नौबत खाने में इबादत – पूरा पाठ का सारांश (Full Story Summary)
लेखक – यतेन्द्र मिश्र
“नौबत खाने में इबादत” एक बेहद संवेदनशील और प्रेरणादायक प्रसंग है, जिसमें लेखक अपने बचपन की एक स्मृति के माध्यम से धर्म, संगीत और मानवता की एकता का अद्भुत संदेश देता है।
⭐ कहानी की पृष्ठभूमि
लेखक बचपन में अपने ननिहाल में रहता था। उसके नाना एक छोटे से कस्बे में रहते थे जहाँ पर शहर का मुख्य आकर्षण था—एक पुराना किला और उसमें बना हुआ नौबत खाना। नौबत खाना वह स्थान होता था जहाँ विशेष अवसरों पर वाद्य-यंत्र बजाए जाते थे।
⭐ नाना की खास आदत
लेखक के नाना रोज़ शाम को लेखक को लेकर किले की ओर टहलने जाते थे। रास्ते में वे हमेशा मस्जिद के सामने से गुजरते थे। मस्जिद में रोज़ शाम के समय अज़ान होती थी।
अज़ान की आवाज़ सुनकर नाना रुक जाते और पूर्ण श्रद्धा से सिर झुकाकर खड़े हो जाते।
जबकि वे हिंदू थे, फिर भी वे अज़ान के प्रति वैसी ही श्रद्धा दिखाते थे जैसे कोई अपने धर्म के प्रति।
⭐ लेखक की जिज्ञासा
एक दिन लेखक ने नाना से पूछा—
“नाना, आप तो हिंदू हैं, फिर अज़ान सुनकर ऐसे क्यों रुक जाते हैं?
⭐ नाना का उत्तर – कहानी का केंद्र बिंदु
नाना मुस्कुराते हुए बोले—
“बेटा, इबादत किसी एक जगह की मोहताज नहीं होती।
रब की राह सबके लिए एक है।
मंदिर में आरती हो या मस्जिद में अज़ान,
यह सब उसी परमात्मा तक पहुँचने की अलग-अलग राहें हैं।”
वे बताते हैं कि इंसान को
🕌 मस्जिद,
⛪ गिरजाघर,
🛕 मंदिर
इनसे ऊपर उठकर मानवता की इबादत समझनी चाहिए।
⭐ नौबत खाना और इबादत का संबंध
नौबत खाना, जिसमें संगीत गूँजता था, लेखक के नाना के लिए भी एक इबादत जैसा स्थान था।
वे कहते थे—
“जहाँ मन शांत हो जाए, वही इबादत की जगह है।
नौबत खाने में बजते सुर भी इबादत जैसे होते हैं।”
इसलिए शीर्षक है— “नौबत खाने में इबादत”
यानी इबादत सिर्फ पूजा या नमाज़ नहीं,
बल्कि जहाँ हृदय में शांति और आत्मा में सुकून मिले— वही इबादत है।
⭐ कहानी का मुख्य संदेश
यह पाठ सिखाता है कि—
✔ धर्म मानवता से बड़ा नहीं
धर्म लोगों को जोड़ने के लिए है, बाँटने के लिए नहीं।
✔ हर पूजा समान है
अज़ान, घंटी, आरती, कीर्तन—सबका उद्देश्य एक ही है।
✔ सच्ची इबादत मन की पवित्रता में है
नौबत खाना भी इबादत की जगह हो सकता है, क्योंकि संगीत आत्मा को शांति देता है।
✔ लेखक के नाना सहिष्णुता और सादगी का प्रतीक हैं
पात्र परिचय (Characters)
1. लेखक (यतेन्द्र मिश्र)
बचपन की स्मृति वर्णित करते हैं
जिज्ञासु और संवेदनशील
2. नाना जी
अत्यंत धार्मिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक
सभी धर्मों के प्रति सम्मान रखते हैं
कहानी का मुख्य संदेश इन्हीं के माध्यम से मिलता है
मुख्य बिंदु (Important Points)
लेखक अपने नाना के साथ किले और नौबत खाने तक घूमने जाते थे।
रास्ते में मस्जिद आती थी जहाँ अज़ान होती थी।
नाना अज़ान सुनकर श्रद्धा से रुक जाते थे।
नाना बताते हैं कि परमात्मा सभी का है — इबादत किसी भी जगह हो सकती है।
नौबत खाने का संगीत भी उनके लिए एक इबादत था।
पाठ धार्मिक सहिष्णुता और मानवता का संदेश देता है।
थीम (Theme)
सर्वधर्म समानता
मानवता
आध्यात्मिकता
प्रेम और सद्भाव
50 Important Objective Questions
(MCQ + Fill in the blanks + True/False + One-word)
MCQ (1–25)
1. ‘नौबत खाने में इबादत’ के लेखक कौन हैं?
A. अमरकांत
B. यतेन्द्र मिश्र
C. रामविलास शर्मा
D. प्रेमचंद
उत्तर: B
2. नाना किस समय अज़ान के दौरान रुकते थे?
A. सुबह
B. दोपहर
C. शाम
D. रात
उत्तर: C
3. ‘नौबत खाना’ मुख्यतः किससे संबंधित स्थान है?
A. पूजा
B. संगीत
C. नृत्य
D. चित्रकला
उत्तर: B
4. लेखक बचपन में किसके साथ किले जाते थे?
A. पिता
B. दादी
C. नाना
D. चाचा
उत्तर: C
5. नाना कौन-सी चीज़ को भी इबादत मानते थे?
A. नमाज़
B. आरती
C. संगीत
D. भजन
उत्तर: C
6. अज़ान क्या है?
A. त्यौहार
B. नमाज़ का बुलावा
C. संगीत
D. कथा
उत्तर: B
7. कहानी कहाँ के वातावरण में आधारित है?
A. शहर
B. गाँव
C. कस्बा
D. महानगर
उत्तर: C
8. नाना किस धर्म के अनुयायी थे?
A. मुस्लिम
B. हिंदू
C. सिख
D. ईसाई
उत्तर: B
9. लेखक का ननिहाल कहाँ था?
A. बड़े शहर में
B. कस्बे में
C. गाँव में
D. जंगल के पास
उत्तर: B
10. अज़ान किस भाषा में होती है?
A. हिंदी
B. उर्दू
C. अरबी
D. फारसी
उत्तर: C
11. नाना किस बात पर जोर देते थे?
A. एक धर्म को श्रेष्ठ मानना
B. धर्म के नाम पर विवाद
C. सर्वधर्म समभाव
D. केवल मंदिर जाना
उत्तर: C
12. नौबत खाने में क्या बजता था?
A. घड़ी
B. ढोल-नगाड़े
C. संगीत
D. भजन
उत्तर: C
13. लेखक किस कौतूहल से नाना से प्रश्न करता है?
A. वे अज़ान क्यों सुनते हैं
B. वे क्यों रुक जाते हैं
C. वे मंदिर क्यों नहीं जाते
D. वे शहर क्यों नहीं जाते
उत्तर: B
14. नाना के अनुसार इबादत कहाँ होती है?
A. केवल मंदिर में
B. केवल मस्जिद में
C. जहाँ मन शांत हो
D. केवल घर में
उत्तर: C
15. नौबत खाना किस इमारत का हिस्सा था?
A. मंदिर
B. किला
C. महल
D. मस्जिद
उत्तर: B
16. लेखक को नाना से क्या सीख मिली?
A. झगड़ा
B. भेदभाव
C. मानवता
D. जादू
उत्तर: C
17. अज़ान कब दी जाती है?
A. जब चाहें
B. नमाज़ के समय
C. त्योहार पर
D. सुबह ही
उत्तर: B
18. नाना किस प्रकार के व्यक्ति थे?
A. संकीर्ण
B. विवादप्रिय
C. सहिष्णु
D. क्रोधी
उत्तर: C
19. लेखक को कौन-सी बात विशेष लगती थी?
A. नाना का खाना
B. नाना का सम्मानपूर्ण रुकना
C. नाना का चलना
D. किले की ऊँचाई
उत्तर: B
20. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
A. संगीत बुरा है
B. धर्म का महत्व
C. मानवता सर्वोपरि
D. केवल मंदिर जाना
उत्तर: C
21. ‘इबादत’ किस भाषा का शब्द है?
A. संस्कृत
B. अरबी
C. हिंदी
D. उर्दू
उत्तर: B
22. नाना किस चीज़ को आध्यात्मिक मानते थे?
A. लड़ाई
B. संगीत
C. शोर
D. खेल
उत्तर: B
23. लेखक ने यह प्रसंग कब देखा था?
A. बचपन में
B. युवावस्था में
C. वृद्धावस्था में
D. किसी दोस्त से सुना
उत्तर: A
24. नाना का धर्म के प्रति दृष्टिकोण कैसा था?
A. कट्टर
B. सीमित
C. उदार और व्यापक
D. विवादास्पद
उत्तर: C
25. अज़ान सुनकर नाना क्या करते थे?
A. चल देते
B. बैठ जाते
C. रुक जाते
D. घर चले जाते
उत्तर: C
Fill in the Blanks (26–35)
26. ‘नौबत खाने में इबादत’ के लेखक __________ हैं।
उत्तर: यतेन्द्र मिश्र
27. नाना अज़ान सुनते ही __________ हो जाते थे।
उत्तर: रुक
28. अज़ान __________ को बुलाने के लिए होती है।
उत्तर: नमाज़
29. नौबत खाना मुख्यतः __________ से जुड़ा है।
उत्तर: संगीत
30. नाना सभी धर्मों को __________ मानते थे।
उत्तर: समान
31. लेखक अपने नाना के साथ __________ जाते थे।
उत्तर: किले तक
32. नाना के अनुसार इबादत दिल की __________ है।
उत्तर: भावना
33. अज़ान __________ भाषा में होती है।
उत्तर: अरबी
34. नौबत खाना किले का एक __________ था।
उत्तर: हिस्सा
35. नाना का स्वभाव __________ था।
उत्तर: सहिष्णु
True / False (36–45)
36. नाना अज़ान को महत्व नहीं देते थे।
उत्तर: False
37. लेखक के अनुसार नाना कट्टर धार्मिक थे।
उत्तर: False
38. नौबत खाने में संगीत बजाया जाता था।
उत्तर: True
39. कहानी का मुख्य संदेश मानवता है।
उत्तर: True
40. नाना केवल अपने धर्म में विश्वास करते थे।
उत्तर: False
41. अज़ान सुनकर नाना तेज़ चलने लगते थे।
उत्तर: False
42. नाना संगीत को आध्यात्मिक मानते थे।
उत्तर: True
43. कहानी लेखक की किशोरावस्था की घटना है।
उत्तर: False
44. नौबत खाना मस्जिद में होता है।
उत्तर: False
45. लेखक नाना की सोच से प्रभावित था।
उत्तर: True
One Word / Very Short (46–50)
46. इबादत का अर्थ क्या है?
उत्तर: उपासना
47. मस्जिद में होने वाली पुकार का नाम?
उत्तर: अज़ान
48. नाना किस चीज़ को भी इबादत मानते थे?
उत्तर: संगीत
49. कहानी का मुख्य विषय?
उत्तर: सर्वधर्म समभाव / मानवता
50. नाना किसके साथ किले जाते थे?
उत्तर: लेखक
(समापन)
यह अध्याय “नौबत खाने में इबादत” हमें यह समझाता है कि सच्ची इबादत किसी एक धर्म या परंपरा में सीमित नहीं होती, बल्कि वह दिल की पवित्रता और मन की शांति से जन्म लेती है। लेखक के नाना अपने आचरण से यह संदेश देते हैं कि चाहे अज़ान की आवाज़ हो या नौबत खाने का संगीत—हर जगह ईश्वर की झलक मिल सकती है, यदि मन में श्रद्धा और प्रेम हो। धर्म का वास्तविक उद्देश्य मनुष्यों को जोड़ना है, बाँटना नहीं।
आज के समय में, जब अक्सर लोग धर्म के आधार पर भेदभाव या विवाद करते दिखाई देते हैं, यह पाठ हमें याद दिलाता है कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है। नाना की व्यापक सोच, उनकी सरलता और उनका सर्वधर्म समभाव हमें प्रेरित करता है कि हम भी सभी धर्मों और मान्यताओं का सम्मान करते हुए जीवन में शांति, सद्भाव और प्रेम को अपनाएँ।

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