विद्युत धारा भौतिकी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जो विद्युत परिपथों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा आधुनिक तकनीक की नींव रखता है। कक्षा 12 के विज्ञान (भौतिकी) में यह अध्याय हमें यह समझने में सहायता करता है कि किसी चालक में आवेशों का प्रवाह कैसे होता है, धारा किन कारकों पर निर्भर करती है, तथा विद्युत ऊर्जा का उपयोग किस प्रकार किया जाता है।
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।
विद्युत धारा का मुख्य कारण विभवांतर (Potential Difference) है। जब किसी चालक के सिरों पर विभवांतर लगाया जाता है, तो चालक में उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉन निम्न विभव से उच्च विभव की ओर गति करते हैं और धारा उत्पन्न होती है।
स्थिर ताप पर किसी चालक में प्रवाहित विद्युत धारा उस पर लगाए गए विभवांतर के समानुपाती होती है।
किसी चालक का वह गुण जो विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है, प्रतिरोध कहलाता है।
विद्युत परिपथ एक बंद मार्ग होता है, जिसमें होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती है। यदि परिपथ खुला हो तो धारा प्रवाहित नहीं होती।
विद्युत धारा का अध्याय हमें दैनिक जीवन में प्रयुक्त विद्युत उपकरणों के कार्य-प्रणाली को समझने में सहायता करता है। ओम का नियम, प्रतिरोध, विद्युत शक्ति और ऊर्जा जैसे सिद्धांत न केवल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी इनका व्यापक उपयोग है। इस अध्याय का गहन अध्ययन आगे के अध्यायों जैसे विद्युतचुंबकत्व और एसी परिपथों को समझने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
भूमिका
विद्युत धारा भौतिकी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जो विद्युत परिपथों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा आधुनिक तकनीक की नींव रखता है। कक्षा 12 के विज्ञान (भौतिकी) में यह अध्याय हमें यह समझने में सहायता करता है कि किसी चालक में आवेशों का प्रवाह कैसे होता है, धारा किन कारकों पर निर्भर करती है, तथा विद्युत ऊर्जा का उपयोग किस प्रकार किया जाता है।
विद्युत धारा की परिभाषा
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।
गणितीय रूप में:
I=tQ
जहाँ,
I = विद्युत धारा
Q = प्रवाहित आवेश
t = समय
SI मात्रक: एम्पीयर (Ampere)
विद्युत धारा का प्रकार
दिष्ट धारा (DC – Direct Current):
इसमें आवेश एक ही दिशा में प्रवाहित होता है। जैसे – सेल, बैटरी।
प्रत्यावर्ती धारा (AC – Alternating Current):
इसमें धारा की दिशा समय-समय पर बदलती रहती है। जैसे – घरेलू विद्युत आपूर्ति।
विद्युत धारा का कारण
विद्युत धारा का मुख्य कारण विभवांतर (Potential Difference) है। जब किसी चालक के सिरों पर विभवांतर लगाया जाता है, तो चालक में उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉन निम्न विभव से उच्च विभव की ओर गति करते हैं और धारा उत्पन्न होती है।
ओम का नियम (Ohm’s Law)
स्थिर ताप पर किसी चालक में प्रवाहित विद्युत धारा उस पर लगाए गए विभवांतर के समानुपाती होती है।
गणितीय रूप:
V∝I
या,
V=IR
जहाँ,
V = विभवांतर
I = धारा
R = प्रतिरोध
प्रतिरोध (Resistance)
किसी चालक का वह गुण जो विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है, प्रतिरोध कहलाता है।
SI मात्रक: ओम (Ω)
प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक
चालक की लंबाई
अनुप्रस्थ क्षेत्रफल
पदार्थ की प्रकृति
तापमान
विद्युत ऊर्जा और विद्युत शक्ति
विद्युत ऊर्जा
किसी विद्युत उपकरण द्वारा उपभोग की गई ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा कहते हैं।
व्यावहारिक मात्रक: किलोवाट-घंटा (kWh)
विद्युत शक्ति
प्रति सेकंड उपभोग की गई विद्युत ऊर्जा को विद्युत शक्ति कहते हैं।
P=VI=I2R=RV2
SI मात्रक: वाट (Watt)
विद्युत परिपथ (Electric Circuit)
विद्युत परिपथ एक बंद मार्ग होता है, जिसमें होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती है। यदि परिपथ खुला हो तो धारा प्रवाहित नहीं होती।
निष्कर्ष
विद्युत धारा का अध्याय हमें दैनिक जीवन में प्रयुक्त विद्युत उपकरणों के कार्य-प्रणाली को समझने में सहायता करता है। ओम का नियम, प्रतिरोध, विद्युत शक्ति और ऊर्जा जैसे सिद्धांत न केवल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी इनका व्यापक उपयोग है। इस अध्याय का गहन अध्ययन आगे के अध्यायों जैसे विद्युतचुंबकत्व और एसी परिपथों को समझने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
यह अध्याय परीक्षा एवं अवधारणा – दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सारांश (Summary)
विद्युत धारा उस दर को कहते हैं जिससे किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से होकर विद्युत आवेश प्रवाहित होता है। इसका SI मात्रक एम्पीयर है। विद्युत धारा का प्रवाह विभवांतर के कारण होता है। ओम का नियम धारा, विभवांतर तथा प्रतिरोध के बीच संबंध स्थापित करता है। किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई, क्षेत्रफल, पदार्थ की प्रकृति तथा तापमान पर निर्भर करता है। विद्युत ऊर्जा और विद्युत शक्ति की अवधारणाएँ हमें यह समझने में मदद करती हैं कि विद्युत उपकरण कितनी ऊर्जा का उपभोग करते हैं। यह अध्याय दैनिक जीवन एवं परीक्षा—दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. विद्युत धारा की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।
प्रश्न 2. विद्युत धारा का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: एम्पीयर (Ampere)
प्रश्न 3. विभवांतर से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: दो बिंदुओं के बीच प्रति इकाई आवेश किए गए कार्य को विभवांतर कहते हैं।
प्रश्न 4. ओम का नियम लिखिए।
उत्तर: स्थिर ताप पर किसी चालक में प्रवाहित धारा उस पर लगाए गए विभवांतर के समानुपाती होती है।
प्रश्न 5. प्रतिरोध का मात्रक क्या है?
उत्तर: ओम (Ω)
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. ओम के नियम को प्रयोग द्वारा समझाइए।
उत्तर: ओम के नियम के अनुसार स्थिर ताप पर किसी चालक में धारा और विभवांतर में सीधा अनुपाती संबंध होता है। प्रयोग में एक चालक, बैटरी, रियोस्टैट और अमीटर का उपयोग किया जाता है। विभवांतर बढ़ाने पर धारा भी समान अनुपात में बढ़ती है, जिससे सिद्ध होता है कि V = IR।
प्रश्न 2. प्रतिरोध किन-किन कारकों पर निर्भर करता है?
उत्तर: प्रतिरोध चालक की लंबाई, अनुप्रस्थ क्षेत्रफल, पदार्थ की प्रकृति तथा तापमान पर निर्भर करता है।
प्रश्न 3. विद्युत शक्ति और विद्युत ऊर्जा को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: प्रति सेकंड उपभोग की गई विद्युत ऊर्जा को विद्युत शक्ति कहते हैं। किसी उपकरण द्वारा उपयोग की गई कुल ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा कहते हैं।
प्रश्न-उत्तर (सामान्य)
प्रश्न: विद्युत परिपथ क्या है?
उत्तर: विद्युत परिपथ एक बंद मार्ग होता है, जिसमें होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती है।
प्रश्न: AC और DC में अंतर बताइए।
उत्तर: DC में धारा एक ही दिशा में प्रवाहित होती है, जबकि AC में धारा की दिशा समय-समय पर बदलती रहती है।
मैंने विद्युत धारा (कक्षा 12 विज्ञान) वाले उसी डॉक्यूमेंट में अब ये तीनों चीज़ें जोड़ दी हैं👇
✅ सारांश (Summary)
✅ लघु उत्तरीय प्रश्न
✅ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न + सामान्य प्रश्न-उत्तर
विद्युत धारा (Electric Current)
भूमिका
विद्युत धारा भौतिकी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जो विद्युत परिपथों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा आधुनिक तकनीक की नींव रखता है। कक्षा 12 के विज्ञान (भौतिकी) में यह अध्याय हमें यह समझने में सहायता करता है कि किसी चालक में आवेशों का प्रवाह कैसे होता है, धारा किन कारकों पर निर्भर करती है, तथा विद्युत ऊर्जा का उपयोग किस प्रकार किया जाता है।
विद्युत धारा की परिभाषा
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।
गणितीय रूप में:
I=tQ
जहाँ,
I = विद्युत धारा
Q = प्रवाहित आवेश
t = समय
SI मात्रक: एम्पीयर (Ampere)
विद्युत धारा का प्रकार
दिष्ट धारा (DC – Direct Current):
इसमें आवेश एक ही दिशा में प्रवाहित होता है। जैसे – सेल, बैटरी।
प्रत्यावर्ती धारा (AC – Alternating Current):
इसमें धारा की दिशा समय-समय पर बदलती रहती है। जैसे – घरेलू विद्युत आपूर्ति।
विद्युत धारा का कारण
विद्युत धारा का मुख्य कारण विभवांतर (Potential Difference) है। जब किसी चालक के सिरों पर विभवांतर लगाया जाता है, तो चालक में उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉन निम्न विभव से उच्च विभव की ओर गति करते हैं और धारा उत्पन्न होती है।
ओम का नियम (Ohm’s Law)
स्थिर ताप पर किसी चालक में प्रवाहित विद्युत धारा उस पर लगाए गए विभवांतर के समानुपाती होती है।
गणितीय रूप:
V∝I
या,
V=IR
जहाँ,
V = विभवांतर
I = धारा
R = प्रतिरोध
प्रतिरोध (Resistance)
किसी चालक का वह गुण जो विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है, प्रतिरोध कहलाता है।
SI मात्रक: ओम (Ω)
प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक
चालक की लंबाई
अनुप्रस्थ क्षेत्रफल
पदार्थ की प्रकृति
तापमान
विद्युत ऊर्जा और विद्युत शक्ति
विद्युत ऊर्जा
किसी विद्युत उपकरण द्वारा उपभोग की गई ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा कहते हैं।
E=VItव्यावहारिक मात्रक: किलोवाट-घंटा (kWh)
विद्युत शक्ति
प्रति सेकंड उपभोग की गई विद्युत ऊर्जा को विद्युत शक्ति कहते हैं।
P=VI=I2R=RV2
विद्युत परिपथ (Electric Circuit)
विद्युत परिपथ एक बंद मार्ग होता है, जिसमें होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती है। यदि परिपथ खुला हो तो धारा प्रवाहित नहीं होती।
निष्कर्ष
विद्युत धारा का अध्याय हमें दैनिक जीवन में प्रयुक्त विद्युत उपकरणों के कार्य-प्रणाली को समझने में सहायता करता है। ओम का नियम, प्रतिरोध, विद्युत शक्ति और ऊर्जा जैसे सिद्धांत न केवल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी इनका व्यापक उपयोग है। इस अध्याय का गहन अध्ययन आगे के अध्यायों जैसे विद्युतचुंबकत्व और एसी परिपथों को समझने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
यह अध्याय परीक्षा एवं अवधारणा – दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सारांश (Summary)
विद्युत धारा उस दर को कहते हैं जिससे किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से होकर विद्युत आवेश प्रवाहित होता है। इसका SI मात्रक एम्पीयर है। विद्युत धारा का प्रवाह विभवांतर के कारण होता है। ओम का नियम धारा, विभवांतर तथा प्रतिरोध के बीच संबंध स्थापित करता है। किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई, क्षेत्रफल, पदार्थ की प्रकृति तथा तापमान पर निर्भर करता है। विद्युत ऊर्जा और विद्युत शक्ति की अवधारणाएँ हमें यह समझने में मदद करती हैं कि विद्युत उपकरण कितनी ऊर्जा का उपभोग करते हैं। यह अध्याय दैनिक जीवन एवं परीक्षा—दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. विद्युत धारा की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।
प्रश्न 2. विद्युत धारा का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: एम्पीयर (Ampere)
प्रश्न 3. विभवांतर से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: दो बिंदुओं के बीच प्रति इकाई आवेश किए गए कार्य को विभवांतर कहते हैं।
प्रश्न 4. ओम का नियम लिखिए।
उत्तर: स्थिर ताप पर किसी चालक में प्रवाहित धारा उस पर लगाए गए विभवांतर के समानुपाती होती है।
प्रश्न 5. प्रतिरोध का मात्रक क्या है?
उत्तर: ओम (Ω)
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. ओम के नियम को प्रयोग द्वारा समझाइए।
उत्तर: ओम के नियम के अनुसार स्थिर ताप पर किसी चालक में धारा और विभवांतर में सीधा अनुपाती संबंध होता है। प्रयोग में एक चालक, बैटरी, रियोस्टैट और अमीटर का उपयोग किया जाता है। विभवांतर बढ़ाने पर धारा भी समान अनुपात में बढ़ती है, जिससे सिद्ध होता है कि V = IR।
प्रश्न 2. प्रतिरोध किन-किन कारकों पर निर्भर करता है?
उत्तर: प्रतिरोध चालक की लंबाई, अनुप्रस्थ क्षेत्रफल, पदार्थ की प्रकृति तथा तापमान पर निर्भर करता है।
प्रश्न 3. विद्युत शक्ति और विद्युत ऊर्जा को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: प्रति सेकंड उपभोग की गई विद्युत ऊर्जा को विद्युत शक्ति कहते हैं। किसी उपकरण द्वारा उपयोग की गई कुल ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा कहते हैं।
प्रश्न-उत्तर (सामान्य)
प्रश्न: विद्युत परिपथ क्या है?
उत्तर: विद्युत परिपथ एक बंद मार्ग होता है, जिसमें होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती है।
प्रश्न: AC और DC में अंतर बताइए।
उत्तर: DC में धारा एक ही दिशा में प्रवाहित होती है, जबकि AC में धारा की दिशा समय-समय पर बदलती रहती है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. विद्युत धारा का SI मात्रक क्या है?
(a) वोल्ट
(b) ओम
(c) एम्पीयर
(d) वाट
उत्तर: (c) एम्पीयर
प्रश्न 2. विद्युत धारा का सूत्र है—
(a) I = V/R
(b) I = Q/t
(c) V = IR
(d) P = VI
उत्तर: (b) I = Q/t
प्रश्न 3. प्रतिरोध का SI मात्रक क्या है?
(a) वाट
(b) जूल
(c) ओम
(d) एम्पीयर
उत्तर: (c) ओम
प्रश्न 4. ओम का नियम किस ताप पर लागू होता है?
(a) उच्च ताप
(b) निम्न ताप
(c) परिवर्तनीय ताप
(d) स्थिर ताप
उत्तर: (d) स्थिर ताप
प्रश्न 5. घरेलू विद्युत आपूर्ति में कौन-सी धारा प्रयुक्त होती है?
(a) DC
(b) AC
(c) स्थिर धारा
(d) कोई नहीं
उत्तर: (b) AC
एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
प्रश्न 1. विद्युत आवेश का SI मात्रक लिखिए।
उत्तर: कूलॉम
प्रश्न 2. प्रति सेकंड प्रवाहित आवेश की मात्रा क्या कहलाती है?
उत्तर: विद्युत धारा
प्रश्न 3. विद्युत धारा मापने का यंत्र क्या कहलाता है?
उत्तर: अमीटर
प्रश्न 4. विभवांतर मापने का यंत्र क्या है?
उत्तर: वोल्टमीटर
प्रश्न 5. धारा के प्रवाह का विरोध करने वाला गुण क्या कहलाता है?
उत्तर: प्रतिरोध
प्रश्न-उत्तर (अति लघु)
प्रश्न 1. विद्युत धारा क्यों उत्पन्न होती है?
उत्तर: विभवांतर के कारण।
प्रश्न 2. DC का पूर्ण नाम क्या है?
उत्तर: Direct Current
प्रश्न 3. AC का पूर्ण नाम क्या है?
उत्तर: Alternating Current
प्रश्न 4. विद्युत शक्ति का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: वाट
प्रश्न 5. विद्युत ऊर्जा का व्यावहारिक मात्रक क्या है?
उत्तर: किलोवाट-घंटा
विद्युत धारा : 50 महत्वपूर्ण Objective प्रश्न-उत्तर
1. विद्युत धारा की SI इकाई क्या है?
उत्तर: एम्पियर (A)
2. विद्युत धारा को मापने का यंत्र क्या कहलाता है?
उत्तर: एमीटर
3. ओम का नियम किसे दर्शाता है?
उत्तर: V ∝ I (नियत ताप पर)
4. ओम के नियम का गणितीय रूप क्या है?
उत्तर: V = IR
5. प्रतिरोध की SI इकाई क्या है?
उत्तर: ओम (Ω)
6. प्रतिरोध किस पर निर्भर करता है?
उत्तर: लंबाई, क्षेत्रफल, पदार्थ और ताप
7. चालक की लंबाई बढ़ाने पर प्रतिरोध क्या होगा?
उत्तर: बढ़ेगा
8. चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल बढ़ाने पर प्रतिरोध क्या होगा?
उत्तर: घटेगा
9. प्रतिरोध मापने का यंत्र क्या है?
उत्तर: ओमीटर
10. विशिष्ट प्रतिरोध की SI इकाई क्या है?
उत्तर: ओम-मीटर (Ω m)
11. विशिष्ट प्रतिरोध किस पर निर्भर नहीं करता?
उत्तर: चालक की लंबाई और क्षेत्रफल
12. धातुओं का ताप गुणांक कैसा होता है?
उत्तर: धनात्मक
13. अर्धचालकों का ताप गुणांक कैसा होता है?
उत्तर: ऋणात्मक
14. ओमीय चालक क्या कहलाते हैं?
उत्तर: जो ओम के नियम का पालन करते हैं
15. बैटरी का EMF क्या दर्शाता है?
उत्तर: प्रति इकाई आवेश किया गया कार्य
16. EMF की SI इकाई क्या है?
उत्तर: वोल्ट (V)
17. EMF और विभवांतर में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: EMF खुले परिपथ का विभव है
18. सेल का आंतरिक प्रतिरोध किससे उत्पन्न होता है?
उत्तर: इलेक्ट्रोलाइट से
19. आंतरिक प्रतिरोध बढ़ाने से धारा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: धारा घटेगी
20. श्रेणी संयोजन में धारा कैसी रहती है?
उत्तर: समान
21. श्रेणी संयोजन में समतुल्य प्रतिरोध कैसा होता है?
उत्तर: अधिक
22. समांतर संयोजन में विभवांतर कैसा रहता है?
उत्तर: समान
23. समांतर संयोजन में समतुल्य प्रतिरोध कैसा होता है?
उत्तर: कम
24. विद्युत शक्ति का सूत्र क्या है?
उत्तर: P = VI
25. विद्युत शक्ति की SI इकाई क्या है?
उत्तर: वाट (W)
26. विद्युत ऊर्जा की SI इकाई क्या है?
उत्तर: जूल (J)
27. व्यावहारिक विद्युत ऊर्जा की इकाई क्या है?
उत्तर: किलोवाट-घंटा (kWh)
28. 1 यूनिट विद्युत ऊर्जा कितनी होती है?
उत्तर: 1 kWh
29. विद्युत बल्ब का फिलामेंट किस धातु का होता है?
उत्तर: टंग्स्टन
30. फ्यूज तार किस धातु का बना होता है?
उत्तर: टिन-सीसा मिश्रधातु
31. फ्यूज तार का गलनांक कैसा होना चाहिए?
उत्तर: कम
32. शंट का उपयोग किस यंत्र में होता है?
उत्तर: एमीटर
33. वोल्टमीटर का प्रतिरोध कैसा होता है?
उत्तर: बहुत अधिक
34. एमीटर का प्रतिरोध कैसा होता है?
उत्तर: बहुत कम
35. किरचॉफ का पहला नियम किससे संबंधित है?
उत्तर: धारा संरक्षण
36. किरचॉफ का दूसरा नियम किससे संबंधित है?
उत्तर: ऊर्जा संरक्षण
37. ताप बढ़ाने पर धातु का प्रतिरोध क्या होता है?
उत्तर: बढ़ता है
38. सुपरकंडक्टर में प्रतिरोध कितना होता है?
उत्तर: शून्य
39. सुपरकंडक्टर की खोज किसने की?
उत्तर: कैमरलींग ओनेस
40. विद्युत क्षेत्र की दिशा कैसी होती है?
उत्तर: उच्च विभव से निम्न विभव की ओर
41. ड्रिफ्ट वेग किससे संबंधित है?
उत्तर: मुक्त इलेक्ट्रॉनों की गति से
42. धारा घनत्व का सूत्र क्या है?
उत्तर: J = I/A
43. धारा घनत्व की SI इकाई क्या है?
उत्तर: A/m²
44. माइक्रोएम्पियर किसका छोटा मान है?
उत्तर: एम्पियर
45. चालक में धारा किसके कारण होती है?
उत्तर: मुक्त इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह से
46. बैटरी को श्रेणी में जोड़ने से EMF पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: बढ़ता है
47. बैटरी को समांतर जोड़ने से क्या बढ़ता है?
उत्तर: धारा क्षमता
48. विद्युत परिपथ को तोड़ने-जोड़ने का यंत्र क्या है?
उत्तर: स्विच
49. AC की तुलना में DC का मान कैसा होता है?
उत्तर: स्थिर
50. घरों में प्रयुक्त विद्युत धारा कैसी होती है?
उत्तर: प्रत्यावर्ती धारा (AC)
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