किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र 12th Class science - full story

 किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र 12th Class science - full story

किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र 12th Class science - full story

नीचे “किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र (Ray Optics and Optical Instruments)” – कक्षा 12वीं भौतिकी का पूर्ण अध्ययन (Full Story) सरल भाषा में दिया गया है। यह बिहार बोर्ड/CBSE दोनों के लिए उपयोगी है।

किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र

(Ray Optics and Optical Instruments – Class 12 Physics)

1. भूमिका (Introduction)

प्रकाशिकी भौतिकी की वह शाखा है जिसमें प्रकाश के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। जब प्रकाश को किरणों के रूप में माना जाता है और उसके परावर्तन व अपवर्तन का अध्ययन किया जाता है, तो इसे किरण प्रकाशिकी कहते हैं। दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले दर्पण, लेंस, चश्मा, माइक्रोस्कोप, दूरबीन आदि सभी प्रकाशिक यंत्र इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं।

2. प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)

(i) परावर्तन के नियम

  1. आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।
  2. आपतन कोण = परावर्तन कोण।

(ii) गोलाकार दर्पण (Spherical Mirrors)

गोलाकार दर्पण दो प्रकार के होते हैं:

  • अवतल दर्पण (Concave Mirror)
  • उत्तल दर्पण (Convex Mirror)

महत्वपूर्ण पद

  • ध्रुव (Pole)
  • वक्रता केंद्र (Centre of Curvature)
  • फोकस (Focus)
  • फोकस दूरी (f)

दर्पण सूत्र

f1=v1+u1

आवर्धन (Magnification)

m=hohi=uv

3. प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)

(i) अपवर्तन के नियम (Snell’s Law)

sinrsini=स्थिर=μ

जहाँ μ\mu = अपवर्तनांक

(ii) अपवर्तनांक (Refractive Index)

μ=vc

4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)

जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक होता है, तो प्रकाश पूरी तरह परावर्तित हो जाता है।

उपयोग

ऑप्टिकल फाइबर

हीरा (Diamond)

मृगतृष्णा (Mirage)

5. लेंस (Lenses)

लेंस के प्रकार

  1. उत्तल लेंस (Convex Lens)
  2. अवतल लेंस (Concave Lens)

लेंस सूत्र

f1=(μ1)(R11R21)

आवर्धन 

m=uv

लेंस निर्माता सूत्र​ 

f1=(μ1)(R11R21)

6. प्रकाशिक यंत्र (Optical Instruments)

(i) सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope)

यह एक उत्तल लेंस से बना होता है।

आवर्धन क्षमता

M=1+fD

(ii) संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope)

छोटी वस्तुओं को बहुत अधिक बड़ा करके देखने के लिए उपयोग किया जाता है।

(iii) खगोलीय दूरबीन (Astronomical Telescope)

दूर स्थित वस्तुओं जैसे तारे, ग्रह आदि को देखने के लिए प्रयोग की जाती है।

(iv) मानव नेत्र (Human Eye)

मानव नत्र एक प्राकृतिक प्रकाशिक यंत्र है।

दृष्टि दोष

  • निकट दृष्टि दोष (Myopia)
  • दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia)
  • दृष्टिवैषम्य (Astigmatism)

7. दृष्टि दोषों का निवारण

  • मायोपिया → अवतल लेंस
  • हाइपरमेट्रोपिया → उत्तल लेंस

8. दैनिक जीवन में उपयोग

  • चश्मा
  • कैमरा
  • माइक्रोस्कोप
  • दूरबीन
  • ऑप्टिकल फाइबर संचार

9. निष्कर्ष (Conclusion)

किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र का अध्ययन हमें प्रकाश के व्यवहार को समझने में सहायता करता है। यह अध्याय न केवल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक की नींव भी है। दर्पण, लेंस और प्रकाशिक यंत्रों का सही ज्ञान हमारे दैनिक जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाता है।

नीचे “किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र (Ray Optics and Optical Instruments)” – कक्षा 12वीं भौतिकी के लिए सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर परीक्षा उपयोगी रूप में दिए गए हैं।

🔷 सारांश (Summary)

किरण प्रकाशिकी भौतिकी की वह शाखा है जिसमें प्रकाश को किरणों के रूप में मानकर उसके परावर्तन, अपवर्तन तथा उनसे संबंधित नियमों का अध्ययन किया जाता है। इस अध्याय में गोलाकार दर्पण, लेंस, पूर्ण आंतरिक परावर्तन, अपवर्तनांक तथा विभिन्न प्रकाशिक यंत्रों जैसे सरल सूक्ष्मदर्शी, संयुक्त सूक्ष्मदर्शी, खगोलीय दूरबीन और मानव नेत्र का अध्ययन किया जाता है।

प्रकाशिक यंत्रों के सिद्धांत आधुनिक विज्ञान, चिकित्सा, संचार तथा दैनिक जीवन में अत्यंत उपयोगी हैं।

🔷 लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर

(Short Answer Questions)

प्रश्न 1. किरण प्रकाशिकी क्या है?

उत्तर: प्रकाश को किरणों के रूप में मानकर उसके व्यवहार के अध्ययन को किरण प्रकाशिकी कहते हैं।

प्रश्न 2. परावर्तन के नियम लिखिए।

उत्तर:

  1. आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।
  2. आपतन कोण = परावर्तन कोण।

प्रश्न 3. अपवर्तनांक किसे कहते हैं?

उत्तर: निर्वात में प्रकाश की चाल और किसी माध्यम में प्रकाश की चाल के अनुपात को अपवर्तनांक कहते हैं।

प्रश्न 4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन क्या है?

उत्तर: जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाते समय पूर्णतः परावर्तित हो जाए, तो उसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।

प्रश्न 5. उत्तल लेंस का एक उपयोग लिखिए।

उत्तर: दूरदृष्टि दोष के निवारण में।

प्रश्न 6. मानव नेत्र का दृष्टि परास कितना होता है?

उत्तर: 25 सेमी से अनंत तक।

प्रश्न 7. मायोपिया किस लेंस से ठीक किया जाता है?

उत्तर: अवतल लेंस से।

प्रश्न 8. दर्पण सूत्र लिखिए।

उत्तर:

f1=v1+u1

🔷 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर

(Long Answer Questions)

प्रश्न 1. गोलाकार दर्पण के प्रकार समझाइए।

उत्तर:

गोलाकार दर्पण दो प्रकार के होते हैं—

  • अवतल दर्पण: यह अंदर की ओर चमकदार होता है। इसका उपयोग टॉर्च, शेविंग मिरर आदि में होता है।
  • उत्तल दर्पण: यह बाहर की ओर चमकदार होता है। इसका उपयोग वाहनों के रियर-व्यू मिरर में होता है।

प्रश्न 2. अपवर्तन के नियम लिखिए एवं समझाइए।

उत्तर:

अपवर्तन के दो नियम होते हैं—

आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।

  • आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।

  • sinisinr=μ\frac{\sin i}{\sin r}=\mu, जहाँ μ\mu अपवर्तनांक है।

प्रश्न 3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के उपयोग लिखिए।

उत्तर:

पूर्ण आंतरिक परावर्तन के प्रमुख उपयोग—

  • ऑप्टिकल फाइबर संचार
  • हीरे की चमक
  • मृगतृष्णा
  • एंडोस्कोपी

प्रश्न 4. मानव नेत्र की रचना एवं कार्यविधि समझाइए।

उत्तर:

मानव नेत्र एक प्राकृतिक प्रकाशिक यंत्र है। इसमें कॉर्निया, आईरिस, पुतली, लेंस, रेटिना आदि भाग होते हैं। प्रकाश रेटिना पर वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनाता है जिसे मस्तिष्क सीधा अनुभव करता है।

प्रश्न 5. दृष्टि दोष क्या हैं? उनके निवारण बताइए।

उत्तर:

दृष्टि दोष के प्रकार—

  1. निकट दृष्टि दोष (Myopia): अवतल लेंस से ठीक किया जाता है।
  2. दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia): उत्तल लेंस से ठीक किया जाता है।
  3. दृष्टिवैषम्य: बेलनाकार लेंस से ठीक किया जाता है।

नीचे “किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र (Ray Optics and Optical Instruments)” – कक्षा 12वीं भौतिकी के लिए MCQ, एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न, तथा सामान्य प्रश्न-उत्तर परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए गए हैं।
🔷 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. परावर्तन के नियम किसने दिए?
A. न्यूटन
B. स्नेल
C. यूक्लिड
D. ह्यूजेंस
उत्तर: C. यूक्लिड
2. उत्तल दर्पण का फोकस होता है—
A. वास्तविक
B. आभासी
C. दोनों
D. कोई नहीं
उत्तर: B. आभासी
3. अपवर्तनांक का मात्रक होता है—
A. मीटर
B. सेकंड
C. कोई मात्रक नहीं
D. न्यूटन
उत्तर: C. कोई मात्रक नहीं
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए आपतन कोण होना चाहिए—
A. क्रांतिक कोण से कम
B. क्रांतिक कोण के बराबर
C. क्रांतिक कोण से अधिक
D. शून्य
उत्तर: C. क्रांतिक कोण से अधिक
5. अवतल लेंस हमेशा बनाता है—
A. वास्तविक प्रतिबिंब
B. आभासी प्रतिबिंब
C. वास्तविक व उल्टा
D. कोई नहीं
उत्तर: B. आभासी प्रतिबिंब
6. मानव नेत्र का सामान्य दृष्टि परास है—
A. 10 cm – 1 m
B. 25 cm – ∞
C. 50 cm – ∞
D. 1 m – ∞
उत्तर: B. 25 cm – ∞
7. मायोपिया में प्रतिबिंब बनता है—
A. रेटिना पर
B. रेटिना के पीछे
C. रेटिना के आगे
D. पुतली पर
उत्तर: C. रेटिना के आगे
8. ऑप्टिकल फाइबर किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
A. अपवर्तन
B. परावर्तन
C. पूर्ण आंतरिक परावर्तन
D. विवर्तन
उत्तर: C. पूर्ण आंतरिक परावर्तन
9. उत्तल लेंस की फोकस दूरी होती है—
A. धनात्मक
B. ऋणात्मक
C. शून्य
D. अनंत
उत्तर: A. धनात्मक
10. खगोलीय दूरबीन का उपयोग किया जाता है—
A. सूक्ष्म वस्तुओं के लिए
B. निकट वस्तुओं के लिए
C. दूरस्थ खगोलीय पिंडों के लिए
D. दर्पण देखने के लिए
उत्तर: C. दूरस्थ खगोलीय पिंडों के लिए
🔷 एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. किरण प्रकाशिकी क्या है?
👉 प्रकाश को किरणों के रूप में मानकर उसका अध्ययन।
2. अपवर्तनांक की परिभाषा दीजिए।
👉 निर्वात में प्रकाश की चाल और माध्यम में चाल का अनुपात।
3. क्रांतिक कोण क्या है?
👉 वह आपतन कोण जिस पर अपवर्तन कोण 90° हो जाता है।
4. फोकस दूरी क्या है?
👉 ध्रुव और फोकस के बीच की दूरी
5. उत्तल लेंस क्या है?
👉 बीच से मोटा और किनारों से पतला लेंस।
6. अवतल लेंस क्या है?
👉 बीच से पतला और किनारों से मोटा लेंस।
7. आवर्धन क्या है?
👉 प्रतिबिंब की ऊँचाई और वस्तु की ऊँचाई का अनुपात।
8. मायोपिया क्या है?
👉 निकट दृष्टि दोष।
9. हाइपरमेट्रोपिया क्या है?
👉 दूर दृष्टि दोष।
10. ऑप्टिकल फाइबर क्या है?
👉 पूर्ण आंतरिक परावर्तन पर आधारित प्रकाश संचरण यंत्र।
🔷 प्रश्न-उत्तर (Very Short / Short Q&A)
प्रश्न 1. दर्पण सूत्र लिखिए।
उत्तर:f1=v1+u1
प्रश्न 2. उत्तल दर्पण का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर: वाहनों में रियर-व्यू मिरर।
प्रश्न 3. अवतल दर्पण का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर: टॉर्च और सर्चलाइट में।
प्रश्न 4. अपवर्तन के कितने नियम हैं?
उत्तर: दो।
प्रश्न 5. मानव नेत्र का लेंस किस प्रकार का होता है?
उत्तर: उत्तल लेंस।
प्रश्न 6. दृष्टिवैषम्य किस लेंस से ठीक किया जाता है?
उत्तर: बेलनाकार लेंस से।
प्रश्न 7. सरल सूक्ष्मदर्शी किस लेंस पर आधारित है?
उत्तर: उत्तल लेंस।
प्रश्न 8. खगोलीय दूरबीन में कितने लेंस होते हैं?
उत्तर: दो (ऑब्जेक्टिव और आईपीस)।
नीचे “किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र (Ray Optics and Optical Instruments)” – कक्षा 12वीं भौतिकी के लिए 50 Objective Important Questions (बहुविकल्पीय) Numbering के साथ दिए गए हैं। यह बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
🔷 50 Objective Important Questions
(Ray Optics and Optical Instruments – Class 12)
1. किरण प्रकाशिकी में प्रकाश को किस रूप में माना जाता है?
A. तरंग
B. कण
C. किरण
D. ऊर्जा
उत्तर: C
2. परावर्तन के नियम किसने दिए?
A. न्यूटन
B. यूक्लिड
C. मैक्सवेल
D. स्नेल
उत्तर: B
3. आपतन कोण और परावर्तन कोण का संबंध है
A. असमान
B. समान
C. व्युत्क्रम
D. शून्य
उत्तर: B
4. उत्तल दर्पण का फोकस होता है—
A. वास्तविक
B. आभासी
C. दोनों
D. कोई नहीं
उत्तर: B
5. अवतल दर्पण का फोकस होता है—
A. आभासी
B. केवल काल्पनिक
C. वास्तविक
D. अनंत
उत्तर: C
6. दर्पण सूत्र है—
A. 1f=1u1v\frac{1}{f}=\frac{1}{u}-\frac{1}{v}
B. 1f=1v+1u\frac{1}{f}=\frac{1}{v}+\frac{1}{u}
C. f=u+vf=u+v
D. f=uvu+vf=\frac{uv}{u+v}
उत्तर: B
8. उत्तल दर्पण का उपयोग किया जाता है—
A. शेविंग में
B. टॉर्च में
C. वाहनों में
D. सूक्ष्मदर्शी में
उत्तर: C
9. अवतल दर्पण का उपयोग किया जाता है—
A. रियर व्यू मिरर
B. सर्चलाइट
C. चश्मा
D. दूरबीन
उत्तर: B
10. प्रकाश का अपवर्तन होता है—
A. एक ही माध्यम में
B. निर्वात में
C. दो माध्यमों की सीमा पर
D. दर्पण से
उत्तर: C
11. अपवर्तन के नियम किसने दिए?
A. न्यूटन
B. ह्यूजेंस
C. स्नेल
D. मैक्सवेल
उत्तर: C
12. अपवर्तनांक का मात्रक होता है—
A. मीटर
B. सेकंड
C. न्यूटन
D. कोई नहीं
उत्तर: D
13. अपवर्तनांक का सूत्र है—
A. μ=vc\mu=\frac{v}{c}
B. μ=cv\mu=\frac{c}{v}
C. μ=uv\mu=\frac{u}{v}
D. μ=fv\mu=\frac{f}{v}
14. प्रकाश की चाल सबसे अधिक होती है—
A. जल में
B. काँच में
C. वायु में
D. निर्वात में
उत्तर: D
15. पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है जब प्रकाश जाता है
A. विरल से सघन
B. सघन से विरल
C. निर्वात से वायु
D. वायु से निर्वात
उत्तर: B
16. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए आपतन कोण होना चाहिए
A. क्रांतिक कोण से कम
B. क्रांतिक कोण के बराबर
C. क्रांतिक कोण से अधिक
D. शून्य
उत्तर: C
17. ऑप्टिकल फाइबर कार्य करता है
A. अपवर्तन पर
B. विवर्तन पर
C. परावर्तन पर
D. पूर्ण आंतरिक परावर्तन पर
उत्तर: D
18. क्रांतिक कोण निर्भर करता है—
A. तरंगदैर्ध्य पर
B. माध्यमों के अपवर्तनांक पर
C. तीव्रता पर
D. दूरी पर
उत्तर: B
19. उत्तल लेंस होता है—
A. बीच से पतला
B. बीच से मोटा
C. समान मोटाई
D. कोई नहीं
उत्तर: B
20. अवतल लेंस होता है—
A. बीच से मोटा
B. बीच से पतला
C. दोनों
D. कोई नहीं
उत्तर: B
21. उत्तल लेंस की फोकस दूरी होती है—
A. ऋणात्मक
B. धनात्मक
C. शून्य
D. अनंत
उत्तर: B
22. अवतल लेंस की फोकस दूरी होती है—
A. धनात्मक
B. शून्य
C. ऋणात्मक
D. अनंत
उत्तर: C
23. लेंस सूत्र है—
A. 1f=1u1v\frac{1}{f}=\frac{1}{u}-\frac{1}{v}
B. 1f=1v+1u\frac{1}{f}=\frac{1}{v}+\frac{1}{u}
C. f=u+vf=u+v
D. f=uvf=uv
उत्तर: B
24. उत्तल लेंस किस दोष को ठीक करता है?
A. मायोपिया
B. दृष्टिवैषम्य
C. हाइपरमेट्रोपिया
D. रंगांधता
उत्तर: C
25. अवतल लेंस किस दोष को ठीक करता है?
A. हाइपरमेट्रोपिया
B. मायोपिया
C. दृष्टिवैषम्य
D. मोतियाबिंद
उत्तर: B
26. मानव नेत्र का लेंस होता है—
A. अवतल
B. उत्तल
C. समतल
D. बेलनाकार
उत्तर: B
27. मानव नेत्र का सामान्य दृष्टि परास है—
A. 10 cm – ∞
B. 25 cm – ∞
C. 50 cm – ∞
D. 1 m – ∞
उत्तर: B
28. मायोपिया में प्रतिबिंब बनता है—
A. रेटिना पर
B. रेटिना के पीछे
C. रेटिना के आगे
D. पुतली पर
उत्तर: C
29. हाइपरमेट्रोपिया में प्रतिबिंब बनता है—
A. रेटिना के आगे
B. रेटिना पर
C. रेटिना के पीछे
D. लेंस पर
उत्तर: C
30. दृष्टिवैषम्य किस लेंस से ठीक किया जाता है?
A. उत्तल
B. अवतल
C. बेलनाकार
D. समतल
उत्तर: C
31. सरल सूक्ष्मदर्शी में प्रयुक्त लेंस होता है—
A. अवतल
B. उत्तल
C. समतल
D. बेलनाकार
उत्तर: B
32. सरल सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता निर्भर करती है—
A. वस्तु पर
B. दूरी पर
C. फोकस दूरी पर
D. माध्यम पर
उत्तर: C
33. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में कितने लेंस होते हैं?
A. एक
B. दो
C. तीन
D. चार
उत्तर: B
34. खगोलीय दूरबीन का उपयोग होता है—
A. सूक्ष्म वस्तुओं के लिए
B. जीवाणु देखने में
C. दूरस्थ खगोलीय पिंडों के लिए
D. मानव नेत्र में
उत्तर: C
35. खगोलीय दूरबीन में ऑब्जेक्टिव लेंस होता है—
A. छोटी फोकस दूरी का
B. बड़ी फोकस दूरी का
C. अवतल
D. बेलनाकार
उत्तर: B
36. खगोलीय दूरबीन में आईपीस होता है—
A. बड़ी फोकस दूरी का
B. अवतल
C. छोटी फोकस दूरी का उत्तल
D. समतल
उत्तर: C
37. दूरबीन का अंतिम प्रतिबिंब होता है—
A. वास्तविक
B. आभासी
C. उल्टा
D. आभासी एवं उल्टा
उत्तर: D
38. सूक्ष्मदर्शी का अंतिम प्रतिबिंब होता है—
A. वास्तविक
B. आभासी
C. सीधा
D. दोनों B और C
उत्तर: D
39. हीरे की चमक का कारण है
A. अपवर्तन
B. परावर्तन
C. विवर्तन
D. पूर्ण आंतरिक परावर्तन
उत्तर: D
40. मृगतृष्णा किस कारण होती है?
A. अपवर्तन
B. विवर्तन
C. पूर्ण आंतरिक परावर्तन
D. प्रकीर्णन
उत्तर: C
41. फोकस दूरी की SI इकाई है—
A. सेंटीमीटर
B. मिलीमीटर
C. मीटर
D. डायॉप्टर
उत्तर: C
42. लेंस की क्षमता की इकाई है
A. जूल
B. वाट
C. डायॉप्टर
D. न्यूटन
उत्तर: C
43. लेंस की क्षमता का सूत्र है—
A. P=fP=f
B. P=1fP=\frac{1}{f}
C. P=f2P=f^2
D. P=uvP=\frac{u}{v}
उत्तर: B
44. उत्तल लेंस की क्षमता होती है—
A. ऋणात्मक
B. धनात्मक
C. शून्य
D. अनंत
उत्तर: B
45. अवतल लेंस की क्षमता होती है—
A. धनात्मक
B. शून्य
C. ऋणात्मक
D. अनंत
उत्तर: C
46. दर्पण की फोकस दूरी और वक्रता त्रिज्या का संबंध है—
A. f=Rf=R
B. f=2Rf=2R
C. f=R2f=\frac{R}{2}
D. f=2Rf=\frac{2}{R}
उत्तर: C
47. उत्तल दर्पण की फोकस दूरी होती है—
A. धनात्मक
B. ऋणात्मक
C. शून्य
D. अनंत
उत्तर: A
48. अवतल दर्पण की फोकस दूरी होती है
A. धनात्मक
B. ऋणात्मक
C. शून्य
D. अनंत
उत्तर: B
49. मानव नेत्र में प्रतिबिंब बनता है—
A. कॉर्निया पर
B. लेंस पर
C. रेटिना पर
D. पुतली पर
उत्तर: C
50. कैमरा कार्य करता है—
A. अवतल लेंस पर
B. उत्तल लेंस पर
C. दर्पण पर
D. प्रिज्म पर
उत्तर: B
🔷 आउट्रो (Conclusion / Outro)
किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र – कक्षा 12वीं भौतिकी
इस अध्याय के अध्ययन के बाद हम यह समझ पाते हैं कि प्रकाश का व्यवहार हमारे दैनिक जीवन और आधुनिक विज्ञान में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किरण प्रकाशिकी के अंतर्गत परावर्तन, अपवर्तन, पूर्ण आंतरिक परावर्तन जैसे सिद्धांत न केवल सैद्धांतिक रूप से उपयोगी हैं, बल्कि इनके व्यावहारिक अनुप्रयोग भी अत्यंत व्यापक हैं। दर्पण और लेंस जैसे सरल उपकरणों से लेकर सूक्ष्मदर्शी, खगोलीय दूरबीन, कैमरा और मानव नेत्र जैसे जटिल प्रकाशिक यंत्र इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित हैं।

यह अध्याय हमें यह भी सिखाता है कि किस प्रकार दृष्टि दोष उत्पन्न होते हैं और उन्हें उपयुक्त लेंसों की सहायता से ठीक किया जा सकता है। ऑप्टिकल फाइबर जैसी आधुनिक तकनीकें पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करती हैं, जिसने संचार क्रांति को नई दिशा दी है।

परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सूत्र, परिभाषाएँ, संख्यात्मक प्रश्न और अनुप्रयोग आधारित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। यदि विद्यार्थी दर्पण और लेंस के सूत्रों, संकेत परंपरा (sign convention) तथा प्रकाशिक यंत्रों की कार्यविधि को अच्छी तरह समझ लें, तो यह अध्याय न केवल आसान हो जाता है बल्कि अंक प्राप्ति में भी सहायक सिद्ध होता है।

अतः कहा जा सकता है कि किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र भौतिकी का एक आधारभूत और उपयोगी अध्याय है, जो हमें प्रकाश की दुनिया को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने की क्षमता प्रदान करता है और आगे के उच्च अध्ययन के लिए मजबूत नींव तैयार करता है।

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