सत्ता साझेदारी क्या है? 10th Class social scince full story
नीचे कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (लोकतांत्रिक राजनीति) के अध्याय “सत्ता-साझेदारी (Power Sharing)” का पूरा सरल और विस्तृत Full Story / Explanation in Hindi दिया गया है। यह आपके बोर्ड परीक्षा के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।
⭐ सत्ता-साझेदारी क्या है? (What is Power Sharing?) – कक्षा 10 पूर्ण अध्याय
सत्ता-साझेदारी का अर्थ है—
👉 किसी भी देश में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक शक्ति को एक ही व्यक्ति या समूह के हाथ में न देकर इसे अलग-अलग समूहों, संस्थाओं और समुदायों में बांटना, ताकि सभी को निर्णय लेने में हिस्सा मिल सके।
यह लोकतंत्र का एक मूल सिद्धांत है, जहाँ कहा जाता है—
“एक व्यक्ति, एक विचार पूरे देश पर थोप नहीं सकता; सबका विचार जरूरी है।”
⭐ यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अध्याय बताता है कि
✔ यदि सत्ता एक हाथ में केंद्रित हो जाए तो संघर्ष, भेदभाव और गृहयुद्ध तक हो सकता है।
✔ लेकिन जब अलग-अलग समुदायों को निर्णय लेने में हिस्सा दिया जाता है, तब समाज में शांति, स्थिरता और न्याय बना रहता है।
⭐ दो बड़ी कहानियाँ जो अध्याय में दी गई हैं
1️⃣ बेल्जियम की कहानी (Belgium Story)
यूरोप का छोटा देश बेल्जियम, लेकिन दो बड़ी समस्याएँ—
- ✔ भाषा पर आधारित संघर्ष
- फ्लेमिश (डच भाषा बोलने वाले): 59%
- फ्रेंच बोलने वाले: 40%
- जर्मन भाषी: 1%
Brussels (राजधानी) में स्थिति उलट थी—
- फ्रेंच भाषी अमीर और शक्तिशाली
- डच भाषी गरीब और उपेक्षित
संघर्ष होने की संभावना बहुत ज्यादा थी।
✔ समाधान: बेल्जियम का अनोखा सत्ता-विभाजन मॉडल
बेल्जियम सरकार ने सत्ता-साझेदारी की चार योजनाएँ अपनाईं—
- दोनों भाषाई समुदायों को समान संख्या में मंत्री
- विशेष बहुमत कानून – केवल बहुमत से नहीं, दोनों समुदायों की सहमति जरूरी
- समुदाय सरकारें – संस्कृति, शिक्षा पर अलग अधिकार
- केंद्र और राज्यों में ताकत का बाँट – केंद्र मजबूत नहीं, राज्य भी शक्तिशाली
👉 नतीजा:
बेल्जियम में शांति, बराबरी और स्थिरता बनी रही।
2️⃣ श्रीलंका की कहानी (Sri Lanka Story)
✔ बड़ा भाषाई संघर्ष
- सिंहली: 74% (बौद्ध)
- तमिल: 18% (हिंदू/ईसाई)
1956 में सरकार ने कानून बनाया—
👉 सिर्फ सिंहली भाषा को राजभाषा
👉 तमिलों को नौकरियों और शिक्षा में कम अवसर
👉 बुद्ध धर्म को विशेष दर्जा
✔ परिणाम
- तमिलों ने विरोध शुरू किया
- समान अधिकार और स्वायत्तता की मांग
- एलटीटीई (LTTE) ने सशस्त्र संघर्ष शुरू किया
- देश में गृहयुद्ध छिड़ गया
👉 नतीजा:
श्रीलंका असफल उदाहरण है क्योंकि उसने सत्ता-साझेदारी नहीं दी।
⭐ सत्ता-साझेदारी क्यों जरूरी है? (Why Power Sharing?)
✔ नैतिक कारण (Moral Reason)
लोकतंत्र तभी सफल है जब हर समूह, हर जाति, हर भाषा को सम्मान और भागीदारी मिले।
यह न्याय और समानता का आधार है।
✔ व्यावहारिक कारण (Prudential Reason)
यदि आप किसी एक समूह को ताकत दे देंगे, तो दूसरा समूह नाराज़ होगा और संघर्ष शुरू होगा।
सत्ता-साझेदारी समाज में शांति और स्थिरता बनाए रखती है।
⭐ सत्ता-साझेदारी के रूप (Forms of Power Sharing)
अध्याय में 4 मुख्य रूप बताए गए हैं—
1: सत्ता का क्षैतिज विभाजन (Horizontal Division)
- विधायिका (Legislature)
- कार्यपालिका (Executive)
- न्यायपालिका (Judiciary
ये एक-दूसरे के काम पर नज़र रखते हैं।
2:सत्ता का ऊर्ध्वाधर विभाजन (Vertical Division)
- केंद्र सरकार
- राज्य सरकार
- नगरपालिका / पंचायत
इसे फेडरलिज़्म कहते हैं।
3:सामाजिक समूहों के बीच सत्ता-साझेदारी
- जैसे बेल्जियम में अलग भाषाई समुदाय
- भारत में SC/ST/OBC के लिए आरक्षण
4:राजनीतिक दलों और दबाव समूहों के बी
- चुनाव, गठबंधन सरकार (coalition)
- विभिन्न संगठन, यूनियन, NGO
⭐ अध्याय का सार (Summary)
- सत्ता-साझेदारी लोकतंत्र की आत्मा है।
- बेल्जियम ने यह करके सफलता पाई।
- श्रीलंका सत्ता-साझेदारी न देकर संघर्ष में डूब गया।
- सत्ता का बंटवारा कई तरीकों से किया जाता है—
✔ संस्थाओं में
✔ केंद्र–राज्य के बीच
✔ समुदायों के बीच
✔ राजनीतिक दलों में
इससे संघर्ष कम होता है और देश स्थिर व शांत रहता है।
नीचे कक्षा 10 – सत्ता-साझेदारी (Power Sharing) अध्याय के
✔ सारांश,
✔ लघु उत्तरीय प्रश्न,
✔ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न,
✔ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
पूरी तरह बोर्ड स्तर के अनुसार दिए जा रहे हैं।
⭐ अध्याय का सारांश (Summary of Power Sharing – Class 10)
सत्ता-साझेदारी लोकतंत्र का मूल सिद्धांत है, जिसमें शक्ति को एक व्यक्ति या समूह के हाथ में केंद्रित करने के बजाय अलग-अलग संस्थाओं, समुदायों और सरकार के स्तरों में बाँटा जाता है। इस अध्याय में मुख्य रूप से दो देशों—बेल्जियम और श्रीलंका—का उदाहरण लेकर बताया गया है कि सत्ता का बंटवारा कैसे किसी देश को स्थिरता दे सकता है या कैसे इसकी कमी से अशांति फैल सकती है।
बेल्जियम में डच और फ्रेंच भाषाई समुदायों के बीच संघर्ष की संभावना थी। इसे रोकने के लिए बेल्जियम ने एक अनोखा मॉडल अपनाया—दोनों समुदायों की समान भागीदारी, विशेष बहुमत कानून, समुदाय सरकारें तथा केंद्र और राज्य के बीच शक्तियों का बंटवारा। इसका परिणाम शांति और स्थिरता के रूप में सामने आया।
इसके विपरीत श्रीलंका में सिंहली बहुसंख्यक सरकार ने ‘सिंहल-ओनली’ नीति अपनाकर तमिलों को भाषा और नौकरियों में हाशिए पर रखा। इससे असंतोष बढ़ा और गृहयुद्ध तक की स्थिति बन गई। यह दिखाता है कि सत्ता-साझेदारी न देने से देश में अस्थिरता आ सकती है।
लोकतंत्र में सत्ता-साझेदारी न केवल नैतिक रूप से जरूरी है, बल्कि व्यावहारिक रूप से उपयोगी भी है। इससे संघर्ष टलता है, सभी को अवसर मिलता है और लोकतंत्र मजबूत होता है। सत्ता-साझेदारी के विभिन्न रूप हैं—क्षैतिज विभाजन, ऊर्ध्वाधर विभाजन, सामाजिक समूहों के बीच साझेदारी और राजनीतिक पार्टियों व दबाव समूहों के बीच साझेदारी।
⭐ लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
1. सत्ता-साझेदारी क्या है?
सत्ता का विभाजन विभिन्न संस्थाओं, सरकार के स्तरों और समुदायों में करना ताकि कोई भी समूह या व्यक्ति सत्ता का दुरुपयोग न कर सके।
2. बेल्जियम में भाषाई समुदाय कौन-कौन से हैं?
डच (59%), फ्रेंच (40%), जर्मन (1%)।
3. विशेष बहुमत कानून (Special Majority) क्या है?
ऐसे कानूनों को पास करने के लिए साधारण बहुमत पर्याप्त नहीं होता; दोनों समुदायों की सहमति जरूरी होती है।
4. श्रीलंका में ‘सिंहल-ओनली’ नीति क्या थी?
1956 के कानून द्वारा सिंहली भाषा को एकमात्र आधिकारिक भाषा घोषित करना।
5. क्षैतिज शक्ति-विभाजन से क्या तात्पर्य है?
सत्ता का बंटवारा सरकार की तीन शाखाओं—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—के बीच।
6. ऊर्ध्वाधर शक्ति-विभाजन क्या है?
सत्ता का बंटवारा केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के बीच।
7. बेल्जियम की शक्ति-विभाजन व्यवस्था सफल क्यों रही?
क्योंकि उसने सभी भाषाई समुदायों को समान प्रतिनिधित्व और अधिकार दिए, जिससे संघर्ष टल गया।
8. श्रीलंका में तमिलों की क्या मांग थी?
बराबरी का अधिकार, भाषा को मान्यता, स्वायत्तता और नौकरियों में समान अवसर।
9. सत्ता-साझेदारी क्यों जरूरी है?
यह लोकतंत्र को स्थिर, शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण बनाती है।
10. समुदाय सरकारें क्या हैं?
बेल्जियम में अलग-अलग भाषाई समुदायों की सरकारें जो शिक्षा, संस्कृति आदि पर अधिकार रखती हैं।
⭐ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
1. बेल्जियम की शक्ति-साझेदारी व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
- बेल्जियम में 1970–1993 के बीच संविधान में कई बदलाव किए गए ताकि भाषाई संघर्ष न हो।
- केंद्र सरकार में डच और फ्रेंच भाषी मंत्रियों की संख्या बराबर रखी गई।
- विशेष बहुमत कानून बनाया गया, जिसमें किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए दोनों समुदायों की सहमति आवश्यक थी।
- समुदाय सरकारों की स्थापना की गई, जिन्हें अपनी भाषा, संस्कृति और शिक्षा पर अधिकार मिला।
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शक्तियाँ बाँटी गईं, जिससे राज्य मजबूत बने।
इन सभी उपायों से बेल्जियम में राजनीतिक स्थिरता आई।
2. श्रीलंका में भाषाई संघर्ष के कारण और परिणाम बताइए।
श्रीलंका में 74% सिंहली और 18% तमिल रहते हैं। स्वतंत्रता के बाद सरकार ने 1956 में सिंहली भाषा को आधिकारिक भाषा बना दिया। तमिलों को नौकरियों और शिक्षा में भेदभाव का सामना करना पड़ा। सिंहली बौद्धों को विशेष दर्जा देने से तमिलों में असंतोष बढ़ा।
परिणामस्वरूप तमिलों ने बराबरी और स्वायत्तता की मांग की। चरमपंथी संगठन LTTE ने हथियार उठाए और देश में गृहयुद्ध छिड़ गया, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ। यह दिखाता है कि सत्ता-साझेदारी की कमी से गंभीर समस्याएँ पैदा होती हैं।
3. सत्ता-साझेदारी के विभिन्न रूपों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
- सत्ता-साझेदारी चार मुख्य रूपों में होती है—
- क्षैतिज विभाजन: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति का बंटवारा।
- ऊर्ध्वाधर विभाजन: केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों के बीच।
- सामाजिक समूहों के बीच: जाति, भाषा या धार्मिक समूहों को भागीदारी देना (जैसे आरक्षण)।
राजनीतिक दलों और दबाव समूहों में: विभिन्न दल चुनाव में हिस्सा लेते हैं और गठबंधन सरकार बनाते हैं; यूनियन व संगठन भी दबाव बनाते हैं।
⭐ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Important Q&A)
1. सत्ता-साझेदारी लोकतंत्र के लिए कैसे उपयोगी है?
यह संघर्ष कम करती है, सभी को मौका देती है और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती है।
2. बेल्जियम में ब्रुसेल्स (Brussels) की विशेष समस्या क्या थी?
शहर में फ्रेंच भाषी लोग बहुसंख्यक और अमीर थे, जबकि पूरे देश में डच भाषी बहुसंख्यक थे—यह तनाव की स्थिति पैदा करता था।
3. श्रीलंका में संघर्ष कैसे रोका जा सकता था?
सभी जातीय समूहों को समान अधिकार दिए जाते, तो संघर्ष और गृहयुद्ध नहीं होता।
4. ‘बहुसंख्यकवाद’ (Majoritarianism) क्या है?
जब बहुसंख्यक समूह अपने फैसले अल्पसंख्यकों पर थोपता है, उसे बहुसंख्यकवाद कहते हैं।
5. समाज में शक्ति का बंटवारा क्यों महत्वपूर्ण है?
ताकि समाज में किसी विशेष समूह का दबदबा न बने और सभी समूह शांतिपूर्वक रहें।
नीचे कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान – सत्ता-साझेदारी (Power Sharing) अध्याय के
✔ MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
✔ एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
✔ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
पूरी तरह बोर्ड स्तर के अनुसार दिए जा रहे हैं।
⭐ 1. MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
(Answers included)
1. बेल्जियम में डच भाषी लोगों की जनसंख्या कितनी है?
(A) 40%
(B) 59%
(C) 74%
(D) 18%
➡ उत्तर: (B) 59%
2. श्रीलंका में सिंहली जनसंख्या कितनी है?
(A) 74%
(B) 59%
(C) 18%
(D) 40%
➡ उत्तर: (A) 74%
3. 1956 के अधिनियम के अनुसार श्रीलंका की आधिकारिक भाषा कौन-सी बनी?
(A) अंग्रेजी
(B) तमिल
(C) सिंहली
(D) डच
➡ उत्तर: (C) सिंहली
4. बेल्जियम किस महाद्वीप में स्थित है?
(A) एशिया
(B) यूरोप
(C) अफ्रीका
(D) अमेरिका
➡ उत्तर: (B) यूरोप
5. सत्ता-साझेदारी किसका मूल सिद्धांत है?
(A) राजतंत्र
(B) तानाशाही
(C) लोकतंत्र
(D) साम्यवाद
➡ उत्तर: (C) लोकतंत्र
6. ‘क्षैतिज शक्ति-विभाजन’ का उदाहरण क्या है?
(A) केंद्र और राज्य सरकार
(B) न्यायपालिका और कार्यपालिका
(C) पंचायत और नगर निगम
(D) केंद्र और स्थानीय निकाय
➡ उत्तर: (B) न्यायपालिका और कार्यपालिका
7. बेल्जियम में समुदाय सरकारें किन विषयों पर कार्य करती हैं?
(A) कृषि
(B) शिक्षा और संस्कृति
(C) रक्षा
(D) विदेश नीति
➡ उत्तर: (B) शिक्षा और संस्कृति
8. श्रीलंका में तमिलों की जनसंख्या का प्रतिशत कितना था?
(A) 1%
(B) 40%
(C) 18%
(D) 59%
➡ उत्तर: (C) 18%
9. ‘बहुसंख्यकवाद’ का अर्थ है—
(A) सभी को समान अधिकार
(B) बहुसंख्यक का निर्णय लागू
(C) समुदाय सरकार
(D) नागरिक अधिकार
➡ उत्तर: (B) बहुसंख्यक का निर्णय लागू
10. सत्ता-साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) संघर्ष बढ़ाना
(B) सत्ता का केंद्रीकरण
(C) शांति और स्थिरता बनाए रखना
(D) भाषा को बढ़ावा देना
➡ उत्तर: (C) शांति और स्थिरता
⭐ 2. एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. सत्ता-साझेदारी
➡ विभिन्न समूहों और संस्थाओं में शक्ति का बाँटना।
2. बहुसंख्यकवाद (Majoritarianism)
➡ बहुसंख्यक का निर्णय अल्पसंख्यकों पर थोपना।
3. विशेष बहुमत (Special Majority)
➡ ऐसे निर्णय जिनमें दोनों समुदायों की सहमति जरूरी हो।
4. समुदाय सरकार (Community Government)
➡ भाषा व संस्कृति से संबंधित विषयों पर अधिकार रखने वाली सरकार।
5. क्षैतिज विभाजन (Horizontal Power Sharing)
➡ विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका में शक्ति का बंटवारा।
6. ऊर्ध्वाधर विभाजन (Vertical Power Sharing)
➡ केंद्र, राज्य व स्थानीय निकायों के बीच शक्ति का विभाजन।
7. LTTE
➡ श्रीलंका का तमिल चरमपंथी संगठन।
8. गठबंधन सरकार (Coalition Government)
➡ कई राजनीतिक दलों द्वारा मिलकर बनाई गई सरकार।
9. भाषाई संघर्ष (Linguistic Conflict)
➡ भाषा आधारित विवाद या संघर्ष।
10. संघवाद (Federalism)
➡ केंद्र व राज्यों में शक्ति का विभाजित होना।
⭐ 3. महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Short + Long Answers)
(A) लघु प्रश्न-उत्तर
1. सत्ता-साझेदारी क्यों महत्वपूर्ण है?
➡ इससे संघर्ष कम होता है, विविधता का सम्मान होता है और लोकतंत्र मजबूत होता है।
2. बेल्जियम में अपनाए गए मुख्य उपाय क्या थे?
➡ समान सीटें, विशेष बहुमत कानून, समुदाय सरकार और राज्य-पुनर्गठन।
3. श्रीलंका में तमिल असंतोष का मुख्य कारण क्या था?
➡ भाषा भेदभाव, नौकरियों में कम अवसर, सिंहली बौद्धों को विशेष दर्जा।
4. क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर शक्ति-विभाजन में अंतर बताइए।
- ➡ क्षैतिज: संस्थाओं के बीच शक्ति (विधायिका–न्यायपालिका)।
- ➡ ऊर्ध्वाधर: सरकार के स्तरों में शक्ति (केंद्र–राज्य)।
5. बहुसंख्यकवाद से क्या समस्या उत्पन्न होती है?
➡ अल्पसंख्यकों के अधिकार छीने जाते हैं और संघर्ष बढ़ता है।
(B) दीर्घ प्रश्न-उत्तर
1. बेल्जियम की सत्ता-साझेदारी व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
- बेल्जियम में भाषाई संघर्ष रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए—
- केंद्र सरकार में फ्रेंच और डच भाषियों को समान प्रतिनिधित्व दिया।
- विशेष बहुमत कानून बनाया जिससे कोई भी निर्णय दोनों समुदायों की सहमति के बिना नहीं हो सकता।
- समुदाय सरकारों को शिक्षा, संस्कृति पर विशेष अधिकार दिए।
- केंद्र और राज्यों में शक्तियों का विभाजन किया गया।
इनसे बेल्जियम में स्थिरता और शांति कायम रही।
2. श्रीलंका में भाषा नीति का वर्णन कीजिए और उसके परिणाम बताइए।
1956 में ‘सिंहल ओनली’ नीति लागू की गई। सिंहली को एकमात्र आधिकारिक भाषा घोषित किया गया। तमिलों को नौकरी, शिक्षा और भाषा के अधिकारों में भेदभाव का सामना करना पड़ा।
परिणाम:
- तमिलों में असंतोष बढ़ा
- हिंसा और संघर्ष शुरू हुआ
- LTTE ने हथियार उठाए
- गृहयुद्ध छिड़ गया
यह बताता है कि सत्ता-साझेदारी न देने से देश अस्थिर हो जाता है।
3. सत्ता-साझेदारी के विभिन्न रूपों को विस्तार से समझाइए।
सत्ता-साझेदारी के चार प्रमुख रूप—
- क्षैतिज विभाजन: विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका में शक्ति का बंटवारा।
- ऊर्ध्वाधर विभाजन: केंद्र, राज्य, स्थानीय निकायों में शक्ति का बाँट।
- सामाजिक समूहों के बीच: जाति, भाषा, धर्म पर आधारित आरक्षण।
- राजनीतिक दल/दबाव समूह: चुनाव, गठबंधन, यूनियन और NGO की भागीदारी।
नीचे कक्षा 10 – सत्ता-साझेदारी (Power Sharing) अध्याय के 50 महत्वपूर्ण Objective Questions (MCQ / Objective Type Questions) उत्तर सहित दिए जा रहे हैं।
ये सभी परीक्षा उपयोगी, उच्च स्तर के और बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न हैं।
⭐ सत्ता-साझेदारी – 50 महत्वपूर्ण Objective Questions
1–10: बेल्जियम और श्रीलंका पर आधारित प्रश्न
बेल्जियम में डच भाषी लोगों की आबादी कितनी है?
➡ 59%
बेल्जियम में फ्रेंच भाषी लोगों की आबादी कितनी है?
➡ 40%
बेल्जियम में जर्मन भाषी लोग कितने प्रतिशत हैं?
➡ 1%
ब्रुसेल्स किस देश की राजधानी है?
➡ बेल्जियम
ब्रुसेल्स में कौन-सा समुदाय बहुसंख्यक है?
➡ फ्रेंच भाषी
बेल्जियम किस महाद्वीप में स्थित है?
➡ यूरोप
बेल्जियम में विशेष बहुमत (Special Majority) का उद्देश्य क्या है?
➡ दोनों समुदायों की सहमति सुनिश्चित करना
बेल्जियम में शक्ति-साझेदारी किस कारण महत्वपूर्ण हुई?
➡ भाषाई संघर्ष की संभावना
श्रीलंका में सिंहली जनसंख्या कितनी है?
➡ 74%
श्रीलंका में तमिलों की जनसंख्या कितनी है?
➡ 18%
11–20: भाषा नीति और संघर्ष
श्रीलंका में 1956 में कौन-सा कानून पास किया गया?
➡ सिंहल-ओनली एक्ट
‘सिंहल-ओनली’ नीति किसने लागू की थी?
➡ श्रीलंका सरकार
सिंहली किस धर्म को मानते हैं?
➡ बौद्ध धर्म
श्रीलंका में तमिल किस धर्म को मानते हैं?
➡ हिंदू/ईसाई
तमिलों में असंतोष का मुख्य कारण क्या था?
➡ भाषाई और शैक्षिक भेदभाव
LTTE का पूरा नाम क्या है?
➡ Liberation Tigers of Tamil Eelam
LTTE की मांग क्या थी?
➡ स्वतंत्र तमिल राज्य
श्रीलंका में संघर्ष का कारण क्या था?
➡ सत्ता-साझेदारी का अभाव
श्रीलंका की राजधानी क्या है?
➡ कोलंबो / श्री जयवर्धनेपुरा कोटे
तमिलों की मुख्य मांग क्या थी?
➡ बराबरी व स्वायत्तता
21–30: सत्ता-साझेदारी की अवधारणाएँ
सत्ता-साझेदारी किसका मूल सिद्धांत है?
➡ लोकतंत्र
सत्ता-साझेदारी का उद्देश्य क्या है?
➡ संघर्ष कम करना और शांति बनाना
क्षैतिज शक्ति-विभाजन उदाहरण—
➡ विधायिका–न्यायपालिका–कार्यपालिका
ऊर्ध्वाधर शक्ति-विभाजन उदाहरण—
➡ केंद्र और राज्य सरकार
बहुसंख्यकवाद (Majoritarianism) का अर्थ—
➡ बहुसंख्यक का निर्णय अल्पसंख्यकों पर थोपना
भारत में SC/ST/OBC के लिए आरक्षण किसका उदाहरण है?
➡ सामाजिक समूहों में सत्ता-साझेदारी
गठबंधन सरकार (Coalition) किसकी पहचान है?
➡ राजनीतिक दलों में सत्ता-साझेदारी
समुदाय सरकार किस देश में है?
➡ बेल्जियम
सत्ता-साझेदारी संघर्ष से बचाती है—
➡ सही
बिना सत्ता-साझेदारी के क्या होता है?
➡ संघर्ष और अस्थिरता
31–40: सिद्धांत और संस्थाएँ
‘चेक्स एंड बैलेंस’ किससे संबंधित है?
➡ क्षैतिज शक्ति-विभाजन
किस देश ने जटिल शक्ति-साझेदारी मॉडल अपनाया?
➡ बेल्जियम
श्रीलंका का मॉडल किसका उदाहरण है?
➡ बहुसंख्यकवाद
बेल्जियम का मॉडल किसका उदाहरण है?
➡ सफल सत्ता-साझेदारी
लोकतंत्र में शक्ति किसके बीच बाँटी जानी चाहिए?
➡ विभिन्न समूहों और संस्थाओं में
शक्ति-साझेदारी से कौन-सा मूल्य सुरक्षित होता है?
➡ समानता
भाषा विवाद कहाँ उत्पन्न हुआ?
➡ बेल्जियम और श्रीलंका
भारत में पंचायती राज किसका उदाहरण है?
➡ ऊर्ध्वाधर शक्ति-विभाजन
शक्ति-साझेदारी किस प्रकार के समाज में आवश्यक है?
➡ विविधता वाले समाज में
राजनीतिक पार्टियों और दबाव समूहों के बीच शक्ति-साझेदारी का उद्देश्य क्या है?
➡ सभी आवाज़ों को सुनना
41–50: उच्च स्तर के वस्तुनिष्ठ प्रश्न
कौन-सा देश बहुभाषी है?
➡ बेल्जियम
बेल्जियम में किस समूह की आर्थिक स्थिति बेहतर थी?
➡ फ्रेंच भाषी
श्रीलंका में किस समूह को विशेष दर्जा दिया गया?
➡ सिंहली बौद्ध
बेल्जियम में राज्यों (Regions) की संख्या कितनी है?
➡ तीन
भारत में कौन-सा अधिकार शक्ति-साझेदारी को मजबूत करता है?
➡ समानता का अधिकार
समुदाय सरकार किन विषयों पर कार्य करती है?
➡ संस्कृति और शिक्षा
केंद्र और राज्य के बीच शक्ति-विभाजन किस संविधान में मिलता है?
➡ संघीय संविधान
कौन-सा देश सत्ता-साझेदारी न अपनाने के कारण संघर्ष में डूब गया?
➡ श्रीलंका
'लोकतंत्र में हर समूह को आदर मिलना चाहिए’ – यह किस कारण से कहा जाता है?➡ नैतिक कारण
सत्ता-साझेदारी का परिणाम क्या है?
➡ स्थिरता, शांति और समानता
⭐ सत्ता-साझेदारी – आउट्रो (Conclusion / Outro)
सत्ता-साझेदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का वह आधार है जो किसी भी समाज में विविधता, न्याय और स्थिरता को सुनिश्चित करता है। इस अध्याय में हमने देखा कि कैसे बेल्जियम जैसे देश ने एक सुविचारित और संवेदनशील शक्ति-विभाजन प्रणाली अपनाकर भाषाई संघर्ष को शांत किया और समाज में विश्वास तथा समरसता स्थापित की। वहीं श्रीलंका का उदाहरण यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सत्ता को एक ही समुदाय के हाथों में केंद्रित कर देना किस प्रकार भेदभाव, असंतोष और अंततः हिंसा और गृहयुद्ध को जन्म देता है।
लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है; यह विभिन्न समुदायों, वर्गों, राजनीतिक दलों और संस्थाओं के बीच संतुलित शक्तिवितरण पर आधारित होता है। जब हर समूह को अपनी आवाज़ उठाने, निर्णय-निर्माण में हिस्सा लेने और अपनी पहचान के संरक्षण का अवसर मिलता है, तभी लोकतंत्र वास्तविक अर्थों में जीवित और प्रभावी माना जाता है।
सत्ता-साझेदारी हमें यह सिखाती है कि—
✔ विविधता बोझ नहीं, बल्कि शक्ति है।
✔ हर आवाज़ महत्वपूर्ण है।
✔ न्याय, समानता और सहभागिता से ही स्थिरता आती है।
अंततः, यह अध्याय विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करता है कि समाज में शांति, विश्वास और साझेदारी केवल तभी संभव है जब सत्ता निष्पक्ष रूप से विभाजित हो और हर नागरिक स्वयं को देश का समान रूप से आवश्यक हिस्सा महसूस करे। यही किसी भी लोकतंत्र की असली सफलता है।
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