नाभिक 12th Class science - full story

 नाभिक 12th Class science - full story   नाभिक

नाभिक 12th Class science - full story

(कक्षा 12 विज्ञान – Physics | Chapter: Nuclei)

Full Story / पूर्ण कहानी

भूमिका (Introduction)

नाभिक (Nucleus) परमाणु का वह केन्द्रीय भाग है जिसमें लगभग पूरा द्रव्यमान तथा धनात्मक आवेश केंद्रित रहता है। कक्षा 12वीं भौतिकी का यह अध्याय आधुनिक भौतिकी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, क्योंकि इसी अध्याय से हमें रेडियोधर्मिता, नाभिकीय ऊर्जा, नाभिकीय विखंडन (Fission) तथा संलयन (Fusion) जैसी अवधारणाएँ समझ में आती हैं। नाभिक का अध्ययन हमें परमाणु बम, नाभिकीय रिएक्टर और ऊर्जा उत्पादन की वैज्ञानिक नींव से परिचित कराता है।

1. नाभिक की संरचना (Structure of Nucleus)

नाभिक मुख्यतः दो कणों से मिलकर बना होता है—

  1. प्रोटॉन (Proton) – धनात्मक आवेश वाला कण
  2. न्यूट्रॉन (Neutron) – विद्युत रूप से उदासीन कण

इन दोनों को संयुक्त रूप से न्यूक्लियॉन (Nucleons) कहा जाता है।

  • परमाणु क्रमांक (Z) = प्रोटॉनों की संख्या
  • द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन

2. नाभिक का आकार (Size of Nucleus)

नाभिक का आकार अत्यंत छोटा होता है और यह द्रव्यमान संख्या पर निर्भर करता है।

जहाँ,

  • R0=1.3×1015R_0 = 1.3 \times 10^{-15} मीटर

  • AA = द्रव्यमान संख्या

👉 इससे स्पष्ट होता है कि नाभिक का आयतन द्रव्यमान संख्या के समानुपाती होता है।


3. नाभिकीय घनत्व (Nuclear Density)

ρ2.3×1017kg/m3\rho \approx 2.3 \times 10^{17} \, \text{kg/m}^3

नाभिकीय घनत्व लगभग सभी नाभिकों के लिए समान होता है।


यह अत्यंत अधिक होता है, जो नाभिक की सघनता को दर्शाता है।

4. द्रव्यमान दोष (Mass Defect)

नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान उसके अवयव प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों के कुल द्रव्यमान से कम होता है। इस अंतर को द्रव्यमान दोष कहते हैं।

Δm=(Zmp+Nmn)mnucleus

5. बंधन ऊर्जा (Binding Energy)

द्रव्यमान दोष के कारण उत्पन्न ऊर्जा को बंधन ऊर्जा कहते हैं।

E=Δmc2

👉 बंधन ऊर्जा जितनी अधिक होगी, नाभिक उतना ही स्थिर होगा।

6. प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा

यह नाभिक की स्थिरता का सबसे अच्छा माप है।

Binding Energy per nucleon=Total Binding EnergyA\text{Binding Energy per nucleon} = \frac{\text{Total Binding Energy}}{A}

  • लोहे (Fe-56) के लिए यह अधिकतम होती है।

7. रेडियोधर्मिता (Radioactivity)

कुछ नाभिक स्वतः ही अस्थिर होते हैं और ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं, इस प्रक्रिया को रेडियोधर्मिता कहते हैं।

रेडियोधर्मी विकिरण के प्रकार

  1. α-किरणें (Alpha rays) – हीलियम नाभिक
  2. β-किरणें (Beta rays) – इलेक्ट्रॉन/पॉज़िट्रॉन
  3. γ-किरणें (Gamma rays) – उच्च ऊर्जा विद्युत चुंबकीय तरंगें

8. रेडियोधर्मी क्षय नियम (Radioactive Decay Law)

जहाँ,

  • λ\lambda = क्षय स्थिरांक

अर्धायु (Half-life)

T1/2=0.693λT_{1/2} = \frac{0.693}{\lambda}

9. नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission)

भारी नाभिक (जैसे U-235) का टूटकर दो हल्के नाभिकों में बदल जाना नाभिकीय विखंडन कहलाता है।

  • अत्यधिक ऊर्जा मुक्त होती है
  • परमाणु रिएक्टर और परमाणु बम का आधार

10. नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion)

दो हल्के नाभिकों का मिलकर भारी नाभिक बनाना संलयन कहलाता है।

  • सूर्य और तारों में ऊर्जा का स्रोत
  • अत्यधिक उच्च तापमान आवश्यक

11. नाभिकीय ऊर्जा का उपयोग

  • विद्युत उत्पादन (Nuclear Power Plant)
  • चिकित्सा (Cancer therapy)
  • कृषि (Food preservation)
  • अनुसंधान एवं रक्षा

निष्कर्ष (Conclusion / Full Story Ending)

नाभिक अध्याय हमें पदार्थ की सबसे गहराई से समझ प्रदान करता है। नाभिक की संरचना, बंधन ऊर्जा, रेडियोधर्मिता, विखंडन और संलयन जैसी अवधारणाएँ न केवल परीक्षा की दृष्टि से बल्कि व्यावहारिक जीवन और वैज्ञानिक विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यह अध्याय आधुनिक भौतिकी की मजबूत नींव रखता है और भविष्य में उच्च अध्ययन का मार्ग प्रशस्त करता है।

नीचे नाभिक (Nuclei) – कक्षा 12 भौतिकी के लिए

प्रश्न-उत्तर, लघु/दीर्घ उत्तरीय प्रश्न तथा सारांश परीक्षा-उपयोगी भाषा में दिए जा रहे हैं।

नाभिक – सारांश (Summary)

नाभिक परमाणु का केंद्रीय भाग है जिसमें प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन उपस्थित होते हैं। प्रोटॉन की संख्या को परमाणु क्रमांक तथा प्रोटॉन-न्यूट्रॉन के योग को द्रव्यमान संख्या कहते हैं। नाभिक का आकार द्रव्यमान संख्या के घनमूल के समानुपाती होता है। नाभिकीय घनत्व लगभग स्थिर रहता है।

नाभिक के निर्माण में द्रव्यमान दोष उत्पन्न होता है, जो बंधन ऊर्जा के रूप में प्रकट होता है। प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा नाभिक की स्थिरता का माप है और यह लोहे के लिए अधिकतम होती है।

कुछ नाभिक अस्थिर होते हैं और स्वतः रेडियोधर्मी क्षय करते हैं। रेडियोधर्मिता α, β तथा γ किरणों के रूप में होती है। रेडियोधर्मी क्षय नियम, अर्धायु तथा औसत आयु इन प्रक्रियाओं को समझाते हैं।

नाभिकीय विखंडन में भारी नाभिक टूटकर हल्के नाभिक बनाते हैं, जबकि संलयन में हल्के नाभिक मिलकर भारी नाभिक बनाते हैं। इन्हीं प्रक्रियाओं से नाभिकीय ऊर्जा प्राप्त होती है।

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्रश्न 1. नाभिक क्या है?

उत्तर: परमाणु का वह केंद्रीय भाग जिसमें प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं, नाभिक कहलाता है।

प्रश्न 2. न्यूक्लियॉन किसे कहते हैं?

उत्तर: नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को संयुक्त रूप से न्यूक्लियॉन कहते हैं।

प्रश्न 3. परमाणु क्रमांक क्या दर्शाता है?

उत्तर: परमाणु क्रमांक नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या दर्शाता है।

प्रश्न 4. द्रव्यमान संख्या क्या है?

उत्तर: नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या द्रव्यमान संख्या कहलाती है।

प्रश्न 5. नाभिक का आकार किस पर निर्भर करता है?

उत्तर: नाभिक का आकार द्रव्यमान संख्या A1/3A^{1/3} पर निर्भर करता है।

प्रश्न 6. द्रव्यमान दोष क्या है?

उत्तर: नाभिक के अवयवों के कुल द्रव्यमान और वास्तविक नाभिकीय द्रव्यमान के अंतर को द्रव्यमान दोष कहते हैं।

प्रश्न 7. बंधन ऊर्जा क्या है?

उत्तर: नाभिक को उसके न्यूक्लियॉनों में पूर्णतः अलग करने के लिए आवश्यक ऊर्जा बंधन ऊर्जा कहलाती है।

प्रश्न 8. प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा का महत्व क्या है?

उत्तर: यह नाभिक की स्थिरता का माप है।

प्रश्न 9. रेडियोधर्मिता क्या है?

उत्तर: अस्थिर नाभिकों का स्वतः विकिरण उत्सर्जन रेडियोधर्मिता कहलाता है।

प्रश्न 10. α, β और γ किरणों में अंतर बताइए।

उत्तर:

  • α: हीलियम नाभिक
  • β: इलेक्ट्रॉन/पॉज़िट्रॉन
  • γ: उच्च ऊर्जा विद्युत चुंबकीय तरंगें

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

प्रश्न 1. नाभिक की संरचना और उसके प्रमुख गुणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

नाभिक प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बना होता है जिन्हें न्यूक्लियॉन कहते हैं। नाभिक में धनात्मक आवेश प्रोटॉनों के कारण होता है। नाभिक का लगभग पूरा द्रव्यमान इसमें केंद्रित रहता है। नाभिक का आकार बहुत छोटा होता है और द्रव्यमान संख्या पर निर्भर करता है। नाभिकीय घनत्व लगभग स्थिर होता है, जो इसकी सघन संरचना को दर्शाता है।

प्रश्न 2. द्रव्यमान दोष एवं बंधन ऊर्जा को समझाइए।

उत्तर:

जब न्यूक्लियॉन मिलकर नाभिक बनाते हैं तो कुल द्रव्यमान कुछ कम हो जाता है, जिसे द्रव्यमान दोष कहते हैं। यह द्रव्यमान ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है। इसी ऊर्जा को बंधन ऊर्जा कहते हैं। बंधन ऊर्जा नाभिक की स्थिरता को दर्शाती है।

प्रश्न 3. रेडियोधर्मिता क्या है? इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

रेडियोधर्मिता अस्थिर नाभिकों की वह प्रक्रिया है जिसमें वे स्वतः ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं।

इसके तीन प्रकार हैं—

  1. α-क्षय: भारी नाभिकों से α-कण निकलते हैं।
  2. β-क्षय: नाभिक से इलेक्ट्रॉन या पॉज़िट्रॉन निकलता है।
  3. γ-क्षय: नाभिक से उच्च ऊर्जा γ-किरणें निकलती हैं।

प्रश्न 4. नाभिकीय विखंडन और संलयन में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

नाभिकीय विखंडन में भारी नाभिक टूटकर दो या अधिक हल्के नाभिक बनाते हैं और ऊर्जा निकलती है। नाभिकीय संलयन में दो हल्के नाभिक मिलकर एक भारी नाभिक बनाते हैं और अधिक ऊर्जा निकलती है। विखंडन परमाणु रिएक्टर में तथा संलयन सूर्य में होता है।

नीचे नाभिक (Nuclei) – कक्षा 12 भौतिकी के लिए

MCQ, एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न तथा प्रश्न–उत्तर परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए जा रहे हैं।

A. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

1. नाभिक का आवेश किसके कारण होता है?

A. न्यूट्रॉन

B. इलेक्ट्रॉन

C. प्रोटॉन

D. न्यूक्लियॉन

उत्तर: C. प्रोटॉन

2. नाभिक का लगभग पूरा द्रव्यमान किसमें केंद्रित रहता है?

A. इलेक्ट्रॉन

B. नाभिक

C. कक्षा

D. परमाणु आयतन

उत्तर: B. नाभिक

3. नाभिक के आकार का सूत्र है—

A. RAR \propto A
B. RA2/3R \propto A^{2/3}
C. RA1/3R \propto A^{1/3}
D. R1/AR \propto 1/A
उत्तर: C

4. न्यूक्लियॉन शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता है?

A. केवल प्रोटॉन

B. केवल न्यूट्रॉन

C. प्रोटॉन और न्यूट्रॉन

D. इलेक्ट्रॉन

उत्तर: C

5. नाभिकीय घनत्व होता है—

A. अत्यंत कम

B. स्थिर

C. शून्य

D. परिवर्ती

उत्तर: B

6. द्रव्यमान दोष का कारण है—

A. न्यूट्रॉन की कमी

B. बंधन ऊर्जा

C. इलेक्ट्रॉन की उपस्थिति

D. कक्षीय ऊर्जा

उत्तर: B

7. बंधन ऊर्जा का सूत्र है—

A. E=mcE = mc
B. E=m/c2E = m/c^2
C. E=mc2E = mc^2
D. E=m2cE = m^2c
उत्तर: C

8. सबसे अधिक प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा किसके लिए होती है?

A. यूरेनियम

B. हाइड्रोजन

C. लोहा

D. हीलियम

उत्तर: C

9. α-कण वास्तव में क्या होता है?

A. इलेक्ट्रॉन

B. प्रोटॉन

C. हीलियम नाभिक

D. फोटॉन

उत्तर: C

10. γ-किरणें होती हैं—

A. आवेशित कण

B. तटस्थ कण

C. विद्युत चुंबकीय तरंगें

D. न्यूट्रॉन

उत्तर: C

B. एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न

1. नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या कहलाती है—

उत्तर: परमाणु क्रमांक

2. प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का सामूहिक नाम क्या है?

उत्तर: न्यूक्लियॉन

3. नाभिक में प्रोटॉन व न्यूट्रॉन की कुल संख्या—

उत्तर: द्रव्यमान संख्या

4. नाभिकीय द्रव्यमान में कमी को क्या कहते हैं?

उत्तर: द्रव्यमान दोष

5. नाभिक को तोड़ने के लिए आवश्यक ऊर्जा—

उत्तर: बंधन ऊर्जा

6. अस्थिर नाभिक का स्वतः क्षय—

उत्तर: रेडियोधर्मिता

7. रेडियोधर्मी क्षय की दर को कहते हैं—

उत्तर: क्षय स्थिरांक

8. रेडियोधर्मी पदार्थ की आधी मात्रा के क्षय का समय—

उत्तर: अर्धायु

9. भारी नाभिक का टूटना कहलाता है—

उत्तर: नाभिकीय विखंडन

10. हल्के नाभिकों का मिलना कहलाता है—

उत्तर: नाभिकीय संलयन

C. प्रश्न–उत्तर (Very Short Q&A)

प्रश्न 1. नाभिक की खोज किसने की?

उत्तर: रदरफोर्ड ने।

प्रश्न 2. नाभिक का आकार कितना होता है?

उत्तर:   लगभग 101510^{-15} मीटर।

प्रश्न 3. नाभिक का घनत्व कैसा होता है?

उत्तर: अत्यंत अधिक और लगभग स्थिर।

प्रश्न 4. कौन-सी किरण सबसे अधिक भेदन शक्ति रखती है?

उत्तर: γ-किरण।

प्रश्न 5. परमाणु रिएक्टर किस सिद्धांत पर कार्य करता है?

उत्तर: नाभिकीय विखंडन।

प्रश्न 6. सूर्य में ऊर्जा का स्रोत क्या है?

उत्तर: नाभिकीय संलयन।

प्रश्न 7. β-किरणें किससे बनी होती हैं?

उत्तर: इलेक्ट्रॉन या पॉज़िट्रॉन।

प्रश्न 8. α-किरणों का आवेश कितना होता है?

उत्तर: +2e।

प्रश्न 9. सबसे स्थिर नाभिक किस क्षत्र में पाए जाते हैं?

उत्तर: मध्यम द्रव्यमान संख्या वाले।

प्रश्न 10. नाभिकीय ऊर्जा का SI मात्रक क्या है?

उत्तर: जूल (Joule)।

नीचे नाभिक (Nuclei) – कक्षा 12 भौतिकी के लिए

50 महत्वपूर्ण Objective Questions (MCQ) दिए जा रहे हैं, जो बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी हैं।

नाभिक – 50 Important Objective Questions (MCQ)

1. नाभिक का धनात्मक आवेश किसके कारण होता है?

A. न्यूट्रॉन

B. इलेक्ट्रॉन

C. प्रोटॉन

D. न्यूक्लियॉन

उत्तर: C

2. नाभिक में उपस्थित कुल कणों को क्या कहते हैं?

A. इलेक्ट्रॉन

B. आयन

C. न्यूक्लियॉन

D. फोटॉन

उत्तर: C

3. परमाणु क्रमांक क्या दर्शाता है?

A. न्यूट्रॉन संख्या

B. इलेक्ट्रॉन संख्या

C. प्रोटॉन संख्या

D. द्रव्यमान

उत्तर: C

4. द्रव्यमान संख्या होती है—

A. प्रोटॉन + इलेक्ट्रॉन

B. न्यूट्रॉन + इलेक्ट्रॉन

C. प्रोटॉन + न्यूट्रॉन

D. केवल न्यूट्रॉन

उत्तर: C

5. नाभिक का आकार किस पर निर्भर करता है?

A. परमाणु क्रमांक

B. द्रव्यमान संख्या

C. तापमान

D. आवेश

उत्तर: B

6. नाभिक के आकार का सूत्र है—

A. R=R0AR = R_0 A
B. R=R0A1/2R = R_0 A^{1/2}
C. R=R0A1/3R = R_0 A^{1/3}
D. R=R0/AR = R_0 / A
उत्तर: C

7. नाभिकीय घनत्व होता है—

A. बहुत कम

B. बहुत अधिक

C. शून्य

D. परिवर्ती

उत्तर: B

8. नाभिकीय घनत्व लगभग होता है—

A. 10510^5 kg/m³
B. 101010^{10} kg/m³
C. 101710^{17} kg/m³
D. 102510^{25} kg/m³
उत्तर: C

9. द्रव्यमान दोष किस कारण होता है?

A. न्यूट्रॉन ह्रास

B. बंधन ऊर्जा

C. इलेक्ट्रॉन क्षय

D. ताप

उत्तर: B

10. बंधन ऊर्जा का सूत्र है

A. E=mcE = mc
B. E=m/c2E = m/c^2
C. E=mc2E = mc^2
D. E=m2cE = m^2c
उत्तर: C

11. प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा का अधिकतम मान किसके लिए होता है?

A. यूरेनियम

B. हाइड्रोजन

C. लोहा

D. हीलियम

उत्तर: C

12. नाभिक की स्थिरता किस पर निर्भर करती है?

A. परमाणु आयतन

B. प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा

C. तापमान

D. दाब

उत्तर: B

13. रेडियोधर्मिता की खोज किसने की?

A. रदरफोर्ड

B. मैडम क्यूरी

C. बेकरेल

D. बोहर

उत्तर: C

14. रेडियोधर्मी क्षय होता है

A. कृत्रिम

B. स्वतः

C. बाह्य ऊर्जा से

D. चुंबकीय क्षेत्र से

उत्तर: B

15. α-किरणें होती हैं—

A. इलेक्ट्रॉन

B. प्रोटॉन

C. हीलियम नाभिक

D. न्यूट्रॉन

उत्तर: C

16. β-किरणें होती हैं—

A. फोटॉन

B. न्यूट्रॉन

C. इलेक्ट्रॉन/पॉज़िट्रॉन

D. हीलियम

उत्तर: C

17. γ-किरणें होती हैं

A. आवेशित कण

B. तटस्थ कण

C. विद्युत चुंबकीय तरंगें

D. न्यूट्रॉन

उत्तर: C

18. सबसे अधिक भेदन शक्ति किसकी होती है?

A. α

B. β

C. γ

D. सभी समान

उत्तर: C

19. α-कण का आवेश होता है—

A. +1e

B. +2e

C. –1e

D. 0

उत्तर: B

20. α-कण का द्रव्यमान लगभग होता है

A. 1 amu

B. 2 amu

C. 4 amu

D. 0

उत्तर: C

21. रेडियोधर्मी क्षय का नियम है—

A. N=N0+λtN = N_0 + \lambda t
B. N=N0eλtN = N_0 e^{-\lambda t}
C. N=N0tN = N_0 t
D. N=λN0N = \lambda N_0
उत्तर: B

22. क्षय स्थिरांक का SI मात्रक है—

A. सेकंड

B. सेकंड⁻¹

C. जूल

D. मीटर

उत्तर: B

23. अर्धायु का सूत्र है—

A. 1/λ1/\lambda
B. 0.693λ0.693\lambda
C. 0.693/λ0.693/\lambda
D. 2/λ2/\lambda
उत्तर: C

24. औसत आयु का सूत्र है—

A. 1/λ1/\lambda
B. 0.693/λ0.693/\lambda
C. 2/λ2/\lambda
D. λ\lambda
उत्तर: A

25. नाभिकीय विखंडन होता है—

A. हल्के नाभिकों में

B. भारी नाभिकों में

C. सभी नाभिकों में

D. केवल स्थिर नाभिकों में

उत्तर: B

26. नाभिकीय संलयन होता है—

A. भारी नाभिकों में

B. हल्के नाभिकों में

C. केवल यूरेनियम में

D. केवल प्लूटोनियम में

उत्तर: B

27. सूर्य में ऊर्जा का स्रोत है—

A. विखंडन

B. संलयन

C. रेडियोधर्मिता

D. दहन

उत्तर: B

28. परमाणु रिएक्टर आधारित होता है—

A. संलयन पर

B. विखंडन पर

C. दहन पर

D. आयनीकरण पर

उत्तर: B

29. नियंत्रित नाभिकीय अभिक्रिया होती है—

A. परमाणु बम में

B. हाइड्रोजन बम में

C. नाभिकीय रिएक्टर में

D. सूर्य में

उत्तर: C

30. अनियंत्रित नाभिकीय अभिक्रिया होती है—

A. रिएक्टर में

B. परमाणु बम में

C. बिजलीघर में

D. प्रयोगशाला में

उत्तर: B

31. न्यूट्रॉन का आवेश होता है—

A. +1e

B. –1e

C. 0

D. +2e

उत्तर: C

32. नाभिक का अधिकांश द्रव्यमान किससे बनता है?

A. इलेक्ट्रॉन

B. प्रोटॉन और न्यूट्रॉन

C. फोटॉन

D. आयन

उत्तर: B

33. नाभिक की खोज किसने की?

A. बोहर

B. थॉमसन

C. रदरफोर्ड

D. चाडविक

उत्तर: C

34. न्यूट्रॉन की खोज किसने की?

A. रदरफोर्ड

B. चाडविक

C. बेकरेल

D. क्यूरी

उत्तर: B

35. नाभिकीय ऊर्जा का SI मात्रक है—

A. इलेक्ट्रॉन वोल्ट

B. कैलोरी

C. जूल

D. अर्ग

उत्तर: C

36. α-किरणों की भेदन शक्ति होती है—

A. सबसे अधिक

B. मध्यम

C. सबसे कम

D. शून्य

उत्तर: C

37. β-किरणों की भेदन शक्ति होती है—

A. α से कम

B. γ से अधिक

C. α से अधिक, γ से कम

D. सभी से कम

उत्तर: C

38. γ-किरणों को रोकने के लिए प्रयोग किया जाता है—

A. कागज

B. लकड़ी

C. एल्यूमिनियम

D. मोटी सीसा शीट

उत्तर: D

39. α-किरणों को रोका जा सकता है

A. लोहे से

B. कागज से

C. सीसा से

D. काँच से

उत्तर: B

40. β-किरणों को रोका जाता है—

A. कागज से

B. लकड़ी से

C. पतली एल्यूमिनियम शीट से

D. हवा से

उत्तर: C

41. नाभिकीय संलयन के लिए आवश्यक है—

A. निम्न ताप

B. उच्च ताप

C. उच्च दाब नहीं

D. सामान्य स्थिति

उत्तर: B

42. हाइड्रोजन बम आधारित होता है—

A. विखंडन

B. संलयन

C. रेडियोधर्मिता

D. दहन

उत्तर: B

43. नाभिकीय विखंडन में कितनी ऊर्जा निकलती है?

A. बहुत कम

B. शून्य

C. अत्यधिक

D. अनिश्चित

उत्तर: C

44. प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा का ग्राफ दर्शाता है—

A. नाभिकीय घनत्व

B. नाभिकीय स्थिरता

C. परमाणु क्रमांक

D. ताप प्रभाव

उत्तर: B

45. किस नाभिक के लिए विखंडन आसान होता है?

A. हल्का

B. मध्यम

C. भारी

D. स्थिर

उत्तर: C

46. नाभिकीय रिएक्टर में मॉडरेटर का कार्य है—

A. न्यूट्रॉन की गति बढ़ाना

B. न्यूट्रॉन की गति कम करना

C. ऊर्जा सोखना

D. ताप बढ़ाना

उत्तर: B

47. नाभिकीय रिएक्टर में ईंधन होता है—

A. कोयला

B. यूरेनियम

C. पेट्रोल

D. हाइड्रोजन

त्तर: B

48. रेडियोधर्मी क्षय पर ताप का प्रभाव होता है—

A. बहुत अधिक

B. पूर्णतः

C. नहीं के बराबर

D. अनिश्चित

उत्तर: C

49. रेडियोधर्मी क्षय पर दाब का प्रभाव होता है—

A. होता है

B. नहीं होता

C. बहुत अधिक होता है

D. आंशिक होता है

उत्तर: B

50. नाभिकीय अभिक्रियाओं में द्रव्यमान का रूपांतरण होता है—

A. पदार्थ में

B. ऊर्जा में

C. ताप में

D. आयतन में

उत्तर: B

नाभिक (Nuclei) – कक्षा 12 भौतिकी : Outro / उपसंहार

इस अध्याय “नाभिक” के अध्ययन से हमें यह स्पष्ट रूप से समझ में आता है कि पदार्थ की वास्तविक शक्ति उसके सूक्ष्मतम स्तर पर निहित होती है। नाभिक की संरचना, उसके आकार, नाभिकीय घनत्व, द्रव्यमान दोष तथा बंधन ऊर्जा जैसी अवधारणाएँ यह दर्शाती हैं कि किस प्रकार अत्यंत छोटे नाभिक में अपार ऊर्जा संचित रहती है। प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा के माध्यम से हम नाभिक की स्थिरता को समझ पाते हैं, जो इस अध्याय का एक अत्यंत महत्वपूर्ण निष्कर्ष है।

रेडियोधर्मिता का अध्ययन हमें यह सिखाता है कि कुछ नाभिक स्वाभाविक रूप से अस्थिर होते हैं और वे α, β तथा γ किरणों के रूप में ऊर्जा का उत्सर्जन करते हैं। रेडियोधर्मी क्षय नियम, अर्धायु और औसत आयु जैसी संकल्पनाएँ न केवल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि चिकित्सा, उद्योग और अनुसंधान के क्षेत्र में भी अत्यंत उपयोगी हैं।

नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन इस अध्याय के सबसे प्रभावशाली भाग हैं। विखंडन के माध्यम से जहाँ परमाणु रिएक्टरों में नियंत्रित ऊर्जा उत्पन्न की जाती है, वहीं संलयन सूर्य और तारों में ऊर्जा का मूल स्रोत है। यह अध्याय हमें यह भी सिखाता है कि नाभिकीय ऊर्जा का उपयोग मानव कल्याण के लिए किया जा सकता है, बशर्ते इसका प्रयोग सावधानी और जिम्मेदारी के साथ हो।

अतः कहा जा सकता है कि नाभिक अध्याय कक्षा 12 भौतिकी का एक आधारभूत और अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। यह न केवल बोर्ड परीक्षा की तैयारी में सहायक है, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करता है और आधुनिक भौतिकी की गहरी समझ प्रदान करता है। इस अध्याय की अच्छी समझ भविष्य में उच्च अध्ययन और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एक मजबूत नींव सिद्ध होती है।

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