तरंग प्रकाशिकी 12th Class science - full story

 तरंग प्रकाशिकी 12th Class science - full story

तरंग प्रकाशिकी 12th Class science - full story

यहाँ कक्षा 12वीं भौतिकी (Science) के अध्याय

तरंग प्रकाशिकी (Wave Optics) की पूर्ण कहानी (Full Story) सरल, परीक्षा-उपयोगी और क्रमबद्ध रूप में दी जा रही है —

🌈 तरंग प्रकाशिकी (Wave Optics) – भूमिका

प्रकाश की प्रकृति को समझाने के लिए दो सिद्धांत दिए गए—

  1. कण सिद्धांत (न्यूटन)
  2. तरंग सिद्धांत (हाइजेंस)

कुछ घटनाएँ जैसे हस्तक्षेप, विवर्तन और ध्रुवण केवल तरंग सिद्धांत से ही समझाई जा सकती हैं। इन्हीं घटनाओं का अध्ययन तरंग प्रकाशिकी में किया जाता है।

🌊 हाइजेंस का तरंग सिद्धांत

हाइजेंस के अनुसार—

  • प्रकाश तरंग के रूप में चलता है।
  • तरंग-अग्र (Wavefront) के प्रत्येक बिंदु से द्वितीयक तरंगिकाएँ उत्पन्न होती हैं।
  • इन द्वितीयक तरंगिकाओं का अग्रभाग नया तरंग-अग्र बनाता है।

तरंग-अग्र के प्रकार

  1. समतल तरंग-अग्र
  2. गोलाकार तरंग-अग्र
  3. बेलनाकार तरंग-अग्र

🔄 प्रकाश का परावर्तन एवं अपवर्तन (Huygens से)

हाइजेंस सिद्धांत से—

  • परावर्तन का नियम
  • अपवर्तन का नियम

सफलतापूर्वक सिद्ध किया जा सकता है।

✨ प्रकाश का हस्तक्षेप (Interference of Light)

जब दो समान आवृत्ति और समान चरण वाली प्रकाश तरंगें मिलती हैं तो हस्तक्षेप होता है।

यंग का द्वि-रंध्र प्रयोग (YDSE)

यह प्रयोग प्रकाश की तरंग प्रकृति को सिद्ध करता है।

प्रमुख परिणाम:

  • उज्ज्वल फ्रिंज: पथांतर = nλ
  • अंधकारमय फ्रिंज: पथांतर = (2n+1)λ/2

👉 फ्रिंज चौड़ाई

β=dλD

🌈 पतली परतों में हस्तक्षेप

जैसे—

साबुन का बुलबुला

तेल की पतली परत

यहाँ रंगीन धारियाँ पथांतर और परावर्तन से उत्पन्न चरण परिवर्तन के कारण बनती हैं।

🔍 प्रकाश का विवर्तन (Diffraction of Light)

जब प्रकाश किसी बहुत छोटे छिद्र या किनारे से गुजरता है और मुड़ जाता है तो इसे विवर्तन कहते हैं।

एकल रंध्र विवर्तन

केंद्रीय उज्ज्वल पट्टी सबसे चौड़ी होती है।

विवर्तन तभी स्पष्ट होता है जब छिद्र का आकार ≈ तरंगदैर्घ्य हो।

🔬 विवेदन क्षमता (Resolving Power)

  • दो बहुत पास स्थित वस्तुओं को अलग-अलग देखने की क्षमता।
  • सूक्ष्मदर्शी की विवेदन क्षमता

🕶️ प्रकाश का ध्रुवण (Polarisation)

ध्रुवण यह सिद्ध करता है कि प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है।

ध्रुवण के प्रकार

  1. परावर्तन द्वारा
  2. अपवर्तन द्वारा
  3. पोलरॉइड द्वारा

ब्रूस्टर का नियम

tanip=μ

📌 तरंग प्रकाशिकी के प्रमुख निष्कर्ष

  • प्रकाश तरंग के रूप में भी व्यवहार करता है।
  • हस्तक्षेप, विवर्तन और ध्रुवण तरंग प्रकृति के प्रमाण हैं।
  • तरंग प्रकाशिकी से कई प्रकाशीय यंत्रों की कार्यप्रणाली समझी जाती है।

📝 परीक्षा के लिए उपयोगी टिप्स

✔ सूत्र याद रखें

✔ यंग का प्रयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण

✔ ब्रूस्टर का नियम अक्सर पूछा जाता है

✔ परिभाषाएँ और आरेख अवश्य बनाएँ

नीचे कक्षा 12वीं भौतिकी – तरंग प्रकाशिकी (Wave Optics) के लिए

सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न, और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न परीक्षा-उपयोगी, सरल भाषा में दिए जा रहे हैं।

📘 सारांश (Summary) – तरंग प्रकाशिकी

तरंग प्रकाशिकी में प्रकाश के तरंगीय व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। हाइजेंस के तरंग सिद्धांत के अनुसार प्रकाश तरंग के रूप में संचरित होता है और तरंग-अग्र के प्रत्येक बिंदु से द्वितीयक तरंगिकाएँ उत्पन्न होती हैं। इस सिद्धांत की सहायता से परावर्तन एवं अपवर्तन के नियमों को समझाया जा सकता है।

तरंग प्रकाशिकी की प्रमुख घटनाएँ हस्तक्षेप, विवर्तन और ध्रुवण हैं। यंग का द्वि-रंध्र प्रयोग प्रकाश की तरंग प्रकृति का प्रमाण देता है, जिसमें उज्ज्वल एवं अंधकारमय फ्रिंज प्राप्त होती हैं। पतली परतों में हस्तक्षेप से रंगीन धारियाँ बनती हैं।

विवर्तन तब होता है जब प्रकाश छोटे छिद्र या किनारे से होकर मुड़ जाता है। ध्रुवण से यह सिद्ध होता है कि प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है। ब्रूस्टर का नियम ध्रुवण कोण और अपवर्तनांक के बीच संबंध बताता है। इस प्रकार तरंग प्रकाशिकी प्रकाश की प्रकृति को गहराई से समझने में सहायक है।

✏️ लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्रश्न 1. तरंग प्रकाशिकी क्या है?

उत्तर: भौतिकी की वह शाखा जिसमें प्रकाश के तरंगीय गुणों जैसे हस्तक्षेप, विवर्तन एवं ध्रुवण का अध्ययन किया जाता है, तरंग प्रकाशिकी कहलाती है।

प्रश्न 2. तरंग-अग्र (Wavefront) से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: वह काल्पनिक सतह जिसके सभी बिंदु समान चरण में कंपन करते हैं, तरंग-अग्र कहलाती है।

प्रश्न 3. हाइजेंस का तरंग सिद्धांत लिखिए।

उत्तर: प्रत्येक तरंग-अग्र का प्रत्येक बिंदु द्वितीयक तरंगिकाओं का स्रोत होता है और इन तरंगिकाओं का अग्रभाग नया तरंग-अग्र बनाता है।

प्रश्न 4. प्रकाश के हस्तक्षेप से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: जब दो समान आवृत्ति और समान चरण वाली प्रकाश तरंगें मिलती हैं और तीव्रता में परिवर्तन उत्पन्न करती हैं, तो इसे हस्तक्षेप कहते हैं।

प्रश्न 5. यंग का द्वि-रंध्र प्रयोग किस बात को सिद्ध करता है?

उत्तर: यह प्रयोग प्रकाश की तरंग प्रकृति को सिद्ध करता है।

प्रश्न 6. विवर्तन क्या है?

उत्तर: जब प्रकाश छोटे छिद्र या किनारे से गुजरते समय मुड़ जाता है, तो इस घटना को विवर्तन कहते हैं।

प्रश्न 7. ध्रुवण से क्या सिद्ध होता है?

उत्तर: ध्रुवण से यह सिद्ध होता है कि प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग है।

प्रश्न 8. ब्रूस्टर का नियम लिखिए।

उत्तर: tanip=μ

📝 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

प्रश्न 1. हाइजेंस के तरंग सिद्धांत का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

हाइजेंस के अनुसार प्रकाश तरंग के रूप में संचरित होता है। तरंग-अग्र के प्रत्येक बिंदु से द्वितीयक तरंगिकाएँ उत्पन्न होती हैं, जो सभी दिशाओं में फैलती हैं। इन तरंगिकाओं का बाहरी स्पर्शी पृष्ठ नया तरंग-अग्र बनाता है। इस सिद्धांत की सहायता से प्रकाश के परावर्तन एवं अपवर्तन के नियमों को सरलता से समझाया जा सकता है। यह सिद्धांत प्रकाश की तरंग प्रकृति का आधार है।

प्रश्न 2. यंग के द्वि-रंध्र प्रयोग का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

यंग ने एक एकवर्णी प्रकाश स्रोत को दो संकीर्ण रंध्रों से गुजारकर परदे पर धारियाँ प्राप्त कीं। ये धारियाँ उज्ज्वल और अंधकारमय होती हैं, जो प्रकाश के हस्तक्षेप के कारण बनती हैं। उज्ज्वल फ्रिंज के लिए पथांतर nλn\lambda तथा अंधकारमय फ्रिंज के लिए (2n+1)λ/2(2n+1)\lambda/2 होता है। यह प्रयोग प्रकाश की तरंग प्रकृति का स्पष्ट प्रमाण है।

प्रश्न 3. प्रकाश के विवर्तन की व्याख्या कीजिए।

उत्तर:

जब प्रकाश किसी अत्यंत छोटे छिद्र या अवरोध के किनारे से गुजरता है तो वह सीधी रेखा में न जाकर फैल जाता है। इस घटना को विवर्तन कहते हैं। एकल रंध्र विवर्तन में केंद्रीय उज्ज्वल पट्टी सबसे चौड़ी होती है। विवर्तन तभी स्पष्ट होता है जब छिद्र का आकार प्रकाश की तरंगदैर्घ्य के तुल्य हो।

प्रश्न 4. ध्रुवण क्या है? ब्रूस्टर का नियम समझाइए।

उत्तर:

ध्रुवण वह प्रक्रिया है जिसमें प्रकाश की कंपन दिशा को एक ही तल में सीमित कर दिया जाता है। ध्रुवण यह सिद्ध करता है कि प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है।

ब्रूस्टर के नियम के अनुसार जब प्रकाश किसी सतह पर विशेष कोण पर आपतित होता है, तो परावर्तित प्रकाश पूर्णतः ध्रुवित हो जाता है। इस कोण को ध्रुवण कोण कहते हैं और

tanip=μ

नीचे कक्षा 12वीं भौतिकी – तरंग प्रकाशिकी (Wave Optics) के लिए

MCQ, एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न, तथा प्रश्न-उत्तर परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए जा रहे हैं।

🟢 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

1. तरंग प्रकाशिकी किसका अध्ययन करती है?

A. प्रकाश के कण गुण

B. प्रकाश के रासायनिक गुण

C. प्रकाश के तरंग गुण

D. प्रकाश की ऊर्जा

👉 उत्तर: C

2. हाइजेंस सिद्धांत के अनुसार तरंग-अग्र का प्रत्येक बिंदु होता है—

A. स्थिर बिंदु

B. ऊर्जा स्रोत

C. द्वितीयक तरंगिकाओं का स्रोत

D. परावर्तक सतह

👉 उत्तर: C

3. यंग का द्वि-रंध्र प्रयोग किसे सिद्ध करता है?

A. कण प्रकृति

B. विद्युत प्रकृति

C. तरंग प्रकृति

D. चुंबकीय प्रकृति

👉 उत्तर: C

4. उज्ज्वल फ्रिंज के लिए पथांतर होता है—

A. (2n+1)λ

B. λ/2

C. nλ

D. (2n+1)λ/2

👉 उत्तर: C

5. विवर्तन स्पष्ट रूप से तब दिखाई देता है जब—

A. छिद्र बहुत बड़ा हो

B. छिद्र का आकार तरंगदैर्घ्य के बराबर हो

C. प्रकाश तीव्र हो

D. दूरी अधिक हो

👉 उत्तर: B

6. प्रकाश का ध्रुवण किस बात का प्रमाण है?

A. प्रकाश अनुदैर्ध्य तरंग है

B. प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है

C. प्रकाश कण है

D. प्रकाश विद्युत तरंग है

👉 उत्तर: B

7. ब्रूस्टर का नियम संबंधित है

A. विवर्तन से

B. हस्तक्षेप से

C. ध्रुवण से

D. परावर्तन से

👉 उत्तर: C

8. तरंग-अग्र के लंबवत दिशा को क्या कहते हैं?

A. किरण

B. अभिलंब

C. सामान्य

D. पथ

👉 उत्तर: A

🟡 एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न

1. तरंग प्रकाशिकी की परिभाषा लिखिए।

👉 प्रकाश के तरंगीय गुणों का अध्ययन तरंग प्रकाशिकी कहलाता है।

2. तरंग-अग्र क्या है?

👉 समान चरण में कंपन करने वाले बिंदुओं का पृष्ठ तरंग-अग्र कहलाता है।

3. द्वितीयक तरंगिकाएँ क्या हैं?

👉 तरंग-अग्र के प्रत्येक बिंदु से निकलने वाली छोटी तरंगें।

4. हस्तक्षेप की परिभाषा दीजिए।

👉 दो प्रकाश तरंगों के अध्यारोपण से तीव्रता में परिवर्तन को हस्तक्षेप कहते हैं।

5. विवर्तन क्या है?

👉 छोटे छिद्र या किनारे से गुजरते समय प्रकाश का मुड़ना विवर्तन कहलाता है।

6. ध्रुवण क्या है?

👉 प्रकाश की कंपन दिशा को एक ही तल में सीमित करने की प्रक्रिया।

7. ध्रुवण कोण क्या है?

👉 वह आपतन कोण जिस पर परावर्तित प्रकाश पूर्णतः ध्रुवित हो जाता है।

8. फ्रिंज चौड़ाई क्या है?

👉 दो क्रमागत उज्ज्वल या अंधकारमय धारियों के बीच की दूरी।

🔵 प्रश्न-उत्तर (Very Short & Short Q/A)

प्रश्न 1. प्रकाश का तरंग सिद्धांत किसने दिया?

उत्तर: हाइजेंस ने।

प्रश्न 2. प्रकाश के हस्तक्षेप के लिए कैसी तरंगें आवश्यक हैं?

उत्तर: समान आवृत्ति एवं समान चरण वाली तरंगें।

प्रश्न 3. यंग के प्रयोग में फ्रिंज चौड़ाई किस पर निर्भर करती है?

उत्तर: तरंगदैर्घ्य, परदे की दूरी और रंध्रों की दूरी पर।

प्रश्न 4. केंद्रीय उज्ज्वल पट्टी सबसे चौड़ी कहाँ होती है?

उत्तर: एकल रंध्र विवर्तन में।

प्रश्न 5. ध्रुवण से प्रकाश की कौन-सी प्रकृति सिद्ध होती है?

उत्तर: अनुप्रस्थ तरंग प्रकृति।

प्रश्न 6. ब्रूस्टर नियम का सूत्र लिखिए।

उत्तर: tanip=μ\tan i_p = \mu

🟢 तरंग प्रकाशिकी : 50 Objective Important Question & Answer

1. तरंग प्रकाशिकी किसका अध्ययन करती है?

उत्तर: प्रकाश के तरंगीय गुणों का

2. प्रकाश का तरंग सिद्धांत किसने दिया?

उत्तर: हाइजेंस

3. तरंग-अग्र क्या दर्शाता है?

उत्तर: समान चरण में कंपन करते बिंदु

4. हाइजेंस सिद्धांत के अनुसार तरंग-अग्र का प्रत्येक बिंदु क्या है?

उत्तर: द्वितीयक तरंगिकाओं का स्रोत

5. यंग का द्वि-रंध्र प्रयोग किसे सिद्ध करता है?

उत्तर: प्रकाश की तरंग प्रकृति

6. हस्तक्षेप के लिए कैसी तरंगें आवश्यक हैं?

उत्तर: समान आवृत्ति और समान चरण वाली

7. उज्ज्वल फ्रिंज के लिए पथांतर क्या होता है?

उत्तर: nλn\lambda

8. अंधकारमय फ्रिंज के लिए पथांतर क्या होता है?

उत्तर: (2n+1)λ/2(2n+1)\lambda/2

9. फ्रिंज चौड़ाई किससे संबंधित है?

उत्तर: तरंगदैर्घ्य, दूरी और रंध्रों की दूरी से

10. फ्रिंज चौड़ाई का सूत्र क्या है?

उत्तर: β=λD/d\beta=\lambda D/d

11. यंग के प्रयोग में केंद्रीय फ्रिंज कैसी होती है?

उत्तर: उज्ज्वल

12. पतली परतों में हस्तक्षेप का कारण क्या है?

उत्तर: पथांतर और चरण परिवर्तन

13. साबुन के बुलबुले में रंग क्यों दिखते हैं?

उत्तर: हस्तक्षेप के कारण

14. विवर्तन किस घटना को कहते हैं?

उत्तर: प्रकाश का मुड़ना

15. विवर्तन स्पष्ट कब होता है?

उत्तर: जब छिद्र का आकार तरंगदैर्घ्य के बराबर हो

16. एकल रंध्र विवर्तन में केंद्रीय पट्टी कैसी होती है?

उत्तर: सबसे चौड़ी

17. विवर्तन किस सिद्धांत से समझाया जाता है?

उत्तर: हाइजेंस सिद्धांत

18. प्रकाश का ध्रुवण किस बात का प्रमाण है?

उत्तर: प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है

19. ध्रुवण की प्रक्रिया किसमें संभव है?

उत्तर: अनुप्रस्थ तरंगों में

20. ध्रुवण कोण क्या कहलाता है?

उत्तर: ब्रूस्टर कोण

21. ब्रूस्टर नियम का सूत्र क्या है? 

उत्तर: tanip=μ\tan i_p=\mu

22. पूर्ण ध्रुवण कब होता है?

उत्तर: ब्रूस्टर कोण पर

23. पोलरॉइड किसके लिए प्रयुक्त होता है?

उत्तर: ध्रुवण के लिए

24. तरंग-अग्र के लंबवत दिशा क्या कहलाती है?

उत्तर: किरण

25. समतल तरंग-अग्र कहाँ बनता है?

उत्तर: बहुत दूर स्थित स्रोत से

26. बिंदु स्रोत से कौन-सा तरंग-अग्र बनता है?

उत्तर: गोलाकार तरंग-अग्र

27. बेलनाकार तरंग-अग्र किससे बनता है?

उत्तर: रेखीय स्रोत से

28. हस्तक्षेप किस सिद्धांत पर आधारित है?

उत्तर: अध्यारोपण सिद्धांत

29. दो तरंगों के मिलने से तीव्रता अधिक हो तो क्या कहलाता है?

उत्तर: रचनात्मक हस्तक्षेप

30. तीव्रता न्यूनतम होने पर क्या कहलाता है?

उत्तर: विध्वंसात्मक हस्तक्षेप

31. प्रकाश की तरंगदैर्घ्य की इकाई क्या है?

उत्तर: मीटर

32. तरंगदैर्घ्य बढ़ाने पर फ्रिंज चौड़ाई पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उत्तर: बढ़ेगी

33. विवर्तन से संबंधित प्रमुख प्रयोग कौन-सा है?

उत्तर: एकल रंध्र विवर्तन

34. ध्रुवित प्रकाश की कंपन दिशा कैसी होती है?

उत्तर: एक ही तल में

35. प्रकाश के कण सिद्धांत के प्रवर्तक कौन थे?

उत्तर: न्यूटन

36. हाइजेंस सिद्धांत किस प्रकार की तरंग मानता है?

उत्तर: तरंग रूप में प्रकाश

37. केंद्रीय उज्ज्वल फ्रिंज का क्रमांक क्या होता है?

उत्तर: शून्य

38. फ्रिंज चौड़ाई का SI मात्रक क्या है?

उत्तर: मीटर

39. हस्तक्षेप किन तरंगों में होता है?

उत्तर: समकालिक तरंगों में

40. विवर्तन किससे अधिक प्रभावित होता है?

उत्तर: तरंगदैर्घ्य से

41. तरंग-अग्र किसका समूह होता है?

उत्तर: समान चरण वाले बिंदुओं का

42. प्रकाश की तरंग प्रकृति का प्रथम प्रमाण क्या है?

उत्तर: हस्तक्षेप

43. पोलरॉइड से निकलने वाला प्रकाश कैसा होता है?

उत्तर: ध्रुवित

44. ध्रुवण से कौन-सा नियम संबंधित है


उत्तर: ब्रूस्टर नियम

45. प्रकाश की तरंगदैर्घ्य किस पर निर्भर नहीं करती?

उत्तर: माध्यम की तीव्रता पर

46. फ्रिंज पैटर्न किस प्रयोग में प्राप्त होता है?

उत्तर: यंग के द्वि-रंध्र प्रयोग में

47. विवर्तन प्रकाश की किस प्रकृति को दर्शाता है?

उत्तर: तरंग प्रकृति

48. दो रंध्रों के बीच दूरी बढ़ाने पर फ्रिंज चौड़ाई?

उत्तर: घटती है

49. ध्रुवण किस तरंग में संभव नहीं है?

उत्तर: अनुदैर्ध्य तरंग में

50. तरंग प्रकाशिकी का मुख्य आधार क्या है?

उत्तर: हाइजेंस का तरंग सिद्धांत

🔚 तरंग प्रकाशिकी (Wave Optics) – Outro / निष्कर्ष

इस अध्याय तरंग प्रकाशिकी के अध्ययन से हम यह स्पष्ट रूप से समझ पाते हैं कि प्रकाश केवल कण के रूप में ही नहीं, बल्कि एक तरंग के रूप में भी व्यवहार करता है। हाइजेंस के तरंग सिद्धांत ने प्रकाश की तरंग प्रकृति को समझाने की मजबूत नींव रखी, जिसके आधार पर परावर्तन और अपवर्तन जैसे नियमों को सरलता से समझाया जा सकत है।

हस्क्षेप, विवर्तन और ध्रुवण जैसी घटनाएँ प्रकाश की तरंगीय प्रकृति के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। यंग का द्वि-रंध्र प्रयोग यह सिद्ध करता है कि प्रकाश तरंगों के अध्यारोपण से उज्ज्वल और अंधकारमय धारियाँ बनती हैं। वहीं विवर्तन यह दर्शाता है कि प्रकाश सीधी रेखा में चलने के साथ-साथ बाधाओं के चारों ओर मुड़ भी सकता है। ध्रुवण की घटना यह प्रमाणित करती है कि प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग है, जो तरंग प्रकाशिकी का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष है।

परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कई सूत्र, परिभाषाएँ और प्रयोग शामिल हैं, जिनसे वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि छात्र हाइजेंस सिद्धांत, यंग का प्रयोग, ब्रूस्टर का नियम और विवर्तन के मूल सिद्धांतों को अच्छी तरह समझ लेते हैं, तो इस अध्याय से जुड़े प्रश्नों को आसानी से हल कर सकते हैं।

अंततः कहा जा सकता है कि तरंग प्रकाशिकी न केवल प्रकाश की वास्तविक प्रकृति को समझने में सहायक है, बल्कि आधुनिक प्रकाशीय यंत्रों और तकनीकों की कार्यप्रणाली को समझने का मार्ग भी प्रशस्त करती है। यही कारण है कि भौतिकी में इस अध्याय का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। 🌈📘

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