संघवाद क्या है कक्षा 10 वीं? 10th Class social scince full story 10th Class social scince full story

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संघवाद क्या है कक्षा 10 वीं? 10th Class social scince full story 10th Class social scince full story

नीचे कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (लोकतांत्रिक राजनीति – अध्याय 2: संघवाद) का पूरा अध्याय (Full Story / Summary in Hindi) सरल भाषा में दिया गया है। यह आपके बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बेहद उपयोगी है।

⭐ संघवाद क्या है? (What is Federalism?) – Class 10 Full Story in Hindi

संघवाद (Federalism) शासन की ऐसी व्यवस्था है जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच शक्तियों का स्पष्ट बंटवारा होता है। इस प्रणाली में न तो केंद्र अकेला पूरा अधिकार रखता है और न ही राज्य।

दोनों मिलकर देश को चलाते हैं।

🌟 संघवाद की परिभाषा (Definition of Federalism)

जब दो या दो से अधिक स्तरों की सरकारें एक ही देश को चलाने का काम साझा करती हैं और उनके अधिकार संविधान द्वारा तय किए होते हैं, तो इसे संघवाद कहते हैं।

भारत एक संघीय व्यवस्था वाला देश है जिसमें तीन स्तर की सरकार हैं :

  1. केंद्र सरकार
  2. राज्य सरकारें
  3. स्थानीय सरकारें (पंचायत, नगर पालिका)

🧩 भारत में संघवाद की विशेषताएँ

1️⃣ दो या तीन स्तर की सरकारें

भारत में केंद्र, राज्य और स्थानीय- निकाय सरकार मिलकर शासन चलाती हैं।

2️⃣ संविधान में शक्तियों का विभाजन

भारतीय संविधान में तीन सूचियाँ बनाई गई हैं :

  • संघ सूची – विदेशी मामले, रक्षा, मुद्रा
  • राज्य सूची – पुलिस, कृषि, स्वास्थ्य
  • समवर्ती सूची – शिक्षा, वन, विवाह कानून

3️⃣ संविधान की सर्वोच्चता

सभी सरकारें (केंद्र, राज्य, स्थानीय) संविधान के अनुसार ही काम करती हैं।

4️⃣ न्यायपालिका का भूमिका

सुप्रीम कोर्ट विवाद होने पर फैसला करता है कि किस सरकार के पास कौन-सा अधिकार है।

5️⃣ वित्तीय संघवाद

केंद्र और राज्यों के बीच टैक्स और पैसे का बंटवारा भी तय है।

जैसे – GST में दोनों मिलकर फैसला लेते हैं।

🌏 भारत में संघवाद कैसे विकसित हुआ?

भारत एक विशाल और विविधताओं वाला देश है।

धर्म, भाषा, संस्कृति, खानपान, बोली—सब अलग-अलग। इसलिए भारत में फेडरल प्रणाली बहुत महत्वपूर्ण है।

⭐ भाषाई राज्यों का गठन

1956 में राज्यों का गठन भाषा के आधार पर किया गया, जिससे शासन आसान हुआ।

⭐ तीसरे स्तर की सरकार का निर्माण

1992 में 73वां और 74वां संविधान संशोधन करके :

  • ग्राम पंचायत
  • महानगर पालिका
  • नगर परिषद

को संवैधानिक दर्जा दिया गया।

अब फैसले गाँव/शहर स्तर पर भी लिए जाते हैं।

🏛️ केंद्र और राज्य के बीच संबंध

➤ प्रशासनिक संबंध

केंद्र जरूरत पड़ने पर राज्य को दिशा-निर्देश दे सकता है।

➤ वित्तीय संबंध

केंद्रीय और राज्य सरकारें टैक्स शेयर करती हैं।

➤ राजनीतिक संबंध

राज्य और केंद्र दोनों के अपने-अपने निर्वाचित नेता होते हैं।

📚 संघवाद के फायदे

✔ देश की एकता और अखंडता मजबूत होती है

✔ क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो जाता है

✔ विविधताओं वाले देश में स्थिरता बनी रहती है

✔ सत्ता का विकेंद्रीकरण होता है

✔ जनता की भागीदारी बढ़ती है

🚩 भारत – एक संयुक्त संघ (Holding Together Federation)

अमेरिका के विपरीत, भारत में राज्यों ने मिलकर संघ नहीं बनाया, बल्कि भारत ने विविध राज्यों को मिलाकर एक मज़बूत केंद्र के साथ संघीय व्यवस्था स्थापित की।

⭐ निष्कर्ष — निष्कर्ष (Conclusion)

भारत का संघवाद देश को एकजुट रखता है।

केंद्र और राज्य मिलकर देश को आगे बढ़ाते हैं।

संविधान इन सभी शक्तियों का संतुलन बनाकर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मज़बूत करता है।

नीचे कक्षा 10 – लोकतांत्रिक राजनीति अध्याय-2 : संघवाद (Federalism) के

  • 👉 सारांश,
  • 👉 लघु प्रश्न-उत्तर,
  • 👉 दीर्घ प्रश्न-उत्तर

पूरी परीक्षा-उपयोगी सामग्री दी गई है।

⭐ संघवाद – सारांश (Summary in Hindi)

संघवाद (Federalism) शासन प्रणाली है जिसमें दो या दो से अधिक सरकारें एक ही देश में अलग-अलग स्तर पर शासन करती हैं। भारत में तीन स्तर की सरकारें हैं—केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय। संविधान ने इन सभी सरकारों की शक्तियाँ स्पष्ट रूप से तीन सूचियों—संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची—में बांट दी हैं।

भारत एक Holding Together Federation है जहाँ विविध राज्यों को एकजुट करके केंद्र के नेतृत्व में शासन व्यवस्था संचालित होती है।

1992 के 73वें और 74वें संविधान संशोधन के बाद स्थानीय स्वशासन को भी संवैधानिक दर्जा मिला।

ग्राम पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों का प्रबंधन करते हैं।

संघवाद से—

✔ सत्ता का विकेंद्रीकरण होता है

✔ निर्णय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार होते है

✔ देश में एकता और विविधता दोनों का संरक्षण होता है

⭐ लघु प्रश्न-उत्तर (Short Questions with Answers)

प्र.1. संघवाद से क्या आशय है?

उत्तर: जब दो या अधिक स्तर की सरकारें संविधान द्वारा निर्धारित शक्तियों के साथ शासन करती हैं, उसे संघवाद कहते हैं।

प्र.2. भारत में कितने स्तर की सरकारें हैं?

उत्तर: भारत में तीन स्तर की सरकारें हैं—केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और स्थानीय निकाय।

प्र.3. शक्तियों के विभाजन के लिए संविधान में कितनी सूचियाँ हैं?

उत्तर: तीन—संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची।

प्र.4. संघ सूची में कौन-से विषय आते हैं?

उत्तर: रक्षा, विदेश नीति, मुद्रा आदि।

प्र.5. राज्य सूची के दो उदाहरण लिखिए।

उत्तर: पुलिस, कृषि, स्वास्थ्य।

प्र.6. समवर्ती सूची क्या है?

उत्तर: ऐसे विषय जिन पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, जैसे शिक्षा, वन संरक्षण, विवाह कानून।

प्र.7. स्थानीय सरकार को संवैधानिक दर्जा कब मिला?

उत्तर: 1992 में 73वां और 74वां संशोधन पारित होने पर।

प्र.8. न्यायपालिका संघवाद में क्या भूमिका निभाती है?

उत्तर: सरकारों के बीच विवाद होने पर संविधान के अनुसार निर्णय देती है।

प्र.9. भारत किस प्रकार का संघ है?

उत्तर: होल्डिंग-टुगेदर (holding together) प्रकार का संघ।

प्र.10. संघवाद क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: यह विविधताओं वाले देश में एकता, स्थिरता और स्थानीय भागीदारी को मजबूत करता है।

⭐ दीर्घ प्रश्न-उत्तर (Long Questions with Answers)

प्र.1. भारत में संघवाद की मुख्य विशेषताएँ समझाइए।

उत्तर:

भारत में संघवाद की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं—

  1. एक से अधिक स्तर की सरकारें – केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय।
  2. संविधान द्वारा शक्तियों का विभाजन – संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची।
  3. संविधान की सर्वोच्चता – सभी सरकारें संविधान के अंतर्गत काम करती हैं।
  4. न्यायपालिका की स्वतंत्रता – सुप्रीम कोर्ट विवादों को हल करता है।
  5. द्विकक्षीय विधायिका – केंद्र में लोकसभा व राज्यसभा।
  6. वित्तीय संघवाद – करों और वित्तीय संसाधनों का स्पष्ट बंटवारा।

भारत का संघवाद देश की विविधता, भाषाओं, संस्कृतियों और क्षेत्रों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्र.2. स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) के महत्व को समझाइए।

उत्तर:

स्थानीय स्वशासन का महत्व—

  1. जनता की भागीदारी बढ़ती है – स्थानीय लोग स्वयं निर्णय लेते हैं।
  2. स्थानीय समस्याओं का समाधान होता है – जैसे पानी, सड़क, नाली आदि।
  3. लोकतंत्र मजबूत होता है – सामान्य नागरिक शासन में सीधे शामिल होते हैं।
  4. विकास कार्य तेज होते हैं – निर्णय लेने में देरी नहीं होती।
  5. पारदर्शिता और जवाबदेही – लोगों के सामने ही प्रशासन काम करता है।

ग्राम पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम स्थानीय स्तर पर विकास और प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं।

प्र.3. भारत में राज्यों का गठन भाषा के आधार पर क्यों किया गया?

उत्तर:

स्वतंत्रता के बाद भारत विविध भाषाओं वाला देश था। लोग चाहते थे कि प्रशासन उनकी भाषा में चले।

इसलिए 1956 में राज्य पुनर्गठन आयोग ने भाषाई आधार पर राज्यों के गठन का सुझाव दिया। इससे—

✔ प्रशासन सरल हुआ

✔ सांस्कृतिक पहचान संरक्षित हुई

✔ क्षेत्रीय असंतोष कम हुआ

✔ राष्ट्रीय एकता मजबूत हुई

इस प्रकार भाषाई राज्यों ने भारत को एकजुट रखने में मदद की।

प्र.4. संघवाद के फायदे बताइए।

उत्तर:

संघवाद के प्रमुख फायदे—

  1. सत्ता विभिन्न स्तरों में बँट जाती है।
  2. केंद्र-राज्य के बीच संतुलन बना रहता है।
  3. विविधताओं का सम्मान होता है।
  4. देश में स्थिरता और शांति बनी रहती है।
  5. स्थानीय स्तर पर विकास तेज होता है।
  6. लोकतंत्र मजबूत होता है क्योंकि जनता शासन में शामिल होती है।

यहाँ कक्षा 10 – संघवाद (Federalism) अध्याय के
✔ MCQ
✔ एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
✔ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
पूरी परीक्षा-उपयोगी सामग्री दी जा रही है।
🟦 1. MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
1. भारत में कौन-सी शासन व्यवस्था है?
A. एकात्मक
B. संघीय
C. तानाशाही
D. राजशाही
उत्तर: B
2. संविधान में शक्तियों के विभाजन के लिए कितनी सूचियाँ बनायी गई हैं?
A. 2
B. 3
C. 4
D. 5
उत्तर: B
3. संघ सूची में कौन-सा विषय आता है?
A. पुलिस
B. कृषि
C. रक्षा
D. स्वास्थ्य
उत्तर: C
4. समवर्ती सूची में कौन-सा विषय आता है?
A. मुद्रा
B. विदेश नीति
C. विवाह कानून
D. पुलिस
उत्तर: C
5. पंचायतों और नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा कब मिला?
A. 1947
B. 1956
C. 1992
D. 2000
उत्तर: C
6. भारत किस प्रकार का संघ है?
A. Coming Together
B. Holding Together
C. Break Apart
D. Confederal
उत्तर: B
7. राज्य सूची का एक उदाहरण है—
A. शिक्षा
B. रक्षा
C. न्यायालय
D. कृषि
उत्तर: D
8. स्थानी सरकार किस संशोधन से मजबूत हुई?
A. 42वाँ
B. 73वाँ और 74वाँ
C. 50वाँ
D. 44वाँ
उत्तर: B
9. संघवाद की रक्षा कौन करता है?
A. प्रधानमंत्री
B. राष्ट्रपति
C. सुप्रीम कोर्ट
D. राज्यपाल
उत्तर: C
10. किस सूची में दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं?
A. संघ सूची
B. राज्य सूची
C. समवर्ती सूची
D. स्थानीय सूची
उत्तर: C
🟩 2. एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. संघवाद की परिभाषा
उत्तर: शासन की वह प्रणाली जिसमें दो या अधिक स्तरों की सरकारें संविधान द्वारा निर्धारित शक्तियों के साथ कार्य करती हैं।
2. संघ सूची
उत्तर: वे विषय जिन पर केवल केंद्र सरकार कानून बना सकती है।
3. राज्य सूची
उत्तर: वे विषय जिन पर केवल राज्य सरकार कानून बना सकती है।
4. समवर्ती सूची
उत्तर: वे विषय जिन पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं।
5. विकेंद्रीकरण
उत्तर: सत्ता और अधिकारों को निचले स्तर पर बांटना।
6. पंचायती राज
उत्तर: स्थानीय स्वशासन प्रणाली जिसमें ग्राम पंचायतें शामिल होती हैं।
7. 73वाँ संशोधन
उत्तर: पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा देने वाला संशोधन।
8. 74वाँ संशोधन
उत्तर: नगर पालिका/नगर निगम को संवैधानिक दर्जा देने वाला संशोधन।
9. संघीय व्यवस्था
उत्तर: केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन।
10. भाषाई राज्य
उत्तर: राज्य जिनका गठन प्रमुख रूप से भाषा के आधार पर किया गया हो।
🟨 3. महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्र.1. संघवाद क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
संघवाद आवश्यक है क्योंकि यह—
विशाल देशों में विविधता को संरक्षण देता है
स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर करता है
सत्ता का संतुलन बनाए रखता है
लोकतंत्र को मजबूत करता है
प्र.2. भारत में शक्तियों का विभाजन कैसे किया गया है?
उत्तर:
भारतीय संविधान ने शक्तियों को तीन सूचियों में बाँटा है—
  • संघ सूची – रक्षा, विदेशी मामले
  • राज्य सूची – पुलिस, कृषि
  • समवर्ती सूची – शिक्षा, विवाह कानून
यह व्यवस्था केंद्र और राज्य के बीच संतुलन बनाती है।
प्र.3. स्थानीय स्वशासन के क्या लाभ हैं?
उत्तर
स्थानीय स्वशासन के लाभ—
जनता की भागीदारी बढ़ती है
स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय होते हैं
विकास कार्य तेजी से पूरे होते हैं
लोकतंत्र मजबूत होता है
प्र.4. न्यायपालिका संघीय व्यवस्था में क्या भूमिका निभाती है?
उत्तर:
न्यायपालिका संविधान की व्याख्या करती है और सरकारों के बीच विवाद होने पर निष्पक्ष निर्णय देती है। यह संघीय ढांचे को मजबूत करती है।
प्र.5. भारत Holding Together Federation क्यों कहलाता है?
उत्तर:
क्योंकि भारत में राज्यों ने मिलकर संघ नहीं बनाया, बल्कि भारत ने विविध राज्यों को एकीकृत कर एक मजबूत केंद्र के अधीन संघ बनवाया है।
इससे देश की एकता और अखंडता बनी रहती है।
नीचे कक्षा 10 – संघवाद (Federalism) अध्याय के 50 Objective (MCQ) Questions with Answers दिए गए हैं। ये बोर्ड परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

🎯 संघवाद – 50 Objective Questions & Answers
1. भारत में किस प्रकार की शासन व्यवस्था है?
उत्तर: संघीय (Federal)
2. संविधान में शक्तियों के विभाजन के लिए कितनी सूचियाँ हैं?
उत्तर: 3
3. संघ सूची का एक विषय है—
उत्तर: रक्षा
4. राज्य सूची का एक विषय है—
उत्तर: पुलिस
5. समवर्ती सूची में आता है—
उत्तर: शिक्षा
6. स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा कब मिला?
उत्तर: 1992
7. 73वाँ संशोधन किससे संबंधित है?
उत्तर: पंचायतों से
8. 74वाँ संशोधन किससे संबंधित है?
उत्तर: नगर पालिकाओं से
9. भारत किस प्रकार का संघ है?
उत्तर: Holding Together Federation
10. संविधान की सर्वोच्चता किसका आधार है?
उत्तर: संघीय व्यवस्था का
11. संघवाद का मुख्य उद्देश्य है—
उत्तर: सत्ता का विकेंद्रीकरण
12. न्यायपालिक संघवाद की—
उत्तर: संरक्षक है
13. पंचायती राज व्यवस्था किस स्तर की सरकार है?
उत्तर: स्थानीय स्तर
14. भारतीय संविधान में राज्यों का गठन किस आधार पर हुआ?
उत्तर: भाषा के आधार पर
15. GST किस प्रकार का कर है?
उत्तर: संयुक्त (केंद्र + राज्य)
16. सरकार के कितने स्तर भारत में हैं?
उत्तर: 3 स्तर
17. भारत में राज्यसभा किसका प्रतिनिधित्व करती है?
उत्तर: राज्यों का
18. 'विकेंद्रीकरण' का अर्थ है—
उत्तर: शक्तियों को निचले स्तर पर बाँटना
19. 'होल्डिंग टुगेदर संघ' का उदाहरण है—
उत्तर: भारत
20. भारत में प्रथम भाषाई राज्य कौन-सा बना?
उत्तर: आंध्र प्रदेश
21. समवर्ती सूची में दोनों सरकारें—
उत्तर: कानून बना सकती हैं
22. स्थानीय निकायों का मुख्य उद्देश्य—
उत्तर: स्थानीय विकास
23. नगर पालिका किस क्षेत्र में कार्य करती है?
उत्तर: शहरी क्षेत्र
24. ग्राम पंचायत किस क्षेत्र में कार्य करती है?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्र
25. संघ सूची में विषयों की संख्या—
उत्तर: लगभग 100
26. राज्य सूची में विषयों की संख्या—
उत्तर: 61
27. समवर्ती सूची में विषयों की संख्या—
उत्तर: 52
28. संघवाद का सबसे बड़ा लाभ है—
उत्तर: विविधता का संरक्षण
29. संविधान का कौन-सा भाग केंद्र और राज्य के संबंधों पर है?
उत्तर: भाग XI
30. वित्त आयोग कितने वर्षों में बनता है?
उत्तर: 5 वर्ष
31. राज्यपाल किसका प्रतिनिधि होता है?
उत्तर: केंद्र सरकार का
32. पंचायत चुनाव कितने वर्षों में होते हैं?
उत्तर: 5 वर्ष
33. नगर निकाय चुनाव कितने वर्षों में होते हैं?
उत्तर: 5 वर्ष
34. ग्राम सभा किस स्तर पर होती है?
उत्तर: गाँव स्तर
35. पंचायत समिति किस स्तर पर कार्य करती है?
उत्तर: मध्य स्तर (Block Level)
36. जिला परिषद कार्य करती है—
उत्तर: जिला स्तर पर
37. भारत में संघीय व्यवस्था को कौन सुनिश्चित करता है?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट
38. भारतीय संघ में केंद्र और राज्य किसके अधीन काम करते हैं?
उत्तर: संविधान
39. किसी राज्य को नया राज्य बनाने का अधिकार किसके पास है?
उत्तर: संसद के पास
40. स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ी इकाई कौन है?
उत्तर: जिला परिषद
41. पंचायतों को धन कौन देता है?
उत्तर: राज्य सरकार
42. नगर निगम किस क्षेत्र में कार्य करता है?
उत्तर: बड़े शहरों में
43. नगर पालिका किस क्षेत्र में कार्य करती है?
उत्तर: मध्यम शहरों में
44. नगर पंचायत कार्य करती है—
उत्तर: छोटे कस्बों में
45. संविधान द्वारा सबसे बड़ी शक्ति किसे दी गई है?
उत्तर: केंद्र सरकार को
46. राज्यपाल पंचायतों से संबंधित रिपोर्ट किसे भेजता है?
उत्तर: राज्य सरकार को
47. पंचायतों की स्थापना में कौन-सा संशोधन महत्वपूर्ण है?
उत्तर: 73वाँ संशोधन
48. राज्य और केंद्र के बीच विवाद किसके द्वारा हल किया जाता है?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट
49. ‘फेडरलिज़्म’ शब्द किस भाषा से आया है?
उत्तर: लैटिन भाषा से (‘Foedus’ = समझौता)
50. भारत के संविधान में कितने प्रकार की सरकारें मौजूद हैं?
उत्तर: तीन – केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारें

नीचे कक्षा 10 – संघवाद (Federalism) अध्याय के लिए एक सुंदर, प्रभावी और परीक्षा-उपयोगी आउट्रो (Outro) दिया गया है—आप इसे अपने नोट्स, प्रोजेक्ट या ब्लॉग में सीधे उपयोग कर सकते हैं।

⭐ संघवाद – आउट्रो (Outro in Hindi)

संघवाद केवल शासन व्यवस्था का एक ढांचा नहीं है, बल्कि यह भारत जैसे विशाल और विविध देश को एक सूत्र में जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है। इस अध्याय के माध्यम से हमने समझा कि कैसे हमारे संविधान ने केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों के बीच शक्तियों का संतुलन स्थापित किया है। यह संतुलन न केवल देश की एकता को बनाए रखता है, बल्कि लोकतंत्र में लोगों की सीधी भागीदारी को भी सुनिश्चित करता है।

भारत की संघीय व्यवस्था देश की विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और क्षेत्रों को सम्मान देते हुए आगे बढ़ने का मार्ग प्रदान करती है। शक्तियों का यह विभाजन देश के प्रशासन को अधिक लोकतांत्रिक, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाता है। पंचायतों और नगर निकायों के माध्यम से आम नागरिक तक सत्ता पहुँचती है और विकास का लाभ जमीनी स्तर तक पहुँचना संभव हो पाता है।

अंत में, यह अध्याय हमें यह सिखाता है कि एकता तभी मजबूत होती है जब विविधताओं को सम्मान मिले, निर्णय स्थानीय स्तर पर हों और सभी वर्ग शासन में भागीदारी महसूस करें।
संघवाद का यही मूल संदेश भारत के लोकतंत्र को स्थिर, सशक्त और जीवंत बनाता है।

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