीछे हट जाना।
2. जानवरों में नियंत्रण एवं समन्वय
जानवरों में नियंत्रण और समन्वय मुख्य रूप से दो प्रणालियों द्वारा होता है:
- तंत्रिका तंत्र (Nervous System)
- अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System)
2.1 तंत्रिका तंत्र (Nervous System)
तंत्रिका तंत्र शरीर की गतिविधियों को तेज़ी से नियंत्रित करता है।
तंत्रिका तंत्र के भाग
1:केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS):
- मस्तिष्क (Brain)
- मेरुरज्जु (Spinal Cord)
2: परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS):
- मस्तिष्क और मेरुरज्जु से निकलने वाली तंत्रिकाएँ
मस्तिष्क के भाग और उनके कार्य
- प्रमस्तिष्क (Cerebrum): सोचने, याद रखने, निर्णय लेने का कार्य
- अनुमस्तिष्क (Cerebellum): संतुलन और मांसपेशियों की गति का नियंत्रण
- मेदुला (Medulla): श्वसन, हृदयगति जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ
2.2 प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action)
किसी उत्तेजना के प्रति तुरंत होने वाली अनैच्छिक प्रतिक्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया कहते हैं।
प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc):
उत्तेजना → संवेदक → मेरुरज्जु → प्रेरक → प्रतिक्रिया
3. अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System)
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ हार्मोन स्रावित करती हैं जो रक्त के माध्यम से लक्षित अंगों तक पहुँचते हैं।
प्रमुख हार्मोन और उनके कार्य
- थायरॉक्सिन: चयापचय को नियंत्रित करता है
- इंसुलिन: रक्त में शर्करा की मात्रा नियंत्रित करता है
- एड्रेनालिन: आपात स्थिति में शरीर को तैयार करता है
- ग्रोथ हार्मोन: शरीर की वृद्धि में सहायक
नोट: हार्मोन का प्रभाव धीमा लेकिन लंबे समय तक रहता है।
4. पौधों में नियंत्रण एवं समन्वय
पौधों में तंत्रिका तंत्र नहीं होता, फिर भी वे उत्तेजनाओं के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं।
4.1 पौधों में हार्मोन (Phytohormones)
- ऑक्सिन: वृद्धि और झुकाव
- जिबरेलिन: तने की वृद्धि
- साइटोकाइनिन: कोशिका विभाजन
- एब्सिसिक अम्ल: वृद्धि को रोकना
4.2 पौधों की गतियाँ (Movements in Plants)
अनुवर्ती गति (Tropic Movement):
- प्रकाशानुवर्तन (Phototropism)
- गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism)
नैस्टी गति (Nastic Movement):
- छुई-मुई पौधे की पत्तियों का बंद होना
5. तंत्रिका तंत्र और हार्मोनल नियंत्रण में अंतर
तंत्रिका तंत्र हार्मोनल तंत्र
तेज़ प्रतिक्रिया धीमी प्रतिक्रिया
अल्पकालिक प्रभाव दीर्घकालिक प्रभाव
विद्युत संकेत रासायनिक संकेत
निष्कर्ष (Conclusion)
नियंत्रण एवं समन्वय जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। तंत्रिका तंत्र और हार्मोनल तंत्र मिलकर शरीर की सभी गतिविधियों को संतुलित रूप से संचालित करते हैं। वहीं पौधों में हार्मोन और गतियों के माध्यम से नियंत्रण होता है। इस अध्याय का अध्ययन हमें यह समझने में सहायता करता है कि जीवधारियों में संतुलन और समन्वय कैसे बनाए रखा जाता है।
नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) – कक्षा 10 विज्ञान
1️⃣ सारांश (Summary)
नियंत्रण एवं समन्वय वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शरीर की सभी क्रियाओं को नियंत्रित किया जाता है और विभिन्न अंगों के बीच तालमेल बनाए रखा जाता है। मनुष्य एवं जानवरों में यह कार्य मुख्यतः तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी तंत्र द्वारा किया जाता है।
तंत्रिका तंत्र त्वरित और अल्पकालिक प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करता है, जबकि हार्मोनल (अंतःस्रावी) तंत्र धीमी लेकिन दीर्घकालिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है।
पौधों में तंत्रिका तंत्र नहीं होता, फिर भी वे पादप हार्मोनों और विभिन्न गतियों के माध्यम से नियंत्रण एवं समन्वय प्रदर्शित करते हैं। यह अध्याय जीवों में होने वाली सभी क्रियाओं की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है।
2️⃣ लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्रश्न 1. नियंत्रण एवं समन्वय से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: शरीर की विभिन्न क्रियाओं को नियंत्रित करना और अंगों के बीच तालमेल बनाए रखना नियंत्रण एवं समन्वय कहलाता है।
प्रश्न 2. तंत्रिका तंत्र का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: उत्तेजनाओं को ग्रहण करना और त्वरित प्रतिक्रिया उत्पन्न करना।
प्रश्न 3. प्रतिवर्ती क्रिया क्या है?
उत्तर: किसी उत्तेजना के प्रति होने वाली त्वरित एवं अनैच्छिक प्रतिक्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया कहते हैं।
प्रश्न 4. हार्मोन क्या होते हैं?
उत्तर: हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो रक्त द्वारा लक्षित अंगों तक पहुँचते हैं।
प्रश्न 5. इंसुलिन हार्मोन का कार्य बताइए।
उत्तर: यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है।
प्रश्न 6. पौधों में नियंत्रण कैसे होता है?
उत्तर: पौधों में नियंत्रण पादप हार्मोनों और गतियों द्वारा होता है।
प्रश्न 7. मस्तिष्क के किसी एक भाग का कार्य लिखिए।
उत्तर: प्रमस्तिष्क सोचने, समझने और याद रखने का कार्य करता है।
प्रश्न 8. अनुवर्ती गति क्या है?
उत्तर: किसी दिशा विशेष में होने वाली पौधों की वृद्धि को अनुवर्ती गति कहते हैं।
3️⃣ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
प्रश्न 1. तंत्रिका तंत्र की संरचना एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
तंत्रिका तंत्र तीन भागों में विभाजित है—
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र: इसमें मस्तिष्क और मेरुरज्जु शामिल हैं।
- परिधीय तंत्रिका तंत्र: यह मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु को शरीर के अन्य भागों से जोड़ता है।
- स्वायत्त तंत्रिका तंत्र: यह अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है।
तंत्रिका तंत्र का मुख्य कार्य शरीर की क्रियाओं का त्वरित नियंत्रण एवं समन्वय करना है।
प्रश्न 2. अंतःस्रावी तंत्र क्या है? इसके प्रमुख हार्मोन और कार्य लिखिए।
उत्तर:
अंतःस्रावी तंत्र ग्रंथियों का समूह है जो हार्मोन स्रावित करता है।
- थायरॉक्सिन: चयापचय नियंत्रित करता है।
- इंसुलिन: रक्त शर्करा नियंत्रित करता है।
- एड्रेनालिन: आपात स्थिति में शरीर को सक्रिय करता है।
- ग्रोथ हार्मोन: शरीर की वृद्धि में सहायक होता है।
प्रश्न 3. पौधों में नियंत्रण एवं समन्वय का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पौधों में तंत्रिका तंत्र नहीं होता, लेकिन वे हार्मोन और गतियों के माध्यम से प्रतिक्रिया करते हैं।
- ऑक्सिन: तने की वृद्धि और प्रकाश की ओर झुकाव।
- जिबरेलिन: तने की लंबाई बढ़ाना।
- साइटोकाइनिन: कोशिका विभाजन
पौधों में अनुवर्ती और नैस्टी गतियाँ नियंत्रण एवं समन्वय दर्शाती हैं।
प्रश्न 4. तंत्रिका नियंत्रण एवं हार्मोनल नियंत्रण में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
तंत्रिका नियंत्रण तेज़, विद्युत संकेतों पर आधारित और अल्पकालिक होता है, जबकि हार्मोनल नियंत्रण धीमा, रासायनिक संकेतों पर आधारित और दीर्घकालिक होता है।
4️⃣ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Exam Oriented)
प्रश्न: मेरुरज्जु का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: प्रतिवर्ती क्रियाओं का नियंत्रण और मस्तिष्क तक संदेश पहुँचाना।
प्रश्न: एड्रेनालिन को “आपातकालीन हार्मोन” क्यों कहते हैं?
उत्तर: क्योंकि यह तनाव या खतरे की स्थिति में शरीर को तुरंत प्रतिक्रिया के लिए तैयार करता है।
नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) – कक्षा 10 विज्ञान
1️⃣ बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. शरीर की क्रियाओं का नियंत्रण एवं समन्वय किसके द्वारा होता है?
A. केवल मांसपेशियाँ
B. केवल रक्त
C. तंत्रिका तंत्र एवं हार्मोन
D. केवल हृदय
👉 उत्तर: C
2. तंत्रिका तंत्र की सबसे तेज़ प्रतिक्रिया कौन-सी है?
A. हार्मोनल प्रतिक्रिया
B. वृद्धि
C. प्रतिवर्ती क्रिया
D. पाचन
👉 उत्तर: C
3. मस्तिष्क का कौन-सा भाग सोचने से संबंधित है?
A. मेडुला
B. अनुमस्तिष्क
C. प्रमस्तिष्क
D. मेरुरज्जु
👉 उत्तर: C
4. रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कौन नियंत्रित करता है?
A. एड्रेनालिन
B. थायरॉक्सिन
C. इंसुलिन
D. टेस्टोस्टेरोन
👉 उत्तर: C
5. आपातकालीन स्थिति में स्रावित हार्मोन है—
A. इंसुलिन
B. थायरॉक्सिन
C. एड्रेनालिन
D. ग्रोथ हार्मोन
👉 उत्तर: C
6. पौधों में प्रकाश की ओर झुकाव कहलाता है—
A. जियोट्रॉपिज़्म
B. फोटोट्रॉपिज़्म
C. हाइड्रोट्रॉपिज़्म
D. केमोट्रॉपिज़्म
👉 उत्तर: B
7. तंत्रिका संकेत किस रूप में होते हैं?
A. रासायनिक
B. ऊष्मीय
C. विद्युत
D. यांत्रिक
👉 उत्तर: C
8. मेरुरज्जु का मुख्य कार्य है—
A. सोच
B. संतुलन
C. प्रतिवर्ती क्रिया
D. वृद्धि
👉 उत्तर: C
9. पौधों में कोशिका विभाजन को कौन-सा हार्मोन बढ़ाता है?
A. ऑक्सिन
B. जिबरेलिन
C. साइटोकाइनिन
D. एब्सिसिक अम्ल
👉 उत्तर: C
10. हार्मोन स्रावित करने वाली ग्रंथियाँ कहलाती हैं—
A. बहिःस्रावी
B. अंतःस्रावी
C. मिश्रित
D. तंत्रिकीय
👉 उत्तर: B
2️⃣ एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. शरीर की क्रियाओं को नियंत्रित करने वाली प्रक्रिया क्या कहलाती है?
👉 उत्तर: नियंत्रण
2. अंगों के बीच तालमेल को क्या कहते हैं?
👉 उत्तर: समन्वय
3. रासायनिक संदेशवाहक को क्या कहते हैं?
👉 उत्तर: हार्मोन
4. मस्तिष्क और मेरुरज्जु मिलकर क्या बनाते हैं?
👉 उत्तर: केंद्रीय तंत्रिका तंत्र
5. त्वरित एवं अनैच्छिक प्रतिक्रिया को क्या कहते हैं?
👉 उत्तर: प्रतिवर्ती क्रिया
6. आपातकालीन हार्मोन का नाम लिखिए।
👉 उत्तर: एड्रेनालिन
7. पौधों में वृद्धि हार्मोन का नाम लिखिए।
👉 उत्तर: ऑक्सिन
8. हृदयगति नियंत्रित करने वाला मस्तिष्क का भाग?
👉 उत्तर: मेडुला
9. रक्त में शर्करा नियंत्रित करने वाला हार्मोन?
👉 उत्तर: इंसुलिन
10. पादप हार्मोन का वैज्ञानिक नाम?
👉 उत्तर: फाइटोहार्मोन
3️⃣ प्रश्न-उत्तर (Very Short Answer Type)
प्रश्न 1. तंत्रिका तंत्र का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: उत्तेजनाओं को ग्रहण कर त्वरित प्रतिक्रिया उत्पन्न करना।
प्रश्न 2. हार्मोन कहाँ बनते हैं?
उत्तर: अंतःस्रावी ग्रंथियों में।
प्रश्न 3. पौधों में नियंत्रण कैसे होता है?
उत्तर: हार्मोन एवं गतियों द्वारा।
प्रश्न 4. प्रतिवर्ती क्रिया का उदाहरण दीजिए।
उत्तर: गरम वस्तु छूते ही हाथ हटाना।
प्रश्न 5. अनुवर्ती गति का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: पौधे का प्रकाश की ओर झुकना।
आउट्रो (Conclusion / Outro)
नियंत्रण एवं समन्वय – कक्षा 10 विज्ञान
नियंत्रण एवं समन्वय जीवन की सभी क्रियाओं का आधार है। किसी जीव का जीवित रहना, अपने वातावरण के अनुसार प्रतिक्रिया देना और शरीर के विभिन्न अंगों के बीच संतुलन बनाए रखना तभी संभव है जब शरीर में प्रभावी नियंत्रण और समन्वय हो। मानव एवं अन्य जानवरों में यह कार्य तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी तंत्र मिलकर करते हैं, जहाँ तंत्रिका तंत्र त्वरित और अल्पकालिक प्रतिक्रियाओं के लिए उत्तरदायी होता है, वहीं हार्मोनल तंत्र धीमी लेकिन दीर्घकालिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है।
इस अध्याय से हमें यह स्पष्ट रूप से समझ में आता है कि प्रतिवर्ती क्रियाएँ हमें अचानक होने वाले खतरों से बचाती हैं और हार्मोन हमारे विकास, वृद्धि तथा आंतरिक संतुलन को बनाए रखते हैं। पौधों में तंत्रिका तंत्र न होने के बावजूद हार्मोन और विभिन्न गतियों के माध्यम से नियंत्रण एवं समन्वय देखने को मिलता है, जो यह सिद्ध करता है कि सभी जीव किसी न किसी रूप में पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें MCQ, ऑब्जेक्टिव, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। यदि छात्र तंत्रिका तंत्र, हार्मोन, प्रतिवर्ती क्रिया और पादप हार्मोनों की मूल अवधारणाओं को अच्छे से समझ लेते हैं, तो यह अध्याय न केवल आसान बन जाता है बल्कि पूरे विज्ञान विषय को समझने में भी सहायक सिद्ध होता है।
अंततः कहा जा सकता है कि नियंत्रण एवं समन्वय जीवन की निरंतरता, संतुलन और अस्तित्व को बनाए रखने वाला एक अनिवार्य अध्याय है, जो हमें मानव शरीर और प्रकृति की कार्यप्रणाली को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने का अवसर प्रदान करता है
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