लोकहितं त्यागेन भवति
(कक्षा 10 – संस्कृत, पूर्ण कथा)
प्राचीनकाले एकस्मिन् रम्ये प्रदेशे विशालं राज्यं आसीत्। तत्र एकः धर्मात्मा, न्यायप्रियः च राजा राज्यं पालयति स्म। सः सदैव प्रजाहितमेव स्वजीवनस्य परमं लक्ष्यं मन्यते स्म। तस्य राज्ये जनाः सुखिनः सन्तः निर्भयतया जीवनं यापयन्ति स्म।
एकदा ग्रीष्मकाले तीव्रः अनावृष्टिः अभवत्। वर्षाणि न अभवन्, नद्यः शुष्काः अभवन्, क्षेत्राणि च निर्जलानि जातानि। अन्नाभावः उत्पन्नः, जनाः क्षुधया पीडिताः अभवन्। प्रजाः राजसभां गत्वा दुःखं निवेदितवन्तः।
राजा सर्वं वृत्तान्तं श्रुत्वा अतीव दुःखितः अभवत्। सः मन्त्रिणः आहूय उपायान् पृच्छितवान्। मन्त्रिणः उक्तवन्तः— “हे राजन्! कोषागारे अल्पं अन्नं शेषम् अस्ति। यदि तत् प्रजाभ्यः दास्यति, तर्हि राजपरिवारः स्वयं क्लेशं प्राप्स्यति।”
तदा राजा अवदत्—
“राजा नाम प्रजानां सेवकः भवति। यदि प्रजाः दुःखं अनुभवन्ति, तर्हि मम सुखस्य किम् मूल्यं? लोकहितं त्यागेन एव भवति।”
एवं उक्त्वा सः स्वराजभवनस्थं सर्वं अन्नं, धनं च प्रजाभ्यः दातुं आज्ञां दत्तवान्। स्वयम् सः साधारणं जीवनं स्वीकृतवान्। राजपरिवारः अपि त्यागमार्गं अनुवर्तितवान्।
राज्ञः त्यागभावनां दृष्ट्वा प्रजाः अत्यन्तं प्रभाविताः अभवन्। जनाः परस्परं सहायं कृत्वा अन्नं संचितवन्तः। केचन कृषकाः अल्पं जलं उपयोग्य कृषिकर्म आरब्धवन्तः। शीघ्रमेव वर्षा अभवत्, क्षेत्राणि पुनः हरितानि अभवन्।
कालेन राज्यं पुनः समृद्धं जातम्। प्रजाः राजानं देवतासमं मन्यन्ते स्म। सर्वे जनाः अवगच्छन्ति स्म यत्—
लोकहितं त्यागेन भवति, स्वार्थत्यागेन एव समाजस्य कल्याणं सम्भवति।
नीतिः
स्वार्थं परित्यज्य यदि जनहिताय कर्म क्रियते, तर्हि सः एव सच्चा धर्मः तथा सच्चं नेतृत्वम् अस्ति।
नीचे कक्षा 10 – संस्कृत पाठ “लोकहितं त्यागेन भवति” के लिए सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न तथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न दिए गए हैं — परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी रूप में।
सारांश (Summary)
“लोकहितं त्यागेन भवति” पाठ में त्याग और सेवा के महत्व को स्पष्ट किया गया है। कथा में एक धर्मप्रिय राजा का वर्णन है, जो प्रजाहित को अपना परम कर्तव्य मानता है। एक बार राज्य में भीषण अकाल पड़ जाता है। वर्षा न होने से अन्न का अभाव हो जाता है और प्रजा भूख से पीड़ित होती है। राजा मंत्रियों से परामर्श करता है, परंतु राजकोष में सीमित अन्न होने के कारण चिंता उत्पन्न होती है। तब राजा स्वयं सुख-सुविधाओं का त्याग करके समस्त अन्न और धन प्रजा को दे देता है। राजा के त्याग से प्रेरित होकर प्रजा भी परस्पर सहयोग करने लगती है। शीघ्र ही वर्षा होती है और राज्य पुनः समृद्ध हो जाता है। इस प्रकार यह पाठ सिखाता है कि लोककल्याण त्याग से ही संभव है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्रश्न 1. राजा किस प्रकार का व्यक्ति था?
उत्तर: राजा धर्मप्रिय, न्यायशील और प्रजाहितैषी व्यक्ति था।
प्रश्न 2. राज्य में किस प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई?
उत्तर: राज्य में अनावृष्टि के कारण अकाल और अन्नाभाव उत्पन्न हुआ।
प्रश्न 3. राजा ने प्रजा की सहायता के लिए क्या निर्णय लिया?
उत्तर: राजा ने राजकोष का अन्न और धन प्रजा को देने का निर्णय लिया।
प्रश्न 4. मंत्रियों को किस बात की चिंता थी?
उत्तर: मंत्रियों को राजपरिवार के भविष्य और सीमित अन्न की चिंता थी।
प्रश्न 5. राजा के त्याग का प्रजा पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: प्रजा राजा के त्याग से प्रेरित होकर परस्पर सहयोग करने लगी।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
प्रश्न 1. “लोकहितं त्यागेन भवति” कथन को कथा के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
“लोकहितं त्यागेन भवति” का अर्थ है कि समाज का कल्याण त्याग से ही संभव है। इस कथा में राजा स्वयं सुख-सुविधाओं और राजसी जीवन का त्याग कर देता है ताकि प्रजा भूख से न मरे। वह यह नहीं सोचता कि उसे क्या कष्ट होगा, बल्कि प्रजा के दुःख को अपना दुःख मानता है। राजा के त्याग से न केवल प्रजा को सहायता मिलती है, बल्कि समाज में सहयोग और एकता की भावना भी उत्पन्न होती है। अतः यह कथा सिद्ध करती है कि सच्चा लोकहित त्याग से ही प्राप्त होता है।
प्रश्न 2. राजा के चरित्र की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राजा का चरित्र आदर्श है। वह धर्मप्रिय, करुणाशील और कर्तव्यनिष्ठ है। वह स्वयं को प्रजा का सेवक मानता है। अकाल के समय वह स्वार्थ का त्याग कर प्रजा की भलाई के लिए अपने सभी संसाधन अर्पित कर देता है। उसका त्याग, धैर्य और नेतृत्व-गुण उसे एक आदर्श राजा सिद्ध करते हैं।
प्रश्न 3. इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
इस पाठ से हमें यह शिक्षा मिलती है कि स्वार्थ त्यागकर जनकल्याण के लिए कार्य करना ही सच्चा धर्म है। नेतृत्व वही श्रेष्ठ होता है, जो दूसरों के दुःख में सहभागी बने। त्याग, सहयोग और सेवा से ही समाज और राष्ट्र का विकास संभव है।
नीचे कक्षा 10 – संस्कृत पाठ “लोकहितं त्यागेन भवति” के लिए MCQ, एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न तथा प्रश्न-उत्तर परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए गए हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. “लोकहितं त्यागेन भवति” का मुख्य भाव क्या है?
A) धन से सुख
B) त्याग से लोककल्याण
C) शक्ति से राज्य
D) युद्ध से विजय
उत्तर: B) त्याग से लोककल्याण
प्रश्न 2. कथा का राजा कैसा था?
A) स्वार्थी
B) क्रूर
C) धर्मप्रिय
D) आलसी
उत्तर: C) धर्मप्रिय
प्रश्न 3. राज्य में किस कारण संकट उत्पन्न हुआ?
A) युद्ध
B) महामारी
C) अनावृष्टि
D) बाढ़
उत्तर: C) अनावृष्टि
प्रश्न 4. अनावृष्टि से कौन-सी समस्या उत्पन्न हुई?
A) धनवृद्धि
B) अन्नाभाव
C) जनसंख्या वृद्धि
D) व्यापार लाभ
उत्तर: B) अन्नाभाव
प्रश्न 5. राजा ने प्रजा के लिए क्या त्याग किया?
A) सिंहासन
B) सेना
C) अन्न और धन
D) भूमि
उत्तर: C) अन्न और धन
प्रश्न 6. मंत्रियों को किस बात की चिंता थी?
A) युद्ध की
B) कोषागार के समाप्त होने की
C) वर्षा की
D) शत्रुओं की
उत्तर: B) कोषागार के समाप्त होने की
प्रश्न 7. राजा स्वयं को क्या मानता था?
A) स्वामी
B) देवता
C) प्रजा का सेवक
D) विजेता
उत्तर: C) प्रजा का सेवक
प्रश्न 8. राजा के त्याग से प्रजा में क्या भावना जागी?
A) भय
B) ईर्ष्या
C) सहयोग
D) क्रोध
उत्तर: C) सहयोग
प्रश्न 9. बाद में राज्य में क्या परिवर्तन हुआ?
A) विनाश
B) युद्ध
C) समृद्धि
D) पलायन
उत्तर: C) समृद्धि
प्रश्न 10. इस पाठ की मुख्य शिक्षा क्या है?
A) धन सर्वोपरि है
B) बल ही शक्ति है
C) त्याग से कल्याण होता है
D) सुख ही जीवन है
उत्तर: C) त्याग से कल्याण होता है
एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
प्रश्न 1. राजा कैसा था?
उत्तर: धर्मप्रिय
प्रश्न 2. वर्षा न होने को क्या कहते हैं?
उत्तर: अनावृष्टि
प्रश्न 3. अन्न की कमी को क्या कहते हैं?
उत्तर: अन्नाभाव
प्रश्न 4. लोकहित का अर्थ क्या है?
उत्तर: जनकल्याण
प्रश्न 5. त्याग का अर्थ एक शब्द में लिखिए।
उत्तर: परित्याग
प्रश्न 6. राजा ने किसका त्याग किया?
उत्तर: सुख-सुविधाओं का
प्रश्न 7. प्रजा किससे प्रभावित हुई?
उत्तर: राजा के त्याग से
प्रश्न 8. राज्य का प्रमुख क्या कहलाता है?
उत्तर: राजा
प्रश्न-उत्तर (अति संक्षिप्त व संक्षिप्त)
प्रश्न 1. राजा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: प्रजा का कल्याण करना।
प्रश्न 2. अकाल के समय राजा ने क्या किया?
उत्तर: उसने राजकोष का अन्न और धन प्रजा को दे दिया।
प्रश्न 3. राजा के निर्णय का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: समाज में सहयोग और एकता की भावना उत्पन्न हुई।
प्रश्न 4. इस पाठ में किस गुण को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है?
उत्तर: त्याग।
प्रश्न 5. कथा का अंत कैसे हुआ?
उत्तर: वर्षा हुई और राज्य पुनः समृद्ध हो गया।
50 Important Objective Questions (MCQ)
1. “लोकहितं त्यागेन भवति” का अर्थ क्या है?
A) सुख त्याग से मिलता है
B) लोककल्याण त्याग से होता है
C) धन से सम्मान
D) शक्ति से विजय
उत्तर: B
2. कथा का मुख्य पात्र कौन है?
A) मंत्री
B) व्यापारी
C) राजा
D) किसान
उत्तर: C
3. राजा किस गुण से युक्त था?
A) स्वार्थ
B) क्रूरता
C) धर्मप्रियता
D) आलस्य
उत्तर: C
4. राज्य में किस कारण संकट आया?
A) युद्ध
B) महामारी
C) अनावृष्टि
D) बाढ़
उत्तर: C
5. अनावृष्टि से क्या उत्पन्न हुआ?
A) समृद्धि
B) अन्नाभाव
C) उत्सव
D) व्यापार
उत्तर: B
6. प्रजा किससे पीड़ित थी?
A) भय से
B) कर से
C) भूख से
D) रोग से
उत्तर: C
7. राजा ने मंत्रियों को क्यों बुलाया?
A) युद्ध के लिए
B) उपाय पूछने के लिए
C) उत्सव मनाने के लिए
D) दंड देने के लिए
उत्तर: B
8. मंत्रियों की मुख्य चिंता क्या थी?
A) शत्रु
B) सेना
C) राजकोष
D) वर्षा
उत्तर: C
9. राजा ने किसका त्याग किया?
A) सिंहासन
B) सेना
C) अन्न और धन
D) भूमि
उत्तर: C
10. राजा स्वयं को क्या मानता था?
A) स्वामी
B) देवता
C) प्रजा का सेवक
D) शासक
उत्तर: C
11. राजा का कथन किस भाव को दर्शाता है?
A) क्रोध
B) करुणा
C) लोभ
D) घमंड
उत्तर: B
12. राजा के त्याग से प्रजा में क्या उत्पन्न हुआ?
A) भय
B) ईर्ष्या
C) सहयोग
D) द्वेष
उत्तर: C
13. प्रजा ने एक-दूसरे की क्या की?
A) आलोचना
B) सहायता
C) निंदा
D) उपेक्षा
उत्तर: B
14. अंत में राज्य कैसा हो गया?
A) निर्धन
B) उजड़ गया
C) समृद्ध
D) शत्रुग्रस्त
उत्तर: C
15. प्रजा राजा को किस समान मानती थी?
A) मित्र
B) सेवक
C) देवता
D) शत्रु
उत्तर: C
16. राजा का जीवन कैसा हो गया?
A) विलासी
B) साधारण
C) ऐश्वर्यपूर्ण
D) आलसी
उत्तर: B
17. कथा किस मूल्य को सिखाती है?
A) बल
B) धन
C) त्याग
D) छल
उत्तर: C
18. “लोकहित” शब्द का अर्थ है—
A) आत्मकल्याण
B) जनकल्याण
C) शत्रु विनाश
D) व्यक्तिगत लाभ
उत्तर: B
19. “त्याग” का विलोम क्या है?
A) परित्याग
B) स्वार्थ
C) दान
D) सेवा
उत्तर: B
20. राजा का निर्णय किस पर आधारित था?
A) स्वार्थ पर
B) भय पर
C) धर्म पर
D) लोभ पर
उत्तर: C
21. अकाल का मुख्य कारण क्या था?
A) युद्ध
B) वर्षा का अभाव
C) चोरी
D) कर
उत्तर: B
22. राजा ने किसे प्राथमिकता दी?
A) स्वयं को
B) मंत्रियों को
C) प्रजा को
D) सेना को
उत्तर: C
23. मंत्रियों ने किस बात से राजा को आगाह किया?
A) युद्ध
B) कोष की कमी
C) रोग
D) शत्रु
उत्तर: B
24. राजा का आचरण कैसा था?
A) अनुचित
B) स्वार्थपूर्ण
C) आदर्श
D) कठोर
उत्तर: C
25. कथा में किस प्रकार का नेतृत्व दिखाया गया है?
A) तानाशाही
B) स्वार्थी
C) सेवाभावपूर्ण
D) हिंसक
उत्तर: C
26. प्रजा ने राजा के त्याग से क्या सीखा?
A) भय
B) त्याग
C) छल
D) युद्ध
उत्तर: B
27. राजा के त्याग का परिणाम क्या हुआ?
A) राज्य नष्ट हुआ
B) प्रजा नाराज़ हुई
C) राज्य समृद्ध हुआ
D) युद्ध हुआ
उत्तर: C
28. “प्रजा” शब्द का अर्थ है—
A) राजा
B) मंत्री
C) जनता
D) सेना
उत्तर: C
29. राजा ने किस समय त्याग किया?
A) उत्सव में
B) युद्ध में
C) संकट में
D) शांति में
उत्तर: C
30. कथा का उद्देश्य क्या है?
A) मनोरंजन
B) इतिहास
C) नैतिक शिक्षा
D) राजनीति
उत्तर: C
31. राजा के जीवन का आदर्श क्या था?
A) भोग
B) संग्रह
C) सेवा
D) विजय
उत्तर: C
32. “अनावृष्टि” का अर्थ है—
A) अधिक वर्षा
B) वर्षा का अभाव
C) बाढ़
D) तूफान
उत्तर: B
33. प्रजा की समस्या क्या थी?
A) कर
B) रोग
C) भूख
D) युद्ध
उत्तर: C
34. राजा ने किसे कष्ट सहने दिया?
A) प्रजा को
B) शत्रु को
C) स्वयं को
D) मंत्रियों को
उत्तर: C
35. कथा किस काल की प्रतीत होती है?
A) आधुनिक
B) प्राचीन
C) मध्यकालीन
D) भविष्यकालीन
उत्तर: B
36. राजा का निर्णय किस भावना से प्रेरित था?
A) करुणा
B) क्रोध
C) लोभ
D) ईर्ष्या
उत्तर: A
37. प्रजा ने संकट में क्या किया?
A) पलायन
B) संघर्ष
C) सहयोग
D) विद्रोह
उत्तर: C
38. राजा का व्यवहार कैसा था?
A) अहंकारी
B) दयालु
C) कठोर
D) स्वार्थी
उत्तर: B
39. कथा का निष्कर्ष क्या है?
A) धन सर्वोपरि
B) शक्ति सर्वोपरि
C) त्याग सर्वोपरि
D) युद्ध आवश्यक
उत्तर: C
40. राजा की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?
A) बल
B) धन
C) त्याग
D) छल
उत्तर: C
41. राजा ने क्या उदाहरण प्रस्तुत किया?
A) स्वार्थ का
B) त्याग का
C) हिंसा का
D) छल का
उत्तर: B
42. कथा में कौन-सा भाव प्रधान है?
A) वीर
B) हास्य
C) करुण
D) शृंगार
उत्तर: C
43. राज्य में सुख-शांति कब आई?
A) युद्ध के बाद
B) वर्षा के बाद
C) कर बढ़ने पर
D) पलायन पर
उत्तर: B
44. राजा के त्याग का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) भय
B) विभाजन
C) एकता
D) आलस्य
उत्तर: C
45. राजा का आदर्श किसके लिए प्रेरणादायक है?
A) केवल राजा
B) केवल मंत्री
C) सभी नागरिक
D) शत्रु
उत्तर: C
46. कथा में कौन-सा गुण सबसे श्रेष्ठ बताया गया है?
A) बल
B) बुद्धि
C) त्याग
D) छल
उत्तर: C
47. राजा ने किस समय राजसी सुख छोड़े?
A) शांति में
B) संकट में
C) उत्सव में
D) युद्ध में
उत्तर: B
48. “सेवक” शब्द का संबंध किससे है?
A) स्वार्थ
B) सेवा
C) लोभ
D) क्रोध
उत्तर: B
49. कथा के अनुसार सच्चा राजा कौन होता है?
A) जो धन एकत्र करे
B) जो युद्ध करे
C) जो प्रजा की सेवा करे
D) जो कठोर हो
उत्तर: C
50. इस पाठ का केंद्रीय संदेश क्या है?
A) सत्ता ही सब कुछ है
B) त्याग से ही लोककल्याण होता है
C) युद्ध आवश्यक है
D) धन से सुख मिलता है
उत्तर: B
उपसंहार
इस प्रकार “लोकहितं त्यागेन भवति” पाठ हमें यह महत्वपूर्ण शिक्षा देता है कि सच्चा लोककल्याण केवल शब्दों से नहीं, बल्कि त्याग और सेवा के भाव से संभव होता है। राजा का आचरण यह सिद्ध करता है कि जो व्यक्ति अपने स्वार्थ का परित्याग कर समाज के हित के लिए कार्य करता है, वही वास्तव में महान होता है। संकट के समय दूसरों के लिए अपने सुख–सुविधाओं का त्याग करना ही सच्चा धर्म और आदर्श नेतृत्व है।
आज के समय में भी यह कथा उतनी ही प्रासंगिक है, क्योंकि समाज और राष्ट्र की प्रगति सहयोग, करुणा और त्याग पर ही आधारित है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर जनहित को प्राथमिकता दे, तो एक समृद्ध, सुखी और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। यही इस पाठ का मूल संदेश और स्थायी प्रेरणा है।

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