शिक्षा और संस्कृति – पूरी कहानी / सारांश
लेखक – महात्मा गाँधी
“शिक्षा और संस्कृति” निबंध में महात्मा गाँधी ने भारतीय शिक्षा-व्यवस्था, भारतीय संस्कृति, मातृभाषा और चरित्र-निर्माण पर अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए हैं। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि मनुष्य का सर्वांगीण विकास होना चाहिए।
गाँधीजी कहते हैं कि सच्ची शिक्षा वही है जो बच्चे के शरीर, मन और आत्मा—इन तीनों का विकास करे। केवल किताबों का ज्ञान या अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान मनुष्य को शिक्षित नहीं बनाता; ब्लकि अनुशासन, परिश्रम, सत्य, अहिंसा, कर्मठता और नैतिकता ही शिक्षा के मूल तत्व हैं।
शिक्षा और मातृभाषा
गाँधीजी का विशेष जोर मातृभाषा में शिक्षा पर है। वे कहते हैं कि बच्चा सबसे अच्छी तरह अपनी भाषा में ही सीखता है। अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाई करने से बच्चों और समाज के बीच की दूरी बढ़ती है। इसलिए हिंदी या अपनी मातृभाषा में ही शिक्षा दी जानी चाहिए, जिससे विद्यार्थी अपने समाज और संस्कृति से जुड़ा रह सके।
शिक्षा और संस्कृति का संबंध
गाँधीजी बताते हैं कि शिक्षा और संस्कृति एक-दूसरे की पूरक हैं।
शिक्षा मनुष्य को ज्ञान, विवेक और समझ देती है।
संस्कृति मनुष्य को संस्कार, नैतिकता और सही जीवन-मार्ग प्रदान करती है।
शिक्षा यदि संस्कृति से जुड़ी न हो, तो वह अधूरी होती है। केवल डिग्री पाने से मनुष्य शिक्षित नहीं माना जा सकता; शिक्षित वही है जो संस्कारी, अनुशासित और चरित्रवान हो।
शारीरिक श्रम और शिक्षा
गाँधीजी ऐसे शिक्षण-तंत्र की वकालत करते हैं जिसमें विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ हस्तकला और श्रम भी सीखे। उनका मानना है कि श्रम करने वाला मनुष्य कभी निकम्मा नहीं बनता। श्रम से आत्मनिर्भरता, सादगी और आत्मविश्वास बढ़ता है।
चरित्र-निर्माण पर जोर
गाँधीजी कहते हैं कि शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य चरित्र का निर्माण है। सत्य, अहिंसा, दया, ईमानदारी, सेवा-भाव और आत्मसंयम—ये सभी गुण शिक्षा के माध्यम से विकसित होने चाहिए।
भारतीय संस्कृति की विशेषताएँ
गाँधीजी भारतीय संस्कृति की कुछ प्रमुख विशेषताएँ बताते हैं:
अहिंसा और सत्य का मार्ग
सहिष्णुता और सर्वधर्म समभाव
सादगी और आत्मनिर्भरता
कर्तव्य-निष्ठा
परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी
उनका मानना है कि भारतीय संस्कृति संसार को शांति का मार्ग दिखा सकती है।
निष्कर्ष
इस निबंध में गाँधीजी शिक्षा को जीवन-निर्माण की प्रक्रिया बताते हैं, न कि केवल नौकरी पाने का साधन। उनके अनुसार सही शिक्षा वही है, जो व्यक्ति को संस्कारी, श्रमशील, नैतिक, देशभक्त और आत्मनिर्भर बनाए।
नीचे “शिक्षा और संस्कृति” (लेखक – महात्मा गाँधी) पाठ के सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न, दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और उनके उत्तर तैयार कर दिए गए हैं — 10th Class स्तर पर सरल और परीक्षा उपयोगी भाषा में।
⭐ सारांश (Summary)
“शिक्षा और संस्कृति” पाठ में महात्मा गाँधी बताते हैं कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य मनुष्य के सर्वांगीण विकास—शरीर, मन और आत्मा—का समान रूप से विकास करना है। वे कहते हैं कि केवल अंग्रेज़ी पढ़ लेना या कुछ जानकारियाँ कंठस्थ कर लेना शिक्षा नहीं है; शिक्षा वह है जो मनुष्य को संस्कारी, नैतिक, श्रमशील और चरित्रवान बनाती है।
गाँधीजी मातृभाषा में शिक्षा को सबसे श्रेष्ठ मानते हैं, क्योंकि बच्चा अपनी भाषा में ही दुनिया को सही तरह समझ सकता है। वे शिक्षा और संस्कृति के गहरे संबंध को बताते हैं—शिक्षा ज्ञान देती है, और संस्कृति मनुष्य को दिशा और संस्कार प्रदान करती है।
गाँधीजी कहते हैं कि भारतीय संस्कृति सत्य, अहिंसा, सादगी, आत्मनिर्भरता और सहिष्णुता पर आधारित है। इसलिए शिक्षा का उद्देश्य ऐसा होना चाहिए जो बच्चों में इन मूल्यों का विकास करे। शिक्षा को केवल नौकरी पाने का साधन न मानकर इसे जीवन-निर्माण की प्रक्रिया समझना चाहिए।
⭐ लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
1. गाँधीजी के अनुसार शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
शिक्षा का मुख्य उद्देश्य मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा—तीनों का संतुलित विकास करना है।
2. गाँधीजी मातृभाषा में शिक्षा क्यों आवश्यक मानते हैं?
क्योंकि बच्चा अपनी मातृभाषा में ही चीज़ों को आसानी से समझता है और समाज व संस्कृति से जुड़ा रहता है।
3. संस्कृति और शिक्षा में क्या संबंध है?
शिक्षा ज्ञान देती है और संस्कृति उसे दिशा व नैतिक मूल्य प्रदान करती है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
4. गाँधीजी शारीरिक श्रम को क्यों महत्वपूर्ण मानते हैं?
क्योंकि श्रम से आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास, सादगी और कर्मठता बढ़ती है।
5. भारतीय संस्कृति की दो मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
सत्य और अहिंसा, सादगी और सहिष्णुता।
⭐ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
1. गाँधीजी के अनुसार सच्ची शिक्षा क्या है? स्पष्ट कीजिए।
गाँधीजी के अनुसार सच्ची शिक्षा वह है जो मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा का समुचित विकास करे। केवल पढ़-लिख लेने या परीक्षा में अच्छे अंक लाने से कोई शिक्षित नहीं होता। शिक्षा से मनुष्य में नैतिकता, सत्य, अहिंसा, अनुशासन, परिश्रम, सेवा-भाव और चरित्र जैसे गुणों का विकास होना चाहिए।
वे शिक्षा को जीवन का मार्गदर्शक मानते हैं, न कि केवल नौकरी पाने का साधन। इसलिए वे ऐसी शिक्षा प्रणाली की वकालत करते हैं जिसमें ज्ञान के साथ-साथ संस्कार और चरित्र निर्माण प्रमुख हो।
2. मातृभाषा में शिक्षा देने के पक्ष में गाँधीजी के तर्क लिखिए।
गाँधीजी का मत है कि मातृभाषा में दी गई शिक्षा सबसे प्रभावी होती है। बच्चा अपनी भाषा में जल्दी सीखता है और गहराई से समझ पाता है। अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाई से बच्चे और समाज के बीच दूरी बढ़ जाती है, जबकि मातृभाषा में पढ़ाई से वे अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों से जुड़े रहते हैं। मातृभाषा में विचारों को अभिव्यक्त करना भी आसान होता है। इस प्रकार मातृभाषा में शिक्षा बच्चों के बौद्धिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिए आवश्यक है।
3. गाँधीजी ने भारतीय संस्कृति की किन विशेषताओं का वर्णन किया है? विस्तार से समझाइए।
गाँधीजी बताते हैं कि भारतीय संस्कृति सत्य और अहिंसा पर आधारित है। यहाँ सहिष्णुता, प्रेम, दया, सहयोग और सादगी के मूल्य प्रमुख हैं। भारतीय संस्कृति आत्मनिर्भरता और परस्पर सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करती है। यह व्यक्ति को परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार बनाती है।
गाँधीजी का मानना है कि भारतीय संस्कृति मानवता को सही दिशा दे सकती है और विश्व में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
4. शिक्षा और संस्कृति का आपस में क्या संबंध है? विस्तार से लिखिए।
शिक्षा और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षा मनुष्य को ज्ञान और विवेक प्रदान करती है, जबकि संस्कृति उसे नैतिक मूल्य और उचित दिशा देती है। यदि शिक्षा संस्कृति रहित हो तो वह केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित रह जाएगी।
सांस्कृतिक मूल्यों से रहित शिक्षा मनुष्य को उद्दंड, स्वार्थी और असंवेदनशील बना सकती है, जबकि संस्कृति से जुड़ी शिक्षा मनुष्य को संस्कारवान, विनम्र, सहिष्णु, कर्मठ और जिम्मेदार बनाती है। इसीलिए गाँधीजी शिक्षा को संस्कृति से जोड़ने पर जोर देते हैं।
नीचे “शिक्षा और संस्कृति” – महात्मा गाँधी (10th Class Hindi) अध्याय के
✔ MCQ (Objective – 40 Important)
✔ एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न
✔ प्रश्न-उत्तर (Short)
पूरी तरह परीक्षा-पैटर्न के अनुसार दिए जा रहे हैं।
⭐ MCQ – 40 महत्वपूर्ण प्रश्न (Objective Questions)
1. ‘शिक्षा और संस्कृति’ के लेखक कौन हैं?
a) रामधारी सिंह दिनकर
b) महात्मा गाँधी
c) प्रेमचंद
d) नेहरू
→ सही उत्तर: b
2. गाँधीजी के अनुसार सच्ची शिक्षा किसका विकास करती है?
a) शरीर का
b) मन का
c) आत्मा का
d) शरीर, मन और आत्मा का
→ सही उत्तर: d
3. गाँधीजी ने किस भाषा में शिक्षा को आवश्यक बताया है?
a) अंग्रेज़ी
b) संस्कृत
c) मातृभाषा
d) विदेशी भाषा
→ सही उत्तर: c
4. शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a) धन कमाना
b) नौकरी पाना
c) चरित्र निर्माण
d) विदेश जाना
→ सही उत्तर: c
5. संस्कृति मनुष्य को क्या प्रदान करती है?
a) भोजन
b) संस्कार
c) खेल
d) नौकरी
→ सही उत्तर: b
6. भारतीय संस्कृति की मुख्य विशेषता क्या है?
a) हिंसा
b) कठोरता
c) सत्य और अहिंसा
d) युद्ध
→ सही उत्तर: c
7. गाँधीजी शिक्षा को किससे जोड़कर देखते हैं?
a) संस्कृति से
b) राजनीति से
c) व्यापार से
d) साहित्य से
→ सही उत्तर: a
8. गाँधीजी ने किसे गलत माना है?
a) मातृभाषा में शिक्षा
b) श्रम
c) अंग्रेज़ी माध्यम की शिक्षा
d) सत्य का पालन
→ सही उत्तर: c
9. शिक्षा और संस्कृति के संबंध को कैसा बताया गया है?
a) असंबंधित
b) विरोधी
c) पूरक
d) दूर-दूर
→ सही उत्तर: c
10. गाँधीजी श्रम को क्या मानते हैं?
a) बोझ
b) अनावश्यक
c) आवश्यक
d) खराब
→ सही उत्तर: c
11. शिक्षा का सर्वोच्च लक्ष्य क्या है?
a) परीक्षा पास करना
b) डिग्री लेना
c) चरित्र निर्माण
d) प्रतियोगिता जीतना
→ सही उत्तर: c
12. संस्कृति मनुष्य को क्या सिखाती है?
a) अनुशासन
b) दया
c) सत्य
d) उपर्युक्त सभी
→ सही उत्तर: d
13. गाँधीजी का मुख्य बल किस पर है?
a) विलासिता पर
b) दिखावे पर
c) सादगी और श्रम पर
d) हिंसा पर
→ सही उत्तर: c
14. शिक्षा से क्या विकसित होता है?
a) शरीर
b) विवेक
c) क्रोध
d) भय
→ सही उत्तर: b
15. भारतीय संस्कृति किस पर आधारित है?
a) धन
b) अहिंसा
c) हिंसा
d) युद्ध
→ सही उत्तर: b
16. शिक्षा का अर्थ है—
a) केवल पढ़ना
b) केवल लिखना
c) ज्ञान और संस्कार
d) खेलना
→ सही उत्तर: c
17. चरित्र निर्माण किससे होता है?
a) धन से
b) शिक्षा से
c) हिंसा से
d) आलस्य से
→ सही उत्तर: b
18. गाँधीजी शिक्षा को क्या नहीं मानते?
a) जीवन का मार्ग
b) नौकरी का साधन
c) संस्कृति का आधार
d) सत्य का मार्ग
→ सही उत्तर: b
19. संस्कृति क्या है?
a) व्यवहार शैली
b) फैशन
c) राजनीति
d) युद्ध कला
→ सही उत्तर: a
20. शिक्षा का कार्य है—
a) अज्ञान बढ़ाना
b) ज्ञान देना
c) झगड़ा कराना
d) भ्रम फैलाना
→ सही उत्तर: b
21. शिक्षा किसे प्रभावित करती है?
a) मन
b) आत्मा
c) शरीर
d) सभी
→ सही उत्तर: d
22. गाँधीजी किस शिक्षा को महत्व देते हैं?
a) व्यवहारिक
b) आडंबरयुक्त
c) दिखावटी
d) विदेशी संस्करण
→ सही उत्तर: a
23. भारतीय संस्कृति में क्या महत्व रखता है?
a) धन
b) विनम्रता
c) क्रोध
d) शत्रुता
→ सही उत्तर: b
24. संस्कृति क्या बनाती है?
a) चरित्र
b) बोझ
c) कर
d) व्यापार
→ सही उत्तर: a
25. मातृभाषा क्या कर सकती है?
a) गलत बनाती है
b) समझ आसान करती है
c) भ्रमित करती है
d) सिखाती नहीं
→ सही उत्तर: b
26. शिक्षा और संस्कृति का महत्व किसके लिए है?
a) राष्ट्र के लिए
b) परिवार के लिए
c) समाज के लिए
d) सभी के लिए
→ सही उत्तर: d
27. गाँधीजी शिक्षा को क्या मानते हैं?
a) जीवन निर्माण
b) धन निर्माण
c) बोझ
d) खिलौना
→ सही उत्तर: a
28. संस्कृति मनुष्य को क्या देती है?
a) बदनामी
b) नैतिकता
c) आलस्य
d) हिंसा
→ सही उत्तर: b
29. शिक्षा किसे दूर करती है?
a) अज्ञानता
b) ज्ञान
c) सत्य
d) विनम्रता
→ सही उत्तर: a
30. शिक्षा और संस्कृति—दोनों किसे बनाती हैं?
a) निकम्मा
b) संस्कारी मनुष्य
c) आलसी
d) कठोर
→ सही उत्तर: b
⭐ एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. शिक्षा का मुख्य उद्देश्य – चरित्र निर्माण
2. संस्कृति का अर्थ – व्यवहार और मूल्यों का स्वरूप
3. गाँधीजी किस भाषा में शिक्षा चाहते थे? – मातृभाषा
4. सच्ची शिक्षा किसका विकास करती है? – शरीर, मन और आत्मा
5. भारतीय संस्कृति का आधार – सत्य और अहिंसा
6. संस्कृति मनुष्य को क्या देती है? – संस्कार
7. गाँधीजी ने किस शिक्षा का विरोध किया? – अंग्रेज़ी माध्यम की शिक्षा
8. शिक्षा और संस्कृति कैसे हैं? – पूरक
9. संस्कृति का कार्य – चरित्र निर्माण
10. शिक्षा का वास्तविक अर्थ – ज्ञान + संस्कार
⭐ प्रश्न-उत्तर (Short Answer Questions)
1. शिक्षा और संस्कृति में क्या संबंध है?
दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षा ज्ञान देती है और संस्कृति उसे नैतिक दिशा व मूल्य प्रदान करती है।
2. गाँधीजी के अनुसार मातृभाषा में शिक्षा क्यों आवश्यक है?
क्योंकि बच्चा अपनी मातृभाषा को जल्दी समझता है और अपनी संस्कृति से जुड़ा रहता है।
3. भारतीय संस्कृति की विशेषताएँ लिखिए।
सत्य, अहिंसा, सहिष्णुता, सादगी, आत्मनिर्भरता मुख्य विशेषताएँ हैं।
4. शिक्षा का सर्वोच्च उद्देश्य क्या है?
मनुष्य के चरित्र का निर्माण करना।
5. गाँधीजी शिक्षा को नौकरी का साधन क्यों नहीं मानते?
क्योंकि शिक्षा जीवन के निर्माण और नैतिक विकास का माध्यम है, केवल रोजगार प्राप्त करने का नहीं।
⭐ 50 Objective Important Questions (MCQ)
1. ‘शिक्षा और संस्कृति’ किस प्रकार का गद्य है?
a) कहानी
b) निबंध
c) कविता
d) जीवनी
→ b
2. ‘शिक्षा और संस्कृति’ के लेखक हैं—
a) गाँधीजी
b) टैगोर
c) नेहरु
d) दिनकर
→ a
3. गाँधीजी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या बताते हैं?
a) धन कमाना
b) नौकरी पाना
c) जीवन-निर्माण
d) घूमना
→ c
4. सच्ची शिक्षा का अर्थ क्या है?
a) रटना
b) परीक्षा पास करना
c) पूर्ण व्यक्तित्व विकास
d) धनी बनना
→ c
5. गाँधीजी ने किस भाषा में शिक्षा देने पर जोर दिया?
a) अंग्रेज़ी
b) उर्दू
c) मातृभाषा
d) संस्कृत
→ c
6. संस्कृति मनुष्य को क्या प्रदान करती है?
a) धन
b) पद
c) संस्कार
d) दौलत
→ c
7. शिक्षा और संस्कृति का संबंध कैसा है?
a) दूर का
b) विरोधी
c) पूरक
d) असंबंधित
→ c
8. गाँधीजी किस शिक्षा का विरोध करते हैं?
a) मातृभाषा की
b) अंग्रेज़ी माध्यम की
c) कला-शिक्षा
d) कृषि-शिक्षा
→ b
9. भारतीय संस्कृति का प्रमुख आधार क्या है?
a) हिंसा
b) युद्ध
c) सत्य और अहिंसा
d) राजतंत्र
→ c
10. शिक्षा किसे दूर करती है?
a) ज्ञान
b) अज्ञान
c) सत्य
d) संस्कार
→ b
11. शिक्षा किसका विकास करती है?
a) केवल मन
b) केवल शरीर
c) शरीर–मन–आत्मा
d) केवल आत्मा
→ c
12. संस्कृति मनुष्य को क्या बनाती है?
a) कठोर
b) संस्कारी
c) स्वार्थी
d) हिंसक
→ b
13. गाँधीजी किस पर विशेष बल देते हैं?
a) विलासिता
b) श्रम
c) युद्ध
d) दिखावा
→ b
14. शिक्षा का वास्तविक अर्थ है—
a) खेलना
b) ज्ञान + संस्कार
c) मारकुटाई
d) धन अर्जन
→ b
15. गाँधीजी ने किसको गलत कहा?
a) सत्य
b) अहिंसा
c) अंग्रेज़ी माध्यम
d) श्रम
→ c
16. संस्कृति किस पर आधारित है?
a) हिंसा
b) धन
c) सत्य-अहिंसा
d) युद्ध
→ c
17. शिक्षा का सर्वोच्च लक्ष्य क्या है?
a) परीक्षा पास करना
b) चरित्र निर्माण
c) प्रतियोगी परीक्षा
d) यात्रा
→ b
18. संस्कृति मनुष्य में क्या उत्पन्न करती है?
a) अहंकार
b) दया
c) क्रोध
d) शत्रुता
→ b
19. मातृभाषा क्या कराती है?
a) भ्रम
b) आसान समझ
c) कठिन सीख
d) असफलता
→ b
20. गाँधीजी ने किसे शिक्षा का आधार माना?
a) राजनीति
b) संस्कृति
c) युद्ध
d) उद्योग
→ b
21. शिक्षा का कार्य है—
a) भ्रम फैलाना
b) ज्ञान देना
c) झगड़े कराना
d) क्रोध बढ़ाना
→ b
22. संस्कृति जीवन को किस दिशा में ले जाती है?
a) गलत
b) विनाश
c) सही
d) युद्ध
→ c
23. गाँधीजी किस शिक्षा को जीवन का अंग बताते हैं?
a) रटने वाली
b) व्यवहारिक
c) विदेशी
d) दिखावटी
→ b
24. भारतीय संस्कृति में किसे स्थान दिया गया है?
a) क्रोध
b) सहिष्णुता
c) हिंसा
d) शत्रुता
→ b
25. श्रम से क्या विकसित होता है?
a) आलस्य
b) घमंड
c) आत्मनिर्भरता
d) प्रतिशोध
→ c
26. शिक्षा और संस्कृति किसके लिए आवश्यक हैं?
a) व्यक्ति
b) परिवार
c) राष्ट्र
d) उपर्युक्त सभी
→ d
27. संस्कृति मनुष्य को कैसा बनाती है?
a) उद्दंड
b) सभ्य
c) हिंसक
d) क्रूर
→ b
28. गाँधीजी किसका विरोध करते हैं?
a) सादगी
b) श्रम
c) दिखावा
d) ईमानदारी
→ c
29. शिक्षा किसे बढ़ाती है?
a) अज्ञान
b) विवेक
c) भ्रम
d) विवाद
→ b
30. संस्कृति मनुष्य को क्या सिखाती है?
a) हिंसा
b) प्रतिशोध
c) सत्य-अहिंसा
d) स्वार्थ
→ c
31. मातृभाषा शिक्षण से क्या बढ़ता है?
a) अज्ञान
b) समझ
c) भय
d) क्रोध
→ b
32. शिक्षा का संबंध किससे है?
a) जीवन से
b) फैशन से
c) धन से
d) पद से
→ a
33. भारतीय संस्कृति कैसी है?
a) हिंसक
b) युद्धप्रिय
c) सादगीपूर्ण
d) अत्याचारी
→ c
34. गाँधीजी के अनुसार शिक्षा में क्या शामिल होना चाहिए?
a) श्रम
b) हिंसा
c) युद्ध
d) डर
→ a
35. संस्कृति किसे आकार देती है?
a) धन
b) प्रतिष्ठा
c) चरित्र
d) प्रतिशोध
→ c
36. शिक्षा क्या बनाती है?
a) मूर्ख
b) कर्तव्यनिष्ठ
c) स्वार्थी
d) कठोर
→ b
37. सच्ची शिक्षा किस पर आधारित है?
a) सत्य-अहिंसा
b) रटना
c) दिखावा
d) हिंसा
→ a
38. संस्कृति व्यक्ति को क्या बनाती है?
a) दुष्ट
b) संवेदनशील
c) क्रूर
d) उद्दंड
→ b
39. गाँधीजी किस प्रकार की शिक्षा को गलत मानते हैं?
a) नौकरी आधारित
b) जीवन आधारित
c) नैतिक आधारित
d) सांस्कृतिक आधार वाली
→ a
40. शिक्षा मनुष्य में किसका विकास करती है?
a) स्वार्थ
b) नैतिकता
c) क्रोध
d) प्रतिशोध
→ b
41. संस्कृति को क्यों आवश्यक माना गया है?
a) युद्ध के लिए
b) सफलता के लिए
c) चरित्र और नैतिकता के लिए
d) धन के लिए
→ c
42. मातृभाषा किसका विकास करती है?
a) संस्कृति का
b) हिंसा का
c) प्रभावित करती
d) भ्रम फैलाती
→ a
43. गाँधीजी किसे ‘व्यवहारिक शिक्षा’ कहते हैं?
a) हाथ से काम करना
b) रटना
c) धोखा देना
d) राजनीति
→ a
44. शिक्षा किसे मजबूत बनाती है?
a) मन
b) हिंसा
c) स्वार्थ
d) युद्ध
→ a
45. भारतीय संस्कृति में क्या महत्वपूर्ण है?
a) वेशभूषा
b) सादगी
c) ऊँचाई
d) युद्ध
→ b
46. शिक्षा का उद्देश्य क्या है?
a) ज्ञान का विकास
b) भ्रम फैलाना
c) क्रोध बढ़ाना
d) गलत दिशा देना
→ a
47. संस्कृति मनुष्य को किस दिशा में ले जाती है?
a) नैतिक
b) अनैतिक
c) हिंसात्मक
d) युद्ध
→ a
48. गाँधीजी ने शिक्षा को किससे जोड़ा?
a) युद्ध
b) चरित्र
c) संघर्ष
d) उपेक्षा
→ b
49. मातृभाषा में शिक्षा से क्या होता है?
a) गलतफहमी
b) समझ गहरी
c) क्रोध
d) युद्ध
→ b
50. शिक्षा और संस्कृति किसका निर्माण करती हैं?
a) संस्कारी नागरिक
b) हिंसक मनुष्य
c) उद्दंड व्यक्ति
d) स्वार्थी समाज
→ a
(समापन)
“शिक्षा और संस्कृति” पाठ हमें यह समझाता है कि शिक्षा केवल ज्ञान का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन का निर्माण है। महात्मा गाँधी बताते हैं कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह मनुष्य को संस्कारी, नैतिक, श्रमशील और चरित्रवान बनाए। मातृभाषा में शिक्षा, सत्य-अहिंसा के मूल्य, सादगी और मानवता—ये सभी भारतीय संस्कृति के ऐसे स्तंभ हैं जिन पर हमारा संपूर्ण व्यक्तित्व खड़ा होता है।
गाँधीजी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, क्योंकि आधुनिक शिक्षा के बीच अक्सर नैतिक मूल्यों की कमी दिखाई देती है। ऐसे समय में यह पाठ हमें याद दिलाता है कि वास्तविक प्रगति वही है जो मानवता और संस्कारों को मजबूत करे। इस प्रकार, शिक्षा और संस्कृति मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करती हैं जो शांति, सत्य, करुणा और उच्च आचरण के मार्ग पर चलता है।

0 Comments