वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण 12th Class science - full story
⚡ वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction)
कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान – Full Story (सरल और परीक्षा-उपयोगी भाषा में)
🔷 भूमिका
वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण भौतिक विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जो यह समझाता है कि चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन से विद्युत धारा कैसे उत्पन्न होती है। इसी सिद्धांत पर जनरेटर, ट्रांसफार्मर, डायनेमो, इंडक्शन कुकर जैसे उपकरण कार्य करते हैं। यह अध्याय गतिमान आवेश तथा चुम्बकत्व के बाद आता है और आधुनिक विद्युत तकनीक की नींव रखता है।
🔷 वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज
इस सिद्धांत की खोज माइकल फैराडे (Michael Faraday) ने सन् 1831 में की। उन्होंने पाया कि जब किसी कुंडली (coil) से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन किया जाता है, तो उसमें प्रेरित विद्युत वाहक बल (Induced EMF) उत्पन्न होता है।
🔷 चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux)
किसी क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की संख्या को चुंबकीय फ्लक्स कहते हैं।
Φ=B⋅A⋅cosθ
जहाँ –
-
= चुंबकीय क्षेत्र
-
= क्षेत्रफल
-
= क्षेत्रफल के अभिलंब और चुंबकीय क्षेत्र के बीच कोण
🔷 फैराडे के वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम
🔹 पहला नियम
जब किसी परिपथ से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तो उस परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) उत्पन्न होता है।
🔹 दूसरा नियम
प्रेरित EMF का परिमाण चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है।
e=−dtdΦ
ऋणात्मक चिन्ह लेन्ज के नियम को दर्शाता है।
🔷 लेन्ज का नियम (Lenz’s Law)
लेन्ज के नियम के अनुसार,
“प्रेरित धारा की दिशा ऐसी होती है कि वह उस कारण का विरोध करती है, जिसके कारण वह उत्पन्न होती है।”
👉 यह नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का समर्थन करता है।
🔷 प्रेरित धारा के प्रकार
1️⃣ स्व-प्रेरण (Self Induction)
e=−LdtdI
जहाँ= स्व-प्रेरण गुणांक
जब किसी कुंडली में धारा परिवर्तन से उसी कुंडली में EMF उत्पन्न हो, तो इसे स्व-प्रेरण कहते हैं।
2️⃣ पारस्परिक प्रेरण (Mutual Induction)
जब एक कुंडली में धारा परिवर्तन से पास रखी दूसरी कुंडली में EMF उत्पन्न हो, तो इसे पारस्परिक प्रेरण कहते हैं।
🔷 प्रेरकत्व (Inductance)
किसी कुंडली का वह गुण, जिसके कारण वह धारा परिवर्तन का विरोध करती है, प्रेरकत्व कहलाता है।
इसकी SI इकाई हेनरी (Henry) है।
🔷 भंवर धारा (Eddy Current)
जब किसी ठोस चालक में बदलता चुंबकीय क्षेत्र लगाया जाता है, तो उसमें वृत्ताकार धारा उत्पन्न होती है, जिसे भंवर धारा कहते हैं।
🔹 उपयोग
- इंडक्शन कुकर
- इलेक्ट्रिक ब्रेक
- ऊर्जा मीटर
🔹 हानियाँ
- ऊर्जा की हानि (ऊष्मा के रूप में)
- ट्रांसफार्मर में नुकसान
🔷 एसी जनरेटर (AC Generator)
AC जनरेटर वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण पर आधारित उपकरण है, जो यांत्रिक ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में बदलता है।
मुख्य भाग
- कुंडली
- चुंबक
- स्लिप रिंग
- ब्रश
🔷 वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण के अनुप्रयोग
- विद्युत जनरेटर
- ट्रांसफार्मर
- डायनेमो
- माइक्रोफोन
- इंडक्शन कुकर
🔷 निष्कर्ष
वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण आधुनिक विज्ञान और तकनीक का आधार है। इसके बिना विद्युत उत्पादन और वितरण की कल्पना भी संभव नहीं है। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे संख्यात्मक प्रश्न, परिभाषाएँ, नियम और आरेख आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
⚡ वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction)
कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान
प्रश्न–उत्तर | लघु/दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | सारांश
🔷 A. अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer)
प्रश्न 1. वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण क्या है?
उत्तर: चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के कारण किसी चालक में विद्युत वाहक बल उत्पन्न होने की घटना को वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण कहते हैं।
प्रश्न 2. वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज किसने की?
उत्तर: माइकल फैराडे ने (1831 में)।
प्रश्न 3. चुंबकीय फ्लक्स का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: वेबर (Weber)।
प्रश्न 4. फैराडे के कितने नियम हैं?
उत्तर: दो नियम।
प्रश्न 5. प्रेरित EMF का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
🔷 B. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer)
प्रश्न 1. फैराडे का पहला नियम लिखिए।
उत्तर: जब किसी परिपथ से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तब उस परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है।
प्रश्न 2. लेन्ज का नियम क्या है?
उत्तर: प्रेरित धारा की दिशा ऐसी होती है कि वह उस कारण का विरोध करती है, जिसके कारण वह उत्पन्न होती है। यह ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है।
प्रश्न 3. स्व-प्रेरण क्या है?
उत्तर: जब किसी कुंडली में धारा के परिवर्तन से उसी कुंडली में EMF उत्पन्न हो, तो उसे स्व-प्रेरण कहते हैं।
e=−LdtdI
प्रश्न 4. पारस्परिक प्रेरण को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: जब एक कुंडली में धारा परिवर्तन से पास रखी दूसरी कुंडली में EMF उत्पन्न हो, तो उसे पारस्परिक प्रेरण कहते हैं।
प्रश्न 5. प्रेरकत्व की SI इकाई लिखिए।
उत्तर: हेनरी (Henry)।
🔷 C. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer)
प्रश्न 1. फैराडे के वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियमों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
फैराडे ने वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण से संबंधित दो नियम दिए—
पहला नियम:
जब किसी परिपथ से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तब परिपथ में प्रेरित EMF उत्पन्न होता है।
दूसरा नियम:
प्रेरित EMF का परिमाण चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है।
e=−dtdΦ
ऋणात्मक चिन्ह लेन्ज के नियम को दर्शाता है।
प्रश्न 2. भंवर धारा क्या है? इसके उपयोग और हानियाँ लिखिए।
उत्तर:
जब किसी ठोस चालक में परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र लगाया जाता है, तो उसमें वृत्ताकार धाराएँ उत्पन्न होती हैं, जिन्हें भंवर धारा कहते हैं।
उपयोग:
- इंडक्शन कुकर
- विद्युत ब्रेक
- ऊर्जा मीटर
हानियाँ:
- ऊर्जा की ऊष्मा के रूप में हानि
- ट्रांसफार्मर में शक्ति हानि
प्रश्न 3. एसी जनरेटर का सिद्धांत एवं कार्य विधि लिखिए।
उत्तर:
AC जनरेटर वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है। जब कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में घुमाया जाता है, तो उसमें परिवर्तित चुंबकीय फ्लक्स के कारण प्रेरित EMF उत्पन्न होता है, जिससे प्रत्यावर्ती धारा प्राप्त होती है।
🔷 D. सारांश (Summary)
वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान का अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें बताया गया है कि चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन से विद्युत धारा कैसे उत्पन्न होती है। फैराडे के नियम और लेन्ज का नियम इस अध्याय की आधारशिला हैं। स्व-प्रेरण, पारस्परिक प्रेरण, भंवर धारा तथा AC जनरेटर जैसे विषय इसके प्रमुख भाग हैं। आधुनिक विद्युत उपकरण जैसे जनरेटर, ट्रांसफार्मर और इंडक्शन कुकर इसी सिद्धांत पर आधारित हैं। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
⚡ वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction)
कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान
MCQ | एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न | प्रश्न–उत्तर
🔷 A. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज किसने की?
A. मैक्सवेल
B. ओम
C. फैराडे
D. हर्ट्ज
👉 उत्तर: C. फैराडे
2. चुंबकीय फ्लक्स का SI मात्रक क्या है?
A. टेस्ला
B. वेबर
C. हेनरी
D. एम्पियर
👉 उत्तर: B. वेबर
3. प्रेरित EMF का गणितीय रूप है—
A.
B.
C.
D.
👉 उत्तर: B
4. लेन्ज का नियम संबंधित है—
A. धारा के परिमाण से
B. धारा की दिशा से
C. चुंबकीय क्षेत्र से
D. ऊर्जा से
👉 उत्तर: B
5. प्रेरकत्व की SI इकाई क्या है?
A. टेस्ला
B. वेबर
C. हेनरी
D. ओम
👉 उत्तर: C
6. भंवर धारा उत्पन्न होती है—
A. कुंडली में
B. ठोस चालक में
C. गैस में
D. निर्वात में
👉 उत्तर: B
7. स्व-प्रेरण में EMF किसमें उत्पन्न होती है?
A. दूसरे परिपथ में
B. चुंबक में
C. उसी कुंडली में
D. बैटरी में
👉 उत्तर: C
8. पारस्परिक प्रेरण में EMF उत्पन्न होती है—
A. उसी कुंडली में
B. दूसरी कुंडली में
C. चुंबक में
D. बैटरी में
👉 उत्तर: B
9. AC जनरेटर आधारित है—
A. विद्युत धारा पर
B. स्थिरवैद्युत पर
C. वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण पर
D. ओम के नियम पर
👉 उत्तर: C
10. लेन्ज के नियम का ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है—
A. शक्ति हानि
B. ऊर्जा संरक्षण
C. धारा का मान
D. समय
👉 उत्तर: B
🔷 B. एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. चुंबकीय फ्लक्स – चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की कुल संख्या।
2. वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण – चुंबकीय फ्लक्स परिवर्तन से EMF उत्पन्न होना।
3. प्रेरित धारा – प्रेरित EMF के कारण उत्पन्न धारा।
4. प्रेरकत्व – धारा परिवर्तन का विरोध करने का गुण।
5. स्व-प्रेरण – उसी कुंडली में उत्पन्न प्रेरण।
6. पारस्परिक प्रेरण – दूसरी कुंडली में उत्पन्न प्रेरण।
7. भंवर धारा – ठोस चालक में उत्पन्न वृत्ताकार धारा।
8. लेन्ज का नियम – प्रेरित धारा विरोध की दिशा में होती है।
9. वेबर – चुंबकीय फ्लक्स की SI इकाई।
10. हेनरी – प्रेरकत्व की SI इकाई।
🔷 C. प्रश्न–उत्तर (संक्षिप्त)
प्रश्न 1. चुंबकीय फ्लक्स का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
Φ=BAcosθθ
प्रश्न 2. फैराडे का दूसरा नियम लिखिए।
उत्तर:
प्रेरित EMF चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है।
e=−dtdΦ
प्रश्न 3. लेन्ज का नियम क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
यह ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है।
प्रश्न 4. भंवर धारा का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर:
इंडक्शन कुकर में
प्रश्न 5. AC जनरेटर का मुख्य उपयोग क्या है?
उत्तर:
यांत्रिक ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में बदलना।
⚡ वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction)
कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान
50 Objective Important Questions & Answers
🔷 Objective Questions (1–50)
1. वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज किसने की?
👉 उत्तर: माइकल फैराडे
2. फैराडे ने वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज किस वर्ष की?
👉 उत्तर: 1831
3. चुंबकीय फ्लक्स का SI मात्रक क्या है?
👉 उत्तर: वेबर
4. प्रेरित EMF का सूत्र क्या है?
👉 उत्तर:
5. ऋणात्मक चिन्ह किस नियम को दर्शाता है?
👉 उत्तर: लेन्ज का नियम
6. लेन्ज का नियम किस सिद्धांत पर आधारित है?
👉 उत्तर: ऊर्जा संरक्षण का नियम
7. चुंबकीय फ्लक्स का सूत्र लिखिए।
👉 उत्तर:
8. प्रेरकत्व की SI इकाई क्या है?
👉 उत्तर: हेनरी
9. स्व-प्रेरण में EMF कहाँ उत्पन्न होती है?
👉 उत्तर: उसी कुंडली में
10. पारस्परिक प्रेरण में EMF कहाँ उत्पन्न होती है?
👉 उत्तर: दूसरी कुंडली में
11. भंवर धारा किसमें उत्पन्न होती है?
👉 उत्तर: ठोस चालक में
12. भंवर धारा की खोज किसने की?
👉 उत्तर: फूको
13. भंवर धारा को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?
👉 उत्तर: Eddy Current
14. AC जनरेटर किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
👉 उत्तर: वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण
15. AC जनरेटर में किसका प्रयोग होता है?
👉 उत्तर: स्लिप रिंग
16. DC जनरेटर में किसका प्रयोग होता है?
👉 उत्तर: स्प्लिट रिंग (कम्यूटेटर)
17. प्रेरकत्व का विमीय सूत्र क्या है?
👉 उत्तर:
[ML2T−2A−2]
18. प्रेरित धारा की दिशा किस नियम से ज्ञात होती है?
👉 उत्तर: लेन्ज का नियम
19. प्रेरित EMF फ्लक्स के किस पर निर्भर करता है?
👉 उत्तर: परिवर्तन की दर पर
20. प्रेरकत्व किस पर निर्भर करता है?
👉 उत्तर: कुंडली की आकृति व माध्यम पर
21. ट्रांसफार्मर किस सिद्धांत पर आधारित है?
👉 उत्तर: पारस्परिक प्रेरण
22. प्रेरित EMF का मात्रक क्या है?
👉 उत्तर: वोल्ट
23. भंवर धारा का एक उपयोग लिखिए।
👉 उत्तर: इंडक्शन कुकर
24. भंवर धारा का एक नुकसान लिखिए।
👉 उत्तर: ऊर्जा की हानि
25. लेन्ज का नियम किस नियम का समर्थन करता है?
👉 उत्तर: ऊर्जा संरक्षण का नियम
26. चुंबकीय क्षेत्र का SI मात्रक क्या है?
👉 उत्तर: टेस्ला
27. चुंबकीय फ्लक्स अधिकतम कब होता है?
👉 उत्तर: जब θ = 0°
28. चुंबकीय फ्लक्स शून्य कब होता है?
👉 उत्तर: जब θ = 90°
29. प्रेरित धारा का परिमाण किस पर निर्भर करता है?
👉 उत्तर: फ्लक्स परिवर्तन की दर पर
30. कुंडली में धारा परिवर्तन का विरोध कौन करता है?
👉 उत्तर: प्रेरकत्व
31. स्व-प्रेरण का सूत्र क्या है?
👉 उत्तर:
32. पारस्परिक प्रेरण का गुणांक किससे दर्शाया जाता है?
👉 उत्तर: M
33. प्रेरकत्व L किस राशि पर निर्भर करता है?
👉 उत्तर: कुंडली के फेरे व माध्यम
34. प्रेरित धारा उत्पन्न होने की आवश्यक शर्त क्या है?
👉 उत्तर: चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन
35. AC जनरेटर में कितनी स्लिप रिंग होती हैं?
👉 उत्तर: दो
36. DC जनरेटर में कितने स्प्लिट रिंग होते हैं?
👉 उत्तर: दो
37. भंवर धारा से बचने के लिए ट्रांसफार्मर कोर कैसे बनाते हैं?
👉 उत्तर: परतदार (लैमिनेटेड)
38. लेन्ज का नियम किसने दिया?
👉 उत्तर: हेनरिक लेन्ज
39. प्रेरित EMF का मान ऋणात्मक क्यों होता है?
👉 उत्तर: विरोध को दर्शाने हेतु
40. ट्रांसफार्मर में कोर किस पदार्थ का होता है?
👉 उत्तर: मुलायम लोहा
41. प्रेरकत्व बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?
👉 उत्तर: फेरे बढ़ाना
42. चुंबकीय फ्लक्स किस राशि का माप है?
👉 उत्तर: क्षेत्र रेखाओं की संख्या
43. भंवर धारा किस प्रकार की धारा है?
👉 उत्तर: वृत्ताकार
44. AC जनरेटर में आउटपुट कैसा होता है?
👉 उत्तर: प्रत्यावर्ती धारा
45. ट्रांसफार्मर में किस प्रकार की धारा काम करती है?
👉 उत्तर: प्रत्यावर्ती धारा
46. वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण से संबंधित वैज्ञानिक कौन हैं?
👉 उत्तर: फैराडे
47. प्रेरित धारा का मान शून्य कब होगा?
👉 उत्तर: जब फ्लक्स स्थिर हो
48. प्रेरकत्व का मात्रक हेनरी किसके बराबर है?
👉 उत्तर: वेबर/एम्पियर
49. चुंबकीय फ्लक्स परिवर्तन से क्या उत्पन्न होता है?
👉 उत्तर: प्रेरित EMF
50. वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण आधुनिक उपकरणों का आधार क्यों है?
👉 उत्तर: विद्युत उत्पादन हेतु
⚡ वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction)
Outro / निष्कर्ष (कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान)
अंततः हम कह सकते हैं कि वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण भौतिक विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक अध्याय है, जिसने आधुनिक विद्युत तकनीक को नई दिशा दी है। फैराडे और लेन्ज जैसे वैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों ने यह स्पष्ट कर दिया कि चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन से ही विद्युत धारा उत्पन्न होती है। यही सिद्धांत आज हमारे दैनिक जीवन में प्रयुक्त जनरेटर, ट्रांसफार्मर, डायनेमो, इंडक्शन कुकर और अनेक विद्युत उपकरणों का आधार है।
इस अध्याय के अंतर्गत हमने फैराडे के नियम, लेन्ज का नियम, स्व-प्रेरण, पारस्परिक प्रेरण, भंवर धारा तथा AC जनरेटर जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय न केवल सैद्धांतिक प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे संख्यात्मक प्रश्न, MCQ और आरेख आधारित प्रश्न भी अक्सर पूछे जाते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वे सूत्रों को अच्छी तरह याद रखें और उनके प्रयोग को समझें।
वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण यह भी सिखाता है कि प्रकृति में ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, बल्कि केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है। यही कारण है कि लेन्ज का नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का समर्थन करता है। यदि इस अध्याय को ध्यानपूर्वक और समझ के साथ पढ़ा जाए, तो यह न केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने में सहायक होगा, बल्कि विज्ञान के प्रति रुचि भी बढ़ाएगा।
इस प्रकार, वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण अध्याय का अध्ययन हमें विज्ञान और तकनीक के बीच गहरे संबंध को समझने में मदद करता है और हमें आधुनिक विश्व की विद्युत व्यवस्था की मूलभूत जानकारी प्रदान करता है। ✨
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