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“उसने कहा था” — लेखक: चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
(पाठ्यक्रम में संपादक/संकलक के रूप में बालकृष्ण भट्ट का नाम भी दिया जाता है)
का पूर्ण कथा-विवरण (Full Story / विस्तृत सार) सरल और परीक्षा-उपयोगी भाषा में दिया गया है।
उसने कहा था — पूर्ण कथा (Full Story)
“उसने कहा था” हिंदी साहित्य की एक अमर और ऐतिहासिक प्रेमकथा है। यह कहानी प्रथम विश्वयुद्ध (1914–18) की पृष्ठभूमि में रची गई है और इसमें त्याग, प्रेम, कर्तव्य और स्मृति का अत्यंत मार्मिक चित्रण मिलता है।
कहानी का आरंभ अमृतसर में होता है। बचपन में एक लड़का और एक लड़की पहली बार एक-दूसरे से मिलते हैं। लड़का चंचल और शरारती है, जबकि लड़की गंभीर और समझदार। दोनों के बीच बाल-सुलभ नोक-झोंक होती है। बातचीत के दौरान लड़की लड़के से पूछती है—
“क्या तुम मुझे पहचानोगे?”
और अंत में कहती है—
“जब समय आए, तो मेरी बात याद रखना… उसने कहा था।”
समय बीत जाता है। दोनों बड़े हो जाते हैं और जीवन अपनी-अपनी दिशा में आगे बढ़ता है। वर्षों बाद वही लड़का एक सैनिक बन जाता है और प्रथम विश्वयुद्ध में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुँचता है। युद्ध के दौरान उसकी मुलाकात अपने ही रेजिमेंट के एक अफसर से होती है। संयोगवश वह अफसर वही लड़की का पति निकलता है, जिससे वह बचपन में मिला था। अब वह लड़की एक विवाहित स्त्री और बच्चों की माँ है।
युद्ध के मैदान में हालात अत्यंत कठिन होते हैं। एक दिन दुश्मन का भीषण हमला होता है। उस अफसर की जान गंभीर खतरे में पड़ जाती है। तभी सैनिक को बचपन की वही लड़की याद आती है और उसके शब्द गूंजते हैं—
“उसने कहा था।”
वह सैनिक अपने कर्तव्य से भी आगे बढ़कर उस अफसर की रक्षा करने का निश्चय करता है, क्योंकि वह जानता है कि यदि अफसर मारा गया तो उस स्त्री और उसके बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। युद्ध के दौरान वह सैनिक अपनी जान की परवाह किए बिना अफसर को बचाता है और स्वयं गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो जाता है।
अंततः वह वीर सैनिक शहीद हो जाता है। मरते समय उसके चेहरे पर संतोष और शांति होती है, क्योंकि उसने अपना वचन निभा दिया था। वह लड़की की कही बात को अंतिम क्षण तक याद रखता है और अपने प्रेम को त्याग में बदल देता है।
कहानी का भावार्थ / संदेश
यह कहानी सिखाती है कि सच्चा प्रेम स्वार्थी नहीं होता। प्रेम में त्याग, कर्तव्य और मानवता सर्वोपरि होती है। लेखक ने यह भी दिखाया है कि स्मृतियाँ जीवन में कितनी गहरी भूमिका निभाती हैं और कैसे एक छोटा सा वाक्य— “उसने कहा था”— पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है।
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“उसने कहा था” — चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
के लिए सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न–उत्तर और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न–उत्तर परीक्षा-उपयोगी भाषा में दिए जा रहे हैं।
सारांश (Summary)
“उसने कहा था” हिंदी की एक कालजयी प्रेम और त्याग की कहानी है। इसका कथानक प्रथम विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कहानी में बचपन के प्रेम, स्मृति और कर्तव्य की भावना को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। बचपन में अमृतसर में एक लड़का और लड़की मिलते हैं। लड़की की एक साधारण-सी बात—“उसने कहा था”—लड़के के मन में गहराई से बस जाती है। समय बीतने पर वही लड़का सैनिक बन जाता है और युद्ध में भाग लेता है। संयोग से वह उसी लड़की के पति की जान बचाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर देता है। यह कहानी सच्चे प्रेम, वचन-पालन और निःस्वार्थ त्याग का अनुपम उदाहरण है।
लघु उत्तरीय प्रश्न–उत्तर
(प्रत्येक उत्तर 2–4 पंक्तियाँ)
प्रश्न 1. “उसने कहा था” कहानी के लेखक कौन हैं?
उत्तर: “उसने कहा था” कहानी के लेखक चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ हैं।
प्रश्न 2. कहानी की पृष्ठभूमि क्या है?
उत्तर: कहानी की पृष्ठभूमि प्रथम विश्वयुद्ध है, जिसमें भारतीय सैनिक भाग लेते हैं।
प्रश्न 3. कहानी का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: कहानी का मुख्य भाव प्रेम, त्याग, कर्तव्य और वचन-पालन है।
प्रश्न 4. “उसने कहा था” वाक्य का क्या महत्व है?
उत्तर: यह वाक्य कहानी की आत्मा है, जो नायक को अपने वचन और कर्तव्य की याद दिलाता है।
प्रश्न 5. नायक सैनिक क्यों शहीद हो जाता है?
उत्तर: वह लड़की के पति की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे देता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न–उत्तर
(प्रत्येक उत्तर 8–12 पंक्तियाँ)
प्रश्न 1. “उसने कहा था” कहानी का केंद्रीय विचार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
“उसने कहा था” कहानी का केंद्रीय विचार सच्चे प्रेम और त्याग की भावना है। लेखक ने दिखाया है कि सच्चा प्रेम स्वार्थ से परे होता है। बचपन की एक छोटी-सी स्मृति जीवन भर मन में बनी रहती है और कठिन समय में व्यक्ति को सही मार्ग दिखाती है। कहानी का नायक अपने निजी भावनाओं को दबाकर कर्तव्य को प्राथमिकता देता है। वह अपने प्रेम को बलिदान में बदल देता है। इस प्रकार यह कहानी मानवता, वचन-पालन और आत्म-त्याग का संदेश देती है।
प्रश्न 2. कहानी में प्रेम और कर्तव्य के द्वंद्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कहानी में प्रेम और कर्तव्य के बीच गहरा द्वंद्व दिखाई देता है। नायक बचपन में जिस लड़की से प्रेम करता है, वही आगे चलकर किसी और की पत्नी बन जाती है। युद्ध के समय नायक के सामने अवसर आता है कि वह केवल सैनिक के रूप में अपना कर्तव्य निभाए, लेकिन वह व्यक्तिगत भावना से ऊपर उठकर उस स्त्री के पति की रक्षा करता है। इस प्रकार प्रेम कर्तव्य में परिवर्तित हो जाता है और यही कहानी की महानता है।
प्रश्न 3. “उसने कहा था” शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
“उसने कहा था” शीर्षक अत्यंत सार्थक है, क्योंकि पूरी कहानी इसी वाक्य के इर्द-गिर्द घूमती है। बचपन में कही गई एक साधारण-सी बात नायक के जीवन का मार्गदर्शन करती है। युद्ध के निर्णायक क्षण में वही वाक्य नायक को त्याग और बलिदान के लिए प्रेरित करता है। यदि यह वाक्य न होता, तो कहानी का उद्देश्य भी अधूरा रह जाता। इसलिए शीर्षक पूरी तरह से उचित और सार्थक है।
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“उसने कहा था” — चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
के लिए MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न), एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न तथा प्रश्न–उत्तर पूरी तरह परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए जा रहे हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. “उसने कहा था” कहानी के लेखक कौन हैं?
A. प्रेमचंद
B. चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
C. जयशंकर प्रसाद
D. महादेवी वर्मा
उत्तर: B
2. “उसने कहा था” किस युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है?
A. द्वितीय विश्वयुद्ध
B. प्लासी का युद्ध
C. प्रथम विश्वयुद्ध
D. भारत–पाक युद्ध
उत्तर: C
3. कहानी का नायक किस रूप में प्रस्तुत है?
A. व्यापारी
B. शिक्षक
C. किसान
D. सैनिक
उत्तर: D
4. कहानी में प्रेम किस रूप में व्यक्त हुआ है?
A. स्वार्थी प्रेम
B. हास्य प्रेम
C. त्यागमय प्रेम
D. क्षणिक प्रेम
उत्तर: C
5. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
A. धन का महत्व
B. शक्ति का प्रदर्शन
C. प्रेम और कर्तव्य
D. राजनीति
उत्तर: C
6. “उसने कहा था” वाक्य किस भाव को दर्शाता है?
A. क्रोध
B. स्मृति
C. भय
D. अहंकार
उत्तर: B
7. कहानी का अंत किस भाव से होता है?
A. निराशा
B. हास्य
C. वीरता और त्याग
D. द्वेष
उत्तर: C
8. नायक ने किसके लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया?
A. स्वयं के लिए
B. देश के लिए
C. मित्र के लिए
D. लड़की के पति के लिए
उत्तर: D
एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. कहानी “उसने कहा था” के लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर: चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
2. कहानी की विधा क्या है?
उत्तर: कहानी
3. कहानी की पृष्ठभूमि किससे संबंधित है?
उत्तर: प्रथम विश्वयुद्ध
4. कहानी का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: त्याग
5. कहानी में प्रमुख पात्र किस पेशे से जुड़ा है?
उत्तर: सैनिक
6. “उसने कहा था” किस प्रकार की कहानी है?
उत्तर: प्रेम और त्याग की कहानी
7. नायक का अंतिम कार्य क्या था?
उत्तर: बलिदान
प्रश्न–उत्तर (अतिलघु / लघु)
प्रश्न 1. कहानी “उसने कहा था” का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: कहानी का मुख्य विषय प्रेम, त्याग और कर्तव्य है।
प्रश्न 2. नायक को किस बात की स्मृति बार-बार आती है?
उत्तर: बचपन में लड़की द्वारा कही गई बात—“उसने कहा था।”
प्रश्न 3. नायक ने किस भावना से प्रेरित होकर बलिदान दिया?
उत्तर: प्रेम और कर्तव्य भावना से।
प्रश्न 4. कहानी हमें क्या शिक्षा देती है?
उत्तर: सच्चा प्रेम निःस्वार्थ होता है और कर्तव्य सर्वोपरि होता है।
प्रश्न 5. कहानी का अंत कैसा है?
उत्तर: कहानी का अंत मार्मिक और प्रेरणादायक है।
50 Important Objective Questions (MCQ)
1. “उसने कहा था” कहानी के लेखक कौन हैं?
A. प्रेमचंद
B. चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
C. निराला
D. जयशंकर प्रसाद
उत्तर: B
2. “उसने कहा था” किस विधा की रचना है?
A. नाटक
B. उपन्यास
C. कहानी
D. निबंध
उत्तर: C
3. कहानी की पृष्ठभूमि किससे जुड़ी है?
A. स्वतंत्रता संग्राम
B. प्रथम विश्वयुद्ध
C. द्वितीय विश्वयुद्ध
D. भारत–पाक युद्ध
उत्तर: B
4. कहानी का आरंभ कहाँ से होता है?
A. दिल्ली
B. लाहौर
C. अमृतसर
D. कानपुर
उत्तर: C
5. कहानी का मुख्य पात्र किस पेशे से जुड़ा है?
A. व्यापारी
B. शिक्षक
C. किसान
D. सैनिक
उत्तर: D
6. कहानी में प्रेम किस रूप में दिखाया गया है?
A. स्वार्थी
B. क्षणिक
C. त्यागमय
D. बनावटी
उत्तर: C
7. “उसने कहा था” वाक्य किस भाव का प्रतीक है?
A. क्रोध
B. स्मृति
C. ईर्ष्या
D. भय
उत्तर: B
8. नायक को बचपन की कौन-सी बात याद रहती है?
A. झगड़ा
B. वादा
C. पुरस्कार
D. उपहार
उत्तर: B
9. नायक युद्ध में किस देश में लड़ता है?
A. भारत
B. फ्रांस
C. इंग्लैंड
D. जर्मनी
उत्तर: B
10. कहानी का अंत किस भाव से होता है?
A. हास्य
B. दुख
C. वीरता
D. त्याग और वीरता
उत्तर: D
11. कहानी का केंद्रीय भाव क्या है?
A. धन
B. सत्ता
C. प्रेम और कर्तव्य
D. राजनीति
उत्तर: C
12. नायक किसके पति की रक्षा करता है?
A. अपनी बहन
B. अपनी मित्र
C. बचपन की लड़की
D. अजनबी स्त्री
उत्तर: C
13. नायक का बलिदान किस कारण होता है?
A. लालच
B. भय
C. कर्तव्य
D. विवशता
उत्तर: C
14. कहानी का शीर्षक क्यों सार्थक है?
A. नाम आकर्षक है
B. कहानी का आधार है
C. लेखक की इच्छा
D. संयोगवश
उत्तर: B
15. कहानी में नायक का स्वभाव कैसा है?
A. स्वार्थी
B. कायर
C. कर्तव्यनिष्ठ
D. अहंकारी
उत्तर: C
16. कहानी किस काल में लिखी गई?
A. आधुनिक काल
B. आदिकाल
C. भक्तिकाल
D. रीतिकाल
उत्तर: A
17. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
A. युद्ध बुरा है
B. प्रेम में त्याग
C. धन का महत्व
D. शिक्षा का महत्व
उत्तर: B
18. नायक का अंत कैसे होता है?
A. विजय
B. हार
C. पलायन
D. शहादत
उत्तर: D
19. कहानी में बचपन की स्मृति किस रूप में उभरती है?
A. बाधा
B. प्रेरणा
C. बोझ
D. भ्रम
उत्तर: B
20. कहानी का कथानक कैसा है?
A. हास्यप्रधान
B. रोमांचक
C. करुणामय
D. कल्पनात्मक
उत्तर: C
21. कहानी में प्रेम किससे जुड़ा है?
A. स्वार्थ से
B. त्याग से
C. लाभ से
D. अहंकार से
उत्तर: B
22. नायक ने किस भावना से अफसर को बचाया?
A. ईर्ष्या
B. घृणा
C. कर्तव्य
D. बदला
उत्तर: C
23. कहानी का नायक किस बात को अंतिम समय तक याद रखता है?
A. पुरस्कार
B. आदेश
C. “उसने कहा था”
D. युद्ध
उत्तर: C
24. कहानी का उद्देश्य क्या है?
A. मनोरंजन
B. शिक्षा
C. प्रेरणा
D. प्रेम और त्याग का संदेश
उत्तर: D
25. कहानी का अंत पाठक पर क्या प्रभाव डालता है?
A. हँसी
B. क्रोध
C. प्रेरणा
D. उदासीनता
उत्तर: C
26. कहानी में युद्ध किसका प्रतीक है?
A. खेल
B. जीवन संघर्ष
C. राजनीति
D. शांति
उत्तर: B
27. नायक का चरित्र किस गुण से पहचाना जाता है?
A. चालाकी
B. स्वार्थ
C. बलिदान
D. लोभ
उत्तर: C
28. कहानी का भाव पक्ष कैसा है?
A. शुष्क
B. करुण और भावुक
C. हास्य
D. व्यंग्य
उत्तर: B
29. नायक ने प्रेम को किस रूप में बदला?
A. द्वेष
B. बलिदान
C. क्रोध
D. मोह
उत्तर: B
30. कहानी किस शैली में लिखी गई है?
A. वर्णनात्मक
B. भावात्मक
C. आत्मकथात्मक
D. नाटकीय
उत्तर: B
31. कहानी में नारी पात्र किस रूप में है?
A. स्वार्थी
B. प्रेरक
C. नकारात्मक
D. हास्य
उत्तर: B
32. कहानी का मुख्य पात्र किन मूल्यों का पालन करता है?
A. धन
B. सत्ता
C. कर्तव्य
D. प्रसिद्धि
उत्तर: C
33. कहानी में स्मृति का क्या महत्व है?
A. बोझ
B. भ्रम
C. मार्गदर्शन
D. विनाश
उत्तर: C
34. नायक का त्याग किसे सुरक्षित करता है?
A. स्वयं को
B. परिवार को
C. स्त्री और बच्चों को
D. सेना को
उत्तर: C
35. कहानी किस प्रकार का प्रभाव छोड़ती है?
A. मनोरंजक
B. उपदेशात्मक
C. प्रेरणादायक
D. व्यंग्यात्मक
उत्तर: C
36. कहानी का नाम किस पंक्ति से लिया गया है?
A. युद्ध वर्णन
B. संवाद
C. कथावाचन
D. उपदेश
उत्तर: B
37. कहानी में नायक का सबसे बड़ा गुण क्या है?
A. साहस
B. त्याग
C. बुद्धि
D. क्रोध
उत्तर: B
38. कहानी में कौन-सा भाव प्रमुख है?
A. हास्य
B. शृंगार
C. करुण
D. वीर
उत्तर: C
39. कहानी का अंत क्यों मार्मिक है?
A. युद्ध हारने से
B. प्रेम विफल होने से
C. बलिदान के कारण
D. संयोग से
उत्तर: C
40. कहानी का उद्देश्य पाठक को क्या सिखाना है?
A. युद्ध कौशल
B. देशभक्ति
C. प्रेम में त्याग
D. राजनीति
उत्तर: C
41. नायक की प्रेरणा का स्रोत क्या है?
A. आदेश
B. स्मृति
C. लालच
D. भय
उत्तर: B
42. कहानी में समय का प्रवाह कैसा है?
A. स्थिर
B. धीमा
C. अतीत से वर्तमान
D. भ्रमित
उत्तर: C
43. कहानी में बाल्यकाल का क्या महत्व है?
A. मनोरंजन
B. भावनात्मक आधार
C. संघर्ष
D. संघर्षहीन
उत्तर: B
44. नायक के त्याग से किसका भविष्य सुरक्षित होता है?
A. देश का
B. सेना का
C. एक परिवार का
D. गाँव का
उत्तर: C
45. कहानी का नायक किस बात का पालन करता है?
A. आदेश
B. वचन
C. लाभ
D. स्वार्थ
उत्तर: B
46. कहानी में प्रेम का स्वरूप कैसा है?
A. क्षणिक
B. स्थायी और निःस्वार्थ
C. बनावटी
D. अस्थिर
उत्तर: B
47. कहानी किस यथार्थ को दर्शाती है?
A. सामाजिक
B. ऐतिहासिक
C. मनोवैज्ञानिक
D. सभी
उत्तर: D
48. कहानी का सबसे प्रभावशाली तत्व क्या है?
A. भाषा
B. कथानक
C. भावनात्मकता
D. पात्र
उत्तर: C
49. कहानी किस प्रकार के पाठकों के लिए प्रेरक है?
A. केवल सैनिकों के लिए
B. केवल युवाओं के लिए
C. सभी पाठकों के लिए
D. केवल बच्चों के लिए
उत्तर: C
50. “उसने कहा था” कहानी का स्थायी महत्व क्यों है?
A. युद्ध वर्णन के कारण
B. भाषा के कारण
C. प्रेम और त्याग के कारण
D. लंबाई के कारण
उत्तर: C
आउट्रो
इस प्रकार “उसने कहा था” कहानी प्रेम, त्याग और कर्तव्य की भावना को अत्यंत मार्मिक रूप में प्रस्तुत करती है। चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ ने इस कहानी के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि सच्चा प्रेम कभी स्वार्थी नहीं होता, बल्कि वह समय आने पर बलिदान का रूप धारण कर लेता है। बचपन में कही गई एक छोटी-सी बात जीवन भर मार्गदर्शक बन सकती है—यही इस कहानी का मूल संदेश है। युद्ध की कठोर पृष्ठभूमि में मानवीय संवेदनाओं का ऐसा सजीव चित्रण हिंदी साहित्य में दुर्लभ है। नायक का त्याग पाठक के हृदय को छू जाता है और हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है। यह कहानी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें निहित मानवीय मूल्य कभी पुराने नहीं होते। इसलिए “उसने कहा था” न केवल एक प्रेमकथा है, बल्कि आदर्श जीवन मूल्यों का सशक्त उदाहरण भी है।

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