सत्ता की साझेदारी से आप क्या समझते हैं class 10th?
यहाँ 10th Class Social Science – सत्ता-साझेदारी (Power Sharing) पूरा अध्याय (Full Story / Summary in Hindi) सरल व आसान भाषा में दिया गया है:
सत्ता-साझेदारी – पूरा अध्याय (Full Story / Summary in Hindi)
NCERT Class 10 Civics Chapter 1
भूमिका (Introduction)
लोकतंत्र का सबसे मूलभूत सिद्धांत है—सत्ता किसी एक व्यक्ति, एक समूह या एक ही समुदाय के हाथ में केंद्रित नहीं होनी चाहिए। सत्ता का बँटना (Power Sharing) ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इससे समाज में शांति, समानता, स्थिरता और लोगों का भरोसा बनता है। 10वीं कक्षा के इस अध्याय में हम समझते हैं कि सत्ता-साझेदारी क्यों आवश्यक है, इसके क्या प्रकार हैं, और विभिन्न देशों ने इसे कैसे अपनाया है।
1. बेल्जियम और श्रीलंका की कहानी
अध्याय दो देशों के अनुभव से शुरू होता है—बेल्जियम और श्रीलंका।
(A) बेल्जियम में सत्ता-साझेदारी
बेल्जियम एक ऐसा देश है जिसमें भाषाई विविधता बहुत ज्यादा है—
- 59% लोग डच (Dutch) बोलते हैं
- 40% लोग फ्रेंच (French) बोलते हैं
- 1% लोग जर्मन (German) बोलते हैं
ब्रसेल्स (राजधानी) में उल्टा स्थिति है—
- 80% फ्रेंचभाषी
- 20% डचभाषी
इस विविधता के चलते संघर्ष की आशंका थी, इसलिए बेल्जियम ने एक विशेष व्यवस्था बनाई:
बेल्जियम की सत्ता-साझेदारी व्यवस्था:
केंद्रीय सरकार में दोनों समुदायों को समान प्रतिनिधित्व
राज्य सरकारों को अधिक शक्तियाँ
समुदाय सरकारें, जो भाषा और शिक्षा जैसे मामलों को संभालती हैं
ब्रसेल्स सरकार में दोनों समुदायों को बराबर प्रतिनिधित्व
परिणाम:
देश में शांति बनी रही और सत्ता-साझेदारी की वजह से संघर्ष टल गया।
(B) श्रीलंका में सत्ता-केंद्रित शासन
श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहली (Sinhalese) समुदाय ने अपनी भाषा और धर्म को थोपकर अल्पसंख्यक तमिलों के साथ भेदभाव किया।
- सिंहली 74%
- तमिल 18%
सिंहली-प्रधान नीतियाँ:
- 1956 में सिंहला मात्र भाषा बनाई
- तमिलों को सरकारी नौकरियों में भेदभाव
- शिक्षा और राजनीति में भी असमानता
परिणाम:
- तमिलों में असंतोष
- संघर्ष और हिंसा
- आंतरिक युद्ध (Civil War)
निष्कर्ष:
जहाँ बेल्जियम ने सत्ता बाँटी और शांति पाई, वहीं श्रीलंका ने सत्ता केंद्रित रखी और संघर्ष झेला।
2. सत्ता-साझेदारी क्यों जरूरी है?
(A) व्यावहारिक (Prudential) कारण
- संघर्ष से बचाव
- स्थिरता
- अल्पसंख्यक समुदायों का विश्वास बनाए रखना
(B) नैतिक (Moral) कारण
- सत्ता-साझेदारी लोकतंत्र का मूलभाव
- हर नागरिक सहभागिता का हकदार
- किसी एक समूह द्वारा सत्ता का दुरुपयोग नहीं होता
3. सत्ता-साझेदारी के विभिन्न रूप (Forms of Power Sharing)
(1) बहुस्तरीय सरकार (Horizontal Power Sharing)
- विधायिका (Legislature)
- कार्यपालिका (Executive)
- न्यायपालिका (Judiciary)
ये एक-दूसरे पर नज़र रखते हैं (Checks and Balances)।
(2) ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी (Vertical Power Sharing)
- केंद्र → राज्य → स्थानीय सरकार
- या पंचायत, नगरपालिकाएँ, आदि
(3) सामाजिक समुदायों के बीच सत्ता-साझेदारी
भाषाई, धार्मिक और जातीय समूहों को प्रतिनिधित्व देना, जैसे—
- भारतीय संविधान में आरक्षण
- बेल्जियम की समुदाय सरकारें
(4) राजनीतिक दलों और गठबंधन के बीच सत्ता-साझेदारी
भारत में गठबंधन सरकारें (Coalition Governments) इसका उदाहरण हैं।
(5) दबाव समूहों और हित समूहों के साथ सत्ता-साझेदारी
ट्रेड यूनियन, किसान संगठन, औद्योगिक संघ आदि सरकार पर नीतियों को प्रभावित करते हैं।
अध्याय का मुख्य सार (Gist of Chapter)
- सत्ता का बँटवारा लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
- बेल्जियम—सत्ता बाँटी और शांति बनी।
- श्रीलंका—सत्ता केंद्रित रखी, परिणामस्वरूप संघर्ष बढ़ा।
- सत्ता-साझेदारी के व्यावहारिक और नैतिक दोनों कारण हैं।
- सत्ता-साझेदारी कई रूपों में होती है—क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर, सामाजिक, राजनीतिक व दबाव समूहों के रूप में।
नीचे 10th Class Social Science – सत्ता-साझेदारी (Power Sharing) अध्याय के
✔ सारांश
✔ प्रश्न-उत्तर
✔ लघु/दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
पूरी तरह सरल भाषा में दिए जा रहे हैं।
⭐ अध्याय का सारांश (Summary of Power Sharing in Hindi)
सत्ता-साझेदारी लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है। इसका अर्थ है कि देश में सत्ता किसी एक व्यक्ति, समुदाय, धर्म या समूह के हाथ में केन्द्रित न होकर विभिन्न स्तरों पर बाँटी जाती है। बेल्जियम और श्रीलंका के उदाहरणों से यह अध्याय बताता है कि सत्ता-साझेदारी कैसे शांति और स्थिरता लाती है, और सत्ता-केंद्रित शासन किस तरह संघर्ष पैदा करता है।
बेल्जियम में डच और फ्रेंच भाषा-समुदायों के बीच तनाव था। सरकार ने सत्ता को बाँटने की अनोखी व्यवस्था बनाई जिसमें—
- केंद्रीय सरकार में दोनों का समान प्रतिनिधित्व,
- राज्य सरकारों को अधिक शक्तियाँ,
- भाषा-समुदायों की अलग सरकारें,
- और ब्रसेल्स में समान प्रतिनिधित्व की नीति लागू की।
इससे देश में शांति बनी रही।
श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहली समुदाय ने तमिलों पर अपनी भाषा व धर्म थोपे और शासन में उनका प्रतिनिधित्व कम किया। परिणामस्वरूप हिंसा, असंतोष और लम्बा गृहयुद्ध हुआ।
अध्याय निष्कर्ष देता है कि सत्ता-साझेदारी के दो मुख्य कारण हैं—
- व्यावहारिक कारण (Prudential Reasons): संघर्ष रोकना और स्थिरता बनाए रखना।
- नैतिक कारण (Moral Reasons): लोकतंत्र में सभी को सत्ता में भागीदारी का अधिकार।
सत्ता-साझेदारी कई रूपों में होती है—
- क्षैतिज (Legislature, Executive, Judiciary)
- ऊर्ध्वाधर (केंद्र, राज्य, स्थानीय सरकार)
- सामाजिक समूहों के बीच
- राजनीतिक दलों और गठबंधन के बीच
- दबाव व हित समूहों के बीच
⭐ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Important Questions & Answers)
प्र.1: सत्ता-साझेदारी क्या है?
उत्तर: सत्ता-साझेदारी वह व्यवस्था है जिसमें देश की शक्ति को विभिन्न अंगों, स्तरों और समूहों में बाँटा जाता है, ताकि किसी एक समूह के हाथ में सारी शक्ति केंद्रित न हो।
प्र.2: बेल्जियम में सत्ता-साझेदारी की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर:
- केंद्रीय सरकार में दोनों भाषा-समुदायों का समान प्रतिनिधित्व।
- राज्य सरकारों को अधिक अधिकार।
- समुदाय सरकारें (Community Governments)।
- ब्रसेल्स में दोनों समुदायों का बराबर प्रतिनिधित्व।
प्र.3: श्रीलंका में तमिलों के साथ किस प्रकार भेदभाव किया गया?
उत्तर:
- सिंहला भाषा को सरकारी भाषा घोषित किया गया।
- सरकारी नौकरियों व शिक्षा में सिंहली समुदाय को प्राथमिकता मिली।
- बौद्ध धर्म को विशेष संरक्षण मिला।
- इन कारणों से तमिलों में असंतोष बढ़ा।
प्र.4: बेल्जियम और श्रीलंका के उदाहरण से क्या सीख मिलती है?
उत्तर: सत्ता बाँटने से शांति और स्थिरता मिलती है। लेकिन सत्ता को केंद्रित करने से संघर्ष, असंतोष और हिंसा बढ़ती है।
प्र.5: सत्ता-साझेदारी के नैतिक कारण क्या हैं?
उत्तर: लोकतंत्र में हर नागरिक को निर्णय-निर्माण में भागीदारी का अधिकार है। सत्ता-साझेदारी समानता, न्याय और नागरिक अधिकारों की रक्षा करती है।
प्र.6: क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी में अंतर लिखिए।
उत्तर:
क्षैतिज: सरकार के अलग-अलग अंगों—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका—के बीच।
ऊर्ध्वाधर: सरकार के विभिन्न स्तरों—केंद्र, राज्य, स्थानीय सरकार—के बीच।
प्र.7: गठबंधन सरकार (Coalition Government) क्या है?
उत्तर: जब कोई भी राजनीतिक दल बहुमत न प्राप्त करे और कई दल मिलकर सरकार बनाएँ, तो उसे गठबंधन सरकार कहते हैं। यह भी सत्ता-साझेदारी का एक रूप है।
⭐ लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्र.8: समुदाय सरकार (Community Government) क्या है?
उत्तर: बेल्जियम में भाषा, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए समुदाय सरकार बनाई गई थी, जिसमें डच, फ्रेंच और जर्मन भाषी लोग शामिल थे।
प्र.9: 'चेक्स एंड बैलेंसेज' क्या है?
उत्तर: जब सरकार के तीन अंग—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—एक-दूसरे पर नियंत्रण और संतुलन बनाए रखते हैं, तो इसे चेक्स एंड बैलेंसेज कहते हैं।
प्र.10: श्रीलंका में संघर्ष के मुख्य कारण क्या थे?उत्तर: भाषा विवाद, शिक्षा-नौकरी में भेदभाव, सिंहली-प्रधान नीतियाँ और तमिलों को बराबरी न देना मुख्य कारण थे।
⭐ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
प्र.11: बेल्जियम मॉडल की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
उत्तर (बिंदुवार):
- बेल्जियम में भाषा-विविधता बहुत अधिक थी, इसलिए संघर्ष की आशंका थी।
- 1970–1993 के बीच कई संवैधानिक संशोधन कर विशेष व्यवस्था बनाई गई।
- केंद्रीय सरकार में दोनों समुदायों का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया।
- अनेक अधिकार राज्य सरकारों को दिए गए, जिससे स्थानीय मुद्दों पर वे स्वयं निर्णय ले सकें।
- समुदाय सरकारों को भाषा, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने का अधिकार मिला।
- ब्रसेल्स (राजधानी) में दोनों समुदायों के बीच समान प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया।
निष्कर्ष: इस मॉडल ने जनसंख्या विविधता के बावजूद राजनीतिक स्थिरता और शांति बनाए रखी।
प्र.12: सत्ता-साझेदारी क्यों आवश्यक है? व्यावहारिक और नैतिक कारण समझाइए।
उत्तर:
(A) व्यावहारिक कारण:
- बड़े संघर्षों और हिंसा से बचाव।
- विविध समूहों में विश्वास-निर्माण।
सरकार की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना।
(B) नैतिक कारण:
- लोकतंत्र का मूलसिद्धांत है कि शक्ति सभी में बाँटी जाए।
- नागरिकों का अधिकार है कि वे शासन में भाग लें।
- समानता और न्याय की भावना को बढ़ावा मिलता है।
नीचे 10th Class Social Science – सत्ता-साझेदारी (Power Sharing) अध्याय के
✔ MCQ (बहुविकल्पी प्रश्न)
✔ एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
✔ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
पूरी तरह सरल व परीक्षा-उपयोगी भाषा में दिए जा रहे हैं।
⭐ 1. MCQ (बहुविकल्पी प्रश्न)
1. बेल्जियम की राजधानी है—
A. एथेंस
B. ब्रसेल्स
C. पेरिस
D. एम्स्टर्डम
✔ उत्तर: B
2. बेल्जियम में कितने प्रतिशत लोग डच भाषा बोलते हैं?
A. 40%
B. 59%
C. 74%
D. 18%
✔ उत्तर: B
3. श्रीलंका में बहुसंख्यक समुदाय कौन सा है?
A. तमिल
B. मुस्लिम
C. सिंहली
D. डच
✔ उत्तर: C
4. सिंहला भाषा को आधिकारिक भाषा कब बनाया गया?
A. 1948
B. 1956
C. 1970
D. 1990
✔ उत्तर: B
5. बेल्जियम ने सत्ता-साझेदारी क्यों अपनाई?
A. संसाधन बढ़ाने के लिए
B. संघर्ष रोकने के लिए
C. कर-उगाही बढ़ाने के लिए
D. विदेशी संबंधों के लिए
✔ उत्तर: B
6. सत्ता-साझेदारी का कौन-सा रूप ‘केंद्र, राज्य और स्थानीय’ सरकारों के बीच होता है?
A. क्षैतिज
B. ऊर्ध्वाधर
C. सामाजिक
D. गठबंधन
✔ उत्तर: B
7. चेक्स एंड बैलेंसेज किसका उदाहरण है?
A. क्षैतिज सत्ता-साझेदारी
B. ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी
C. सामाजिक समूहों में साझेदारी
D. पार्टी आधारित साझेदारी
✔ उत्तर: A
8. श्रीलंका में तमिल कुल जनसंख्या का कितना प्रतिशत हैं?
A. 10%
B. 18%
C. 25%
D. 40%
✔ उत्तर: B
9. गठबंधन सरकार किसका उदाहरण है?
A. सामाजिक सत्ता-साझेदारी
B. राजनीतिक सत्ता-साझेदारी
C. ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी
D. न्यायिक सत्ता-साझेदारी
✔ उत्तर: B
10. बेल्जियम में किस प्रकार की सरकारें विशेष रूप से बनाई गईं?
A. पंचायत
B. समुदाय सरकार
C. नगर सरकार
D. मंडल सरकार
✔ उत्तर: B
⭐ 2. एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. सत्ता-साझेदारी (Power Sharing):
किसी देश में सत्ता को विभिन्न स्तरों, संस्थाओं और समूहों के बीच बाँटने की व्यवस्था।
2. चेक्स एंड बैलेंसेज:
सरकार के तीन अंगों द्वारा एक-दूसरे को नियंत्रित और संतुलित करने की प्रणाली।
3. ऊर्ध्वाधर सत्ता-साझेदारी:
केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों के बीच सत्ता का बँटवारा।
4. क्षैतिज सत्ता-साझेदारी:
विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति का विभाजन।
5. समुदाय सरकार (Community Government):
बेल्जियम में भाषा, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने वाली अलग सरकार।
6. गठबंधन सरकार:
जब कई राजनीतिक दल मिलकर सरकार बनाते हैं।
7. व्यावहारिक कारण (Prudential Reasons):
सत्ता-साझेदारी अपनाने के वे कारण जिनसे संघर्ष टलता है और शांति बढ़ती है।
8. नैतिक कारण (Moral Reasons):
सत्ता-साझेदारी अपनाने के वे कारण जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित हैं।
9. तमिल अल्पसंख्यक:
श्रीलंका में रहने वाला वह समूह जो संख्या में कम है और भेदभाव का शिकार हुआ।
10. बेल्जियम मॉडल:
वह शासन व्यवस्था जो विभिन्न समुदायों को समान प्रतिनिधित्व देती है।
⭐ 3. प्रश्न-उत्तर (Important Short & Long Answers)
लघु प्रश्न-उत्तर
प्र.1: बेल्जियम में सत्ता-साझेदारी क्यों आवश्यक थी?
उत्तर: बेल्जियम में डच और फ्रेंच भाषियों के बीच गंभीर तनाव था। सत्ता-साझेदारी लागू करना आवश्यक था ताकि दोनों समुदायों को समान प्रतिनिधित्व मिले और संघर्ष रोका जा सके।
प्र.2: श्रीलंका में तमिलों के साथ भेदभाव कैसे हुआ?
उत्तर:
- सिंहला भाषा को सरकारी भाषा बनाया गया।
- सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता सिंहलियों को दी गई।
- बौद्ध धर्म को विशेष संरक्षण मिला।
इन वजहों से तमिलों में असंतोष बढ़ा।
प्र.3: सत्ता-साझेदारी लोकतंत्र में क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह सभी नागरिकों को शासन में भाग लेने का समान अवसर देती है, संघर्षों को रोकती है और लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
प्र.4: क्षैतिज सत्ता-साझेदारी का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: भारत में कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका एक-दूसरे को नियंत्रित और संतुलित करती हैं।
प्र.5: बेल्जियम की समुदाय सरकार क्या करती है?
उत्तर: यह भाषा, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े मामलों पर निर्णय लेती है।
दीर्घ प्रश्न-उत्तर
प्र.6: बेल्जियम और श्रीलंका के सत्ता-साझेदारी मॉडल की तुलना कीजिए।
उत्तर:
बेल्जियम ने सत्ता विभिन्न समुदायों में बाँटकर समान प्रतिनिधित्व दिया। इससे शांति बनी रही।
श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहलियों ने तमिलों पर सांस्कृतिक-भाषाई प्रभुत्व थोप दिया जिससे संघर्ष और हिंसा फैली।
निष्कर्ष: सत्ता-साझेदारी विविध समाजों में स्थिरता का आधार है।
प्र.7: सत्ता-साझेदारी के नैतिक और व्यावहारिक दोनों कारणों को समझाइए।
उत्तर:
- व्यावहारिक कारण:
- संघर्ष और हिंसा से बचाव
- राजनीतिक स्थिरता
- समुदायों में विश्वास
नैतिक कारण:
- लोकतंत्र में सभी को सत्ता में भागीदारी का अधिकार
- समानता और न्याय की भावना
- बहुसंख्यक का शासन अल्पसंख्यक पर थोपने का विरोध
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