संचार तंत्र 12th Class science - full story

संचार तंत्र 12th Class science - full story 

संचार तंत्र 12th Class science - full story

नीचे संचार तंत्र (Communication System) अध्याय की 12वीं कक्षा भौतिकी के अनुसार पूर्ण कहानी (Full Story) सरल भाषा में दी जा रही है। यह बोर्ड परीक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं दोनों के लिए उपयोगी है।

संचार तंत्र (Communication System) – Full Story

कक्षा: 12वीं | विषय: भौतिकी

भूमिका

आज के आधुनिक युग में संचार (Communication) मानव जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। मोबाइल फोन, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, उपग्रह संचार आदि सभी संचार तंत्र के ही उदाहरण हैं। संचार तंत्र वह व्यवस्था है जिसके द्वारा सूचना (Information) को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया जाता है।

संचार (Communication) की परिभाषा

सूचना को प्रेषक (Transmitter) से ग्राही (Receiver) तक पहुँचाने की प्रक्रिया को संचार कहते हैं।

सूचना ध्वनि, चित्र, वीडियो या डाटा के रूप में हो सकती है।

संचार तंत्र के मुख्य घटक

एक संचार तंत्र मुख्य रूप से तीन भागों में बाँटा जाता है—

1. प्रेषक (Transmitter)

प्रेषक वह यंत्र होता है जो सूचना को विद्युत संकेत (Electrical Signal) में बदलता है और उसे माध्यम में भेजता है।

इसके मुख्य भाग—

  • इनपुट ट्रांसड्यूसर
  • मॉड्यूलेटर
  • प्रवर्धक (Amplifier)
  • प्रेषण एंटीना

2. संचार माध्यम (Communication Channel)

वह मार्ग जिससे होकर संकेत यात्रा करता है, संचार माध्यम कहलाता है।

उदाहरण—

  • तार (Wire)
  • ऑप्टिकल फाइबर
  • मुक्त आकाश (Free Space)

3. ग्राही (Receiver)

ग्राही वह यंत्र है जो प्राप्त संकेत को मूल सूचना में बदल देता है।

इसके मुख्य भाग—

  • प्राप्ति एंटीना
  • डिमॉड्यूलेटर
  • प्रवर्धक
  • आउटपुट ट्रांसड्यूसर

ट्रांसड्यूसर (Transducer)

जो यंत्र एक प्रकार की ऊर्जा को दूसरी प्रकार की ऊर्जा में बदलता है, उसे ट्रांसड्यूसर कहते हैं।

उदाहरण—

  • माइक्रोफोन (ध्वनि → विद्युत संकेत)
  • लाउडस्पीकर (विद्युत संकेत → ध्वनि)

मॉड्यूलेशन (Modulation)

कम आवृत्ति के सूचना संकेत को उच्च आवृत्ति के वाहक तरंग (Carrier Wave) पर आरोपित करने की प्रक्रिया को मॉड्यूलेशन कहते हैं।

मॉड्यूलेशन की आवश्यकता

  • एंटीना की ऊँचाई कम करने के लिए
  • संकेत की ऊर्जा बढ़ाने के लिए
  • विभिन्न संकेतों के मिश्रण से बचने के लिए

मॉड्यूलेशन के प्रकार

1. आयाम मॉड्यूलेशन (AM)

जब वाहक तरंग का आयाम सूचना के अनुसार बदलता है।

2. आवृत्ति मॉड्यूलेशन (FM)

जब वाहक तरंग की आवृत्ति सूचना के अनुसार बदलती है।

3. कला मॉड्यूलेशन (PM)

जब वाहक तरंग की कला बदलती है।

डिमॉड्यूलेशन (Demodulation)

प्राप्त मॉड्यूलेटेड संकेत से मूल सूचना निकालने की प्रक्रिया को डिमॉड्यूलेशन कहते हैं।

बैंडविड्थ (Bandwidth)

किसी संकेत द्वारा घेरी गई आवृत्तियों की सीमा को बैंडविड्थ कहते हैं।

FM की बैंडविड्थ AM से अधिक होती है, इसलिए FM में ध्वनि गुणवत्ता अच्छी होती है।

शोर (Noise)

संचार के दौरान संकेत में अवांछित विक्षोभ को शोर कहते हैं।

शोर के कारण—

  • वातावरणीय प्रभाव
  • इलेक्ट्रॉनिक यंत्र
  • वायुमंडलीय बिजली

संचार के प्रकार

1. एनालॉग संचार

जिसमें संकेत निरंतर (Continuous) होता है।

उदाहरण: रेडियो, टेलीफोन

2. डिजिटल संचार

जिसमें सूचना 0 और 1 के रूप में होती है।

उदाहरण: मोबाइल, कंप्यूटर, इंटरनेट

संचार तंत्र के उपयोग

  • रेडियो प्रसारण
  • टेलीविजन
  • मोबाइल संचार
  • उपग्रह संचार
  • इंटरनेट सेवाए

निष्कर्ष

संचार तंत्र आधुनिक विज्ञान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके बिना आज का जीवन असंभव है। यह अध्याय हमें बताता है कि सूचना किस प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से पहुँचती है। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नीचे संचार तंत्र (Communication System) अध्याय के लिए कक्षा 12वीं भौतिकी के अनुसार

✔ प्रश्न–उत्तर

✔ लघु उत्तरीय प्रश्न

✔ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

✔ सारांश

सरल व परीक्षा-उपयोगी भाषा में दिए जा रहे हैं।

1️⃣ प्रश्न–उत्तर (Very Short / One Line)

प्रश्न 1. संचार किसे कहते हैं?

उत्तर: सूचना को प्रेषक से ग्राही तक पहुँचाने की प्रक्रिया को संचार कहते हैं।

प्रश्न 2. संचार तंत्र के मुख्य भाग कौन-कौन से हैं?

उत्तर: प्रेषक, संचार माध्यम और ग्राही।

प्रश्न 3. ट्रांसड्यूसर क्या है?

उत्तर: ऊर्जा के एक रूप को दूसरे रूप में बदलने वाला यंत्र ट्रांसड्यूसर कहलाता है।

प्रश्न 4. मॉड्यूलेशन क्या है?

उत्तर: सूचना संकेत को उच्च आवृत्ति वाहक तरंग पर आरोपित करना मॉड्यूलेशन कहलाता है।

प्रश्न 5. डिमॉड्यूलेशन किसे कहते हैं?

उत्तर: मॉड्यूलेटेड संकेत से मूल सूचना निकालने की प्रक्रिया डिमॉड्यूलेशन है।

प्रश्न 6. शोर (Noise) क्या है?

उत्तर: संकेत में उत्पन्न अवांछित विक्षोभ को शोर कहते हैं।

प्रश्न 7. बैंडविड्थ क्या होती है?

उत्तर: किसी संकेत द्वारा घेरी गई आवृत्ति सीमा को बैंडविड्थ कहते हैं।

2️⃣ लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer)

प्रश्न 1. संचार माध्यम क्या है? उदाहरण दें।

उत्तर: वह मार्ग जिससे होकर संकेत प्रेषक से ग्राही तक पहुँचता है, संचार माध्यम कहलाता है।

उदाहरण— तार, ऑप्टिकल फाइबर, मुक्त आकाश।

प्रश्न 2. मॉड्यूलेशन की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर:

  • एंटीना की ऊँचाई कम करने के लिए
  • संकेत की शक्ति बढ़ाने के लिए
  • संकेतों के मिश्रण से बचने के लिए

प्रश्न 3. AM और FM में अंतर लिखिए।

उत्तर:

  • AM में वाहक तरंग का आयाम बदलता है।
  • FM में वाहक तरंग की आवृत्ति बदलती है।
  • FM में ध्वनि गुणवत्ता AM से बेहतर होती है।

प्रश्न 4. एनालॉग और डिजिटल संचार में अंतर बताइए।

उत्तर:

  • एनालॉग संकेत निरंतर होते हैं।
  • डिजिटल संकेत 0 और 1 पर आधारित होते हैं।
  • डिजिटल संचार अधिक विश्वसनीय होता है।

प्रश्न 5. ट्रांसमीटर के कार्य लिखिए।

उत्तर:

  • सूचना को विद्युत संकेत में बदलना
  • संकेत को मॉड्यूलेट करना
  • संकेत को प्रवर्धित कर माध्यम में भेजना

3️⃣ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer)

प्रश्न 1. संचार तंत्र का ब्लॉक आरेख समझाइए।

उत्तर:

संचार तंत्र में सूचना स्रोत से संकेत उत्पन्न होता है। यह संकेत ट्रांसड्यूसर द्वारा विद्युत संकेत में बदला जाता है। इसके बाद मॉड्यूलेटर संकेत को वाहक तरंग पर आरोपित करता है। प्रवर्धक इसे शक्तिशाली बनाकर एंटीना द्वारा माध्यम में भेज देता है। ग्राही पक्ष पर एंटीना संकेत प्राप्त करता है, डिमॉड्यूलेटर मूल सूचना निकालता है और आउटपुट ट्रांसड्यूसर सूचना को पुनः ध्वनि या चित्र में बदल देता है।

प्रश्न 2. मॉड्यूलेशन के प्रकारों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

मॉड्यूलेशन तीन प्रकार का होता है—

  1. आयाम मॉड्यूलेशन (AM) – वाहक का आयाम बदलता है।
  2. आवृत्ति मॉड्यूलेशन (FM) – वाहक की आवृत्ति बदलती है।
  3. कला मॉड्यूलेशन (PM) – वाहक की कला बदलती है।

FM में शोर का प्रभाव कम होता है।

प्रश्न 3. शोर क्या है? इसके प्रभाव और नियंत्रण बताइए।

उत्तर:

शोर वह अवांछित संकेत है जो मूल सूचना को विकृत कर देता है।

प्रभाव: ध्वनि अस्पष्ट हो जाती है।

नियंत्रण:

  • बेहतर परिरक्षण
  • उच्च गुणवत्ता के यंत्र
  • FM एवं डिजिटल संचार का प्रयोग

4️⃣ सारांश (Summary)

संचार तंत्र आधुनिक विज्ञान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके माध्यम से सूचना को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सरलता से पहुँचाया जाता है। संचार तंत्र के मुख्य भाग प्रेषक, संचार माध्यम और ग्राही हैं। मॉड्यूलेशन संचार का महत्वपूर्ण चरण है जिससे संकेत को दूर तक भेजा जा सकता है। AM, FM और PM इसके प्रमुख प्रकार हैं। शोर संचार की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। आज डिजिटल संचार ने संचार प्रणाली को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बना दिया है।

नीचे संचार तंत्र (Communication System)

कक्षा 12वीं – भौतिकी के लिए

✔ MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)

✔ एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न

✔ प्रश्न–उत्तर

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण और सरल रूप में दिए जा रहे हैं।

1️⃣ MCQ – बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. संचार का मुख्य उद्देश्य क्या है?

A. ऊर्जा उत्पादन

B. सूचना का आदान-प्रदान

C. विद्युत धारा प्रवाह

D. ध्वनि उत्पादन

👉 उत्तर: B

प्रश्न 2. संचार तंत्र का कौन-सा भाग संकेत को भेजता है?

A. ग्राही

B. माध्यम

C. प्रेषक

D. ट्रांसड्यूसर

👉 उत्तर: C

प्रश्न 3. माइक्रोफोन किसका उदाहरण है?

A. प्रवर्धक

B. ट्रांसड्यूसर

C. एंटीना

D. ऑस्सीलेटर

👉 उत्तर: B

प्रश्न 4. मॉड्यूलेशन की आवश्यकता क्यों होती है?

A. संकेत कमजोर करने के लिए

B. शोर बढ़ाने के लिए

C. एंटीना की ऊँचाई कम करने के लिए

D. ध्वनि रोकने के लिए

👉 उत्तर: C

प्रश्न 5. FM में कौन-सा गुण बदलता है?

A. आयाम

B. आवृत्ति

C. कला

D. वेग

👉 उत्तर: B

प्रश्न 6. AM की तुलना में FM का लाभ क्या है?

A. कम बैंडविड्थ

B. अधिक शोर

C. बेहतर ध्वनि गुणवत्ता

D. सरल परिपथ

👉 उत्तर: C

प्रश्न 7. शोर क्या है?

A. उपयोगी संकेत

B. प्रवर्धित संकेत

C. अवांछित संकेत

D. डिजिटल संकेत

👉 उत्तर: C

प्रश्न 8. डिजिटल संचार में सूचना किस रूप में होती है?

A. तरंग

B. आवृत्ति

C. 0 और 1

D. आयाम

👉 उत्तर: C

प्रश्न 9. डिमॉड्यूलेशन किस यंत्र में होता है?

A. ट्रांसमीटर

B. एंटीना

C. रिसीवर

D. ऑस्सीलेटर

👉 उत्तर: C

प्रश्न 10. FM की बैंडविड्थ AM से—

A. कम होती है

B. बराबर होती है

C. अधिक होती है

D. शून्य होती है

👉 उत्तर: C

2️⃣ एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न

प्रश्न 1. सूचना को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

👉 उत्तर: संचार

प्रश्न 2. ऊर्जा को एक रूप से दूसरे रूप में बदलने वाला यंत्र क्या कहलाता है?

👉 उत्तर: ट्रांसड्यूसर

प्रश्न 3. सूचना संकेत को वाहक तरंग पर आरोपित करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

👉 उत्तर: मॉड्यूलेशन

प्रश्न 4. मॉड्यूलेटेड संकेत से मूल सूचना निकालने की प्रक्रिया?

👉 उत्तर: डिमॉड्यूलेशन

प्रश्न 5. संकेत में अवांछित विक्षोभ को क्या कहते हैं?

👉 उत्तर: शोर

प्रश्न 6. किसी संकेत द्वारा घेरी गई आवृत्ति सीमा?

👉 उत्तर: बैंडविड्थ

प्रश्न 7. FM का पूर्ण रूप लिखिए।

👉 उत्तर: Frequency Modulation

प्रश्न 8. AM का पूर्ण रूप लिखिए।

👉 उत्तर: Amplitude Modulation

3️⃣ प्रश्न–उत्तर (Short Q&A)

प्रश्न 1. संचार तंत्र क्या है?

उत्तर: सूचना को प्रेषक से ग्राही तक पहुँचाने वाली पूरी व्यवस्था को संचार तंत्र कहते हैं।

प्रश्न 2. संचार तंत्र के मुख्य भाग लिखिए।

उत्तर:

  1. प्रेषक
  2. संचार माध्यम
  3. ग्राही

प्रश्न 3. एंटीना का कार्य क्या है?

उत्तर: संकेत को अंतरिक्ष में भेजना और प्राप्त करना।

प्रश्न 4. डिजिटल संचार के दो लाभ लिखिए।

उत्तर:

  • शोर का प्रभाव कम
  • अधिक विश्वसनीय

प्रश्न 5. FM रेडियो में ध्वनि स्पष्ट क्यों होती है?

उत्तर: क्योंकि FM में शोर का प्रभाव कम होता है।

नीचे संचार तंत्र (Communication System)

कक्षा 12वीं – भौतिकी के लिए 50 Objective Important Questions (MCQ)

बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दिए जा रहे हैं।

🔹 50 Objective Important Questions (MCQ)

1. संचार का अर्थ है—

A. ऊर्जा का संचार

B. सूचना का आदान-प्रदान

C. ध्वनि का उत्पादन

D. विद्युत प्रवाह

👉 उत्तर: B

2. संचार तंत्र के कितने मुख्य भाग होते हैं?

A. 2

B. 3

C. 4

D. 5

👉 उत्तर: B

3. प्रेषक का मुख्य कार्य क्या है?

A. संकेत ग्रहण करना

B. संकेत भेजना

C. शोर उत्पन्न करना

D. संकेत रोकना

👉 उत्तर: B

4. माइक्रोफोन किस प्रकार का यंत्र है?

A. प्रवर्धक

B. ऑस्सीलेटर

C. ट्रांसड्यूसर

D. एंटीना

👉 उत्तर: C

5. लाउडस्पीकर क्या करता है?

A. ध्वनि → विद्युत

B. विद्युत → ध्वनि

C. विद्युत → प्रकाश

D. प्रकाश → ध्वनि

👉 उत्तर: B

6. मॉड्यूलेशन किसे कहते हैं?

A. संकेत कमजोर करना

B. संकेत को बढ़ाना

C. सूचना को वाहक पर आरोपित करना

D. संकेत रोकना

👉 उत्तर: C

7. वाहक तरंग की आवृत्ति होती है—

A. बहुत कम

B. शून्य

C. बहुत अधिक

D. परिवर्ती

👉 उत्तर: C

8. मॉड्यूलेशन की आवश्यकता क्यों होती है?

A. एंटीना ऊँचाई बढ़ाने के लिए

B. शोर बढ़ाने के लिए

C. एंटीना ऊँचाई कम करने के लिए

D. संकेत समाप्त करने के लिए

👉 उत्तर: C

9. AM में क्या बदलता है?

A. आवृत्ति

B. आयाम

C. वेग

D. तरंगदैर्ध्य

👉 उत्तर: B

10. FM में क्या बदलता है?

A. आयाम

B. वेग

C. आवृत्ति

D. ऊर्जा

👉 उत्तर: C

11. PM में क्या बदलता है?

A. आयाम

B. आवृत्ति

C. कला

D. वेग

👉 उत्तर: C

12. FM की ध्वनि गुणवत्ता AM से—

A. खराब

B. समान

C. बेहतर

D. शून्य

👉 उत्तर: C

13. डिमॉड्यूलेशन कहाँ होता है?

A. ट्रांसमीटर में

B. माध्यम में

C. रिसीवर में

D. एंटीना में

👉 उत्तर: C

14. संचार माध्यम का उदाहरण है—

A. माइक्रोफोन

B. तार

C. लाउडस्पीकर

D. ट्रांसड्यूसर

👉 उत्तर: B

15. मुक्त आकाश किसका उदाहरण है?

A. प्रेषक

B. ग्राही

C. संचार माध्यम

D. ट्रांसड्यूसर

👉 उत्तर: C

16. शोर क्या है?

A. उपयोगी संकेत

B. प्रवर्धित संकेत

C. अवांछित संकेत

D. डिजिटल संकेत

👉 उत्तर: C

17. किस संचार में शोर का प्रभाव कम होता है?

A. AM

B. एनालॉग

C. डिजिटल

D. तार संचार

👉 उत्तर: C

18. डिजिटल संचार में सूचना होती है—

A. निरंतर

B. तरंग रूप में

C. 0 और 1 के रूप में

D. ध्वनि रूप में

👉 उत्तर: C

19. एनालॉग संकेत होते हैं

A. विविक्त

B. असतत

C. निरंतर

D. बाइनरी

👉 उत्तर: C

20. FM की बैंडविड्थ AM से

A. कम

B. अधिक

C. समान

D. शून्य

👉 उत्तर: B

21. बैंडविड्थ का मात्रक क्या है?

A. मीटर

B. सेकंड

C. हर्ट्ज

D. जूल

👉 उत्तर: C

22. ट्रांसड्यूसर का कार्य है—

A. संकेत बढ़ाना

B. ऊर्जा रूपांतरण

C. संकेत भेजना

D. संकेत रोकना

👉 उत्तर: B

23. रेडियो प्रसारण में सामान्यतः प्रयोग होता है—

A. PM

B. AM/FM

C. डिजिटल

D. ऑप्टिकल

👉 उत्तर: B

24. मोबाइल संचार किस पर आधारित है?

A. एनालॉग

B. यांत्रिक

C. डिजिटल

D. ध्वनिक

👉 उत्तर: C

25. ऑस्सीलेटर का कार्य है—

A. DC उत्पन्न करना

B. AC उत्पन्न करना

C. वाहक तरंग उत्पन्न करना

D. शोर उत्पन्न करना

👉 उत्तर: C

26. संकेत को शक्तिशाली बनाने वाला यंत्र

A. ट्रांसड्यूसर

B. एंटीना

C. प्रवर्धक

D. डिटेक्टर

👉 उत्तर: C

27. रिसीवर का कार्य है

A. संकेत भेजना

B. सूचना ग्रहण करना

C. शोर उत्पन्न करना

D. मॉड्यूलेशन

👉 उत्तर: B

28. AM रेडियो में शोर अधिक क्यों होता है?

A. आवृत्ति परिवर्तन के कारण

B. आयाम परिवर्तन के कारण

C. कला परिवर्तन के कारण

D. माध्यम के कारण

👉 उत्तर: B

29. एंटीना का कार्य है—

A. ऊर्जा भंडारण

B. संकेत ग्रहण व प्रेषण

C. संकेत मॉड्यूलेशन

D. ध्वनि उत्पादन

👉 उत्तर: B

30. ऑप्टिकल फाइबर में संचार होता है—

A. विद्युत से

B. ध्वनि से

C. प्रकाश से

D. चुंबकत्व से

👉 उत्तर: C

31. संचार तंत्र का अंतिम भाग होता है—

A. प्रेषक

B. माध्यम

C. ग्राही

D. ऑस्सीलेटर

👉 उत्तर: C

32. सूचना स्रोत किससे जुड़ा होता है?

A. रिसीवर

B. ट्रांसमीटर

C. एंटीना

D. शोर

👉 उत्तर: B

33. वाहक तरंग की आवृत्ति सामान्यतः होती है—

A. 20 Hz

B. 50 Hz

C. 1 MHz

D. 1 kHz

👉 उत्तर: C

34. AM का पूर्ण रूप है—

A. Audio Modulation

B. Amplitude Modulation

C. Advanced Modulation

D. Analog Modulation

👉 उत्तर: B

35. FM का पूर्ण रूप है—

A. Frequency Modulation

B. Fast Modulation

C. Fixed Modulation

D. Free Modulation

👉 उत्तर: A

36. PM का पूर्ण रूप है—

A. Power Modulation

B. Phase Modulation

C. Pulse Modulation

D. Peak Modulation

👉 उत्तर: B

37. किसमें बैंडविड्थ सबसे अधिक होती है?

A. AM

B. FM

C. PM

D. DC

👉 उत्तर: B

38. डिजिटल संचार का प्रमुख लाभ है—

A. कम लागत

B. अधिक शोर

C. त्रुटि सुधार

D. अधिक ऊर्जा हानि

👉 उत्तर: C

39. टेलीविजन संचार का उदाहरण है—

A. केवल ऑडियो

B. केवल वीडियो

C. ऑडियो-वीडियो दोनों

D. यांत्रिक

👉 उत्तर: C

40. किस संचार में संकेत विविक्त होता है?

A. एनालॉग

B. AM

C. FM

D. डिजिटल

👉 उत्तर: D

41. शोर का प्रभाव किस पर पड़ता है?

A. आवृत्ति पर

B. सूचना गुणवत्ता पर

C. एंटीना पर

D. माध्यम पर

👉 उत्तर: B

42. संकेत-शोर अनुपात (S/N) अधिक होने पर—

A. गुणवत्ता खराब

B. गुणवत्ता अच्छी

C. संकेत समाप्त

D. शोर अधिक

👉 उत्तर: B

43. किस संचार में त्रुटि की संभावना अधिक होती है?

A. डिजिटल

B. ऑप्टिकल

C. एनालॉग

D. उपग्रह

👉 उत्तर: C

44. मोबाइल फोन किस तरंग का उपयोग करता है?

A. ध्वनि तरंग

B. यांत्रिक तरंग

C. रेडियो तरंग

D. जल तरंग

👉 उत्तर: C

45. संचार तंत्र का ब्लॉक आरेख किस अध्याय में है?

A. अर्धचालक

B. नाभिक

C. संचार तंत्र

D. प्रकाशिकी

👉 उत्तर: C

46. सूचना संकेत की आवृत्ति होती है

A. बहुत अधिक

B. मध्यम

C. बहुत कम

D. शून्य

👉 उत्तर: C

47. शोर को कम करने के लिए प्रयोग किया जाता है—

A. AM

B. FM

C. DC

D. यांत्रिक तरंग

👉 उत्तर: B

48. संचार तंत्र आधुनिक जीवन के लिए है—

A. अनावश्यक

B. सीमित

C. आवश्यक

D. अनुपयोगी

👉 उत्तर: C

49. इंटरनेट किस प्रकार का संचार है?

A. एनालॉग

B. डिजिटल

C. यांत्रिक

D. ध्वनिक

👉 उत्तर: B

50. संचार तंत्र का मुख्य उद्देश्य है

A. ऊर्जा नष्ट करना

B. सूचना रोकना

C. सूचना पहुँचाना

D. शोर उत्पन्न करना

👉 उत्तर: C

संचार तंत्र (Communication System) – भूमिका / Introduction

मानव सभ्यता के विकास में संचार तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्राचीन काल में लोग संकेतों, ढोल, धुएँ और दूतों के माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान करते थे, जबकि आज के आधुनिक युग में मोबाइल फोन, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट और उपग्रह संचार जैसे उन्नत साधनों के द्वारा सूचना कुछ ही क्षणों में विश्व के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुँच जाती है। यह सब संचार तंत्र की वैज्ञानिक प्रगति का ही परिणाम है।

संचार (Communication) का अर्थ है सूचना को एक स्रोत से दूसरे तक पहुँचाना। भौतिकी के इस अध्याय में हम यह अध्ययन करते हैं कि सूचना किस प्रकार विद्युत संकेतों में बदली जाती है, उन्हें किस माध्यम से भेजा जाता है और प्राप्तकर्ता द्वारा उन्हें पुनः मूल रूप में कैसे प्राप्त किया जाता है। संचार तंत्र आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स का एक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है, जिसमें ट्रांसड्यूसर, प्रेषक, संचार माध्यम और ग्राही जैसे आवश्यक घटक शामिल होते हैं।

इस अध्याय में मॉड्यूलेशन और डिमॉड्यूलेशन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का वर्णन किया गया है, जिनके बिना दूरसंचार संभव नहीं है। आयाम मॉड्यूलेशन (AM), आवृत्ति मॉड्यूलेशन (FM) और कला मॉड्यूलेशन (PM) संचार के प्रमुख प्रकार हैं। साथ ही, शोर (Noise), बैंडविड्थ और एनालॉग व डिजिटल संचार जैसी अवधारणाएँ भी इस अध्याय का महत्वपूर्ण भाग हैं।

आज का पूरा विश्व संचार तंत्र पर निर्भर है। शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, रक्षा और मनोरंजन—हर क्षेत्र में संचार तंत्र का व्यापक उपयोग हो रहा है। परीक्षा की दृष्टि से भी यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जुड़े प्रश्न अक्सर बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इसलिए संचार तंत्र का अध्ययन न केवल शैक्षणिक बल्कि व्यावहारिक दृष्टि से भी बहुत आवश्यक है।संचार तंत्र (Communication System) – भूमिका / Introduction

मानव सभ्यता के विकास में संचार तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्राचीन काल में लोग संकेतों, ढोल, धुएँ और दूतों के माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान करते थे, जबकि आज के आधुनिक युग में मोबाइल फोन, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट और उपग्रह संचार जैसे उन्नत साधनों के द्वारा सूचना कुछ ही क्षणों में विश्व के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुँच जाती है। यह सब संचार तंत्र की वैज्ञानिक प्रगति का ही परिणाम है।

संचार (Communication) का अर्थ है सूचना को एक स्रोत से दूसरे तक पहुँचाना। भौतिकी के इस अध्याय में हम यह अध्ययन करते हैं कि सूचना किस प्रकार विद्युत संकेतों में बदली जाती है, उन्हें किस माध्यम से भेजा जाता है और प्राप्तकर्ता द्वारा उन्हें पुनः मूल रूप में कैसे प्राप्त किया जाता है। संचार तंत्र आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स का एक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है, जिसमें ट्रांसड्यूसर, प्रेषक, संचार माध्यम और ग्राही जैसे आवश्यक घटक शामिल होते हैं।

इस अध्याय में मॉड्यूलेशन और डिमॉड्यूलेशन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का वर्णन किया गया है, जिनके बिना दूरसंचार संभव नहीं है। आयाम मॉड्यूलेशन (AM), आवृत्ति मॉड्यूलेशन (FM) और कला मॉड्यूलेशन (PM) संचार के प्रमुख प्रकार हैं। साथ ही, शोर (Noise), बैंडविड्थ और एनालॉग व डिजिटल संचार जैसी अवधारणाएँ भी इस अध्याय का महत्वपूर्ण भाग हैं।

आज का पूरा विश्व संचार तंत्र पर निर्भर है। शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, रक्षा और मनोरंजन—हर क्षेत्र में संचार तंत्र का व्यापक उपयोग हो रहा है। परीक्षा की दृष्टि से भी यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जुड़े प्रश्न अक्सर बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इसलिए संचार तंत्र का अध्ययन न केवल शैक्षणिक बल्कि व्यावहारिक दृष्टि से भी बहुत आवश्यक है।

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