भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक 10th Class social scince full story
नीचे “भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक” (Sectors of Indian Economy – Class 10) का पूरी तरह से सरल, विस्तृत और परीक्षा उपयोगी Full Story / Summary in Hindi दिया गया है।
यह अध्याय NCERT Class 10 Economics के Chapter–2 “Sectors of the Indian Economy” पर आधारित है।
⭐ भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक – Full Story / Summary (Class 10)
भारतीय अर्थव्यवस्था विभिन्न प्रकार की गतिविधियों पर आधारित है। लोग अलग-अलग काम करते हैं—कोई खेती करता है, कोई दुकान चलाता है, कोई कारखाने में काम करता है या सरकारी दफ्तर में नौकरी करता है। इन सभी आर्थिक गतिविधियों को आसान बनाने के लिए अर्थशास्त्रियों ने इन्हें तीन मुख्य क्षेत्रकों में बांटा है:
1) प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector)
इसे कृषि, प्राकृतिक संसाधन या प्रत्यक्ष उत्पादन क्षेत्र भी कहा जाता है।
इस क्षेत्र में वही कार्य आते हैं जो प्रकृति से सीधे संसाधन निकालते हैं।
मुख्य गतिविधियाँ
- कृषि (फसल उत्पादन)
- पशुपालन
- मछली पालन
- खनन
- वानिकी (Forest)
- डेयरी
विशेषताएँ
- भारत में सबसे ज्यादा लोग इसी क्षेत्र में काम करते हैं।
- यह क्षेत्र द्वितीय और तृतीय क्षेत्र को कच्चा माल देता है।
उदाहरण
धान उगाना, मिट्टी से लौह-अयस्क निकालना, जंगल से लकड़ी काटना आदि।
2) द्वितीयक क्षेत्र (Secondary/Mineral-Manufacturing Sector)
इस क्षेत्र को उद्योग क्षेत्र भी कहा जाता है।
यहाँ कच्चे माल को प्रसंस्करण करके नई वस्तुएँ तैयार की जाती हैं।
मुख्य गतिविधियाँ
- औद्योगिक उत्पादन
- विनिर्माण उद्योग (मैन्युफैक्चरिंग)
- निर्माण कार्य (Construction)
- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
- लोहे-स्टील, सीमेंट, कपड़ा, मशीनरी निर्माण
उदाहरण
कपास → धागा → कपड़ा
गन्ना → चीनी
खनिज → स्टील
विशेषताएँ
- यह क्षेत्र रोजगार और GDP बढ़ाने में बहुत महत्वपूर्ण है।
- देश के बुनियादी ढांचे के निर्माण में इसकी बड़ी भूमिका होती है।
3) तृतीयक क्षेत्र (Tertiary/Service Sector)
इसे सेवा क्षेत्र कहा जाता है।
इस क्षेत्र का काम – अन्य दोनों क्षेत्रकों को सेवाएँ प्रदान करना।
मुख्य गतिविधियाँ
- परिवहन (Transport)
- संचार (Communication)
- बैंकिंग
- बीमा
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- व्यापार
- पर्यटन
- ई-कॉमर्स व IT सेवाएँ
उदाहरण
किसान ट्रक से अनाज मंडी भेजता है → यह सेवा क्षेत्र है।
ATM से पैसे निकालना → सेवा क्षेत्र।
विशेषताएँ
- आधुनिक अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र।
- भारत की GDP में तृतीयक क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है।
⭐ संगठित एवं असंगठित क्षेत्र (Organised & Unorganised Sector)
आर्थिक गतिविधियों को रोजगार की शर्तों के आधार पर भी बांटा गया है।
1) संगठित क्षेत्र (Organised Sector)
- इसमें सरकार तय नियमों के तहत काम होता है।
- श्रमिकों को निश्चित वेतन, छुट्टियाँ, PF, मेडिकल सुविधाएँ मिलती हैं।
- नौकरी सुरक्षित रहती है।
उदाहरण:
सरकारी विद्यालय, बैंक, बड़ी कंपनियाँ, रेलवे, BSNL।
2) असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector)
- यहाँ नौकरी सुरक्षित नहीं होती।
- काम अनियमित, मजदूरी कम, सुविधाएँ नहीं।
- नियमों का पालन कम होता है।
उदाहरण:
छोटे दुकानदार, दिहाड़ी मजदूर, घरेलू कामगार, ढाबे के कर्मचारी।
⭐ सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र (Public & Private Sector)
सार्वजनिक क्षेत्र
- सरकार द्वारा संचालित
- उद्देश्य: जनता की भलाई
- उदाहरण: भारतीय रेल, BSNL, ONGC
निजी क्षेत्र
- निजी व्यक्तियों/कंपनियों द्वारा संचालित
- उद्देश्य: लाभ कमाना
- उदाहरण: रिलायंस, टाटा, इंफोसिस, निजी बैंक
⭐ भारत में क्षेत्रों का महत्व
प्राथमिक क्षेत्र → लोगों को रोजगार देता है, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
द्वितीयक क्षेत्र → उद्योगों का विकास, निर्यात में वृद्धि।
तृतीयक क्षेत्र → बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन के बिना विकास असंभव।
⭐ बेरोजगारी और छिपी बेरोजगारी (Disguised Unemployment)
खेतों में अक्सर जितने लोगों की जरूरत होती है उससे अधिक लोग काम करते हैं।
यदि कुछ लोग काम छोड़ दें तो भी उत्पादन प्रभावित नहीं होता।
इसे ही छिपी बेरोजगारी कहते हैं।
⭐ GDP (सकल घरेलू उत्पाद)
एक वर्ष में देश के भीतर अंतिम वस्तुओं व सेवाओं का कुल मूल्य।
यह बताता है कि कौन सा क्षेत्र सबसे अधिक योगदान देता है।
आज भारत की GDP में सेवा क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है।
⭐ अध्याय का निष्कर्ष / Main Conclusion
- भारतीय अर्थव्यवस्था तीन मुख्य क्षेत्रकों पर आधारित है:
प्राथमिक → द्वितीयक → तृतीयक
- तीनों एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
- रोजगार, उत्पादन और सेवाओं के संतुलन से ही देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
- असंगठित क्षेत्र में कामगारों की स्थिति सुधारना जरूरी है।
- सार्वजनिक व निजी क्षेत्र दोनों मिलकर देश के विकास को आगे बढ़ाते हैं।
नीचे “भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक (Sectors of Indian Economy)” – Class 10 अध्याय के लिए सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न, दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं।
ये सभी परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।
✅ 1. सारांश (Summary in Hindi)
भारतीय अर्थव्यवस्था की सभी गतिविधियों को तीन मुख्य क्षेत्रों में विभाजित किया गया है—प्राथमिक क्षेत्र, द्वितीयक क्षेत्र, और तृतीयक क्षेत्र। प्राथमिक क्षेत्र में वे कार्य शामिल होते हैं जिनमें प्राकृतिक संसाधनों से सीधे वस्तुएँ प्राप्त होती हैं, जैसे कृषि, मछली पालन, खनन आदि। द्वितीयक क्षेत्र में उद्योगों द्वारा कच्चे माल को रूपांतरित कर नई वस्तुएँ बनाई जाती हैं, जैसे कपड़ा उद्योग, लोहे-इस्पात उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण आदि। तृतीयक क्षेत्र को सेवा क्षेत्र भी कहते हैं, जो अन्य दोनों क्षेत्रों को सेवाएँ प्रदान करता है, जैसे बैंकिंग, परिवहन, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि।
रोजगार के आधार पर क्षेत्र को संगठित और असंगठित क्षेत्र में विभाजित किया गया है। संगठित क्षेत्र में श्रमिकों को निश्चित वेतन, छुट्टियाँ, PF जैसी सुविधाएँ मिलती हैं, जबकि असंगठित क्षेत्र में नौकरी असुरक्षित और कम वेतन वाली होती है। स्वामित्व के आधार पर क्षेत्र सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में बाँटे गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र सरकार द्वारा संचालित होते हैं और समाज कल्याण को बढ़ावा देते हैं, वहीं निजी क्षेत्र लाभ कमाने के उद्देश्य से काम करता है।
भारत में तृतीयक क्षेत्र सबसे तेज गति से बढ़ रहा है और GDP में सबसे बड़ा योगदान देता है। प्राथमिक क्षेत्र में छिपी बेरोजगारी (Disguised Unemployment) एक बड़ी समस्या है। तीनों क्षेत्रों का विकास मिलकर ही देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।
✅ 2. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्र.1: प्राथमिक क्षेत्र किसे कहते हैं?
उत्तर: वे सभी आर्थिक कार्य जिनमें प्राकृतिक संसाधनों से सीधे वस्तुओं का उत्पादन होता है, प्राथमिक क्षेत्र कहलाते हैं। जैसे—कृषि, पशुपालन, मछली पालन आदि।
प्र.2: द्वितीयक क्षेत्र का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: द्वितीयक क्षेत्र में कच्चे माल को प्रसंस्करण कर नई वस्तुएँ बनाई जाती हैं, जैसे—कपास से धागा, धागे से कपड़ा।
प्र.3: तृतीयक क्षेत्र को सेवा क्षेत्र क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि यह प्राथमिक और द्वितीयक दोनों क्षेत्रकों को सेवाएँ उपलब्ध कराता है, जैसे—परिवहन, बैंकिंग, संचार।
प्र.4: छिपी बेरोजगारी क्या है?
उत्तर: जब किसी काम में जितने मजदूरों की आवश्यकता होती है उससे अधिक लोग लगे हों और कुछ लोग हट जाएँ तो भी उत्पादन प्रभावित न हो—इसे छिपी बेरोजगारी कहते हैं।
प्र.5: संगठित क्षेत्र क्या है? एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर: जहाँ काम निश्चित नियमों व कानूनों के तहत होता है और श्रमिकों को वेतन, छुट्टियाँ व सुविधाएँ मिलती हैं, उसे संगठित क्षेत्र कहते हैं। उदाहरण—बैंक, सरकारी कार्यालय।
प्र.6: असंगठित क्षेत्र की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
नौकरी असुरक्षित होती है।
मजदूरी कम और अनियमित होती है।
प्र.7: सार्वजनिक क्षेत्र क्या है?
उत्तर: जो उद्यम सरकार द्वारा चलाए जाते हैं और समाज के कल्याण के लिए कार्य करते हैं, उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र कहते हैं। जैसे—भारतीय रेल।
प्र.8: GDP क्या है?
उत्तर: एक वर्ष में किसी देश के भीतर अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को GDP कहा जाता है।
✅ 3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
प्र.1: प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र की व्याख्या उदाहरण सहित कीजिए।
उत्तर:
भारतीय अर्थव्यवस्था को तीन क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है—प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र।
प्राथमिक क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उत्पादन कार्य किए जाते हैं, जैसे—कृषि, मछली पालन, खनन।
द्वितीयक क्षेत्र में प्राथमिक क्षेत्र से प्राप्त कच्चे माल को प्रसंस्करण कर तैयार उत्पाद बनाए जाते हैं, जैसे—कपास → धागा → कपड़ा।
तृतीयक क्षेत्र अन्य दोनों क्षेत्रों को सेवाएँ प्रदान करता है, जैसे—बैंकिंग, परिवहन, संचार।
तीनों क्षेत्र एक-दूसरे पर निर्भर हैं और मिलकर देश की आर्थिक व्यवस्था को संचालित करते हैं।
प्र.2: संगठित और असंगठित क्षेत्र में अंतर बताइए।
उत्तर:
संगठित क्षेत्र सरकार के तय नियमों के अनुसार चलता है। इसमें श्रमिकों को नियमित वेतन, छुट्टियाँ, PF, मेडिकल सुविधाएँ आदि मिलती हैं। नौकरी सुरक्षित रहती है।
इसके विपरीत, असंगठित क्षेत्र में नियमों का पालन कम होता है। वेतन कम और अनियमित होता है, नौकरी असुरक्षित होती है और सुविधाओं का अभाव होता है। उदाहरण—दैनिक मजदूर, छोटे दुकानदार, घरेलू कामगार।
प्र.3: तृतीयक क्षेत्र का महत्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
तृतीयक क्षेत्र अर्थव्यवस्था का सर्वाधिक तेजी से बढ़ता क्षेत्र है। यह प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्र को महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान करता है—जैसे परिवहन, बैंकिंग, संचार, शिक्षा और स्वास्थ्य। उद्योगों और किसानों के लिए इन सेवाओं के बिना वस्तुओं का उत्पादन और वितरण संभव नहीं। यही कारण है कि भारत की GDP में तृतीयक क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है।
प्र.4: भारत में छिपी बेरोजगारी के कारण और समाधान लिखिए।
उत्तर:
भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि पर अत्यधिक निर्भरता के कारण खेतों में जरूरत से ज्यादा लोग काम करते हैं, जिससे छिपी बेरोजगारी होती है। इसका समाधान है—
ग्रामीण उद्योगों का विकास
मनरेगा जैसी योजनाओं का प्रभावी संचालन
कौशल विकास कार्यक्रम
गैर-कृषि कार्यों में रोजगार उपलब्ध कराना।
प्र.5: सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
सार्वजनिक क्षेत्र—सरकार द्वारा नियंत्रित, उद्देश्य जनता की सेवा; उदाहरण—रेलवे, BSNL।
निजी क्षेत्र—निजी कंपनियों द्वारा संचालित, उद्देश्य लाभ कमाना; उदाहरण—टाटा, रिलायंस।
दोनों क्षेत्रों का संतुलित विकास देश की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है।
✅ 4. कुछ अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्र.1: किस क्षेत्र का GDP में सबसे अधिक योगदान है?
उत्तर: तृतीयक (सेवा) क्षेत्र का।
प्र.2: महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) कब लागू हुआ?
उत्तर: 2005 में।
प्र.3: तृतीयक क्षेत्र को और किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: सेवा क्षेत्र।
नीचे “भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक (Sectors of Indian Economy)” – Class 10 अध्याय के लिए
✔ MCQ,
✔ एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न,
✔ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
पूरी तरह परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए गए हैं।
🟦 1. MCQ (Multiple Choice Questions)
1. प्राथमिक क्षेत्र से संबंधित कौन-सी गतिविधि है?
a) बैंकिंग
b) कृषि
c) उद्योग
d) परिवहन
उत्तर: b) कृषि
2. 'सेवा क्षेत्र' किसे कहा जाता है?
a) प्राथमिक क्षेत्र
b) द्वितीयक क्षेत्र
c) तृतीयक क्षेत्र
d) कृषि क्षेत्र
उत्तर: c) तृतीयक क्षेत्र
3. कपास से धागा और धागे से कपड़ा बनाना किस क्षेत्र से संबंधित है?
a) प्राथमिक
b) द्वितीयक
c) तृतीयक
d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: b) द्वितीयक
4. GDP का पूर्ण रूप क्या है?
a) Gross Domestic Product
b) Good Domestic Production
c) General Development Program
d) None
उत्तर: a) Gross Domestic Product
5. संगठित क्षेत्र की विशेषता क्या है?
a) नौकरी असुरक्षित
b) नियमित वेतन
c) अनियमित समय
d) मजदूरी कम
उत्तर: b) नियमित वेतन
6. मनरेगा (MGNREGA) कब लागू हुआ?
a) 2003
b) 2004
c) 2005
d) 2006
उत्तर: c) 2005
7. असंगठित क्षेत्र का उदाहरण है—
a) बैंक
b) रेलवे
c) दिहाड़ी मजदूर
d) BSNL
उत्तर: c) दिहाड़ी मजदूर
8. कौन सा क्षेत्र सबसे तेजी से बढ़ रहा है?
a) प्राथमिक
b) द्वितीयक
c) तृतीयक
d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: c) तृतीयक
9. छिपी बेरोजगारी किस क्षेत्र में अधिक पाई जाती है?
a) सेवा क्षेत्र
b) उद्योग क्षेत्र
c) कृषि क्षेत्र
d) संचार क्षेत्र
उत्तर: c) कृषि क्षेत्र
10. भारतीय रेल किस क्षेत्र से संबंधित है?
a) निजी क्षेत्र
b) सार्वजनिक क्षेत्र
c) प्राथमिक क्षेत्र
d) असंगठित क्षेत्र
उत्तर: b) सार्वजनिक क्षेत्र
🟦 2. एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. प्राथमिक क्षेत्र
उत्तर: प्राकृतिक संसाधनों से सीधे वस्तु उत्पादन करने वाला क्षेत्र।
2. द्वितीयक क्षेत्र
उत्तर: कच्चे माल को प्रसंस्करण कर नई वस्तु बनाने वाला क्षेत्र।
3. तृतीयक क्षेत्र
उत्तर: सेवा प्रदान करने वाला क्षेत्र।
4. GDP
उत्तर: एक वर्ष में देश के भीतर अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य।
5. संगठित क्षेत्र
उत्तर: जहाँ कार्य निश्चित नियमों व कानूनों के तहत होता है।
6. असंगठित क्षेत्र
उत्तर: जहाँ नियमन और सुरक्षा कम, वेतन अनियमित होता है।
7. सार्वजनिक क्षेत्र
उत्तर: सरकार द्वारा संचालित उद्यम।
8. निजी क्षेत्र
उत्तर: निजी व्यक्तियों/कंपनियों द्वारा संचालित उद्यम।
9. छिपी बेरोजगारी
उत्तर: जब आवश्यक से अधिक लोग काम में लगे हों और उत्पादन प्रभावित न हो।
10. मनरेगा
उत्तर: ग्रामीण रोजगार प्रदान करने वाली सरकारी योजना (2005)।
🟦 3. प्रश्न-उत्तर (Important QA)
प्र.1: प्राथमिक क्षेत्र क्या है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
जो गतिविधियाँ प्राकृतिक संसाधनों से सीधे वस्तुएँ प्राप्त करती हैं, वे प्राथमिक क्षेत्र कहलाती हैं।
उदाहरण: कृषि, मछली पालन, खनन।
प्र.2: तृतीयक क्षेत्र अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण क्यों है
उत्तर:
क्योंकि यह परिवहन, संचार, बैंकिंग, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी सेवाएँ प्रदान करता है, जो प्राथमिक और द्वितीयक दोनों क्षेत्रों को चलाने के लिए आवश्यक हैं। यह GDP में सबसे अधिक योगदान देता है।
प्र.3: द्वितीयक क्षेत्र की दो गतिविधियाँ लिखिए।
उत्तर:
कपड़ा उद्योग
खाद्य प्रसंस्करण (गन्ना → चीनी)
प्र.4: संगठित और असंगठित क्षेत्र में दो अंतर लिखिए।
उत्तर:
संगठित क्षेत्र में नौकरी सुरक्षित, वेतन निश्चित, PF व सुविधाएँ मिलती हैं।
असंगठित क्षेत्र में नौकरी असुरक्षित, वेतन अनियमित और सुविधाएँ नहीं होतीं।
प्र.5: छिपी बेरोजगारी कैसे होती है?
उत्तर:
जब किसी काम में जरूरत से ज्यादा लोग लगे हों और कुछ हट जाएँ तो उत्पादन पर कोई प्रभाव न पड़े—इसे छिपी बेरोजगारी कहते हैं। यह अधिकतर कृषि में पाई जाती है।
प्र.6: GDP कैसे मापा जाता है?
उत्तर:
देश के भीतर एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को जोड़कर GDP मापी जाती है।
प्र.7: सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में अंतर लिखिए।
उत्तर:
सार्वजनिक क्षेत्र: सरकार द्वारा नियंत्रित, उद्देश्य—जनकल्याण
निजी क्षेत्र: निजी कंपनियों द्वारा संचालित, उद्देश्य—लाभ कमाना
प्र.8: मनरेगा योजना का उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना और बेरोजगारी कम करना।
नीचे “भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक (Sectors of Indian Economy)” – Class 10 अध्याय के 50 महत्वपूर्ण Objective Questions (MCQ + One-Liners) दिए गए हैं।
ये प्रश्न परीक्षा में सबसे अधिक पूछे जाते हैं और रिवीजन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
🟦 50 Objective Important Questions
(प्रत्येक प्रश्न के साथ उत्तर दिया गया है)
🟩 A. Multiple Choice Questions (MCQ) – 30 Questions
1. प्राथमिक क्षेत्र किससे संबंधित है?
a) सेवा
b) उद्योग
c) प्राकृतिक संसाधन
d) व्यापार
उत्तर: c) प्राकृतिक संसाधन
2. तृतीयक क्षेत्र को और किस नाम से जाना जाता है?
a) उत्पादन क्षेत्र
b) सेवा क्षेत्र
c) कृषि क्षेत्र
d) खनन क्षेत्र
उत्तर: b) सेवा क्षेत्र
3. GDP मापता है—
a) कुल रोजगार
b) कुल उत्पादन
c) कुल सेवा
d) कुल उद्योग
उत्तर: b) कुल उत्पादन
4. छिपी बेरोजगारी किस क्षेत्र में पाई जाती है?
a) उद्योग
b) खनन
c) कृषि
d) परिवहन
उत्तर: c) कृषि
5. द्वितीयक क्षेत्र का उदाहरण है—
a) खनन
b) कपड़ा उद्योग
c) बैंकिंग
d) शिक्षा
उत्तर: b) कपड़ा उद्योग
6. तृतीयक क्षेत्र का उदाहरण है—
a) परिवहन
b) कृषि
c) निर्माण
d) खनन
उत्तर: a) परिवहन
7. मनरेगा (MGNREGA) किस वर्ष लागू हुआ?
a) 2003
b) 2004
c) 2005
d) 2006
उत्तर: c) 2005
8. संगठित क्षेत्र में—
a) नियमित वेतन नहीं
b) निश्चित कार्य समय
c) कोई नियम नहीं
d) सुविधाएँ नहीं
उत्तर: b) निश्चित कार्य समय
9. असंगठित क्षेत्र का उदाहरण है—
a) बैंक
b) एयरपोर्ट
c) दिहाड़ी मजदूर
d) रेलवे
उत्तर: c) दिहाड़ी मजदूर
10. सार्वजनिक क्षेत्र में स्वामित्व किसका होता है?
a) निजी व्यक्ति
b) सरकार
c) विदेशी कंपनियाँ
d) पंचायत
उत्तर: b) सरकार
11. प्राथमिक क्षेत्र से प्राप्त कच्चा माल किस क्षेत्र में उपयोग होता है?
a) द्वितीयक
b) तृतीयक
c) दोनों
d) किसी में नहीं
उत्तर: a) द्वितीयक
12. भारत की GDP में सबसे बड़ा योगदान किसका है?
a) प्राथमिक
b) द्वितीयक
c) तृतीयक
d) खनन
उत्तर: c) तृतीयक
13. निम्न में से सेवा गतिविधि कौन-सी है?
a) कपड़ा बनाना
b) धान उगाना
c) टैक्सी चलाना
d) कोयला निकालना
उत्तर: c) टैक्सी चलाना
14. उद्योग किस क्षेत्र में आते हैं?
a) प्राथमिक
b) द्वितीयक
c) तृतीयक
d) असंगठित
उत्तर: b) द्वितीयक
15. निम्न में से कौन सार्वजनिक क्षेत्र है?
a) रिलायंस
b) टाटा
c) एयर इंडिया (सरकारी)
d) विप्रो
उत्तर: c) एयर इंडिया
16. बैंक किस क्षेत्र में आता है?
a) प्राथमिक
b) द्वितीयक
c) तृतीयक
d) खनन
उत्तर: c) तृतीयक
17. खनन गतिविधि किस क्षेत्र में है?
a) प्राथमिक
b) द्वितीयक
c) तृतीयक
d) सेवा
उत्तर: a) प्राथमिक
18. किस योजना में 100 दिनों का रोजगार दिया जाता है?
a) PMGKY
b) PM-Kisan
c) मनरेगा
d) PM-Svanidhi
उत्तर: c) मनरेगा
19. शिक्षक का कार्य है—
a) प्राथमिक क्षेत्र
b) द्वितीयक क्षेत्र
c) तृतीयक क्षेत्र
d) खनन क्षेत्र
उत्तर: c) तृतीयक क्षेत्र
20. प्राइवेट कंपनियाँ किस क्षेत्र में आती हैं?
a) प्राथमिक
b) निजी
c) सार्वजनिक
d) मिश्रित
उत्तर: b) निजी
21. असंगठित क्षेत्र में मजदूरी कैसी होती है?
a) निश्चित
b) अधिक
c) कम और अनियमित
d) स्थायी
उत्तर: c) कम और अनियमित
22. उद्योगों का विकास किस क्षेत्र को बढ़ाता है?
a) प्राथमिक
b) तृतीयक
c) दोनों
d) कोई नहीं
उत्तर: b) तृतीयक
23. भारत में ग्रामीणों की मुख्य निर्भरता किस क्षेत्र पर है?
a) उद्योग
b) सेवा
c) कृषि
d) IT
उत्तर: c) कृषि
24. संचार सेवा किस क्षेत्र में है?
a) प्राथमिक
b) द्वितीयक
c) तृतीयक
d) खनन
उत्तर: c) तृतीयक
25. निर्माण कार्य (Construction) किस क्षेत्र में आता है?
a) प्राथमिक
b) द्वितीयक
c) तृतीयक
d) सभी
उत्तर: b) द्वितीयक
26. संगठित क्षेत्र का उदाहरण है—
a) अस्पताल (सरकारी)
b) सब्जी विक्रेता
c) मज़दूर
d) ठेला चलाने वाला
उत्तर: a) अस्पताल (सरकारी)
27. कृषि उत्पादन किसका उदाहरण है?
a) कच्चा माल
b) तैयार माल
c) सेवा
d) संचार
उत्तर: a) कच्चा माल
28. GDP किसका सूचक है?
a) आर्थिक विकास
b) राजनीतिक विकास
c) जनसंख्या वृद्धि
d) वर्षा
उत्तर: a) आर्थिक विकास
29. किस क्षेत्र में तकनीकी का सबसे अधिक उपयोग होता है?
a) प्राथमिक
b) द्वितीयक
c) तृतीयक
d) सभी
उत्तर: c) तृतीयक
30. निजी क्षेत्र का मुख्य उद्देश्य है—
a) रोजगार
b) सेवा
c) लाभ कमाना
d) समाज सेवा
उत्तर: c) लाभ कमाना
🟩 B. एक शब्द / Fill in the Blanks – 10 Quesions
31. प्राथमिक क्षेत्र का मुख्य कार्य है – _________।
उत्तर: प्राकृतिक संसाधन प्राप्त करना
32. सेवा प्रदान करने वाला क्षेत्र – _________।
उत्तर: तृतीयक क्षेत्र
33. निर्माण कार्य – _________ क्षेत्र में आता है।
उत्तर: द्वितीयक
34. कृषि में अधिक लोग काम करें और उत्पादन न बदले – इसे _________ कहते हैं।
उत्तर: छिपी बेरोजगारी
35. GDP का अर्थ – _________।
उत्तर: Gross Domestic Product
36. मनरेगा लागू हुआ – वर्ष _________।
उत्तर: 2005
37. बैंकिंग सेवा – _________ क्षेत्र।
उत्तर: तृतीयक
38. उद्योग को कच्चा माल कौन देता है? – _________।
उत्तर: प्राथमिक क्षेत्र
39. सरकारी स्वामित्व वाला क्षेत्र – _________।
उत्तर: सार्वजनिक क्षेत्र
40. प्राइवेट कंपनियाँ – _________ क्षेत्र में।
उत्तर: निजी क्षेत्र
🟩 C. Important One-Liner Questions – 10 Questions
41. कौन सा क्षेत्र भारत की GDP में सबसे आगे है?
उत्तर: तृतीयक क्षेत्र
42. किस क्षेत्र में शिक्षकों का काम आता है?
उत्तर: तृतीयक क्षेत्र
43. ग्रामीण भारत का मुख्य व्यवसाय क्या है?
उत्तर: कृषि
44. कपड़ा उद्योग किस क्षेत्र में है?
उत्तर: द्वितीयक क्षेत्र
45. खनन किस क्षेत्र का हिस्सा है?
उत्तर: प्राथमिक क्षेत्र
46. प्राथमिक क्षेत्र द्वारा उत्पादित वस्तुओं को क्या कहा जाता है?
उत्तर: कच्चा माल
47. असंगठित क्षेत्र में नौकरी कैसी होती है?
उत्तर: असुरक्षित
48. तृतीयक क्षेत्र क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: सेवा प्रदान करता है
49. रेलवे का स्वामित्व किसके पास है?
उत्तर: सरकार (सार्वजनिक क्षेत्र)
50. GDP किसने निर्धारित की?
उत्तर: अर्थशास्त्रियों द्वारा विकसित मापदंड
भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक – आउट्रो (Conclusion / Outro)
भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रकों का अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि देश की आर्थिक संरचना कितनी विविध, व्यापक और आपस में जुड़ी हुई है। प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक न केवल देश की आर्थिक गतिविधियों को श्रेणियों में विभाजित करते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि किस तरह एक क्षेत्रक दूसरे को मजबूती देता है। खेती, उद्योग और सेवाओं के बीच संतुलन किसी भी देश के विकास का आधार होता है, और भारत में भी यही तीनों स्तंभ आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाते हैं।
आज भारत तेजी से एक कृषि-प्रधान देश से औद्योगिक और सेवा क्षेत्र-प्रधान अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है। जहाँ एक ओर प्राथमिक क्षेत्रक अब भी बड़ी आबादी को रोजगार देता है, वहीं द्वितीयक क्षेत्र औद्योगीकरण के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास ला रहा है। तृतीयक क्षेत्र तो वर्तमान समय में भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ क्षेत्र बन चुका है, जो न केवल रोजगार बल्कि GDP में भी प्रमुख योगदान दे रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, परिवहन, संचार और IT सेवाओं का विस्तार देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति दिला रहा है।
इस अध्याय से हमें यह सीखने को मिलता है कि एक मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए हर क्षेत्र में संतुलित विकास आवश्यक है। किसी एक क्षेत्र की कमजोरी अन्य क्षेत्रों पर भी प्रभाव डालती है; इसलिए सरकार की नीतियाँ तीनों क्षेत्रों की क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित रहती हैं। रोजगार, उत्पादन, सेवाएँ, निर्यात और आय—all मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हैं।
अंत में, यह समझना आवश्यक है कि भारत का भविष्य तभी उज्जवल होगा जब इन तीनों क्षेत्रकों का विकास समान रूप से हो और आधुनिक तकनीक, कौशल विकास तथा बेहतर नीतियों के माध्यम से इन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। यह अध्याय न केवल परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वास्तविक जीवन में अर्थव्यवस्था को समझने के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।
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