यहाँ कक्षा 12वीं भौतिकी (Physics) के अध्याय
“विकिरण एवं द्रव्य की द्वैत प्रकृति (Dual Nature of Radiation and Matter)”
की पूर्ण कहानी (Full Story) सरल व परीक्षा-उपयोगी भाषा में दी जा रही है।
1. भूमिका (Introduction)
प्रारम्भ में वैज्ञानिक यह मानते थे कि प्रकाश केवल तरंग (Wave) है। लेकिन कुछ प्रयोगों ने यह सिद्ध किया कि प्रकाश कई परिस्थितियों में कण (Particle) की तरह भी व्यवहार करता है।
इसी प्रकार बाद में यह पाया गया कि द्रव्य (Matter), जिसे हम कण मानते थे, वह भी तरंग गुण दिखा सकता है।
इस प्रकार प्रकाश और द्रव्य दोनों की द्वैत प्रकृति (Dual Nature) को स्वीकार किया गया।
2. प्रकाश की तरंग प्रकृति
प्रकाश की तरंग प्रकृति को सिद्ध करने वाले प्रमुख प्रयोग:
- यंग का द्वि-रंध्र प्रयोग
- व्यतिकरण (Interference)
- विवर्तन (Diffraction)
- ध्रुवण (Polarization)
इनसे स्पष्ट हुआ कि प्रकाश विद्युतचुम्बकीय तरंग है।
3. प्रकाश की कण प्रकृति
कुछ ऐसे प्रयोग सामने आए जिन्हें तरंग सिद्धांत से नहीं समझाया जा सका:
- कृष्णिका विकिरण
- फोटोवैद्युत प्रभाव
- कॉम्पटन प्रभाव
इन प्रयोगों ने प्रकाश के कण स्वरूप को सिद्ध किया।
4. प्लांक का क्वांटम सिद्धांत
- मैक्स प्लांक (1900) ने कहा:
- ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण निरंतर नहीं, बल्कि छोटे-छोटे पैकेटों में होता है।
- इन पैकेटों को क्वांटम (Quantum) कहते हैं।
- प्रकाश के क्वांटम को फोटॉन (Photon) कहते हैं।
ऊर्जा का सूत्र:
E=hνE = h\nuE=hν
जहाँ
hhh = प्लांक नियतांक
ν\nuν = आवृत्ति
5. फोटोवैद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect)
जब किसी धातु की सतह पर उपयुक्त आवृत्ति का प्रकाश पड़ता है, तो उससे इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं।फोटोवैद्युत प्रभाव के नियम:
- दहलीज आवृत्ति से कम आवृत्ति पर प्रभाव नहीं होता।
- प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने से इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती है।
- उत्सर्जन तुरंत होता है।
- इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम ऊर्जा प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करती है।
👉 इस प्रभाव को आइंस्टीन ने समझाया और उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला।
6. फोटॉन की विशेषताएँ
- फोटॉन का द्रव्यमान शून्य होता है।
- यह प्रकाश की गति से चलता है।
- इसकी ऊर्जा और संवेग होता है।
p=λh
फोटॉन का संवेग:
7. द्रव्य की तरंग प्रकृति (de Broglie Hypothesis)
1924 में डी-ब्रॉग्ली ने कहा:
“प्रत्येक गतिमान कण के साथ एक तरंग जुड़ी होती है।”
डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य:
λ=hp=hmv\lambda = \frac{h}{p} = \frac{h}{mv}λ=ph=mvh
यह तरंगदैर्घ्य बहुत छोटा होता है, इसलिए सामान्य वस्तुओं में दिखाई नहीं देता।
8. द्रव्य तरंगों का प्रायोगिक प्रमाण
डेविसन–जर्मर प्रयोग
- इलेक्ट्रॉनों का विवर्तन देखा गया
- इससे सिद्ध हुआ कि इलेक्ट्रॉन तरंग गुण रखते हैं।
9. तरंग-कण द्वैत की अवधारणा
- प्रकाश कभी तरंग, कभी कण की तरह व्यवहार करता है।
- द्रव्य सामान्यतः कण है, परंतु गतिशील अवस्था में तरंग गुण दिखाता है।
- व्यवहार प्रयोग की परिस्थिति पर निर्भर करता है।
10. अध्याय का महत्व
- यह अध्याय आधुनिक भौतिकी की नींव है।
- क्वांटम यांत्रिकी, इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप, सेमीकंडक्टर आदि इसी पर आधारित हैं।
- परीक्षा में सूत्र, परिभाषाएँ और प्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
11. निष्कर्ष (Conclusion)
विकिरण एवं द्रव्य की द्वैत प्रकृति यह सिद्ध करती है कि प्रकृति शुद्ध रूप से न तो तरंग है और न ही केवल कण।
प्रकाश और द्रव्य दोनों परिस्थितियों के अनुसार तरंग तथा कण दोनों के गुण प्रदर्शित करते हैं।
यह अवधारणा आधुनिक विज्ञान की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक है।
नीचे कक्षा 12वीं भौतिकी के अध्याय
“विकिरण एवं द्रव्य की द्वैत प्रकृति (Dual Nature of Radiation and Matter)”
के लिए सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न–उत्तर तथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न–उत्तर सरल व परीक्षा-उपयोगी भाषा में दिए गए हैं।
🔹 सारांश (Summary)
इस अध्याय में यह बताया गया है कि प्रकाश केवल तरंग ही नहीं बल्कि कण (फोटॉन) के रूप में भी व्यवहार करता है।
प्लांक के क्वांटम सिद्धांत ने ऊर्जा को असतत बताया। फोटोवैद्युत प्रभाव ने प्रकाश के कण स्वरूप को सिद्ध किया, जिसे आइंस्टीन ने समझाया।
डी-ब्रॉग्ली ने बताया कि द्रव्य भी तरंग गुण रखता है। डेविसन–जर्मर प्रयोग से द्रव्य तरंगों का प्रमाण मिला।
इस प्रकार विकिरण और द्रव्य दोनों की द्वैत प्रकृति आधुनिक भौतिकी की आधारशिला है।
🔹 लघु उत्तरीय प्रश्न–उत्तर (Short Answer Questions)
प्रश्न 1. द्वैत प्रकृति से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: जब कोई वस्तु तरंग और कण दोनों के गुण प्रदर्शित करे, तो उसे द्वैत प्रकृति कहते हैं।
प्रश्न 2. फोटॉन क्या है?
उत्तर: प्रकाश का ऊर्जा-कण फोटॉन कहलाता है।
प्रश्न 3. प्लांक का क्वांटम सिद्धांत लिखिए।
उत्तर: ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण निरंतर न होकर क्वांटम के रूप में होता है।
प्रश्न 4. फोटोवैद्युत प्रभाव क्या है?
उत्तर: धातु की सतह पर प्रकाश पड़ने से इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन होना फोटोवैद्युत प्रभाव कहलाता है।
प्रश्न 5. दहलीज आवृत्ति क्या है?
उत्तर: न्यूनतम आवृत्ति जिस पर फोटोवैद्युत प्रभाव शुरू होता है, दहलीज आवृत्ति कहलाती है।
प्रश्न 6. डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य का सूत्र लिखिए।
उत्तर:p=λh
प्रश्न 7. फोटॉन का संवेग क्या होता है?
उत्तर:λ=mvh
प्रश्न 8. द्रव्य तरंगें क्यों दिखाई नहीं देतीं?
उत्तर: क्योंकि उनका तरंगदैर्घ्य अत्यंत छोटा होता है।
🔹 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न–उत्तर (Long Answer Questions)
प्रश्न 1. प्लांक के क्वांटम सिद्धांत को समझाइए।
उत्तर:
प्लांक ने बताया कि ऊर्जा का आदान-प्रदान छोटे-छोटे पैकेटों में होता है जिन्हें क्वांटम कहते हैं।
प्रत्येक क्वांटम की ऊर्जा:
यह सिद्धांत कृष्णिका विकिरण को समझाने में सफल रहा।
प्रश्न 2. फोटोवैद्युत प्रभाव का आइंस्टीन सिद्धांत लिखिए।
उत्तर:
आइंस्टीन के अनुसार प्रकाश फोटॉनों से बना है। प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा
E=hν
जब फोटॉन धातु पर गिरता है, तो उसकी ऊर्जा इलेक्ट्रॉन को बाहर निकाल देती है।
यह सिद्धांत प्रयोगात्मक परिणामों से पूरी तरह मेल खाता है।
प्रश्न 3. डी-ब्रॉग्ली परिकल्पना को समझाइए।
उत्तर:
डी-ब्रॉग्ली के अनुसार प्रत्येक गतिमान कण तरंग गुण रखता है।
कण का तरंगदैर्घ्य:
λ=mvh
यह परिकल्पना डेविसन–जर्मर प्रयोग से सत्य सिद्ध हुई।
प्रश्न 4. डेविसन–जर्मर प्रयोग का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
इस प्रयोग में इलेक्ट्रॉनों को निकेल क्रिस्टल से टकराया गया।
इलेक्ट्रॉनों का विवर्तन देखा गया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि इलेक्ट्रॉन तरंग गुण रखते हैं।
प्रश्न 5. प्रकाश की तरंग एवं कण प्रकृति की तुलना कीजिए।
उत्तर:
तरंग प्रकृति से व्यतिकरण व विवर्तन समझाए जाते हैं, जबकि कण प्रकृति से फोटोवैद्युत प्रभाव।
दोनों गुण मिलकर प्रकाश की द्वैत प्रकृति को सिद्ध करते हैं।
λ=mvh
नीचे कक्षा 12वीं भौतिकी के अध्याय
“विकिरण एवं द्रव्य की द्वैत प्रकृति (Dual Nature of Radiation and Matter)”
के लिए MCQ, एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न, तथा प्रश्न–उत्तर परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए जा रहे हैं।
🔹 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. फोटॉन की ऊर्जा होती है—
B.
C.
D.
✔ उत्तर: B
C.
D.
✔ उत्तर: B
2. फोटोवैद्युत प्रभाव का सिद्धांत किसने दिया?
A. न्यूटन
B. मैक्स प्लांक
C. आइंस्टीन
D. डी-ब्रॉग्ली
✔ उत्तर: C
3. डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य निर्भर करता है—
A. केवल द्रव्यमान पर
B. केवल वेग पर
C. संवेग पर
D. आवेश पर
✔ उत्तर: C
4. फोटॉन का विराम द्रव्यमान होता है—
A. शून्य
B. बहुत अधिक
C. ऋणात्मक
D. परिवर्ती
✔ उत्तर: A
5. फोटोवैद्युत प्रभाव में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा निर्भर करती है—
A. तीव्रता पर
B. धातु के क्षेत्रफल पर
C. प्रकाश की आवृत्ति पर
D. समय पर
✔ उत्तर: C
6. दहलीज आवृत्ति से कम आवृत्ति पर—
A. प्रभाव अधिक होगा
B. इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन नहीं होगा
C. ऊर्जा बढ़ेगी
D. संवेग बढ़ेगा
✔ उत्तर:
7. डी-ब्रॉग्ली परिकल्पना संबंधित है—
A. केवल प्रकाश से
B. केवल ध्वनि से
C. केवल तरंगों से
D. द्रव्य तरंगों से
✔ उत्तर: D
8. इलेक्ट्रॉन के तरंग गुणों का प्रयोगात्मक प्रमाण किस प्रयोग से मिला?
A. यंग प्रयोग
B. कॉम्पटन प्रभाव
C. डेविसन–जर्मर प्रयोग
D. मिलिकन प्रयोग
✔ उत्तर: C
9. फोटॉन का संवेग होता है—
A. शून्य
B.
C.
D.
✔ उत्तर: C
B.
C.
D.
✔ उत्तर: C
10. द्वैत प्रकृति का अर्थ है—
A. केवल तरंग
B. केवल कण
C. तरंग और कण दोनों
D. न तरंग न कण
✔ उत्तर: C
🔹 एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. प्रकाश के ऊर्जा कण को क्या कहते हैं?
➡ फोटॉन
2. ऊर्जा का न्यूनतम पैकेट क्या कहलाता है?
➡ क्वांटम
3. न्यूनतम आवृत्ति जिस पर फोटोवैद्युत प्रभाव हो—
➡ दहलीज आवृत्ति
4. द्रव्य से संबंधित तरंगों को क्या कहते हैं?
➡ डी-ब्रॉग्ली तरंगें
5. प्लांक नियतांक का मान किस प्रतीक से दर्शाया जाता है?
➡ h
6. प्रकाश की गति का मान किस प्रतीक से दर्शाते हैं?
➡ c
7. किस प्रभाव से प्रकाश की कण प्रकृति सिद्ध होती है?
➡ फोटोवैद्युत प्रभाव
🔹 प्रश्न–उत्तर (Very Short / Short Q&A)
प्रश्न 1. द्वैत प्रकृति से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: प्रकाश और द्रव्य का तरंग एवं कण दोनों जैसा व्यवहार करना द्वैत प्रकृति कहलाता है।
प्रश्न 2. फोटॉन का द्रव्यमान क्यों शून्य होता है?
उत्तर: क्योंकि फोटॉन विराम अवस्था में अस्तित्व नहीं रखता।
प्रश्न 3. डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य का सूत्र लिखिए।
उत्तर:λ=mvh
प्रश्न 4. फोटोवैद्युत प्रभाव तुरंत क्यों होता है?
उत्तर: क्योंकि ऊर्जा फोटॉन द्वारा सीधे इलेक्ट्रॉन को मिलती है।
प्रश्न 5. द्रव्य तरंगें किस स्थिति में प्रकट होती हैं?
उत्तर: जब कण गतिमान होता है।
नीचे कक्षा 12वीं भौतिकी के अध्याय
“विकिरण एवं द्रव्य की द्वैत प्रकृति (Dual Nature of Radiation and Matter)”
के 50 Objective Important Questions (MCQ) परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण दिए जा रहे हैं।
🔹 50 Objective Important Questions (MCQ)
1. प्रकाश के ऊर्जा कण को क्या कहते हैं?
A. इलेक्ट्रॉन
B. फोटॉन
C. प्रोटॉन
D. न्यूट्रॉन
✔ उत्तर: B
2. फोटॉन की ऊर्जा किससे दी जाती है?
A.
B.
C.
D.
✔ उत्तर: B
B.
C.
D.
✔ उत्तर: B
3. प्लांक नियतांक का SI मात्रक है—
A. जूल
B. जूल-सेकंड
C. मीटर
D. सेकंड
✔ उत्तर: B
4. फोटोवैद्युत प्रभाव की व्याख्या किसने की?
A. प्लांक
B. न्यूटन
C. आइंस्टीन
D. बोहर
✔ उत्तर: C
5. फोटोवैद्युत प्रभाव में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा निर्भर करती है—
A. तीव्रता पर
B. धातु पर
C. आवृत्ति पर
D. क्षेत्रफल पर
✔ उत्तर: C
6. दहलीज आवृत्ति से कम आवृत्ति पर—
A. उत्सर्जन होता है
B. उत्सर्जन नहीं होता
C. ऊर्जा बढ़ती है
D. संवेग बढ़ता है
✔ उत्तर: B
7. प्रकाश का संवेग होता है—
A. शून्यB.
C.
D.
✔ उत्तर: D
8. फोटॉन का विराम द्रव्यमान होता है—
A. धनात्मक
B. ऋणात्मक
C. शून्य
D. परिवर्ती
✔ उत्तर: C
9. डी-ब्रॉग्ली परिकल्पना संबंधित है—
A. ध्वनि से
B. प्रकाश से
C. द्रव्य तरंगों से
D. ताप से
✔ उत्तर: C
10. डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य निर्भर करता है—
A. केवल द्रव्यमान
B. केवल वेग
C. संवेग
D. आवेश
✔ उत्तर: C
11. डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य का सूत्र है—
A.
B.
C.
D.
✔ उत्तर: B
B.
C.
D.
✔ उत्तर: B
12. द्रव्य तरंगों का प्रायोगिक प्रमाण मिला—
A. यंग प्रयोग से
B. कॉम्पटन प्रभाव से
C. डेविसन–जर्मर प्रयोग से
D. मिलिकन प्रयोग से
✔ उत्तर: C
13. इलेक्ट्रॉन का तरंग गुण किस प्रयोग से सिद्ध हुआ?
A. फोटोवैद्युत प्रभाव
B. विवर्तन
C. डेविसन–जर्मर प्रयोग
D. ध्रुवण
✔ उत्तर: C
14. फोटॉन किस गति से चलता है?
A. ध्वनि की
B. प्रकाश की
C. उससे कम
D. शून्य
✔ उत्तर: B
15. प्रकाश की तरंग प्रकृति सिद्ध होती है—
A. फोटोवैद्युत प्रभाव से
B. व्यतिकरण से
C. कॉम्पटन प्रभाव से
D. कृष्णिका विकिरण से
✔उत्तर: B
16. प्रकाश की कण प्रकृति सिद्ध होती है—
A. व्यतिकरण
B. विवर्तन
C. फोटोवैद्युत प्रभाव
D. ध्रुवण
✔ उत्तर: C
17. क्वांटम शब्द का अर्थ है—
A. निरंतर ऊर्जा
B. ऊर्जा का पैकेट
C. द्रव्यमान
D. आवेश
✔ उत्तर: B
18. फोटॉन का आवेश होता है—
A. धनात्मक
B. ऋणात्मक
C. शून्य
D. परिवर्ती
✔ उत्तर: C
19. द्रव्य तरंगें किसके साथ जुड़ी होती हैं?
A. विराम कण
B. गतिमान कण
C. स्थिर वस्तु
D. तरल
✔ उत्तर: B
20. द्रव्य तरंगों का तरंगदैर्घ्य सामान्य वस्तुओं के लिए—
A. बहुत बड़ा
B. बहुत छोटा
C. शून्य
D. अनंत
✔ उत्तर: B
21. प्रकाश की द्वैत प्रकृति का अर्थ है—
A. केवल तरंग
B. केवल कण
C. तरंग और कण दोनों
D. न तरंग न कण
✔ उत्तर: C
22. फोटोवैद्युत प्रभाव में तीव्रता बढ़ाने से—
A. ऊर्जा बढ़ती है
B. इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती है
C. वेग बढ़ता है
D. दहलीज घटती है
✔ उत्तर: B
23. फोटोवैद्युत प्रभाव तुरंत होने का कारण है—
A. धातु का ताप
B. फोटॉन सिद्धांत
C. विद्युत क्षेत्र
D. दाब
✔ उत्तर: B
24. प्लांक सिद्धांत किस समस्या को समझाने में सफल रहा?
A. व्यतिकरण
B. विवर्तन
C. कृष्णिका विकिरण
D. ध्रुवण
✔ उत्तर: C
25. डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य अधिक होगा यदि—
A. द्रव्यमान अधिक हो
B. वेग अधिक हो
C. संवेग कम हो
D. आवेश अधिक हो
✔ उत्तर: C
26. इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी किस सिद्धांत पर आधारित है?
A. विवर्तन
B. फोटोवैद्युत प्रभाव
C. द्रव्य तरंग
D. ध्रुवण
✔ उत्तर: C
27. फोटॉन की ऊर्जा बढ़ाने के लिए—
A. तीव्रता बढ़ाएँ
B. आवृत्ति बढ़ाएँ
C. दूरी बढ़ाएँ
D. समय बढ़ाएँ
✔ उत्तर: B
28. प्रकाश की गति माध्यम बदलने पर—
A. नहीं बदलती
B. बदलती है
C. शून्य हो जाती है
D. अनंत हो जाती है
✔ उत्तर: B
29. डी-ब्रॉग्ली परिकल्पना किस वर्ष दी गई?
A. 1900
B. 1905
C. 1924
D. 1930
✔ उत्तर: C
30. फोटॉन का तरंगदैर्घ्य निर्भर करता है—
A. तीव्रता
B. आवृत्ति
C. धातु
D. ताप
✔ उत्तर: B
31. कॉम्पटन प्रभाव संबंधित है—
A. तरंग प्रकृति
B. कण प्रकृति
C. ध्रुवण
D. परावर्तन
✔ उत्तर: B
32. प्रकाश के फोटॉन की संख्या निर्भर करती है—
A. आवृत्ति
B. तरंगदैर्घ्य
C. तीव्रता
D. वेग
✔ उत्तर: C
33. फोटोवैद्युत प्रभाव में दहलीज आवृत्ति निर्भर करती है—
A. तीव्रता
B. आवृत्ति
C. धातु
D. समय
✔ उत्तर: C
34. इलेक्ट्रॉन का संवेग बढ़ाने से डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य—
A. बढ़ेगा
B. घटेगा
C. समान रहेगा
D. शून्य होगा
✔ उत्तर: B
35. फोटॉन का संवेग किस सूत्र से दिया जाता है?
A.
B.
C.
D.
✔ उत्तर: C
B.
C.
D.
✔ उत्तर: C
36. प्रकाश की तरंग प्रकृति का प्रमाण है—
A. फोटोवैद्युत प्रभाव
B. कॉम्पटन प्रभाव
C. विवर्तन
D. कृष्णिका विकिरण
✔ उत्तर: C
37. फोटॉन किस नियम का पालन नहीं करता?
A. ऊर्जा संरक्षण
B. संवेग संरक्षण
C. न्यूटन का दूसरा नियम
D. क्वांटम नियम
✔ उत्तर: C
38. डी-ब्रॉग्ली तरंगें होती हैं—
A. यांत्रिक
B. विद्युतचुम्बकीय
C. पदार्थ तरंग
D. ध्वनि
✔ उत्तर: C
39. प्रकाश की द्वैत प्रकृति किसने प्रस्तावित की?
A. न्यूटन
B. हाइजेनबर्ग
C. प्लांक
D. आधुनिक भौतिकी
✔ उत्तर: D
40. इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में प्रयुक्त कण है—
A. फोटॉन
B. प्रोटॉन
C. इलेक्ट्रॉन
D. न्यूट्रॉन
✔ उत्तर: C
41. डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य अधिक होगा जब—
A. वेग कम हो
B. द्रव्यमान अधिक हो
C. संवेग अधिक हो
D. ऊर्जा अधिक हो
✔ उत्तर: A
42. प्रकाश का क्वांटम कहलाता है—
A. इलेक्ट्रॉन
B. फोटॉन
C. प्रोटॉन
D. न्यूट्रॉन
✔ उत्तर: B
43. फोटोवैद्युत प्रभाव में धातु की भूमिका है—
A. आवृत्ति बदलना
B. दहलीज तय करना
C. ऊर्जा बढ़ाना
D. संवेग बढ़ाना
✔ उत्तर: B
44. प्रकाश का वेग निर्वात में लगभग है—
A. m/s
B. m/s
C. m/s
D. m/s
✔ उत्तर: C
B. m/s
C. m/s
D. m/s
✔ उत्तर: C
45. क्वांटम सिद्धांत का जनक कौन है?
A. आइंस्टीन
B. डी-ब्रॉग्ली
C. प्लांक
D. बोहर
✔ उत्तर: C
46. द्रव्य तरंगों की खोज से संबंधित वैज्ञानिक हैं—
A. न्यूटन
B. प्लांक
C. डी-ब्रॉग्ली
D. फैराडे
✔ उत्तर: C
47. द्रव्य तरंगों की प्रकृति होती है—
A. स्थिर
B. काल्पनिक
C. सांख्यिकीय
D. वास्तविक तरंग
✔ उत्तर: D
48. प्रकाश की द्वैत प्रकृति का अध्ययन संबंधित है—
A. क्लासिकल भौतिकी
B. यांत्रिकी
C. आधुनिक भौतिकी
D. ऊष्मागतिकी
✔ उत्तर: C
49. इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा बढ़ाने पर उसका डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य—
A. बढ़ता है
B. घटता है
C. समान रहता है
D. शून्य हो जाता है
✔ उत्तर: B
50. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
A. केवल प्रकाश तरंग है
B. केवल द्रव्य कण है
C. प्रकाश और द्रव्य दोनों द्वैत प्रकृति दिखाते हैं
D. द्वैत प्रकृति असत्य है
✔ उत्तर: C
Outro – विकिरण एवं द्रव्य की द्वैत प्रकृति
अंततः यह कहा जा सकता है कि विकिरण एवं द्रव्य की द्वैत प्रकृति का सिद्धांत भौतिकी की दुनिया में एक क्रांतिकारी मोड़ लेकर आया। इस अध्याय ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रकृति को केवल तरंग या केवल कण के रूप में समझना अधूरा है। प्रकाश, जिसे लंबे समय तक तरंग माना गया, फोटोवैद्युत प्रभाव जैसे प्रयोगों में कण के रूप में व्यवहार करता है, जबकि द्रव्य, जिसे हम सामान्यतः कण समझते हैं, डी-ब्रॉग्ली परिकल्पना के अनुसार तरंग गुण भी प्रदर्शित करता है।
प्लांक का क्वांटम सिद्धांत और आइंस्टीन की व्याख्या ने ऊर्जा की असतत प्रकृति को स्थापित किया, वहीं डेविसन–जर्मर प्रयोग ने द्रव्य तरंगों का ठोस प्रमाण दिया। इन खोजों ने न केवल आधुनिक भौतिकी की नींव रखी, बल्कि क्वांटम यांत्रिकी, अर्धचालक तकनीक, इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विकास का मार्ग भी प्रशस्त किया।
परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सूत्र, परिभाषाएँ, प्रयोग और सिद्धांत सभी सीधे प्रश्नों में पूछे जाते हैं। यदि छात्र इन अवधारणाओं को केवल याद करने के बजाय उनके पीछे के तर्क को समझ लें, तो यह अध्याय सरल और रोचक बन जाता है।
इस प्रकार, विकिरण एवं द्रव्य की द्वैत प्रकृति हमें यह सिखाती है कि विज्ञान में सत्य एक ही रूप में सीमित नहीं होता, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार उसका स्वरूप बदलता रहता है। यही विचार आधुनिक विज्ञान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
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