प्रगति और समाज - लेखक नामवर सिंह - 12th Class Hindi Objective Question Answer

 

प्रगति और समाज - लेखक नामवर सिंह - 12th Class Hindi Objective Question Answer

प्रगति और समाज

लेखक – नामवर सिंह

पाठ का सार / पूर्ण व्याख्या

प्रगति और समाज” नामवर सिंह का एक विचारात्मक निबंध है, जिसमें लेखक ने प्रगति की वास्तविक अवधारणा और उसके सामाजिक प्रभाव पर गहन चिंतन किया है। लेखक स्पष्ट करते हैं कि प्रगति केवल मशीनों, तकनीक, उद्योग और भौतिक सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव मूल्यों, सामाजिक न्याय, नैतिकता और समानता से जुड़ी हुई है।

लेखक बताते हैं कि आधुनिक युग में प्रगति को अक्सर केवल आर्थिक विकास और वैज्ञानिक उन्नति से जोड़ा जाता है। बड़ी-बड़ी इमारतें, फैक्ट्रियाँ, तेज़ गाड़ियाँ और आधुनिक उपकरणों को ही प्रगति का प्रतीक मान लिया गया है। लेकिन लेखक प्रश्न उठाते हैं कि यदि समाज में गरीबी, बेरोज़गारी, शोषण, असमानता और अन्याय बढ़ रहा है, तो क्या इसे सच्ची प्रगति कहा जा सकता है?

नामवर सिंह के अनुसार सच्ची प्रगति वह है, जो समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुँचाए। यदि कुछ लोग अत्यधिक अमीर होते जा रहे हैं और अधिकांश लोग गरीबी में जीवन जी रहे हैं, तो यह प्रगति नहीं बल्कि असंतुलन है। लेखक मानते हैं कि प्रगति का सही मापदंड यह होना चाहिए कि समाज का अंतिम व्यक्ति कितना सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है।

लेखक यह भी कहते हैं कि वैज्ञानिक और तकनीकी विकास अपने आप में न तो अच्छा है और न बुरा, उसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि उसका उपयोग कैसे किया जाता है। यदि तकनीक का उपयोग मानव कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और समानता के लिए हो, तो वह प्रगति है; लेकिन यदि वही तकनीक युद्ध, शोषण और विनाश के लिए इस्तेमाल हो, तो वह समाज के लिए घातक है।

निबंध में लेखक मानव मूल्यों के पतन पर भी चिंता व्यक्त करते हैं। वे कहते हैं कि आज के समाज में स्वार्थ, प्रतिस्पर्धा और उपभोक्तावाद बढ़ गया है, जिससे मानवीय संबंध कमजोर हो रहे हैं। सच्ची प्रगति वह है जिसमें करुणा, सहयोग, भाईचारा और नैतिकता बनी रहे।

अंत में नामवर सिंह यह निष्कर्ष निकालते हैं कि प्रगति और समाज एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। समाज के बिना प्रगति निरर्थक है और प्रगति के बिना समाज जड़ हो जाता है। इसलिए आवश्यकता है ऐसी प्रगति की, जो मानव-केंद्रित, समाजोपयोगी और न्यायपूर्ण हो।

मुख्य संदेश

प्रगति केवल भौतिक विकास नहीं है

सच्ची प्रगति समाज के हर वर्ग के लिए होनी चाहिए

मानव मूल्य और सामाजिक न्याय प्रगति के आधार हैं

🔹 सारांश (Summary)

“प्रगति और समाज” नामवर सिंह का विचारात्मक निबंध है। इसमें लेखक ने प्रगति की संकीर्ण धारणा का विरोध करते हुए बताया है कि प्रगति केवल वैज्ञानिक, तकनीकी और भौतिक विकास तक सीमित नहीं हो सकती। यदि समाज में असमानता, शोषण, अन्याय और नैतिक पतन बढ़ रहा है, तो ऐसी प्रगति अर्थहीन है। लेखक के अनुसार सच्ची प्रगति वही है जो समाज के सभी वर्गों के जीवन को बेहतर बनाए, मानव मूल्यों को बनाए रखे और सामाजिक न्याय स्थापित करे। तकनीक का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि विनाश के लिए। प्रगति और समाज एक-दूसरे के पूरक हैं।

🔹 लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर (Short Answer Questions)

प्रश्न 1. ‘प्रगति’ से लेखक का क्या अभिप्राय है?

उत्तर: लेखक के अनुसार प्रगति का अर्थ केवल भौतिक या तकनीकी विकास नहीं, बल्कि मानव मूल्यों, समानता और सामाजिक न्याय का विकास है।

प्रश्न 2. लेखक आधुनिक प्रगति पर प्रश्न क्यों उठाते हैं?

उत्तर: क्योंकि आधुनिक प्रगति के बावजूद समाज में गरीबी, शोषण और असमानता बनी हुई है।

प्रश्न 3. सच्ची प्रगति की पहचान क्या है?

उत्तर: सच्ची प्रगति वही है जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिले और अंतिम व्यक्ति का जीवन सुधरे।

प्रश्न 4. तकनीक को लेखक ने किस रूप में देखा है?

उत्तर: तकनीक को लेखक ने एक साधन के रूप में देखा है, जिसका उपयोग अच्छा या बुरा दोनों हो सकता है।

प्रश्न 5. प्रगति का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: प्रगति समाज को उन्नत भी कर सकती है और गलत दिशा में ले भी जा सकती है, यह उसके उपयोग पर निर्भर करता है।

🔹 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर (Long Answer Questions)

प्रश्न 1. ‘प्रगति और समाज’ निबंध का मूल भाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

इस निबंध का मूल भाव यह है कि प्रगति और समाज को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। लेखक मानते हैं कि यदि प्रगति केवल मशीनों, उद्योगों और धन तक सीमित रह जाए और समाज में मानवता, नैतिकता व समानता न हो, तो वह सच्ची प्रगति नहीं है। समाज की भलाई के बिना प्रगति व्यर्थ है। प्रगति का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए, न कि उसे संकट में डालना।

प्रश्न 2. लेखक के अनुसार आधुनिक प्रगति की सीमाएँ क्या हैं?

उत्तर:

लेखक के अनुसार आधुनिक प्रगति भौतिक सुख-सुविधाओं पर अधिक केंद्रित है। इससे अमीर-गरीब की खाई बढ़ रही है, मानव मूल्य कमजोर हो रहे हैं और समाज में स्वार्थ व प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। तकनीकी विकास के बावजूद यदि समाज में अन्याय और शोषण बना रहता है, तो ऐसी प्रगति अधूरी और खतरनाक है।

प्रश्न 3. नामवर सिंह की दृष्टि में सच्ची प्रगति कैसी होनी चाहिए?

उत्तर:

नामवर सिंह के अनुसार सच्ची प्रगति मानव-केंद्रित होनी चाहिए। उसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता, नैतिकता और सामाजिक न्याय का विकास शामिल होना चाहिए। ऐसी प्रगति जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाए और मानवता को सुरक्षित रखे, वही वास्तविक प्रगति है।

प्रश्न 4. प्रगति और मानव मूल्यों के संबंध को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

लेखक मानते हैं कि मानव मूल्यों के बिना प्रगति निरर्थक है। यदि प्रगति के साथ करुणा, सहयोग, भाईचारा और नैतिकता न हो, तो समाज टूटने लगता है। इसलिए प्रगति को मानव मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है।

🔹 MCQ (Multiple Choice Questions)

1. “प्रगति और समाज” लेखक कौन हैं?

a) रामधारी सिंह दिनकर

b) नामवर सिंह ✅

c) प्रेमचंद

d) हरिवंश राय बच्चन

2. लेखक के अनुसार सच्ची प्रगति का आधार क्या है?

a) तकनीक और उद्योग

b) सामाजिक न्याय और मानव मूल्यों ✅

c) धन और शक्ति

d) केवल शिक्षा

3. आधुनिक प्रगति में किस चीज़ की कमी लेखक ने बताई है?

a) विज्ञान

b) सामाजिक समानता और न्याय ✅

c) तकनीकी विकास

d) उपभोक्तावाद

4. लेखक के अनुसार प्रगति और समाज के बीच क्या संबंध है?

a) वे पूरी तरह अलग हैं

b) वे एक-दूसरे के पूरक हैं ✅

c) प्रगति समाज से ऊपर है

d) समाज प्रगति के बिना नहीं रह सकता

5. लेखक ने तकनीक को किस रूप में देखा है?

a) केवल लाभकारी

b) केवल हानिकारक

c) साधन, जिसका उपयोग अच्छा या बुरा हो सकता है ✅

d) आवश्यक नहीं

6. लेखक ने प्रगति को केवल भौतिक विकास तक सीमित क्यों नहीं माना?

a) क्योंकि यह समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ नहीं पहुँचाता ✅

b) क्योंकि तकनीक महंगी है

c) क्योंकि विज्ञान खराब है

d) क्योंकि उद्योग महत्वहीन हैं

7. लेखक के अनुसार समाज में किस चीज़ की वृद्धि प्रगति की असली पहचान है?

a) अमीरी

b) शिक्षा, स्वास्थ्य और समानता ✅

c) मशीनें

d) कारखाने

🔹 एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न

प्रगति – मानव जीवन और समाज के विकास का वह रूप जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता और मूल्यों का विकास शामिल हो।

सामाजिक न्याय – समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करना।

मानव मूल्य – करुणा, नैतिकता, सहयोग, भाईचारा और सम्मान।

असमानता – समाज में कुछ लोगों के अधिक लाभ और कुछ के कम लाभ होना।

उपभोक्तावाद – अत्यधिक भौतिक वस्तुओं की खपत की प्रवृत्ति।

तकनीक – विज्ञान और उपकरणों के माध्यम से काम को सरल बनाने का साधन।

🔹 प्रश्न-उत्तर (Short / Long Questions)

प्रश्न 1: आधुनिक प्रगति का समाज पर क्या प्रभाव है?

उत्तर: आधुनिक प्रगति समाज को उन्नत भी कर सकती है और नष्ट भी। इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि इसका उपयोग मानव कल्याण और सामाजिक न्याय के लिए किया गया है या स्वार्थ, प्रतिस्पर्धा और शोषण के लिए।

प्रश्न 2: नामवर सिंह ने प्रगति को केवल भौतिक विकास क्यों नहीं माना?

उत्तर: क्योंकि भौतिक विकास समाज में असमानता और अन्याय को बढ़ा सकता है। सच्ची प्रगति वह है जो समाज के सभी वर्गों तक लाभ पहुँचाए और मानव मूल्यों की रक्षा करे।

प्रश्न 3: लेखक के अनुसार सच्ची प्रगति का मापदंड क्या होना चाहिए?

उत्तर: सच्ची प्रगति का मापदंड यह होना चाहिए कि समाज का अंतिम व्यक्ति सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है या नहीं।

प्रश्न 4: प्रगति और मानव मूल्यों के बीच संबंध स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: मानव मूल्यों के बिना प्रगति निरर्थक है। यदि प्रगति में नैतिकता, करुणा और सहयोग न हो तो समाज टूटने लगता है। इसलिए प्रगति को मानव मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है।

🔹 50 Objective / MCQ Questions – “प्रगति और समाज”

1. “प्रगति और समाज” लेखक कौन हैं?

a) रामधारी सिंह दिनकर

b) नामवर सिंह ✅

c) प्रेमचंद

d) हरिवंश राय बच्चन

2. लेखक ने प्रगति की संकीर्ण धारणा पर क्या कहा है?

a) यह सही है

b) यह केवल भौतिक विकास तक सीमित है ✅

c) यह पर्याप्त है

d) इसका कोई महत्व नहीं

3. लेखक के अनुसार सच्ची प्रगति का आधार क्या है?

a) तकनीक और उद्योग

b) सामाजिक न्याय और मानव मूल्य ✅

c) धन और शक्ति

d) केवल शिक्षा

4. लेखक के अनुसार आधुनिक प्रगति का मुख्य दोष क्या है?

a) विज्ञान में कमी

b) समाज में असमानता और अन्याय ✅

c) उद्योगों की कमी

d) शिक्षा का अभाव

5. लेखक के अनुसार सच्ची प्रगति किसके लिए होनी चाहिए?

a) अमीरों के लिए

b) समाज के सभी वर्गों के लिए ✅

c) केवल सरकार के लिए

d) केवल युवाओं के लिए

6. प्रगति का अर्थ केवल भौतिक विकास क्यों नहीं हो सकता?

a) क्योंकि इससे विज्ञान प्रभावित होता है

b) क्योंकि इससे समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण नहीं होता ✅

c) क्योंकि तकनीक महंगी है

d) क्योंकि शिक्षा कम होती है

7. लेखक के अनुसार प्रगति और समाज का संबंध कैसा है?

a) अलग-अलग हैं

b) एक-दूसरे के पूरक हैं ✅

c) प्रगति समाज से ऊपर है

d) समाज प्रगति से अलग है

8. लेखक ने तकनीक को किस रूप में देखा है?

a) लाभकारी

b) हानिकारक

c) साधन, जिसका उपयोग अच्छा या बुरा हो सकता है ✅

d) आवश्यक नहीं

9. लेखक ने समाज में किस चीज़ की कमी बताई है?

a) विज्ञान

b) अमीरी

c) समानता और मानव मूल्य ✅

d) तकनीक

10. प्रगति केवल मशीनों और उद्योगों तक सीमित क्यों नहीं हो सकती?

a) क्योंकि तकनीक महंगी है

b) क्योंकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ नहीं पहुँचता ✅

c) क्योंकि उद्योग नष्ट हो रहे हैं

d) क्योंकि विज्ञान कमजोर है

11. लेखक के अनुसार समाज में असमानता किस कारण बढ़ती है?

a) विज्ञान के कारण

b) केवल तकनीक के कारण

c) भौतिक प्रगति के असंतुलित विकास के कारण ✅

d) शिक्षा के कारण

12. मानव मूल्यों में किसे शामिल किया गया है?

a) धन और शक्ति

b) करुणा, सहयोग, भाईचारा ✅

c) केवल शिक्षा

d) तकनीकी ज्ञान

13. लेखक के अनुसार सच्ची प्रगति का उद्देश्य क्या होना चाहिए?

a) समाज के अमीरों को लाभ देना

b) मानव जीवन को बेहतर बनाना ✅

c) उद्योग बढ़ाना

d) तकनीक विकसित करना

14. आधुनिक समाज में प्रगति के साथ क्या बढ़ रहा है?

a) समानता

b) शोषण और अन्याय ✅

c) नैतिकता

d) सहयोग

15. लेखक के अनुसार तकनीक का उपयोग किसके लिए होना चाहिए?

a) मानव कल्याण और समाज के लिए ✅

b) केवल अमीरों के लिए

c) केवल सरकार के लिए

d) केवल व्यापार के लिए

16. लेखक ने प्रगति को किस रूप में देखा है?

a) केवल भौतिक विकास

b) मानव-केंद्रित विकास ✅

c) केवल तकनीकी विकास

d) केवल आर्थिक विकास

17. प्रगति का समाज पर प्रभाव किस पर निर्भर करता है?

a) सरकार के निर्णय पर

b) तकनीक के उपयोग पर ✅

c) शिक्षा पर

d) उद्योगों पर

18. लेखक के अनुसार प्रगति के बिना समाज क्या हो जाता है?

a) स्थिर

b) जड़ ✅

c) विकसित

d) संपन्न

19. सच्ची प्रगति और तकनीकी विकास के बीच अंतर क्या है?

a) कोई अंतर नहीं

b) सच्ची प्रगति मानव और समाज के कल्याण में होती है ✅

c) तकनीक हमेशा फायदेमंद है

d) तकनीक और प्रगति समान हैं

20. लेखक ने उपभोक्तावाद को किस रूप में बताया है?

a) मानवता का विकास

b) अत्यधिक भौतिक वस्तुओं की खपत ✅

c) तकनीक का उपयोग

d) सामाजिक न्याय

21. समाज में शोषण और अन्याय किसके कारण बढ़ते हैं?

a) केवल तकनीक

b) असमान और अधूरी प्रगति ✅

c) शिक्षा की कमी

d) नैतिकता के कारण

22. प्रगति का मापदंड क्या होना चाहिए?

a) केवल उद्योगों और धन से

b) समाज के अंतिम व्यक्ति का जीवन सुधार ✅

c) केवल शिक्षा से

d) केवल विज्ञान से

23. लेखक के अनुसार समाज की भलाई के बिना प्रगति क्या है?

a) पर्याप्त

b) व्यर्थ ✅

c) सफल

d) संतुलित

24. प्रगति और मानव मूल्यों के संबंध में लेखक क्या कहते हैं?

a) मानव मूल्यों के बिना प्रगति निरर्थक है ✅

b) मानव मूल्य और प्रगति अलग हैं

c) केवल तकनीक महत्वपूर्ण है

d) केवल आर्थिक विकास पर्याप्त है

25. लेखक के अनुसार समाज में किसके बिना प्रगति अधूरी है?

a) तकनीक

b) उद्योग

c) मानव मूल्य और न्याय ✅

d) विज्ञान

26. सच्ची प्रगति किसे लाभ पहुँचाती है?

a) केवल अमीरों

b) समाज के सभी वर्गों ✅

c) केवल सरकार

d) केवल युवाओं

27. आधुनिक प्रगति में किन चीज़ों का संतुलन जरूरी है?

a) शिक्षा और उद्योग

b) तकनीक, मानव मूल्य और न्याय ✅

c) केवल विज्ञान

d) केवल व्यापार

28. लेखक ने प्रगति और समाज को किस रूप में बताया है?

a) विरोधी

b) एक-दूसरे के पूरक ✅

c) अलग-अलग

d) अप्रासंगिक

29. समाज में नैतिक पतन क्यों हो रहा है?

a) विज्ञान के कारण

b) स्वार्थ, प्रतिस्पर्धा और उपभोक्तावाद के कारण ✅

c) तकनीक के कारण

d) शिक्षा के कारण

30. लेखक के अनुसार समाज में करुणा और सहयोग क्यों जरूरी है?

a) प्रगति को सुरक्षित रखने के लिए ✅

b) उद्योग बढ़ाने के लिए

c) विज्ञान के लिए

d) तकनीक के लिए

31. लेखक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a) उद्योगों का प्रचार

b) समाज और प्रगति का संतुलन समझाना ✅

c) तकनीक का महत्व बढ़ाना

d) शिक्षा का प्रचार

32. लेखक ने प्रगति की व्याख्या किस प्रकार की?

a) केवल तकनीकी विकास

b) समाज और मानव मूल्यों के विकास के रूप में ✅

c) केवल आर्थिक विकास

d) केवल विज्ञान

33. समाज में असमानता किसकी वजह से बढ़ती है?

a) शिक्षा

b) अधूरी प्रगति ✅

c) नैतिकता

d) तकनीक

34. प्रगति और तकनीक के बीच क्या अंतर है?

a) कोई अंतर नहीं

b) तकनीक साधन है, प्रगति उद्देश्य ✅

c) प्रगति साधन है

d) दोनों समान हैं

35. लेखक ने समाज में किसे मुख्य समस्या बताया है?

a) विज्ञान

b) असमानता और शोषण ✅

c) तकनीक

d) उद्योग

36. सच्ची प्रगति किसके लिए जरूरी है?

a) केवल सरकार

b) समाज के सभी लोगों के लिए ✅

c) केवल अमीर

d) केवल युवाओं

37. लेखक के अनुसार प्रगति और तकनीक के उपयोग का सही उद्देश्य क्या है?

a) मानव कल्याण ✅

b) केवल उद्योग

c) केवल पैसा कमाना

d) केवल शिक्षा

38. लेखक ने समाज में उपभोक्तावाद को कैसे बताया?

a) सकारात्मक

b) नकारात्मक ✅

c) आवश्यक

d) अनिवार्य

39. लेखक के अनुसार प्रगति का असली मूल्य क्या है?

a) धन

b) उद्योग

c) समाज और मानव जीवन की भलाई ✅

d) तकनीक

40. समाज में सच्ची प्रगति का क्या संकेत है?

a) विज्ञान का विकास

b) उद्योगों का विस्तार

c) अंतिम व्यक्ति का सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन ✅

d) केवल शिक्षा

41. लेखक ने किसे प्रगति का सही मापदंड बताया है?

a) धन

b) समाज के अंतिम व्यक्ति का जीवन ✅

c) तकनीक

d) उद्योग

42. लेखक के अनुसार आधुनिक समाज में क्या खतरा है?

a) नैतिकता का पतन ✅

b) विज्ञान की कमी

c) तकनीक की कमी

d) उद्योग की कमी

43. लेखक ने प्रगति को किन दो चीज़ों से जोड़ा है?

a) विज्ञान और उद्योग

b) समाज और मानव मूल्यों ✅

c) धन और शक्ति

d) शिक्षा और तकनीक

44. प्रगति का उद्देश्य क्या होना चाहिए?

a) केवल उद्योग

b) केवल विज्ञान

c) मानव और समाज का कल्याण ✅

d) केवल धन

45. लेखक ने तकनीक को किस दृष्टिकोण से देखा?

a) हमेशा लाभकारी

b) साधन, जिसका उपयोग अच्छा या बुरा हो सकता है ✅

c) केवल हानिकारक

d) अनावश्यक

46. समाज में असंतुलित प्रगति का परिणाम क्या है?

a) संतुलित समाज

b) असमानता और अन्याय ✅

c) विज्ञान का विकास

d) उद्योग का विस्तार

47. लेखक ने प्रगति को किस आधार पर मापा है?

a) उद्योग और तकनीक

b) समाज के अंतिम व्यक्ति का जीवन ✅

c) धन और शक्ति

d) शिक्षा

48. समाज में नैतिकता का महत्व क्यों है?

a) प्रगति के लिए आवश्यक ✅

b) उद्योग बढ़ाने के लिए

c) केवल शिक्षा के लिए

d) तकनीक के लिए

49. लेखक के अनुसार सच्ची प्रगति और समाज का उद्देश्य क्या होना चाहिए?

a) केवल तकनीकी विकास

b) समाज के हर व्यक्ति का जीवन सुधारे ✅

c) केवल धन कमाना

d) केवल शिक्षा

50. “प्रगति और समाज” निबंध का मुख्य संदेश क्या है?

a) केवल उद्योग का विकास

b) प्रगति और समाज एक-दूसरे के पूरक हैं ✅

c) केवल तकनीक महत्वपूर्ण है

d) केवल शिक्षा महत्वपूर्ण है

निष्कर्ष

प्रगति और समाज” निबंध हमें यह महत्वपूर्ण सीख देता है कि सच्ची प्रगति केवल भौतिक और तकनीकी विकास तक सीमित नहीं हो सकती। समाज में अमीरी और उद्योग बढ़ाने के साथ-साथ मानव मूल्यों, सामाजिक न्याय और समानता का विकास भी जरूरी है। लेखक नामवर सिंह हमें यह याद दिलाते हैं कि यदि प्रगति समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ नहीं पहुँचाती और नैतिक मूल्यों को कमजोर करती है, तो वह अधूरी और असफल है।

इस निबंध का मुख्य संदेश यह है कि प्रगति और समाज एक-दूसरे के पूरक हैं। मानव जीवन को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुखी बनाने के लिए प्रगति का इस्तेमाल होना चाहिए। तकनीक और विज्ञान केवल साधन हैं; असली उद्देश्य मानवता, करुणा, सहयोग और न्याय को बढ़ावा देना होना चाहिए।

अंततः, लेखक हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि सच्ची प्रगति वही है, जो समाज के हर व्यक्ति के जीवन में सुधार लाए और मानव मूल्यों को बनाए रखे। यही सोच हमारे आधुनिक समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है।

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