सत्ता की साझेदारी से आप क्या समझते हैं class 10th?

 सत्ता की साझेदारी से आप क्या समझते हैं class 10th?

सत्ता की साझेदारी से आप क्या समझते हैं class 10th?

यहाँ 10th Class Social Science – सत्ता-साझेदारी (Power Sharing) पूरा अध्याय (Full Story / Summary in Hindi) सरल व आसान भाषा में दिया गया है:

सत्ता-साझेदारी – पूरा अध्याय (Full Story / Summary in Hindi)

NCERT Class 10 Civics Chapter 1

भूमिका (Introduction)

लोकतंत्र का सबसे मूलभूत सिद्धांत है—सत्ता किसी एक व्यक्ति, एक समूह या एक ही समुदाय के हाथ में केंद्रित नहीं होनी चाहिए। सत्ता का बँटना (Power Sharing) ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इससे समाज में शांति, समानता, स्थिरता और लोगों का भरोसा बनता है। 10वीं कक्षा के इस अध्याय में हम समझते हैं कि सत्ता-साझेदारी क्यों आवश्यक है, इसके क्या प्रकार हैं, और विभिन्न देशों ने इसे कैसे अपनाया है।

1. बेल्जियम और श्रीलंका की कहानी

अध्याय दो देशों के अनुभव से शुरू होता है—बेल्जियम और श्रीलंका।

(A) बेल्जियम में सत्ता-साझेदारी

बेल्जियम एक ऐसा देश है जिसमें भाषाई विविधता बहुत ज्यादा है—

  • 59% लोग डच (Dutch) बोलते हैं
  • 40% लोग फ्रेंच (French) बोलते हैं
  • 1% लोग जर्मन (German) बोलते हैं

ब्रसेल्स (राजधानी) में उल्टा स्थिति है—

  • 80% फ्रेंचभाषी
  • 20% डचभाषी

इस विविधता के चलते संघर्ष की आशंका थी, इसलिए बेल्जियम ने एक विशेष व्यवस्था बनाई:

बेल्जियम की सत्ता-साझेदारी व्यवस्था:

केंद्रीय सरकार में दोनों समुदायों को समान प्रतिनिधित्व

राज्य सरकारों को अधिक शक्तियाँ

समुदाय सरकारें, जो भाषा और शिक्षा जैसे मामलों को संभालती हैं

ब्रसेल्स सरकार में दोनों समुदायों को बराबर प्रतिनिधित्व

परिणाम:

देश में शांति बनी रही और सत्ता-साझेदारी की वजह से संघर्ष टल गया।

(B) श्रीलंका में सत्ता-केंद्रित शासन

श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहली (Sinhalese) समुदाय ने अपनी भाषा और धर्म को थोपकर अल्पसंख्यक तमिलों के साथ भेदभाव किया।

  • सिंहली 74%
  • तमिल 18%

सिंहली-प्रधान नीतियाँ:

  • 1956 में सिंहला मात्र भाषा बनाई
  • तमिलों को सरकारी नौकरियों में भेदभाव
  • शिक्षा और राजनीति में भी असमानता

परिणाम:

  • तमिलों में असंतोष
  • संघर्ष और हिंसा
  • आंतरिक युद्ध (Civil War)

निष्कर्ष:

जहाँ बेल्जियम ने सत्ता बाँटी और शांति पाई, वहीं श्रीलंका ने सत्ता केंद्रित रखी और संघर्ष झेला।

2. सत्ता-साझेदारी क्यों जरूरी है?

(A) व्यावहारिक (Prudential) कारण

  • संघर्ष से बचाव
  • स्थिरता
  • अल्पसंख्यक समुदायों का विश्वास बनाए रखना

(B) नैतिक (Moral) कारण

  • सत्ता-साझेदारी लोकतंत्र का मूलभाव
  • हर नागरिक सहभागिता का हकदार
  • किसी एक समूह द्वारा सत्ता का दुरुपयोग नहीं होता

3. सत्ता-साझेदारी के विभिन्न रूप (Forms of Power Sharing)

(1) बहुस्तरीय सरकार (Horizontal Power Sharing)

  • विधायिका (Legislature)
  • कार्यपालिका (Executive)
  • न्यायपालिका (Judiciary)

ये एक-दूसरे पर नज़र रखते हैं (Checks and Balances)।

(2) ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी (Vertical Power Sharing)

  • केंद्र → राज्य → स्थानीय सरकार
  • या पंचायत, नगरपालिकाएँ, आदि

(3) सामाजिक समुदायों के बीच सत्ता-साझेदारी

भाषाई, धार्मिक और जातीय समूहों को प्रतिनिधित्व देना, जैसे—

  • भारतीय संविधान में आरक्षण
  • बेल्जियम की समुदाय सरकारें

(4) राजनीतिक दलों और गठबंधन के बीच सत्ता-साझेदारी

भारत में गठबंधन सरकारें (Coalition Governments) इसका उदाहरण हैं।

(5) दबाव समूहों और हित समूहों के साथ सत्ता-साझेदारी

ट्रेड यूनियन, किसान संगठन, औद्योगिक संघ आदि सरकार पर नीतियों को प्रभावित करते हैं।

अध्याय का मुख्य सार (Gist of Chapter)

  • सत्ता का बँटवारा लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
  • बेल्जियम—सत्ता बाँटी और शांति बनी।
  • श्रीलंका—सत्ता केंद्रित रखी, परिणामस्वरूप संघर्ष बढ़ा।
  • सत्ता-साझेदारी के व्यावहारिक और नैतिक दोनों कारण हैं।
  • सत्ता-साझेदारी कई रूपों में होती है—क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर, सामाजिक, राजनीतिक व दबाव समूहों के रूप में।

नीचे 10th Class Social Science – सत्ता-साझेदारी (Power Sharing) अध्याय के

✔ सारांश

✔ प्रश्न-उत्तर

✔ लघु/दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

पूरी तरह सरल भाषा में दिए जा रहे हैं।

⭐ अध्याय का सारांश (Summary of Power Sharing in Hindi)

सत्ता-साझेदारी लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है। इसका अर्थ है कि देश में सत्ता किसी एक व्यक्ति, समुदाय, धर्म या समूह के हाथ में केन्द्रित न होकर विभिन्न स्तरों पर बाँटी जाती है। बेल्जियम और श्रीलंका के उदाहरणों से यह अध्याय बताता है कि सत्ता-साझेदारी कैसे शांति और स्थिरता लाती है, और सत्ता-केंद्रित शासन किस तरह संघर्ष पैदा करता है।

बेल्जियम में डच और फ्रेंच भाषा-समुदायों के बीच तनाव था। सरकार ने सत्ता को बाँटने की अनोखी व्यवस्था बनाई जिसमें—

  • केंद्रीय सरकार में दोनों का समान प्रतिनिधित्व,
  • राज्य सरकारों को अधिक शक्तियाँ,
  • भाषा-समुदायों की अलग सरकारें,
  • और ब्रसेल्स में समान प्रतिनिधित्व की नीति लागू की।

इससे देश में शांति बनी रही।

श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहली समुदाय ने तमिलों पर अपनी भाषा व धर्म थोपे और शासन में उनका प्रतिनिधित्व कम किया। परिणामस्वरूप हिंसा, असंतोष और लम्बा गृहयुद्ध हुआ।

अध्याय निष्कर्ष देता है कि सत्ता-साझेदारी के दो मुख्य कारण हैं—

  • व्यावहारिक कारण (Prudential Reasons): संघर्ष रोकना और स्थिरता बनाए रखना।
  • नैतिक कारण (Moral Reasons): लोकतंत्र में सभी को सत्ता में भागीदारी का अधिकार।

सत्ता-साझेदारी कई रूपों में होती है—

  • क्षैतिज (Legislature, Executive, Judiciary)
  • ऊर्ध्वाधर (केंद्र, राज्य, स्थानीय सरकार)
  • सामाजिक समूहों के बीच
  • राजनीतिक दलों और गठबंधन के बीच
  • दबाव व हित समूहों के बीच

⭐ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Important Questions & Answers)

प्र.1: सत्ता-साझेदारी क्या है?

उत्तर: सत्ता-साझेदारी वह व्यवस्था है जिसमें देश की शक्ति को विभिन्न अंगों, स्तरों और समूहों में बाँटा जाता है, ताकि किसी एक समूह के हाथ में सारी शक्ति केंद्रित न हो।

प्र.2: बेल्जियम में सत्ता-साझेदारी की क्या विशेषताएँ हैं?

उत्तर:

  • केंद्रीय सरकार में दोनों भाषा-समुदायों का समान प्रतिनिधित्व।
  • राज्य सरकारों को अधिक अधिकार।
  • समुदाय सरकारें (Community Governments)।
  • ब्रसेल्स में दोनों समुदायों का बराबर प्रतिनिधित्व।

प्र.3: श्रीलंका में तमिलों के साथ किस प्रकार भेदभाव किया गया?

उत्तर:

  • सिंहला भाषा को सरकारी भाषा घोषित किया गया।
  • सरकारी नौकरियों व शिक्षा में सिंहली समुदाय को प्राथमिकता मिली।
  • बौद्ध धर्म को विशेष संरक्षण मिला।
  • इन कारणों से तमिलों में असंतोष बढ़ा।

प्र.4: बेल्जियम और श्रीलंका के उदाहरण से क्या सीख मिलती है?

उत्तर: सत्ता बाँटने से शांति और स्थिरता मिलती है। लेकिन सत्ता को केंद्रित करने से संघर्ष, असंतोष और हिंसा बढ़ती है।

प्र.5: सत्ता-साझेदारी के नैतिक कारण क्या हैं?

उत्तर: लोकतंत्र में हर नागरिक को निर्णय-निर्माण में भागीदारी का अधिकार है। सत्ता-साझेदारी समानता, न्याय और नागरिक अधिकारों की रक्षा करती है।

प्र.6: क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी में अंतर लिखिए।

उत्तर:

क्षैतिज: सरकार के अलग-अलग अंगों—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका—के बीच।

ऊर्ध्वाधर: सरकार के विभिन्न स्तरों—केंद्र, राज्य, स्थानीय सरकार—के बीच।

प्र.7: गठबंधन सरकार (Coalition Government) क्या है?

उत्तर: जब कोई भी राजनीतिक दल बहुमत न प्राप्त करे और कई दल मिलकर सरकार बनाएँ, तो उसे गठबंधन सरकार कहते हैं। यह भी सत्ता-साझेदारी का एक रूप है।

⭐ लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्र.8: समुदाय सरकार (Community Government) क्या है?

उत्तर: बेल्जियम में भाषा, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए समुदाय सरकार बनाई गई थी, जिसमें डच, फ्रेंच और जर्मन भाषी लोग शामिल थे।

प्र.9: 'चेक्स एंड बैलेंसेज' क्या है?

उत्तर: जब सरकार के तीन अंग—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—एक-दूसरे पर नियंत्रण और संतुलन बनाए रखते हैं, तो इसे चेक्स एंड बैलेंसेज कहते हैं।

प्र.10: श्रीलंका में संघर्ष के मुख्य कारण क्या थे?उत्तर: भाषा विवाद, शिक्षा-नौकरी में भेदभाव, सिंहली-प्रधान नीतियाँ और तमिलों को बराबरी न देना मुख्य कारण थे।

⭐ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

प्र.11: बेल्जियम मॉडल की विस्तृत व्याख्या कीजिए।

उत्तर (बिंदुवार):

  • बेल्जियम में भाषा-विविधता बहुत अधिक थी, इसलिए संघर्ष की आशंका थी।
  • 1970–1993 के बीच कई संवैधानिक संशोधन कर विशेष व्यवस्था बनाई गई।
  • केंद्रीय सरकार में दोनों समुदायों का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया।
  • अनेक अधिकार राज्य सरकारों को दिए गए, जिससे स्थानीय मुद्दों पर वे स्वयं निर्णय ले सकें।
  • समुदाय सरकारों को भाषा, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने का अधिकार मिला।
  • ब्रसेल्स (राजधानी) में दोनों समुदायों के बीच समान प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया।

निष्कर्ष: इस मॉडल ने जनसंख्या विविधता के बावजूद राजनीतिक स्थिरता और शांति बनाए रखी।

प्र.12: सत्ता-साझेदारी क्यों आवश्यक है? व्यावहारिक और नैतिक कारण समझाइए।

उत्तर:

(A) व्यावहारिक कारण:

  • बड़े संघर्षों और हिंसा से बचाव।
  • विविध समूहों में विश्वास-निर्माण।

सरकार की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना।

(B) नैतिक कारण:

  • लोकतंत्र का मूलसिद्धांत है कि शक्ति सभी में बाँटी जाए।
  • नागरिकों का अधिकार है कि वे शासन में भाग लें।
  • समानता और न्याय की भावना को बढ़ावा मिलता है।

नीचे 10th Class Social Science – सत्ता-साझेदारी (Power Sharing) अध्याय के

✔ MCQ (बहुविकल्पी प्रश्न)

✔ एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न

✔ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

पूरी तरह सरल व परीक्षा-उपयोगी भाषा में दिए जा रहे हैं।

⭐ 1. MCQ (बहुविकल्पी प्रश्न)

1. बेल्जियम की राजधानी है—

A. एथेंस

B. ब्रसेल्स

C. पेरिस

D. एम्स्टर्डम

✔ उत्तर: B

2. बेल्जियम में कितने प्रतिशत लोग डच भाषा बोलते हैं?

A. 40%

B. 59%

C. 74%

D. 18%

✔ उत्तर: B

3. श्रीलंका में बहुसंख्यक समुदाय कौन सा है?

A. तमिल

B. मुस्लिम

C. सिंहली

D. डच

✔ उत्तर: C

4. सिंहला भाषा को आधिकारिक भाषा कब बनाया गया?

A. 1948

B. 1956

C. 1970

D. 1990

✔ उत्तर: B

5. बेल्जियम ने सत्ता-साझेदारी क्यों अपनाई?

A. संसाधन बढ़ाने के लिए

B. संघर्ष रोकने के लिए

C. कर-उगाही बढ़ाने के लिए

D. विदेशी संबंधों के लिए

✔ उत्तर: B

6. सत्ता-साझेदारी का कौन-सा रूप ‘केंद्र, राज्य और स्थानीय’ सरकारों के बीच होता है?

A. क्षैतिज

B. ऊर्ध्वाधर

C. सामाजिक

D. गठबंधन

✔ उत्तर: B

7. चेक्स एंड बैलेंसेज किसका उदाहरण है?

A. क्षैतिज सत्ता-साझेदारी

B. ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी

C. सामाजिक समूहों में साझेदारी

D. पार्टी आधारित साझेदारी

✔ उत्तर: A

8. श्रीलंका में तमिल कुल जनसंख्या का कितना प्रतिशत हैं?

A. 10%

B. 18%

C. 25%

D. 40%

✔ उत्तर: B

9. गठबंधन सरकार किसका उदाहरण है?

A. सामाजिक सत्ता-साझेदारी

B. राजनीतिक सत्ता-साझेदारी

C. ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी

D. न्यायिक सत्ता-साझेदारी

✔ उत्तर: B

10. बेल्जियम में किस प्रकार की सरकारें विशेष रूप से बनाई गईं?

A. पंचायत

B. समुदाय सरकार

C. नगर सरकार

D. मंडल सरकार

✔ उत्तर: B

⭐ 2. एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न

1. सत्ता-साझेदारी (Power Sharing):

किसी देश में सत्ता को विभिन्न स्तरों, संस्थाओं और समूहों के बीच बाँटने की व्यवस्था।

2. चेक्स एंड बैलेंसेज:

सरकार के तीन अंगों द्वारा एक-दूसरे को नियंत्रित और संतुलित करने की प्रणाली।

3. ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी:

केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों के बीच सत्ता का बँटवारा।

4. क्षैतिज सत्ता-साझेदारी:

विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति का विभाजन।

5. समुदाय सरकार (Community Government):

बेल्जियम में भाषा, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने वाली अलग सरकार।

6. गठबंधन सरकार:

जब कई राजनीतिक दल मिलकर सरकार बनाते हैं।

7. व्यावहारिक कारण (Prudential Reasons):

सत्ता-साझेदारी अपनाने के वे कारण जिनसे संघर्ष टलता है और शांति बढ़ती है।

8. नैतिक कारण (Moral Reasons):

सत्ता-साझेदारी अपनाने के वे कारण जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित हैं।

9. तमिल अल्पसंख्यक:

श्रीलंका में रहने वाला वह समूह जो संख्या में कम है और भेदभाव का शिकार हुआ।

10. बेल्जियम मॉडल:

वह शासन व्यवस्था जो विभिन्न समुदायों को समान प्रतिनिधित्व देती है।

⭐ 3. प्रश्न-उत्तर (Important Short & Long Answers)

लघु प्रश्न-उत्तर

प्र.1: बेल्जियम में सत्ता-साझेदारी क्यों आवश्यक थी?

उत्तर: बेल्जियम में डच और फ्रेंच भाषियों के बीच गंभीर तनाव था। सत्ता-साझेदारी लागू करना आवश्यक था ताकि दोनों समुदायों को समान प्रतिनिधित्व मिले और संघर्ष रोका जा सके।

प्र.2: श्रीलंका में तमिलों के साथ भेदभाव कैसे हुआ?

उत्तर:

  • सिंहला भाषा को सरकारी भाषा बनाया गया।
  • सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता सिंहलियों को दी गई।
  • बौद्ध धर्म को विशेष संरक्षण मिला।

इन वजहों से तमिलों में असंतोष बढ़ा।

प्र.3: सत्ता-साझेदारी लोकतंत्र में क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: यह सभी नागरिकों को शासन में भाग लेने का समान अवसर देती है, संघर्षों को रोकती है और लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।

प्र.4: क्षैतिज सत्ता-साझेदारी का एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर: भारत में कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका एक-दूसरे को नियंत्रित और संतुलित करती हैं।

प्र.5: बेल्जियम की समुदाय सरकार क्या करती है?

उत्तर: यह भाषा, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े मामलों पर निर्णय लेती है।

दीर्घ प्रश्न-उत्तर

प्र.6: बेल्जियम और श्रीलंका के सत्ता-साझेदारी मॉडल की तुलना कीजिए।

उत्तर:

बेल्जियम ने सत्ता विभिन्न समुदायों में बाँटकर समान प्रतिनिधित्व दिया। इससे शांति बनी रही।

श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहलियों ने तमिलों पर सांस्कृतिक-भाषाई प्रभुत्व थोप दिया जिससे संघर्ष और हिंसा फैली।

निष्कर्ष: सत्ता-साझेदारी विविध समाजों में स्थिरता का आधार है।

प्र.7: सत्ता-साझेदारी के नैतिक और व्यावहारिक दोनों कारणों को समझाइए।

उत्तर:

  • व्यावहारिक कारण:
  • संघर्ष और हिंसा से बचाव
  • राजनीतिक स्थिरता
  • समुदायों में विश्वास

नैतिक कारण:

  • लोकतंत्र में सभी को सत्ता में भागीदारी का अधिकार
  • समानता और न्याय की भावना
  • बहुसंख्यक का शासन अल्पसंख्यक पर थोपने का विरोध
नीचे कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (Civics) के अध्याय–1: सत्ता की साझेदारी (Power Sharing) से जुड़े 50 महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए हैं। ये परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं।

⭐ सत्ता की साझेदारी – 50 महत्वपूर्ण प्रश्न व उत्तर (Q&A)
1. सत्ता की साझेदारी से क्या समझते हैं?
उत्तर: सत्ता की साझेदारी का अर्थ है—सरकार की शक्ति को विभिन्न स्तरों, समूहों, संस्थाओं और समुदायों में बाँटना ताकि सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो और किसी एक समूह के हाथ में पूरी सत्ता न रहे।
2. सत्ता की साझेदारी क्यों आवश्यक है?
उत्तर: सत्ता की साझेदारी आवश्यक है ताकि संघर्ष, असंतोष, भेदभाव और हिंसा की संभावनाएँ कम हों तथा लोकतंत्र मजबूत हो।
3. बेल्जियम किस महाद्वीप में स्थित है?
उत्तर: यूरोप में।
4. बेल्जियम की कुल जनसंख्या कितनी है?
उत्तर: लगभग 1 करोड़ (10 मिलियन)।
5. बेल्जियम में कौन-कौन सी भाषाएँ बोली जाती हैं?
उत्तर: डच, फ्रेंच और जर्मन।
6. बेल्जियम में डच भाषी लोगों का प्रतिशत कितना है?
उत्तर: 59%.
7. बेल्जियम में फ्रेंच भाषी लोगों की आबादी का प्रतिशत?
उत्तर: 40%.
8. बेल्जियम में जर्मन भाषी लोगों का प्रतिशत?
उत्तर: 1%.
9. बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में फ्रेंच भाषी आबादी कितनी है?
उत्तर: 80%.
10. ब्रुसेल्स में डच भाषी कितने प्रतिशत हैं?
उत्तर: 20%.
11. बेल्जियम में किस समुदाय को आर्थिक लाभ अधिक था?
उत्तर: फ्रेंच भाषी समुदाय।
12. बेल्जियम में डच समुदाय असंतुष्ट क्यों था?
उत्तर: क्योंकि सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में फ्रेंच भाषियों का वर्चस्व था।
13. बेल्जियम सरकार ने भाषा विवाद सुलझाने के लिए क्या किया?
उत्तर: एक शक्ति-साझेदारी मॉडल बनाया जिसमें दोनों समुदायों को समान प्रतिनिधित्व दिया गया।
14 बेल्जियम में केंद्रीय सरकार में डच और फ्रेंच समुदाय को क्या गारंटी दी गई?
उत्तर: दोनों समुदायों को समान प्रतिनिधित्व और बराबर मंत्री मिलेंगे।
15. बेल्जियम में सामुदायिक सरकार क्या है?
उत्तर: अलग-अलग भाषाई समुदायों की सरकार—जो शिक्षा, भाषा, संस्कृति से जुड़े मुद्दे संभालती है।
16. श्रीलंका कहाँ स्थित है?
उत्तर: भारत के दक्षिण में एक द्वीप देश।
17. श्रीलंका में सिंहली आबादी कितनी है?
उत्तर: 74%.
18. श्रीलंका में तमिल आबादी कितनी है?
उत्तर: 18%.
19. तमिलों के दो प्रकार कौन से थे?
उत्तर: श्रीलंकाई तमिल और भारतीय तमिल।
20. श्रीलंका का 1956 का अधिनियम क्या था?
उत्तर: सिंहला को एकमात्र आधिकारिक भाषा बनाना।
21. सिंहला अधिनियम के चलते तमिलों में असंतोष क्यों बढ़ा?
उत्तर: क्योंकि तमिल भाषा को मान्यता नहीं मिली और तमिलों को सरकारी नौकरियों में भेदभाव झेलना पड़ा।
22. श्रीलंका में किस समूह ने अलग तमिल राष्ट्र की मांग की?
उत्तर: LTTE (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम)।
23. श्रीलंका में गृहयुद्ध क्यों हुआ?
उत्तर: तमिलों के साथ सामाजिक-आर्थिक भेदभाव और राजनीतिक अधिकारों की कमी के कारण।
24. सत्ता का ऊर्ध्वाधर विभाजन क्या है?
उत्तर: केंद्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर सत्ता का बँटवारा।
25. सत्ता का क्षैतिज विभाजन क्या है?
उत्तर: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में शक्ति का बँटवारा।
26. शक्ति-साझेदारी लोकतंत्र का आधार क्यों है?
उत्तर: क्योंकि यह विविध समूहों को अधिकार देता है और शांति बनाए रखता है।
27. सामाजिक समूहों में शक्ति बाँटने से क्या लाभ है?
उत्तर: अलग-अलग जातियों, धर्मों, भाषाओं में सामंजस्य बढ़ता है।
28. बहुसंख्यकतावाद क्या है?
उत्तर: जब बहुसंख्यक समुदाय अपनी मर्जी अल्पसंख्यकों पर थोप देता है।
29. श्रीलंका में किस प्रकार का बहुसंख्यकतावाद देखा गया?
उत्तर: सिंहल बौद्ध बहुसंख्यक का वर्चस्व।
30. बेल्जियम में किस प्रकार का समाधान अपनाया गया?
उत्तर: शक्ति-साझेदारी आधारित लोकतंत्र।
31. ‘Power Sharing is desirable’ का अर्थ क्या है?
उत्तर: शक्ति-साझेदारी वांछनीय है क्योंकि यह संघर्ष कम करती है।
32. न्यायपालिका स्वतंत्र क्यों होती है?
उत्तर: ताकि सरकार की गलतियों को रोक सके।
33. संघीय शासन क्या है?
उत्तर: जिसमें केंद्रीय और राज्य सरकारें अपनी शक्तियों के साथ काम करती हैं।
34. लोकतंत्र में शक्ति-साझेदारी किसकी रक्षा करती है?
उत्तर: अल्पसंख्यकों के अधिकारों की।
35. बेल्जियम मॉडल क्यों सफल है?
उत्तर: क्योंकि इससे सभी समुदायों का विश्वास जीता गया।
36. श्रीलंका मॉडल क्यों असफल हुआ?
उत्तर: क्योंकि बहुसंख्यक समुदाय ने सब कुछ अपने हाथ में ले लिया।
37. समुदाय आधारित सरकार का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: सांस्कृतिक और भाषाई मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधित्व देना।
38. ‘Check and Balance’ क्या है?
उत्तर: सरकार के विभिन्न अंग एक-दूसरे को नियंत्रित करते हैं।
39. संविधान शक्ति-साझेदारी को कैसे प्रोत्साहित करता है?
उत्तर: अधिकारों और शक्तियों का स्पष्ट बँटवारा कर।
40. विभिन्न समूहों को सत्ता में शामिल न करने का परिणाम क्या हो सकता है?
उत्तर: नागरिक अशांति, आंदोलन, युद्ध।
41. असहमति का दमन क्या कहलाता है?
उत्तर: अधिनायकवाद (Authoritarianism)।
42. भारत में शक्ति-साझेदारी का सबसे नीचे का स्तर क्या है?
उत्तर: पंचायतें और नगरपालिकाएँ।
43. भारत में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा कैसे होती है?
उत्तर: विशेष प्रावधान, सांस्कृतिक अधिकार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व।
44. linguistic diversity का अर्थ?
उत्तर: भाषाई विविधता।
45. बेल्जियम संविधान में कौन-सा सिद्धांत अपनाया गया?
उत्तर: आपसी सहमति (Mutual Agreement) का सिद्धांत।
46. श्रीलंका में कौन-सी भाषा आधिकारिक बनाई गई?
उत्तर: सिंहला।
47. तमिलों की क्या मुख्य मांग थी?
उत्तर: समान अधिकार और स्वायत्त क्षेत्र।
48. लोकतंत्र में शक्ति-साझेदारी का अंतिम उद्देश्य क्या है?
उत्तर: न्याय, समानता और शांति स्थापित करना।
49. ‘Community Government’ का उदाहरण किस देश में मिलता है?
त्तर: बेल्जियम।
50. सत्ता के विभाजन का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर: दमन और अत्याचार की संभावना कम होती है, तथा लोकतंत्र मजबूत बनता है।


⭐ सत्ता की साझेदारी (Power Sharing) – आउट्रो (Conclusion) | Class 10th

अंत में, “सत्ता की साझेदारी” अध्याय हमें यह गहरा संदेश देता है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश की स्थिरता, शांति और विकास तभी संभव है, जब सत्ता एक जगह केंद्रीकृत न होकर अलग-अलग समूहों, संस्थाओं और स्तरों में बाँटी जाए। बेल्जियम और श्रीलंका के उदाहरण उसी सिद्धांत को स्पष्ट रूप में हमारे सामने रखते हैं—जहाँ बेल्जियम ने विविधता को सम्मान देकर लोकतंत्र को मजबूत बनाया, वहीं श्रीलंका ने बहुसंख्यकतावादी नीति अपनाकर गंभीर संर्षों को जन्म दिया।
यह अध्याय हमें यह समझने में मदद करता है कि किसी भी समाज में भाषा, धर्म, संस्कृति और समुदायों की विविधता को सम्मान देना कितना आवश्यक है। जब हर समूह को निर्णय लेने में भागीदारी मिलती है, तो विश्वास, सौहार्द और लोकतंत्र की नींव मजबूत होती है। सत्ता-साझेदारी न केवल राजनीतिक आवश्यकता है, बल्कि सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का अनिवार्य साधन भी है।
इसके साथ ही यह अध्याय बताता है कि ऊर्ध्वाधर (केंद्र–राज्य–स्थानीय) तथा क्षैतिज (विधायिका–कार्यपालिका–न्यायपालिका) प्रकार की शक्तियाँ कैसे लोकतंत्र में संतुलन स्थापित करती हैं। यदि शक्ति का संतुलन न हो, तो सरकार निरंकुश हो सकती है और नागरिक अधिकार खतरे में पड़ सकते हैं। इसलिए, सत्ता का दुरुपयोग रोकने और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए शक्ति-साझेदारी आवश्यक है।
अंततः, कक्षा 10 का यह अध्याय हमें सिखाता है कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं; यह विविध समुदायों को बराबरी से अवसर देने की प्रक्रिया है। जब समाज के हर वर्ग को सम्मान और प्रतिनिधित्व मिलता है, तब ही राष्ट्र मजबूत, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील बनता है। यही सत्ता-साझेदारी का सच्चा संदेश है—“लोकतंत्र सभी का है, इसलिए सत्ता भी सभी के साथ साझा होनी चाहिए।”

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