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“सम्पूर्ण क्रांति” — जयप्रकाश नारायण (लेखक/संपादक: बालकृष्ण भट्ट)
की पूर्ण कहानी / विस्तृत पाठ-सार (Full Story Explanation) सरल और परीक्षा-उपयोगी भाषा में दिया गया है।
📘 पाठ का नाम
सम्पूर्ण क्रांति
✍️ लेखक
जयप्रकाश नारायण
(प्रस्तुतकर्ता/संपादक: बालकृष्ण भट्ट)
📖 पाठ का पूर्ण विवरण (Full Story)
जयप्रकाश नारायण आधुनिक भारत के महान चिंतक, समाज सुधारक और क्रांतिकारी नेता थे। प्रस्तुत पाठ “सम्पूर्ण क्रांति” में उन्होंने भारतीय समाज, राजनीति और व्यवस्था में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने के लिए एक व्यापक और मूलभूत परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया है।
जयप्रकाश नारायण के अनुसार केवल सत्ता परिवर्तन ही क्रांति नहीं है, बल्कि समाज के हर क्षेत्र—राजनीति, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, नैतिकता, संस्कृति और विचार—में सकारात्मक बदलाव लाना ही सम्पूर्ण क्रांति है।
वे मानते हैं कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में राजनीतिक आज़ादी तो मिली, लेकिन सामाजिक और नैतिक मूल्यों में गिरावट आई। भ्रष्टाचार, जातिवाद, गरीबी, बेरोज़गारी, शोषण और अन्याय समाज की जड़ें खोखली कर रहे हैं। इसलिए केवल कानून या शासन बदलने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि जनता की सोच और चरित्र में बदलाव आवश्यक है।
जयप्रकाश नारायण ने अहिंसक क्रांति का समर्थन किया। उनका विश्वास था कि हिंसा से प्राप्त परिवर्तन स्थायी नहीं होता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वार्थ, डर और निष्क्रियता को त्यागकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
उन्होंने छात्र आंदोलन को समाज परिवर्तन की शक्ति माना। उनका कहना था कि छात्र यदि जागरूक और अनुशासित हों, तो वे देश को सही दिशा दे सकते हैं। उन्होंने नैतिक मूल्यों, सत्य, ईमानदारी, त्याग और सेवा को सम्पूर्ण क्रांति का आधार बताया।
सम्पूर्ण क्रांति का उद्देश्य केवल सरकार बदलना नहीं, बल्कि व्यक्ति → समाज → राष्ट्र तीनों स्तरों पर परिवर्तन लाना है। जब व्यक्ति सुधरेगा, तभी समाज सुधरेगा और तब राष्ट्र सशक्त बनेगा।
🧠 पाठ का केन्द्रीय भाव
यह पाठ हमें सिखाता है कि
सच्ची क्रांति वही है जो मनुष्य की सोच, आचरण और व्यवस्था—तीनों को बदल दे।
✨ प्रमुख संदेश
केवल राजनीतिक परिवर्तन पर्याप्त नहीं
नैतिक और सामाजिक सुधार आवश्यक
अहिंसा ही स्थायी परिवर्तन का मार्ग
युवा शक्ति राष्ट्र की रीढ़
व्यक्ति परिवर्तन से ही राष्ट्र परिवर्तन
📌 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
लेखक का नाम और विचार
“सम्पूर्ण क्रांति” की परिभाषा
युवाओं और छात्रों की भूमिका
अहिंसा और नैतिकता का महत्व
नीचे कक्षा 12वीं हिन्दी के पाठ
“सम्पूर्ण क्रांति” — जयप्रकाश नारायण (प्रस्तुति: बालकृष्ण भट्ट)
के लिए सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर तथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर सरल, स्पष्ट और परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए जा रहे हैं।
📌 पाठ-सारांश (Summary)
“सम्पूर्ण क्रांति” जयप्रकाश नारायण का एक विचारप्रधान निबंध है, जिसमें उन्होंने समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया है। लेखक के अनुसार केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन को क्रांति नहीं कहा जा सकता। सच्ची क्रांति वह है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र—तीनों स्तरों पर परिवर्तन लाए।
स्वतंत्रता के बाद भारत में राजनीतिक आज़ादी तो मिली, परंतु सामाजिक और नैतिक मूल्यों में गिरावट आई। भ्रष्टाचार, जातिवाद, गरीबी, शोषण और अन्याय जैसी समस्याएँ बढ़ीं। जयप्रकाश नारायण मानते हैं कि इन समस्याओं का समाधान केवल कानून या शासन बदलने से नहीं होगा, बल्कि व्यक्ति की सोच और चरित्र में बदलाव लाना होगा।
वे अहिंसक क्रांति के समर्थक थे। उनका विश्वास था कि हिंसा से किया गया परिवर्तन स्थायी नहीं होता। उन्होंने युवाओं और छात्रों को परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति माना और उन्हें समाज सुधार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सम्पूर्ण क्रांति का लक्ष्य नैतिकता, सत्य, ईमानदारी, त्याग और सेवा के माध्यम से एक आदर्श समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करना है।
✍️ लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर
1. सम्पूर्ण क्रांति से लेखक का क्या आशय है?
उत्तर:
सम्पूर्ण क्रांति से लेखक का आशय समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था, शिक्षा और नैतिक मूल्यों में व्यापक और मूलभूत परिवर्तन से है।
2. जयप्रकाश नारायण किस प्रकार की क्रांति के पक्षधर थे?
उत्तर:
वे अहिंसक क्रांति के पक्षधर थे, क्योंकि उनका मानना था कि हिंसा से स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है।
3. लेखक के अनुसार भारत की प्रमुख समस्याएँ क्या हैं?
उत्तर:
भ्रष्टाचार, जातिवाद, गरीबी, बेरोज़गारी, शोषण और नैतिक मूल्यों का पतन भारत की प्रमुख समस्याएँ हैं।
4. सम्पूर्ण क्रांति में छात्रों की क्या भूमिका है?
उत्तर:
छात्रों को लेखक ने समाज परिवर्तन की शक्ति माना है। जागरूक और अनुशासित छात्र राष्ट्र को सही दिशा दे सकते हैं।
5. व्यक्ति परिवर्तन को क्यों आवश्यक माना गया है?
उत्तर:
क्योंकि व्यक्ति सुधरेगा तभी समाज सुधरेगा और समाज के सुधार से राष्ट्र सशक्त बनेगा।
📝 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर
1. “सम्पूर्ण क्रांति” निबंध का मूल उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
“सम्पूर्ण क्रांति” निबंध का मूल उद्देश्य समाज और राष्ट्र में सर्वांगीण परिवर्तन की आवश्यकता को स्पष्ट करना है। जयप्रकाश नारायण के अनुसार केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन क्रांति नहीं है। स्वतंत्रता के बाद भी समाज में भ्रष्टाचार, शोषण और नैतिक पतन जैसी समस्याएँ बनी रहीं। इसलिए लेखक व्यक्ति की सोच, आचरण और नैतिक मूल्यों में बदलाव पर ज़ोर देते हैं। अहिंसा, सत्य और सेवा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र—तीनों का सुधार ही सम्पूर्ण क्रांति का लक्ष्य है।
2. जयप्रकाश नारायण के विचारों में अहिंसा का क्या महत्व है?
उत्तर:
जयप्रकाश नारायण अहिंसा को सम्पूर्ण क्रांति का आधार मानते हैं। उनका विश्वास था कि हिंसा से प्राप्त परिवर्तन अस्थायी होता है और समाज में नफरत बढ़ाता है। अहिंसा से किया गया आंदोलन जन-समर्थन प्राप्त करता है और नैतिक शक्ति को जाग्रत करता है। अहिंसक क्रांति से समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
3. छात्रों और युवाओं से लेखक की क्या अपेक्षाएँ हैं?
उत्तर:
लेखक छात्रों और युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। वे उनसे अपेक्षा करते हैं कि वे स्वार्थ, भय और निष्क्रियता को छोड़कर समाज सुधार में भाग लें। अनुशासन, ईमानदारी और नैतिकता अपनाकर युवा देश को नई दिशा दे सकते हैं। उनका सक्रिय योगदान ही सम्पूर्ण क्रांति को सफल बना सकता है।
नीचे कक्षा 12वीं हिन्दी के पाठ
“सम्पूर्ण क्रांति” — जयप्रकाश नारायण (प्रस्तुति: बालकृष्ण भट्ट)
के लिए MCQ, एक-शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न, तथा अतिलघु प्रश्न-उत्तर परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए जा रहे हैं।
🟢 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. “सम्पूर्ण क्रांति” के प्रणेता कौन हैं?
(A) महात्मा गांधी
(B) बालकृष्ण भट्ट
(C) जयप्रकाश नारायण
(D) राममनोहर लोहिया
उत्तर: (C) जयप्रकाश नारायण
2. सम्पूर्ण क्रांति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) सत्ता परिवर्तन
(B) हिंसक आंदोलन
(C) सर्वांगीण सामाजिक परिवर्तन
(D) केवल आर्थिक सुधार
उत्तर: (C)
3. जयप्रकाश नारायण किस प्रकार की क्रांति के समर्थक थे?
(A) सशस्त्र
(B) हिंसक
(C) अहिंसक
(D) राजनीतिक
उत्तर: (C)
4. लेखक के अनुसार सच्ची क्रांति कहाँ से शुरू होती है?
(A) सरकार से
(B) कानून से
(C) व्यक्ति से
(D) समाज से
उत्तर: (C)
5. स्वतंत्रता के बाद भारत में कौन-सी समस्या बढ़ी?
(A) नैतिक उत्थान
(B) भ्रष्टाचार
(C) समानता
(D) अनुशासन
उत्तर: (B)
6. सम्पूर्ण क्रांति में छात्रों की भूमिका कैसी मानी गई है?
(A) गौण
(B) नकारात्मक
(C) निर्णायक
(D) निष्क्रिय
उत्तर: (C)
7. लेखक ने किसे राष्ट्र निर्माण की शक्ति माना है?
(A) मजदूरों को
(B) किसानों को
(C) युवाओं को
(D) अधिकारियों को
उत्तर: (C)
8. सम्पूर्ण क्रांति का संबंध किससे नहीं है?
(A) नैतिकता
(B) शिक्षा
(C) हिंसा
(D) समाज
उत्तर: (C)
9. अहिंसा से लेखक का क्या तात्पर्य है?
(A) दुर्बलता
(B) निष्क्रियता
(C) नैतिक शक्ति
(D) भय
उत्तर: (C)
10. सम्पूर्ण क्रांति का अंतिम लक्ष्य क्या है?
(A) सत्ता प्राप्ति
(B) आदर्श समाज निर्माण
(C) आंदोलन
(D) शासन परिवर्तन
उत्तर: (B)
🔵 एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. सम्पूर्ण क्रांति किसे कहते हैं?
👉 व्यक्ति, समाज और राष्ट्र में व्यापक परिवर्तन।
2. सम्पूर्ण क्रांति का आधार क्या है?
👉 नैतिकता और अहिंसा।
3. ‘सम्पूर्ण क्रांति’ निबंध किस विधा से संबंधित है?
👉 विचारात्मक निबंध।
4. जयप्रकाश नारायण किस आंदोलन से जुड़े थे?
👉 समाजवादी आंदोलन।
5. लेखक के अनुसार राष्ट्र परिवर्तन की पहली सीढ़ी क्या है?
👉 व्यक्ति परिवर्तन।
🟡 अतिलघु प्रश्न-उत्तर
1. ‘सम्पूर्ण क्रांति’ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: जयप्रकाश नारायण।
2. लेखक ने किसे क्रांति की शक्ति कहा है?
उत्तर: युवाओं और छात्रों को।
3. सम्पूर्ण क्रांति का मार्ग कौन-सा है?
उत्तर: अहिंसा का मार्ग।
4. लेखक किन बुराइयों को समाप्त करना चाहते हैं?
उत्तर: भ्रष्टाचार, शोषण और अन्याय।
5. लेखक के अनुसार सच्ची क्रांति क्या है?
उत्तर: नैतिक और सामाजिक परिवर्तन।
6. सम्पूर्ण क्रांति किन स्तरों पर होती है?
उत्तर: व्यक्ति, समाज और राष्ट्र।
7. स्वतंत्रता के बाद कौन-सा पतन हुआ?
उत्तर: नैतिक मूल्यों का पतन।
8. लेखक किस प्रकार का समाज चाहता है?
उत्तर: न्यायपूर्ण और नैतिक समाज।
✅ 50 Objective Important Questions (MCQ)
1. ‘सम्पूर्ण क्रांति’ के लेखक कौन हैं?
(A) बालकृष्ण भट्ट
(B) जयप्रकाश नारायण
(C) रामधारी सिंह दिनकर
(D) राममनोहर लोहिया
उत्तर: (B)
2. सम्पूर्ण क्रांति का अर्थ क्या है?
(A) सत्ता परिवर्तन
(B) हिंसक आंदोलन
(C) सर्वांगीण परिवर्तन
(D) आर्थिक सुधार
उत्तर: (C)
3. जयप्रकाश नारायण किस प्रकार की क्रांति के समर्थक थे?
(A) हिंसक
(B) सशस्त्र
(C) अहिंसक
(D) तात्कालिक
उत्तर: (C)
4. सम्पूर्ण क्रांति की शुरुआत कहाँ से होती है?
(A) शासन से
(B) समाज से
(C) व्यक्ति से
(D) कानून से
उत्तर: (C)
5. लेखक के अनुसार सबसे बड़ी सामाजिक बुराई कौन-सी है?
(A) अशिक्षा
(B) भ्रष्टाचार
(C) बेरोज़गारी
(D) गरीबी
उत्तर: (B)
6. सम्पूर्ण क्रांति में छात्रों की भूमिका क्या है?
(A) गौण
(B) निष्क्रिय
(C) निर्णायक
(D) नकारात्मक
उत्तर: (C)
7. लेखक ने किसे परिवर्तन की शक्ति कहा है?
(A) नेताओं को
(B) जनता को
(C) युवाओं को
(D) अधिकारियों को
उत्तर: (C)
8. अहिंसा का संबंध किससे है?
(A) दुर्बलता
(B) नैतिक शक्ति
(C) भय
(D) पलायन
उत्तर: (B)
9. स्वतंत्रता के बाद भारत को क्या प्राप्त हुआ?
(A) नैतिक उत्थान
(B) सामाजिक समानता
(C) राजनीतिक स्वतंत्रता
(D) पूर्ण विकास
उत्तर: (C)
10. लेखक के अनुसार सच्ची क्रांति क्या है?
(A) आंदोलन
(B) सत्ता परिवर्तन
(C) नैतिक परिवर्तन
(D) शासन परिवर्तन
उत्तर: (C)
11. सम्पूर्ण क्रांति किन स्तरों से संबंधित है?
(A) केवल राजनीति
(B) केवल समाज
(C) व्यक्ति, समाज और राष्ट्र
(D) केवल अर्थव्यवस्था
उत्तर: (C)
12. जयप्रकाश नारायण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(A) चुनाव जीतना
(B) सत्ता प्राप्त करना
(C) समाज सुधार
(D) शासन चलाना
उत्तर: (C)
13. लेखक के अनुसार हिंसा का परिणाम क्या होता है?
(A) स्थायी परिवर्तन
(B) त्वरित विकास
(C) अस्थायी परिवर्तन
(D) शांति
उत्तर: (C)
14. सम्पूर्ण क्रांति में किसका विशेष महत्व है?
(A) धन का
(B) सत्ता का
(C) नैतिकता का
(D) तकनीक का
उत्तर: (C)
15. सम्पूर्ण क्रांति किस प्रकार का आंदोलन है?
(A) राजनीतिक
(B) सामाजिक
(C) वैचारिक
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर: (D)
16. लेखक के अनुसार देश की प्रगति किस पर निर्भर करती है?
(A) उद्योग पर
(B) सरकार पर
(C) व्यक्ति के चरित्र पर
(D) कानून पर
उत्तर: (C)
17. जयप्रकाश नारायण किस विचारधारा से जुड़े थे?
(A) पूँजीवाद
(B) समाजवाद
(C) साम्यवाद
(D) उपनिवेशवाद
उत्तर: (B)
18. सम्पूर्ण क्रांति का अंतिम लक्ष्य क्या है?
(A) आंदोलन
(B) सत्ता परिवर्तन
(C) आदर्श समाज
(D) आर्थिक सुधार
उत्तर: (C)
19. लेखक ने किन मूल्यों पर ज़ोर दिया है?
(A) धन और शक्ति
(B) सत्य और ईमानदारी
(C) हिंसा और संघर्ष
(D) राजनीति
उत्तर: (B)
20. छात्रों से लेखक की क्या अपेक्षा है?
(A) चुप रहना
(B) आंदोलन करना
(C) नैतिक और सक्रिय होना
(D) राजनीति में जाना
उत्तर: (C)
21. सम्पूर्ण क्रांति का मार्ग कौन-सा है?
(A) हिंसा
(B) अहिंसा
(C) दबाव
(D) सत्ता
उत्तर: (B)
22. लेखक किस प्रकार के समाज की कल्पना करता है?
(A) भोगवादी
(B) शोषणमुक्त
(C) पूँजीवादी
(D) वर्गभेदयुक्त
उत्तर: (B)
23. लेखक के अनुसार समाज परिवर्तन का आधार क्या है?
(A) कानून
(B) शासन
(C) नैतिक मूल्य
(D) तकनीक
उत्तर: (C)
24. सम्पूर्ण क्रांति में शिक्षा की भूमिका क्या है?
(A) कोई नहीं
(B) सीमित
(C) महत्वपूर्ण
(D) नकारात्मक
उत्तर: (C)
25. लेखक ने किन समस्याओं का उल्लेख किया है?
(A) भ्रष्टाचार
(B) शोषण
(C) अन्याय
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर: (D)
26. सम्पूर्ण क्रांति का स्वरूप कैसा है?
(A) संकीर्ण
(B) सीमित
(C) व्यापक
(D) तात्कालिक
उत्तर: (C)
27. लेखक के अनुसार सबसे पहले क्या बदलना चाहिए?
(A) शासन
(B) कानून
(C) व्यक्ति
(D) व्यवस्था
उत्तर: (C)
28. जयप्रकाश नारायण किस वर्ग पर अधिक विश्वास करते हैं?
(A) राजनेताओं पर
(B) अधिकारियों पर
(C) युवाओं पर
(D) पूँजीपतियों पर
उत्तर: (C)
29. सम्पूर्ण क्रांति किसका विरोध करती है?
(A) नैतिकता का
(B) अहिंसा का
(C) भ्रष्टाचार का
(D) शिक्षा का
उत्तर: (C)
30. लेखक के अनुसार समाज सुधार का साधन क्या है?
(A) हिंसा
(B) आंदोलन
(C) नैतिक जागरण
(D) सत्ता
उत्तर: (C)
31. सम्पूर्ण क्रांति किस प्रकार का परिवर्तन है?
(A) तात्कालिक
(B) सतही
(C) मूलभूत
(D) सीमित
उत्तर: (C)
32. लेखक के अनुसार स्वतंत्रता के बाद किसका पतन हुआ?
(A) राजनीति का
(B) अर्थव्यवस्था का
(C) नैतिक मूल्यों का
(D) शिक्षा का
उत्तर: (C)
33. सम्पूर्ण क्रांति में किसका त्याग आवश्यक है?
(A) कर्तव्य का
(B) नैतिकता का
(C) स्वार्थ का
(D) अधिकार का
उत्तर: (C)
34. लेखक के अनुसार राष्ट्र निर्माण किससे संभव है?
(A) कानून से
(B) व्यक्ति सुधार से
(C) सत्ता से
(D) आंदोलन से
उत्तर: (B)
35. सम्पूर्ण क्रांति का संबंध किससे है?
(A) केवल राजनीति
(B) केवल समाज
(C) जीवन के सभी क्षेत्रों से
(D) केवल शिक्षा
उत्तर: (C)
36. लेखक किसे क्रांति का मूल मानते हैं?
(A) आंदोलन
(B) सत्ता
(C) चरित्र
(D) कानून
उत्तर: (C)
37. सम्पूर्ण क्रांति का विचार किससे प्रेरित है?
(A) हिंसा से
(B) नैतिकता से
(C) भय से
(D) लालच से
उत्तर: (B)
38. लेखक के अनुसार परिवर्तन का स्थायी मार्ग क्या है?
(A) हिंसा
(B) सत्ता
(C) अहिंसा
(D) दबाव
उत्तर: (C)
39. सम्पूर्ण क्रांति किसका निर्माण करना चाहती है?
(A) शक्तिशाली सरकार
(B) आदर्श समाज
(C) अमीर वर्ग
(D) राजनीतिक दल
उत्तर: (B)
40. लेखक के अनुसार युवाओं की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
(A) शक्ति
(B) संख्या
(C) ऊर्जा
(D) नैतिक बल
उत्तर: (D)
41. सम्पूर्ण क्रांति का उद्देश्य क्या नहीं है?
(A) नैतिक सुधार
(B) समाज परिवर्तन
(C) हिंसा फैलाना
(D) राष्ट्र निर्माण
उत्तर: (C)
42. लेखक के अनुसार क्रांति का प्रारंभ किससे होता है?
(A) समाज से
(B) व्यक्ति से
(C) शासन से
(D) आंदोलन से
उत्तर: (B)
43. सम्पूर्ण क्रांति में सेवा का क्या स्थान है?
(A) गौण
(B) आवश्यक
(C) अनावश्यक
(D) विरोधी
उत्तर: (B)
44. लेखक के अनुसार क्रांति का साधन क्या है?
(A) सत्ता
(B) धन
(C) नैतिक जागरण
(D) हथियार
उत्तर: (C)
45. सम्पूर्ण क्रांति किसे समाप्त करना चाहती है?
(A) शिक्षा
(B) संस्कृति
(C) भ्रष्ट व्यवस्था
(D) समाज
उत्तर: (C)
46. लेखक ने किससे दूर रहने की बात कही है?
(A) सत्य से
(B) ईमानदारी से
(C) स्वार्थ से
(D) सेवा से
उत्तर: (C)
47. सम्पूर्ण क्रांति किस प्रकार का प्रयास है?
(A) व्यक्तिगत
(B) सीमित
(C) सामूहिक
(D) तात्कालिक
उत्तर: (C)
48. लेखक के अनुसार आदर्श नागरिक कैसा होता है?
(A) शक्तिशाली
(B) धनी
(C) नैतिक
(D) चतुर
उत्तर: (C)
49. सम्पूर्ण क्रांति का केंद्र बिंदु क्या है?
(A) सत्ता
(B) समाज
(C) व्यक्ति
(D) आंदोलन
उत्तर: (C)
50. सम्पूर्ण क्रांति का लक्ष्य किस पर आधारित है?
(A) राजनीति
(B) हिंसा
(C) नैतिक मूल्यों
(D) धन
उत्तर: (C)
निष्कर्ष
“सम्पूर्ण क्रांति” जयप्रकाश नारायण का एक प्रेरणादायी और विचारोत्तेजक निबंध है, जो हमें यह सिखाता है कि सच्चा परिवर्तन केवल सत्ता या व्यवस्था बदलने से नहीं आता, बल्कि व्यक्ति के चरित्र और सोच में बदलाव से शुरू होता है। लेखक ने समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अन्याय और नैतिक पतन के प्रति जागरूक करते हुए अहिंसा, सत्य और सेवा के मार्ग को अपनाने का संदेश दिया है। इस पाठ के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलता है कि वे केवल पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। “सम्पूर्ण क्रांति” हमें आत्मचिंतन, नैतिक जागरण और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा देता है तथा यह विश्वास जगाता है कि जब व्यक्ति बदलेगा, तभी समाज बदलेगा और राष्ट्र प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगा।

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